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गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन की समस्या इन कारणों से होती है, जानिए यहां....

Written by डॉ. प्रणाली पाटील · फार्मेसी · Hello Swasthya


अपडेटेड 28/02/2022

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन की समस्या इन कारणों से होती है, जानिए यहां....

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन (Gastrointestinal Perforation) की समस्या तब होती है, जब गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट ब्लाॅक होने लगता है यानि कि उसके मार्ग की निरंतरता खो जाती है। यह स्थिति आसानी से गंभीर जटिलताओं में विकसित हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप मरीज को जान का खतरा हो सकता है। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में नुकसान का मतलब है कि आंतों की दीवार में एक छेद विकसित होना। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट आपके मुंह से शुरू होकर, आपके मलाशय पर समाप्त होता है। इसकी जटिलताओं को रोकने के लिए शुरुआती पहचान और उपचार महत्वपूर्ण है। तो जानिए यहां कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन (Gastrointestinal Perforation) क्या है:

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गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन क्या है (What is Gastrointestinal Perforation)?

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन (जीपी) तब होता है, जब मरीज के बड़ी आंत या छोटी आंत के माध्यम एक छेद बन जाता है। यह एपेंडिसाइटिस और डायवर्टीकुलिटिस सहित कई अलग-अलग बीमारियों के कारण हो सकता है। यह किसी चोट का परिणाम भी हो सकता है, जैसे चाकू का घाव या बंदूक की गोली का घाव आदि के कारणों से। पित्ताशय की थैली में एक परफोरेशन होता है। इसमें ऐसे लक्षण हो सकते हैं, जो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन  के लक्षणों के समान होते हैं। आपके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम या पित्ताशय की थैली में एक छेद का कारण बन सकता है।

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गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन के कारण (Causes of Gastrointestinal Perforation)

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। सबसे आम कारण चोट और आंतों से संबंधित चिकित्सा स्थितियां हैं। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन से जुड़ी चिकित्सा स्थितियों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • पेप्टिक अल्सर रोग (PUD)
  • एपेंडिसाइटिस, जो वृद्ध व्यक्तियों में अधिक आम है
  • पेट का अल्सर
  • पित्ताशय का रोग
  • क्रोहन रोग
  • उल्टी की समस्या
  • नासूर के साथ बड़ी आंत में सूजन
  • आतों में ब्लॉकेज
  • डायवर्टीकुलम, जो छोटी आंत की जन्मजात असामान्यता है
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में कैंसर
  • कीमोथेरेपी की दवा

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नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (एस्पिरिन और कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स) जैसी कुछ सामान्य रूप से निर्धारित ओवर-द-काउंटर दवाओं का उपयोग करने से आपको गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन की संभावना हो सकती है। निम्नलिखित चोट की घटनाओं के कारण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन हो सकता है:

  • पेट की सर्जरी के दौरान परफोरेशन
  • बंदूक की गोली या चाकू का घाव
  • पथरी की समस्या होने पर
  • ‌ठोस पदार्थों को निगलने के कारण
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    गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन के लक्षण क्या हैं (What are the Symptoms of Gastrointestinal Perforation)?

    ‌गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन के कारणों के बारे में आपने जाना यहां। जीपी के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

    • गंभीर पेट दर्द
    • ठंड लगना
    • बुखार
    • जी मिचलाना
    • उल्टी करना

    जब आपको ‌गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन होता है और पायरिटोनयटिस होता है, तो पेट बहुत कोमल महसूस होता है। दर्द अक्सर तब और बढ़ जाता है, जब कोई व्यक्ति उस क्षेत्र को छूता या सहलाता है या जब रोगी जब खुद हिलता या उठन-बैठने के दौरान आदि। आराम से लेटने पर दर्द आमतौर पर बेहतर होता है। पेट सामान्य से अधिक बाहर की ओर चिपक सकता है और कठोर महसूस कर सकता है। इसके अलावा, पेरिटोनिटिस के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

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    ‌गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन के लिए उपचार के विकल्प क्या हैं (What are the treatment options for Gastrointestinal perforation)?

    ज्यादातर मामलों में, छेद को बंद करने और स्थिति का इलाज करने के लिए सर्जरी आवश्यक है। इसके इलाज के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक्स लिख सकते हैं। कभी-कभी, आंत के एक टुकड़े को हटाने की आवश्यकता होगी। छोटी या बड़ी आंत के एक हिस्से को हटाने से कोलोस्टॉमी या इलियोस्टॉमी हो सकती है। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन के निदान के लिए डॉक्टर आपकी कई जांचे भी करेंगे। आपके डॉक्टर से परामर्श करने के बाद, वे आपकी स्थिति का निदान करने के लिए आपकी जांच करेंगे। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन का निदान मुख्य रूप से एक शारीरिक परीक्षा और इमेजिंग परीक्षण शामिल है, जैसे कि:

    • एक्स-रे, पेट की गुहा में गैस की उपस्थिति को स्थापित करने के लिए छाती या पेट का एक्स-रे किया जाता है। पेट की गुहा में हवा देने के लिए एक परफोरेशन जिम्मेदार होता है।
    • सीटी स्कैन, पेट का सीटी स्कैन आपके डॉक्टर को यह जांचने में मदद कर सकता है कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन किस हिस्से में है।
    • एंडोस्कोपी या कोलोनोस्कोपी जैसी प्रक्रियाएं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन का पता लगाने में भी मदद कर सकती हैं।
    • डॅाक्टर आपको कुछ ब्लड टेस्ट भी करवा सकते हैं।

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    गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन जुड़ी जटिलताएं क्या हैं (What are the complications of Gastrointestinal perforation?)?

    जीपी से जुड़ी जटिलताओं में शामिल हैं:

    • ब्लीडिंग होना
    • सेप्सिस, जो एक जानलेवा इंफेक्शन है
    • पेट में फोड़े और घाव का होना
    • घाव में होने वाला संक्रमण
    • स्थायी इलियोस्टॉमी या कोलोस्टॉमी

    कुछ मामलों में घाव की विफलता हो सकती है। जिसका अर्थ है कि घाव ठीक नहीं हो सकता है। यह मरीज के लिए बहुत गंभीर स्थिति होती है, जो इसके जोखिम को बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हैं:

    • कुपोषण, या खराब आहार
    • धूम्रपान
    • अत्यधिक शराब का सेवन
    • दवाई का दुरूपयोग
    • स्वच्छता की कमी
    • यूरीमिया, जो गुर्दे की विफलता के कारण होने वाली बीमारी है
    • मोटापा
    • हेमेटोमा, जो तब होता है जब रक्त रक्त वाहिकाओं के बाहर जमा हो जाता है
    • डायबिटीज टाइप 2

    स्टेरॉयड थेरेपी या कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स का उपयोग, जो कि एंटी-इंफ्लामेटरी ड्रग है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को दबाती हैं और एक चल रहे संक्रमण और निदान में देरी कर सकती हैं।

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    ‌गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन के इलाज में रिस्क बढ़ाने वाले फैक्टर (Risk-increasing factors in the treatment of gastrointestinal perforation)

    ‌गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन को ठीक करने के लिए सर्जरी की सफलता  छेद के आकार और उपचार से पहले की स्टेज पर निर्भर करती है। । उपचार में बाधा डालने वाले कारकों में शामिल हैं:

    • बढ़ी उम्र भी एक कारक है
    • मौजूदा आंतों का रोग
    • रक्तस्राव जटिलताओं
    • कुपोषण
    • धूम्रपान अधिक करना
    • शराब का अधिक सेवन
    • कैंसर का उपचार

    ल्यूपस, रुमेटीइड गठिया, और इसी तरह की कई और स्थितियां है, जिनमें स्टेरॉयड की आवश्यकता हो सकती है। अन्य चिकित्सीय स्थितियां जैसे हृदय रोग, गुर्दे या यकृत की समस्याएं, और  दर्द या बुखार का अनुभव करते हैं और आपको जीपी होने का खतरा हो सकता है, तो आपको अपने डॉक्टर को देखना चाहिए।

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    ‌आप ‌गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन को होने से रोक सकते हैं। ज्यादातर मामलों में, आप आंतों के दीवार में परफोरेशन से कुछ दिन पहले दर्द का अनुभव करेंगे। सुनिश्चित करें कि आप पेट दर्द का अनुभव तेज और लगातार हो रहा है, तो आपको डाॅक्टर से मिलने की आवश्यता है। । जीपी के कई कारण हैं, जो ‌गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल परफोरेशन के लिए आपके जोखिम को बढ़ा सकता है। अपने चिकित्सा इतिहास को जानें और उन मौजूदा स्थितियों के बारे में जानकारी प्राप्त करें जो आपके जोखिम को बढ़ा सकती हैं। यदि आप अपनी सामान्य स्थिति से कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन अनुभव करते हैं, खासकर यदि आपको पेट में दर्द और बुखार है, तो डॉक्टर से बात करें।

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