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बच्चों के सवालों को कैसे करें हैंडल? पेरेंट्स के लिए आसान से टिप्स

बच्चों के सवालों को कैसे करें हैंडल? पेरेंट्स के लिए आसान से टिप्स

बच्चों का मन बहुत चंचल और दिमाग शरारती होता है, कब उनके दिमाग में क्या सवाल आ जाए, ये नहीं कहा जा सकता है। बच्चों का स्वभाव बड़ा जिज्ञासु होता है, इसलिए उन्हें हर बात पर सवाल करना अच्छा लगता है। माता-पिता को भी उनके सवालों का जवाब देने में उन्हें अपना बचपना दिखता है, जिस कारण वे बच्चों के अजीब सवालों का जवाब देने से बचने की कोशिश करते हैं। थिएटर इन एज्युकेशन में बच्चों के मानसिक विकास पर काम करने वाले राणा संतोष बताते हैं कि बच्चे आपसे कुछ-कुछ पूछते रहेंगे। लेकिन, आपको बच्चों के अजीब सवाल का जवाब दे कर उनकी जिज्ञासा को शांत करना चाहिए। बच्चों के सवाल भले ही आपकी परेशानी बढ़ाएं, लेकिन आपको संयम के साथ उनका जवाब देना चहोए। आइए जानते हैं कैसे आप बच्चों के सवाल समझकर उन्हें बेहतर ढंग से समझा पाने में सक्षम बन सकते हैं।

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बच्चों के सवाल- बच्चे दुनिया में कैसे आते हैं ?

अमूमन यह सवाल सभी पेरेंट्स अपने बच्चों से सुनते ही हैं। इसके लिए माता-पिता सपनों की कहानियां बुनते हैं। छोटी उम्र के बच्चों को कहानी के माध्यम से इसकी जानकरी देना चाहिए। इस तरह के सवालों का जवाब देते समय बच्चे को हर जानकारी उसकी उम्र को ध्यान में रखकर ही दें। उन्हें बताएं कि आप इस बारे में और जानकारी उन्हें तब देंगे जब वह थोड़े और बड़े हो जाएं।

बच्चों के सवाल- आप मम्मी-पापा से लड़ते हो, प्यार नहीं करते ?

जब आप बच्चों के सामने लड़ते हैं तब बच्चों पर इसका इमोशनल प्रभाव बहुत होता है। अगर आप बच्चों के सामने लगातार लड़ते हैं तो वे समझते हैं कि, इसमें उनकी गलती है। इस तरह के किसी सवाल हो तब उन्हें यह समझाना बेहद जरूरी होता है कि इसमें उनकी गलती नहीं थी। बच्चों को बोलें ‘यह बिल्कुल वैसा ही है जब हम आपको कोई तौर-तरीका सिखाते हैं और आपको गुस्सा आ जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम आपको प्यार नहीं करते हैं।’

बच्चों के सवाल- लोग मरते क्यों हैं ? वो कहां रहते होंगे ?

मौत पृथ्वी पर रहने वालों के लिए एक सच्चाई है। इसलिए बच्चों से कभी भी मौत के बारे में झूठ नहीं बोलना चाहिए। इस तरह के बच्चों के प्रश्न पूछने पर उन्हें बताएं कि हर कोई एक दिन मर जाता है। सब का जिंदा रहने का एक तय समय होता है। बच्चों को बताना चाहिए कि जब कोई मर जाता है, तो वह यादों में रहने लगता है। ‘लोग अपनी जिंदगी जी कर के यादों की दुनिया में चल जाते हैं।

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बच्चों के सावल- गुप्त अंगों या लिंग के बारे में पूछना

जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, वैसे ही उनके शरीर में कई तरह की बदलाव आने लगते हैं, जिसे वे खुद भी महसूस कर सकते हैं। उम्र बढ़ने के साथ
बच्चे अपने जननांगों (लिंग) को लेकर बहुत प्रकार के सवालों से घिरे होते हैं। इसलिए उनकी ऐसे सवालों को कभी अनसुना नहीं करें। बच्चों को बताना चाहिए कि, उन्हें लड़कों और लड़कियों के शरीर में अंतर की बात बताएं। आप उन्हें शरीर के निजी पार्ट्स के नाम भी बता सकते हैं। कई बाल चिकित्सक मानते हैं कि, बच्चों को जननांगों के बारे में बताना गलत नहीं होता। अगर आप बच्चों को गलत जानकारी देगें तो उन्हें सही बात कभी भी नहीं पता चल पाएगी।

और पढ़ें : अगर बच्चे का क्लास में कोई दोस्त नहीं है, तो अपनाएं ये टिप्स

बच्चों के सवाल- मम्मी-पापा वो अंकल इतने मोटे-काले क्यों हैं?

नेहा अपने बच्चे के साथ मार्केट में घूम रही थी। अचानक, नेहा ने महसूस किया कि उनकी बच्ची हाथ खींच रही है। बच्चे से पूछने पर नेहा ने जाना कि उसकी जिज्ञासा बगल के दूकान वाले का मोटापा है, जिसे वह पूछ रही थी। यह बड़ा अजीब होता है, कि जब आपका बच्चा भीड़ में अचानक किसी की तरफ इशारा करे और इस तरह का प्रश्न कर दे। उन्हें इंसानों के नॉन-सिमिलैरिटी के बारे में बताएं। बच्चों को ये भी बताना चाहिए कि हर इंसान दूसरे से अलग होता है। उनका साइज, स्किन का रंग आदि का हमसे अलग होना सामान्य बात है। आप उन्हें अगली बार ऐसी स्थिति के लिए बता सकते हैं कि किसी के सामने इशारा करके नहीं पूछना चाहिए, बल्कि बाद में अकेले में पूछना चाहिए। ताकि, किसी को बुरा न लगे।

बच्चों के अजीब सवाल : आप ऑफिस क्यों जाते हो ?

वैसे तो बच्चा मां और पिता दोनों के साथ ही भावनात्मक रूप से जुड़ा होता है, लेकिन घर में दोनों की कमी उसे अखर सकती है। जब केवल पिता ऑफिस के लिए बाहर जाते हैं तो हो सकता है कि बच्चा ये न पूछे कि पापा ऑफिस क्यों जाते हैं, लेकिन मां के ऑफिस जाने पर वो ये प्रश्न जरूर पूछ सकता है। बच्चे के मन में ये सवाल इसलिए भी आ सकता है क्योंकि वो अपने आसपास के बच्चों को मां के साथ देखता है। उसे लग सकता है कि जब सब की मां बच्चों के साथ है तो मेरी मां ऑफिस क्यों गई है। अगर आपका बच्चा भी आपसे प्रश्न करें कि आप ऑफिस क्यों जाती हैं तो उसे प्यार से जवाब दें कि ऑफिस में बहुत अच्छे लोग होते हैं और बहुत कुछ सीखने को मिलता है, इसलिए आप ऑफिस जाते हैं। साथ ही उसे भी बताएं कि आप ऑफिस में उसे मिस करते हैं। कम उम्र में बच्चों को लंबी चौड़ी बातें बताने का प्रयास न करें। एक समय बाद उन्हें चीजें समझ में आने लग जाएंगी।

बच्चों के अजीब प्रश्न : क्या हम अमीर नहीं है ?

हर किसी की फाइनेंशियल कंडिशन एक जैसी नहीं होती है। जब बच्चा स्कूल जाता है तो उसका सामना कई बच्चों के साथ होता है। बच्चा मनी प्रॉब्लम के बारे में भी सुन सकता है। वो आपसे किसी चीज की डिमांड कर सकता है, जो उसके अन्य दोस्तों के पास हो। अगर आप उसे वो सामान नहीं लाकर देते हैं तो वो ये भी पूछ सकता है कि क्या हम लोग अमीर नहीं है ? ऐसी स्थिति में आपको बातों को घुमाना नहीं चाहिए। आप ऐसे समय में बच्चे को मनी वैल्यू के बारे में बता सकती हैं। उसे बताएं कि पैसा तभी खर्च करना चाहिए, जब जरूरत हो। उसे ये भी बताएं कि अगर हम लोगों को कुछ जरूरत का सामान चाहिए होगा तो हम लोग उसे खरीद सकते हैं, लेकिन फिजूल में पैसे खर्च करना सही नहीं होता है। अगर आप सिचुएशन को इस तरह से हैंडिल करेंगी तो बच्चा परेशान नहीं होगा और उसे इस बात का एहसास भी हो जाएगा कि हम लोग जरूरत पड़ने पर पैसे जरूर खर्च कर सकते हैं।

क्या बारिश या तूफान से घर गिर जाएगा ?

जब तेजी से बारिश होती है या फिर तूफान आता है तो बच्चे अक्सर डर जाते हैं। टीवी में भी जब बारिश या तूफान की खबर आती है तो बच्चों को लगता है कि उनका घर भी गिर सकता है या फिर पानी में डूब सकता है। ऐसे में बच्चा अगर आपसे बारिश या फिर तूफान को लेकर प्रश्न पूछें तो उसको डराने वाला उत्तर बिल्कुल भी न दें। बच्चों को समझाएं कि ये नैचुरल डिजास्टर है। बारिश और तूफान अगर तेजी से आते हैं तो कम या फिर ज्यादा नुकसान होता है। आप बच्चे को बता सकते हैं कि ऐसी परिस्थितियों में खास तरह की सावधानी रखने की आवश्यकता होती है। अगर बच्चा पांच से छह साल का है तो आप उसे बारिश और तूफान का कारण भी कुछ पॉइंट की सहायता से समझा सकते हैं। ऐसा करने से अगली बार बच्चे बारिश या तूफान से डरेंगे नहीं।

और पढ़ें :क्या है अन्नप्राशन संस्कार, कब और किस तरीके से करना चाहिए, क्या है इसके नियम

उम्मीद करते हैं कि आपको इस आर्टिकल की जानकारी पसंद आई होगी और आपको बच्चों के सवाल या बच्चों के अजीब प्रश्नों से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अगर आपके मन में पेरेंटिंग टिप्स को लेकर अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। आप हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट में भी पेरेंटिंग से जुड़ें संबंधित आर्टिकल पढ़ सकते हैं और फेसबुक पेज को लाइक कर स्वास्थ्य संबंधी खबरों से अपडेट रह सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Nikhil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 3 weeks ago को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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