home

आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

पीडियाट्रिक आईबीएस के लिए एंटीस्पाज्मोडिक एजेंट के क्या साइड इफेक्ट्स हैं?

पीडियाट्रिक आईबीएस के लिए एंटीस्पाज्मोडिक एजेंट के क्या साइड इफेक्ट्स हैं?

इर्रिटेबल बोएल सिंड्रोम (IBS) एक डायजेस्टिव डिसऑर्डर (digestive disorder) है जो पेट में दर्द, डायरिया, कब्ज, सूजन, गैस आदि का कारण बनता है। यह सिंड्रोम बच्चों सहित सभी उम्र के लोगों को हो सकता है। पीडियाट्रिक इर्रिटेबल बोएल सिंड्रोम (irritable bowel disorder) का एक मुख्य लक्षण डायरिया हो सकता है। वहीं, कुछ बच्चों में इसका मुख्य लक्षण कब्ज हो सकता है। पीडियाट्रिक आईबीएस के लिए एंटीस्पाज्मोडिक एजेंट (Antispasmodic for Pediatric IBS) हेल्पफुल हो सकते हैं। एंटीस्पास्मोडिक एजेंट का उपयोग बाल रोगियों में जीआई दर्द (gastrointestinal pain) के लक्षणों को कम करने में किया जाता है। जानते हैं इस आर्टिकल में एंटीस्पास्मोडिक क्या हैं, पीडियाट्रिक आईबीएस के लिए एंटीस्पाज्मोडिक (Antispasmodic for Pediatric IBS) एजेंट के क्या साइड इफेक्ट्स हैं?

और पढ़ें: बच्चों में इम्पेटिगो के इलाज के लिए इन एंटीबायोटिक्स क्रीम्स का किया जा सकता है उपयोग!

एंटीस्पास्मोडिक्स (Antispasmodics) क्या हैं?

पीडियाट्रिक आईबीएस के लिए एंटीस्पाज्मोडिक के बारे में जानने से पहले जानें कि एंटीस्पास्मोडिक्स है क्या? एंटीस्पास्मोडिक्स दवाओं का एक ग्रुप (वर्ग) है जो गट (आंतों) से उत्पन्न होने वाले कुछ लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है – विशेष रूप से, आंत की ऐंठन। यह न्यूरोट्रांसमीटर (neurotransmitter), एसिटाइलकोलाइन (acetylcholine) पर काम करता है। एसिटाइलकोलाइन की क्रिया को ब्लॉक करके, एंटीकोलिनर्जिक्स पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम से इम्पल्सेज को स्मूथ मसल्स तक पहुंचने से रोकता है जो कॉन्ट्रैक्शन या ऐंठन का कारण बनता है। एंटीकोलिनर्जिक्स का इस्तेमाल कुछ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और ब्लैडर की स्थितियों के ट्रीटमेंट में किया जाता है। इनका उपयोग कुछ रेस्पिरेटरी या मूवमेंट डिसऑर्डर्स के इलाज में भी किया जा सकता है। इसके दो मुख्य प्रकार हैं-

एंटीम्यूसरिनिक्स (Antimuscarinics) जैसे:

  • डाइसाइक्लोवेरिन (Dicycloverine)
  • हायोसाइन (Hyoscine)
  • एट्रोपिन (Atropine)
  • प्रोपेंथलाइन (Propantheline)

स्मूथ मसल्स रेलक्सेंट्स (Smooth muscle relaxants) जैसे:

  • अल्वेरिन (Alverine)
  • मेबेवरिन (Mebeverine)
  • पेपरमिंट तेल (Peppermint oil)

और पढ़ें: पेट दर्द हो सकता है आईपीएमएन कैंसर का लक्षण, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट!

पीडियाट्रिक आईबीएस के लिए एंटीस्पाज्मोडिक: एंटीस्पास्मोडिक्स (antispasmodic) कैसे काम करते हैं?

गट (आंतों) के साथ खाया गया मील मूवमेंट इसलिए करता है क्योंकि इंटेस्टाइन्स में कुछ मांसपेशियां कॉन्ट्रैक्ट (संकुचित) करती हैं और फिर गट एक नियमित पैटर्न में रिलैक्स करता है। मसल्स कॉन्ट्रैक्शंस आपके शरीर द्वारा रिलीज होने वाले कई केमिकल्स द्वारा लाए जाते हैं जो मसल्स पर विशेष ‘डॉकिंग (docking)’ साइट्स (रिसेप्टर्स) से स्टिक रहते हैं।

हालांकि, इर्रिटेबल बोएल सिंड्रोम (irritable bowel disorder) जैसी स्थितियों में ये मसल्स कॉन्ट्रैक्शंस बहुत बार हो सकते हैं या दर्दनाक हो सकते हैं, जिससे दर्द और सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। एंटीम्यूसरिनिक्स (Antimuscarinics) रिसेप्टर्स से जुड़कर काम करता है और इस तरह मांसपेशियों को कॉन्ट्रैक्ट करने के लिए केमिकल्स को ‘डॉकिंग’ से रोकता है। इस तरह से मांसपेशियों के कॉन्ट्रैक्शन को कम करने से अक्सर आईबीएस के कारण होने वाले कुछ लक्षणों को दूर करने में मदद मिलती है।

क्योंकि शरीर के अन्य हिस्सों में मस्कैरेनिक रिसेप्टर्स (muscarinic receptors) भी पाए जाते हैं, इसलिए एंटीम्यूसरिनिक (antimuscarinic) लेने से अन्य प्रभाव हो सकते हैं। जैसे कि मस्कैरेनिक रिसेप्टर्स मुंह में लार के उत्पादन को कंट्रोल करने में भी मदद करते हैं। इन रिसेप्टर्स को ब्लॉक करने वाली दवा लेने से मुंह सूख सकता है। स्मूथ मसल्स रेलक्सेंट्स (smooth muscle relaxants) को आराम देने वाले सीधे गट की वॉल में स्मूथ मसल्स पर काम करते हैं। यहां वे मांसपेशियों को आराम देने और मसल्स के कॉन्ट्रैक्शन से जुड़े दर्द को दूर करने में मदद करते हैं।

और पढ़ें: क्या है पैनक्रियाज और डायबिटीज के बीच संबंध? जानते हैं आप?

पीडियाट्रिक आईबीएस के लिए एंटीस्पाज्मोडिक: एंटीस्पास्मोडिक्स का इस्तेमाल (Uses of antispasmodics) किन स्थितियों के इलाज में किया जाता है?

एंटीस्पास्मोडिक्स आमतौर पर आईबीएस (IBS) में उपयोग किए जाते हैं:

  • आईबीएस के कुछ लक्षणों जैसे ऐंठन (colic), ब्लोटिंग और पेट (abdominal) में दर्द से राहत दिलाने में मदद करने के लिए।
  • आंत (intestines) के मूवमेंट (motility) को कम करने के लिए।
  • एंटीस्पास्मोडिक्स का उपयोग कुछ अन्य स्थितियों जैसे डायवर्टीकुलर डिजीज (diverticular disease) में भी किया जाता है।

और पढ़ें: रिसर्च: आर्टिफिशियल पैंक्रियाज से मिलेगी डायबिटीज से राहत

पीडियाट्रिक आईबीएस के लिए एंटीस्पाज्मोडिक (Antispasmodic for Pediatric IBS)

पीडियाट्रिक आईबीएस के लिए एंटीस्पाज्मोडिक प्रभावकारी है। आईबीएस में मुख्य तौर पर डायरिया के लिए एंटीस्पास्मोडिक एजेंट हेल्पफुल हो सकते हैं। एंटीस्पास्मोडिक और एंटीकोलिनर्जिक (anticholinergic) गुणों वाले एजेंट, जैसे कि डायसाइक्लोमाइन (dicyclomine) और हायोसायमाइन (hyoscyamine), का उपयोग छोटे बच्चों में जीआई दर्द के लक्षणों को कम करने के लिए किया जाता है।

  • डायसाइक्लोमाइन सीधे जीआई स्मूथ मसल्स पर एंटीस्पास्मोडिक प्रभाव डालने और मस्कैरेनिक रिसेप्टर्स पर एंटीकोलिनर्जिक इफेक्ट्स पैदा करने के लिए काम करता है। 6 महीने से कम उम्र के शिशुओं में डायसाइक्लोमाइन का उपयोग कन्ट्राइंडिकेटेड है।
  • 2 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों में आईबीएस के मैनेजमेंट के लिए हायोसायमाइन की सिफारिश की जाती है। हायोसायमाइन के साइड इफेक्ट्स में पल्पिटेशंस (palpitations), सिरदर्द, हल्लुसिनेशन्स (hallucinations), पसीना कम आना और मायड्रायसिस (mydriasis) शामिल हैं। एक अन्य एजेंट, लोपरामाइड (Loperamide), जीआई वॉल में ओपियेट रिसेप्टर्स (opiate receptors) पर काम करता है, एसिटाइलकोलाइन (acetylcholine) और प्रोस्टाग्लैंडीन (prostaglandin) रिलीज को रोकता है और पेरिस्टलसिस (peristalsis) और इंटेस्टाइनल ट्रांजिट (intestinal transit) टाइम को कम करता है। लोपेरामाइड आईबीएस से जुड़े डायरिया के लिए उपयोगी है। लोपरामाइड के मुख्य साइड इफेक्ट्स कब्ज, पेट में ऐंठन और चक्कर आना हैं।

और पढ़ें: बायोवैक वैक्सीन: हेपेटाइटिस ए वायरस के गंभीर लक्षणों से राहत दिला सकती है ये वैक्सीन!

पीडियाट्रिक आईबीएस के लिए एंटीस्पाज्मोडिक : अक्सर पूछें जाने वाले सवाल (FAQ)

पीडियाट्रिक आईबीएस के लिए एंटीस्पास्मोडिक्स के बारे में कुछ प्रश्न जो सबके मन में आते हैं जैसे-

एंटीस्पास्मोडिक्स कैसे लेते हैं (how to take antispasmodics)?

डॉक्टर आपको सलाह देगा कि आप अपनी दवा कैसे लें, दिन में कितनी बार इसे लेना है आदि। आमतौर पर यह सलाह दी जाती है कि आप इन दवाओं को केवल आवश्यक होने पर ही लें। इसलिए, लक्षणों के बढ़ने पर एंटीस्पास्मोडिक (antispasmodic) लेना और लक्षणों के ठीक होने पर उन्हें बंद कर दिया जाता है। हालांकि, दवा से दर्द कम हो सकता है लेकिन पूरी तरह से दूर नहीं हो सकता है।

एंटीस्पास्मोडिक्स कितनी जल्दी काम करते हैं?

एंटीस्पास्मोडिक्स आमतौर पर लक्षणों को कम करने के लिए एक या एक घंटे के भीतर काम करते हैं। उनकी प्रभावशीलता आपके द्वारा दी जाने वाली खुराक और आप उन्हें कितनी बार लेते हैं, इस पर निर्भर हो सकती है।

और पढ़ें: Diabetes and Depression: डायबिटीज और डिप्रेशन का क्या है कनेक्शन, जानिए यहां

पीडियाट्रिक आईबीएस के लिए एंटीस्पाज्मोडिक के संभावित साइड इफेक्ट (Possible side effects of antispasmodic for pediatric IBS) क्या-क्या हैं?

ज्यादातर लोग जो एंटीस्पास्मोडिक्स लेते हैं, उनके कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं होते हैं। यदि साइड इफेक्ट्स होते हैं, तो वे आमतौर पर मामूली होते हैं। सामान्य तौर पर, स्मूथ मसल्स रिलैक्स के कम साइड इफेक्ट्स होते हैं। साइड इफेक्ट्स इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप कौन सी एंटीस्पास्मोडिक दवाएं ले रहे हैं। सबसे मामूली साइड इफेक्ट्स में से कुछ हैं:

  • पेट में जलन
  • कब्ज
  • ड्राई माउथ
  • यूरिन पास करने में समस्या

नोट: ऊपर बताए गए साइड इफेक्ट्स के अलावा भी कुछ और साइड इफेक्ट्स हो सकते है। संभावित साइड इफेक्ट्स और सावधानियों के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से पूछें। ये दवाएं कभी-कभी अन्य दवाओं के साथ रिएक्ट करती हैं। इसलिए, सुनिश्चित करें कि डॉक्टर को आपके द्वारा ली जाने वाली अन्य दवाओं के बारे में पता हो।

और पढ़ें: बच्चों में टाइप 1 डायबिटीज का ट्रीटमेंट बन सकता है हायपोग्लाइसेमिया का कारण, ऐसे करें इस कंडिशन को मैनेज

पीडियाट्रिक आईबीएस के लिए एंटीस्पाज्मोडिक क्या है, यह आपने जाना यहां। पीडियाट्रिक आईबीएस का इलाज आमतौर पर बच्चे के आहार में ज्यादा से ज्यादा फाइबर शामिल करके किया जाता है। साथ ही नियमित तौर पर और एक निश्चित समय पर बोएल को खाली करने के लिए बोएल ट्रेनिंग मदद कर सकता है। कब्ज वाले बच्चों में, लैक्सेटिव का उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए क्योंकि ये एडिक्शन का कारण बन सकते हैं और समस्या को बढ़ा सकते हैं। जब लैक्सेटिव को इस्तेमाल में लाया जाता है तो आमतौर पर कम समय के लिए ही उपयोग किया जाता है और माता-पिता को डॉक्टर के निर्देशों का ठीक से पालन करना चाहिए। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क करें।

 

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 01/12/2021 को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड