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क्या होती है वीनिंग? पाएं आसान वीनिंग के लिए कुछ टिप्स!

    क्या होती है वीनिंग? पाएं आसान वीनिंग के लिए कुछ टिप्स!

    ब्रेस्टफीडिंग शिशु के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन, एक उम्र तक पहुंचने पर शिशु के लिए ब्रेस्टफीडिंग को बंद करना भी आवश्यक हो जाता है। वीनिंग (Weaning) उस प्रोसेस को कहा जाता है, जब आप अपने शिशु को ब्रेस्टफीडिंग कराना बंद कर देते हैं और उन्हें सॉलिड फूड देना शुरू करते हैं। यह एक नेचुरल प्रोसेस हैं जिससे हर बच्चा गुजरता है। लेकिन, कई बार यह प्रोसेस मां और शिशु दोनों के लिए मुश्किल होती है। आज हम आपको वीनिंग के बारे में जानकारी देने वाले हैं। सबसे पहले यह जान लेते हैं कि वीनिंग (Weaning) की शुरुआत कब करनी चाहिए?

    वीनिंग (Weaning) की शुरुआत किस उम्र में करें?

    डॉक्टर शिशु के जन्म से लेकर अगले छह महीने तक केवल ब्रेस्टफीडिंग की सलाह देते हैं। यही नहीं, सॉलिड फूड देने के साथ ही ब्रेस्टफीडिंग बच्चे के एक साल के होने तक करवानी चाहिए। हालांकि, अपने शिशु के लिए वीनिंग (Weaning) कब शुरू करें, इसका निर्णय पूरी तरह से पर्सनल है। आप और आपका शिशु जब इसके लिए तैयार हो, तब आप वीनिंग की शुरुआत कर सकती हैं। कई माताएं जब काम पर जाना शुरू करती हैं, तो वीनिंग की शुरुआत करती हैं जबकि कुछ महिलाएं शिशु के टोडलर होने तक का इंतजार करती हैं।

    हर बच्चा अलग होता है, ऐसे में ही हर बच्चा अपने तरीके से वीनिंग (Weaning) को टॉलरेट करता है। कुछ नवजात शिशु वीनिंग को आसानी से एक्सेप्ट कर लेते हैं। वो चम्मच से न्यू फूड को एन्जॉय करते हैं। हालांकि, कुछ बच्चों को यह पसंद नहीं आता है। आप वीनिंग की शुरुआत यह देखने के लिए भी कर सकते हैं कि आपका बच्चा पूरी तरह से इसके लिए तैयार है या नहीं। अब जानते हैं कि वीनिंग (Weaning) के क्या प्रकार हैं?

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    वीनिंग (Weaning) के प्रकार कौन से हैं?

    वीनिंग (Weaning) के कई मेथड्स और प्रकार हैं। आप अपने और अपने बच्चों के लिए सर्वोत्तम तरीके को पिक कर सकते हैं। यह प्रकार इस तरह से हैं:

    बेबी-लेड वीनिंग (Baby-led weaning)

    कई बार शिशु खुद ही ब्रेस्टफीडिंग बंद कर देता है। लेकिन, नवजात शिशु दुर्लभ मामलों में ऐसे वीन करता है। असली सेल्फ-वीनिंग आमतौर पर धीरे-धीरे होती है और एक बच्चे के एक वर्ष का होने के बाद होती है।

    ग्रेजुअल वीनिंग (Gradual weaning)

    ग्रेजुअल वीनिंग एक स्लो वीनिंग (Weaning) प्रोसेस है। इसमें हफ्ते, महीने और साल भी लग सकते हैं।

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    पार्शियल वीनिंग (Partial weaning)

    यदि आप विशेष रूप से ब्रेस्टफीडिंग नहीं करा सकती हैं, लेकिन आप पूरी तरह से ब्रेस्टफीडिंग नहीं छोड़ना चाहती हैं, तो पार्शियल वीनिंग एक बढ़िया विकल्प है।

    सडन वीनिंग (Sudden weaning)

    सडन वीनिंग यानी अचानक वीनिंग (Weaning) ब्रेस्टफीडिंग का जल्दी एंड करना है।

    वीनिंग, Weaning

    टेम्पररी वीनिंग (Temporary weaning)

    अस्थायी वीनिंग या टेम्पररी वीनिंग (Weaning) तब होती है, जब ब्रेस्टफीडिंग को थोड़े समय के लिए रोक दिया जाता है और फिर से शुरू कर दिया जाता है। कोई मां अस्थायी रूप से अपने बच्चे का दूध छुड़ा सकती है यदि उसे कोई कोई स्वास्थ्य समस्या है या उसे सर्जरी की आवश्यकता है। अगर आपका बच्चा छह महीने का है तो आपको डॉक्टर सॉलिड फूड्स देने के लिए कहेंगे। इससे शिशु कि वीनिंग प्रोसेस में मदद मिलेगी। जानिए आप शिशु को कौन से सॉलिड्स दे सकते हैं?

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    वीनिंग (Weaning) से पहले कौन से सॉलिड फूड हैं आपके बच्चे के लिए लाभदायक?

    जब आपका बच्चा चार से छह महीने का हो जाता है, तो उन्हें नियमित सॉलिड फूड देना शुरू कर दें। आप अपने शिशु को कई चीजों को दे सकते हैं। सुनिश्चित करें कि आप अपने बच्चे को अलग-अलग टेक्सचर के फूड्स दें और उन संकेतों पर ध्यान दें कि आपके बच्चे का पेट भरा हुआ है। इस सॉलिड फूड की शुरुआत आप इन खाद्य-पदार्थों से कर सकते हैं:

    • मीट, पोल्ट्री और फिश: ध्यान रखें कि यह सॉफ्ट हो और उनमे से बोन को निकाल दें।
    • अंडे : अंडों को अच्छा से पका लें।
    • दालें दालों का पानी या दालों को उबाल कर और स्मूथ कर के बच्चे को दें।
    • फिंगर फूड्स जैसे राइस केक, पास्ता, सॉफ्ट फल जैसे केले, आम और पकी हुई सब्जियां जैसे गाजर, ब्रोकली, स्वीट पोटैटो आदि बच्चों दिए जा सकते हैं।
    • नट्स और सीड: बच्चों को नट्स और सीड काट कर या पाउडर के रूप में दें।
    • फुल-फैट डेयरी उत्पाद
    • ग्लूटेन कंटेनिंग ग्रेन्स और सीरियल्स

    सात से नौ महीने के होने पर शिशु को दिन में तीन बार आहार दें। उनके आहार में प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट, फैट्स आदि भरपूर मात्रा में होने चाहिए। नौ से ग्यारह महीने के शिशु को आप हार्ड फूड दे सकते हैं जैसे सेब, गाजर, पिटा ब्रेड आदि। लेकिन, जब वो इनका सेवन कर रहे हों तो खास ख्याल रखें। एक साले के बच्चे परिवार के अन्य सदस्यों की तरह सामान्य आहार का सेवन करते हैं। लेकिन, याद रखें कि हर बच्चा अलग होता है। कई बच्चे अपनी जरूरत के अनुसार अधिक मात्रा में खाते हैं, तो कुछ कम। लेकिन, शिशु के सही से सॉलिड फूड्स का सेवन करने से वीनिंग (Weaning) में आसानी होती है। अब यह भी जान लेते हैं कि कौन से फूड आपको इस दौरान बच्चों को नहीं देने चाहिए?

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    फूड्स जिन्हें आपको नजरअंदाज करना चाहिए

    हालांकि, यह बहुत जरूरी है कि आपका बच्चा हर तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन करें। लेकिन, उन्हें कुछ फूड्स का सेवन करने से बचना भी चाहिए, जैसे शहद, अनकुक्ड अंडे या मीट, अनपॉश्चराइज्ड डेयरी प्रोडक्ट, अधिक चीनी, नमक और हायली प्रोसेस्ड फूड व ड्रिंक्स, साबुत नट्स, लो-फैट प्रोडक्ट्स आदि। आप इस बारे में अपने डॉक्टर से भी सलाह ले सकते हैं। अब पाएं टिप्स सक्सेसफुल वीनिंग (Weaning) को लेकर।

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    सक्सेसफुल वीनिंग (Weaning) के लिए कुछ टिप्स

    कुछ चीजों से आपको वीनिंग (Weaning) प्रोसेस में आसानी हो सकती है। इसलिए, इन टिप्स को अपनाना न भूलें। यह तरीके इस प्रकार हैं:

    • शिशुओं को स्वाभाविक रूप से मीठा स्वाद पसंद होता है। इसलिए, फलों से पहले उन्हें सब्जियां देने की कोशिश करें। ताकि, इस संभावना को कम किया जा सके कि आपका बच्चा सब्जियों को खाने से मना कर देगा।
    • अपने बच्चे को खाने में भरपूर वेरिएटी प्रदान करें। उन्हें बार-बार एक ही तरह का फूड देने से बचें। अगर आपका बच्चा किसी खास फूड को नहीं खाता है, तो उसे उस फूड को अन्य खाद्य पदार्थों के साथ मिला कर दें।
    • अगर आपका शिशु वीनिंग (Weaning) प्रोसेस से गुजर रहा है, तो अपने बच्चे को उसकी इच्छा के बिना उसे अधिक मात्रा में खिलने की कोशिश न करें। ऐसे करने से बच्चा परेशान हो सकता है और हो सकता है कि वो खाने में रूचि न दिखाएं।
    • शिशु के लिए मील टाइम रिलैक्स रहने दें और उन्हें खाते हुए गंदगी फैलाने से मना न करें। ऐसा करने से बच्चे फूड को लेकर अधिक एक्सपेरिमेंट करने के लिए प्रोत्साहित होंगे और खाने को लेकर पॉजिटिव रहेंगे।
    • अपने बच्चे को फैमिली मील में अवश्य शामिल करें। बच्चे अन्य लोगों को देख कर फूड्स को खाने में अधिक दिलचस्पी दिखाते हैं।
    • बच्चे को किसी खाने की चीज देने के बाद या पहले इस बात का ध्यान रखें कि उन्हें इससे एलर्जी तो नहीं है। अगर आपको ऐसा लगता है कि उन्हें इससे एलर्जी ही सकती है, तो डॉक्टर की सलाह लें।
    • बच्चे के आहार में सॉलिड फूड्स को इंट्रोड्यूज करते हुए चोकिंग का खास ध्यान रखने की भी जरूरत है।

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    यह तो थी वीनिंग (Weaning) के बारे में जानकारी। वनिंग एक महत्वपूर्ण प्रोसेस हैं जिसमें शिशु ब्रेस्टमिल्क या फार्मूला मिल्क से सॉलिड फूड लेना शुरू करता है। अगर आपने बेबी लेड या ग्रेजुअल वीनिंग (Weaning) या दोनों को चुनते हैं, तो शुरुआत सॉफ्ट फ्रूट्स, सब्जियों और सीरियल आदि से करें। इसके बाद अन्य फूड्स शिशु को दे सकते हैं। इसके साथ ही एलर्जी और चोकिंग का भी ध्यान रखना आवश्यक है। अगर इस बारे में आपके मन में कोई भी सवाल है तो डॉक्टर से उसे अवश्य पूछें।

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    AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 13/05/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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