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डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन, ध्यान रखें इन बातों का....

डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन, ध्यान रखें इन बातों का....

मधुमेह एक खतरनाक बीमारी है, जोकि अपने साथ कई और भी बीमारी के होने का खतरे को बढ़ा देती है। क्योंकि शरीर में शुगर लेवल का घटना और बढ़ना दोनों ही खतरनाक होता है। मधुमेह का असर आपके शरीर के किसी और हिस्से पर न पड़े, इसलिए डायबिटीज रोग का समय रहते इलाज बहुत जरूरी है। मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए आपके पास बहुत सारे विकल्प हैं। डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन (Diabetes Type 2 Medications) बहुत जरूरी है। आपके रक्त शर्करा को नियंत्रण में लाने के लिए सही डायट, व्यायाम और दवाएं, एक साथ बहुत जरूरी हैं। मेडिकेशन में क्या दवा लेने की आवश्यकता है, कौन सी दवा आपके लिए सही है और आपको इसे कितनी बार लेना चाहिए, यह सब डॉक्टर द्वारा सलाह दी जाती है। आइए जानें कि डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन (Diabetes Type 2 Medications) क्या है और किन बातों का ध्यान रख कर आप अपनी डायबिटीज को कंट्रोल में रख सकते हैं।

मधुमेह क्या है (Diabetes)?

डायबिटीज (Diabetes), शरीर में होने वाली एक ऐसी स्थिति है, जब पैंक्रियाज (Pancreas) द्वारा इंसुलिन का उत्पादन नहीं हो पाता है। इसकी वजह से खून में ग्लूकोज का स्तर (Blood glucose level) बढ़ जाता है। इसे डायबिटीज कहते हैं। डायबिटीज तीन प्रकार की होती है, डायबिटीज टाइप-1, डायबिटीज टाइप-2 और जेस्टेशनल डायबिटीज। डायबिटीज टाइप 1 (Diabetes type 1) में इंसुलिन का उत्पादन करने वाली कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं। डायबिटीज टाइप (Diabetes type 2) में शरीर पर्याप्त इंसुलिन (Insulin)का उत्पादन नहीं हो पाता है। जेस्टेशनल डायबिटीज प्रेग्नेंसी के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं में हो जाती है।

और पढ़ें: टाइप 1 डायबिटीज और हेरिडिटी: जानिए पेरेंट्स को डायबिटीज होने पर बच्चों में कितना बढ़ जाता है इसका रिस्क

डायबिटीज के लक्षण (Symptoms of diabetes)

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसके होने के बाद कुछ सामान्य लक्षण रोगी में दिखने लगते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • बार-बार यानि कि अत्यधिक पेशाब होना (Urine Problem)
  • अधिक प्यास लगना (Water Intake)
  • चक्कर महसूस होना (Dizziness)
  • सीने पर दबाव महसूस होना (Chest Pain)
  • अत्यधिक थकान लगना (Fatigue)
  • द्ष्टि में दिक्कत (Vision Problem)
  • चोट लगने पर जल्दी ठीक न होना
  • वजन तेजी से घटना (Weight Loss)
  • हाथ पैरों में झुनझुनी या दर्द होना (Pain)

टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) रोग वाले रोगियों में और भी कई तरह के लक्षण (Symptoms) नजर आ सकते हैं। हो सकता है ऊपर दिए गए लक्षणों में कुछ लक्षण शामिल न हो। यदि आपको किसी भी लक्षण के बारे में कोई शंका है, तो कृपया डॉक्टर से परामर्श करें। डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन (Diabetes Type 2 Medications) के बारे में।

और पढ़ें : Diabetes insipidus : डायबिटीज इंसिपिडस क्या है ?

डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन (Diabetes Type 2 Medications)

डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन (Diabetes Type 2 Medications)

डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन (Diabetes Type 2 Medications) बहुत जरूरी है।मधुमेह (Diabetes) एक ऐसी स्थिति है, जो शरीर में ब्लड शुगर (Blood sugar) का लेवल हाय हो जाता है। यह स्थिति तब होती है, जब आपका शरीर इंसुलिन (Insulin)का निर्माण या उपयोग नहीं कर पाता है जैसा कि उसे माना जाता है। इंसुलिन एक ऐसा हॉर्मोन (Insulin hormones) है, जो आपके शरीर को आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन को एनर्जी (Energy)में बदलने में मदद करता है। किसी भी प्रकार के मधुमेह वाले लोगों को अपने रक्त शर्करा के स्तर को सामान्य रखने में मदद करने के लिए दवाओं की आवश्यकता होती है। दवाओं के प्रकार आपके मधुमेह के प्रकार पर निर्भर करते हैं। डायबिटीज के इलाज (Diabetes Treatment) के लिए अच्छी डायट और एक्सरसाइज के साथ समय पर दवाइयों का सेवन बहुत जरूरी है। आज हम यहा जानेंगे डायबिटीज टाइप 2 के बारे में। टाइप 2 मधुमेह के लिए अधिकांश दवाएं मौखिक दवाएं हैं। हालांकि, कुछ इंजेक्शन के रूप में आते हैं। टाइप 2 मधुमेह वाले कुछ लोगों को इंसुलिन लेने की भी आवश्यकता हो सकती है।

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज के लॉन्ग टर्म कॉम्प्लीकेशन में शामिल हो सकती हैं ये समस्याएं!

डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन : ओरल मेडिकेशन (Oral Medication)

डायबिटीज का इलाज दो तरह से होता है। एक ओरल मेडिकेशन और दूसरा इंसुलिन इंजेक्ट द्वारा। ओरल मेडिकेशन वो है, जिसमें टैबलेट का सेवन किया जाता है।डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन के लिए इन सॉल्ट वाली दवाइंयों की सलाह दे सकते है।

अल्फा-ग्लूकोसिडेस इंह्विटर (Alpha-glucosidase inhibitors)

ये दवाएं आपके शरीर में स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थों और टेबल शुगर के प्रभाव को कम करती हैं। ये आपके रक्त शर्करा के स्तर को कम करता है। दवा के अच्छे परिणामों के लिए, डॉक्टर आपको इन दवाओं को भोजन से पहले लेने की सलाह दे सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अकार्बोस (प्रीकोस) (Acarbose [Precose])
  • माइग्लिटोल (ग्लाइसेट) (Miglitol [Glyset])

और पढ़ें: डायबिटीज पेशेंट और थेराप्यूटिक इंटरवेंशन में क्या संबंध है, जानें इस पर एक्सपर्ट की राय

बायगूनाइड्स (Biguanides)

डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन में डॉक्टर इसे भी दे सकते हैं। बिगुआनाइड रसायनों का एक वर्ग है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण दवा दवाएं शामिल हैं। मेटफोर्मिन, जिसे सबसे अधिक निर्धारित एंटी-डायबिटिक दवा मानी जाती है। सबसे आम बायगूनाइड्स में मेटफॉर्मिन (ग्लूकोफेज, ग्लुमेट्ज़ा, रिओमेट, फोर्टामेट) शामिल है। यह लिवर में बनने वाले शुगर की मात्रा को कम करता हैं। यह इंसुलिन के उत्पादन में मदद करता है। मेटफोर्मिन को टाइप 2 मधुमेह के लिए अन्य दवाओं के साथ भी जोड़ा जा सकता है। यह निम्नलिखित दवाओं में एक घटक है:

  • मेटफोर्मिन-एलोग्लिप्टिन (Alogliptin)
  • मेटफोर्मिन-कैनाग्लिफ्लोज़िन (Canagliflozin)
  • मेटफोर्मिन-डापाग्लिफ्लोज़िन (Dapagliflozin)
  • मेटफोर्मिन-एम्पाग्लिफ्लोज़िन (Empagliflozin )
  • मेटफॉर्मिन-ग्लिपीजाइड (Glipizide)
  • मेटफोर्मिन-ग्लाइबराइड (Glyburide)
  • मेटफोर्मिन-लिनाग्लिप्टिन (Linagliptin)
  • मेटफोर्मिन-पियोग्लिटाज़ोन (Pioglitazone)
  • मेटफोर्मिन-रेपैग्लिनाइड (Repaglinide)
  • मेटफोर्मिन-रोसिग्लिटाज़ोन (Rosiglitazone)
  • मेटफोर्मिन-सैक्सैग्लिप्टिन (Saxagliptin)
  • मेटफोर्मिन-सीटाग्लिप्टिन (Sitagliptin)

यह ठीक से ज्ञात नहीं है कि यह दवा टाइप 2 मधुमेह के इलाज के लिए कैसे काम करती है। यह आपके शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध को रोक सकता है। इनमें से कोई भी दवा डॉक्टर के परामर्श के बाद ही लेना चाहिए।

और पढ़ें: डायबिटीज के लिए एक्यूपंक्चर थेरिपी, कंट्रोल हो सकती है आपकी बढ़ी हुई शुगर

डायपेप्टिडाइल पेप्टिडेज -4 इंह्विटर (Dipeptidyl peptidase-4 inhibitors)

डायपेप्टिडाइल पेप्टिडेज -4 इन्हिबिटर्स को डीपीपी-4 के नाम से भी जाना जाता है। DPP-4 इंह्विटर शरीर में इंसुलिन बनाने में मदद करते हैं। हायपोग्लायमिक ड्रग्स शरीर में रक्त शर्करा को कम करके काम करते हैं। इस रासयन वर्ग से बनी ये दवाएं अग्न्याशय को अधिक इंसुलिन बनाने में भी मदद कर सकती हैं। जिन दवाओं में शामिल हैं:

  • एलोग्लिप्टिन (Nesina)
  • एलोग्लिप्टिन-मेटफोर्मिन (Metformin )
  • एलोग्लिप्टिन-पियोग्लिटा (Pioglitazone)
  • लिनाग्लिप्टिन- ट्रेडजेंटा (Tradjenta)
  • लिनाग्लिप्टिन-एम्पाग्लिफ्लोज़िन (Empagliflozin)
  • लिनाग्लिप्टिन-जेंटाड्यूटो (Jentadueto)
  • सैक्सैग्लिप्टिन (ओंग्लीज़ा) (Saxagliptin (Onglyza)
  • सैक्सैग्लिप्टिन-मेटफोर्मिन (कोम्बिग्लीज़ एक्सआर) (Saxagliptin-metformin (Kombiglyze XR)

और पढ़ें:डायबिटीज के लिए एक्यूपंक्चर थेरिपी, कंट्रोल हो सकती है आपकी बढ़ी हुई शुगर

ग्लूकागोन की तरह पेप्टाइड -1 रिसेप्टर एगोनिस्ट (जीएलपी -1 रिसेप्टर एगोनिस्ट) (Glucagon-like peptide-1 receptor agonists (GLP-1 receptor agonists)

डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन में ये दवाएं इन्क्रीटिन नामक एक नेचुरल हाॅर्मोन के समान हैं। इस दवा को विशेष रूप से डायबिटीज और एनाफिलेक्सिस के रोगियों के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है । यह ग्लाइकोजन को ग्लूकोज में बदलने में लिवर की मदद करता है। यह वे बी-सेल की वृद्धि को बढ़ाता है और आपका शरीर कितना इंसुलिन का उपयोग करता है। ये आपके भूख को कम कर के और शरीर में ग्लूकागन का उपयोग करता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए ये सभी महत्वपूर्ण क्रियाएं हैं। बढ़ी हुई डायबिटीज के कारण कुछ मरीजों में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, दिल का दौरा या क्रोनिक किडनी डिजीज आदि जैसे खतरे हो सकते हैं। यह उन खतरों को कम करता है, इन दवाओं में शामिल हैं:

  • एल्बिग्लूटाइड (तंजियम) (Albiglutide (Tanzeum)
  • ड्यूलग्लूटाइड (ट्रुलिसिटी) (Dulaglutide (Trulicity)
  • एक्सैनाटाइड (बाइटा) (Exenatide (Byetta)
  • एक्सैनाटाइड विस्तारित-रिलीज़ (बायडुरॉन) (Exenatide extended-release (Bydureon)
  • लिराग्लूटाइड (विक्टोज़ा) (Liraglutide (Victoza)
  • सेमाग्लूटाइड (ओज़ेम्पिक) (Semaglutide (Ozempic)

और पढ़ें:टाइप वन डायबिटीज में हनीमून पीरियड : ऐसा समय, जो डायबिटीज में देता है आपको राहत!

मेग्लिटिनाइड्स (Meglitinides)

डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन में यह रसायन वाली दवाएं डायबिटीज के मरीज के शरीर को इंसुलिन बनाने में मदद करती हैं। हालांकि, कुछ मामलों में, वे आपके ब्लड शुगर को लो भी कर सकती है। ये दवाएं सभी के लिए नहीं हैं। कुछ डायिबिटीज पेशेंट में डॉक्टर की सलाह से ये दवाएं दी जाती हैं:

  • नैटग्लिनाइड (स्टारलिक्स) (Nateglinide (Starlix)
  • रेपैग्लिनाइड (प्रैंडिन) (Repaglinide (Prandin)
  • रेपैग्लिनाइड-मेटफोर्मिन (प्रैंडिमेट) (Repaglinide-metformin (Prandimet)

और पढ़ें:स्टेरॉइड इंड्यूस्ड डायबिटीज: दवाओं के उपयोग से होने वाली डायबिटीज, क्या जानते हैं इसके बारे में?

सोडियम-ग्लूकोज ट्रांसपोर्ट (एसजीएलटी) 2 इंह्विटर (Sodium-glucose transporter (SGLT) 2 inhibitors)

एसजीएलटी-टू इंह्विटर दवा डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है। कुछ मामलाें में खासतौर पर, जिन मरीजों में कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, हार्ट फेल या क्रोनिक किडनी डिजीज का खतरा ज्यादा होता है। तो ऐसे में, संभावित उपचार विकल्प के रूप में एसजीएलटी 2 की सलाह डॉक्टर दे सकते हैं। इन दवाओं में शामिल हैं:

  • डापाग्लिफ्लोजिन (फ़ार्क्सिगा) (Dapagliflozin (Farxiga)
  • डापाग्लिफ्लोजिन -मेटफोर्मिन (Dapagliflozin-metformin)
  • डापाग्लिफ्लोजिन (इनवोकाना) (Canagliflozin (Invokana)
  • डापाग्लिफ्लोजिन -मेटफोर्मिन (इनवोकामेट) (Canagliflozin-metformin (Invokamet)
  • डापाग्लिफ्लोजिन (जार्डियन्स) (Empagliflozin (Jardiance)डापाग्लिफ्लोजिन -लिनाग्लिप्टिन (ग्लाइक्सांबी) (Empagliflozin-linagliptin (Glyxambi)
  • डापाग्लिफ्लोजिन-मेटफोर्मिन (सिनजार्डी) Empagliflozin-metformin (Synjardy)
  • डापाग्लिफ्लोजिन (स्टेग्लाट्रो) (Ertugliflozin (Steglatro)

और पढ़ें:डायबिटीज के कारण खराब हुई थी सुषमा स्वराज की किडनी, इन कारणों से बढ़ जाता मधुमेह का खतरा

सल्फोनायलयूरिया (Sulfonylureas)

डायबिटीज के मरीजों में ये आज भी उपयोग की जाने वाली सबसे पुरानी मधुमेह (Diabetes) दवाओं में से एक है। यह बीटा कोशिकाओं की मदद से अग्न्याशय (Pancreas) को उत्तेजित करने का काम करते हैं। यह शरीर में इंसुलिन के निमार्ण (Insulin Production) में मददगार है। इन दवाओं में शामिल हैं:

  • ग्लिमेपाइराइड (एमेरील) (Glimepiride (Amaryl)
  • ग्लिमेपाइराइड-पियोग्लिटाज़ोन (डुएटैक्ट)
  • glimepiride-pioglitazone (Duetact)
  • ग्लिमेपाइराइड-रोसिग्लिटाज़ोन (अवंडारील) -rosiglitazone (Avandaryl)
  • ग्लिक्लाजाइड (Gliclazide)
  • ग्लिपिजाइड (ग्लूकोट्रोल) (Glipizide (Glucotrol)
  • ग्लिपिजाइड-मेटफोर्मिन (मेटाग्लिप) (Glipizide-metformin (Metaglip)
  • ग्लाइबराइड-मेटफोर्मिन (ग्लूकोवेंस) (Glyburide-metformin (Glucovance)
  • क्लोरप्रोपामाइड (डायबीनीज) (chlorpropamide (Diabinese)
  • टोलजामाइड (टोलिनेज़) (Tolazamide (Tolinase)
  • टोलबुटामाइड (ओरिनेज, टोल-टैब) (Tolbutamide (Orinase, Tol-Tab)

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज का आयुर्वेदिक उपचार: क्या इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है, जानें एक्सपर्ट की राय

थीयाजोलिडायनडायवनंस (Thiazolidinediones)

डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन में थियाजोलिडाइनायड्स, आपके लिवर में ग्लूकोज की मात्रा को कम करने में मददगार है। वे आपकी वसा कोशिकाओं को इंसुलिन का बेहतर उपयोग करने में भी मदद करते हैं। ये दवाएं हृदय रोग (Heart disease ) के बढ़ते जोखिम का कारण भी बन सकती है। यदि आपका डॉक्टर आपको इनमें से कोई एक दवा देता है, तो वे उपचार (Treatment) के दौरान समय-समय पर हार्ट की कुछ जांचें भी जरूरी हैं।

  • रोसिग्लिटाजोन-ग्लिमेपाइराइड (अवंडारील) (Avandaryl)
  • रोसिग्लिटाजोन-मेटफोर्मिन (एमरिल एम) (Amaryl M)
  • रोसिग्लिटाजोन (एक्टोस) (Actos)
  • रोसिग्लिटाजोन-एलोग्लिप्टिन (ओसेनी) (Oseni)
  • रोसिग्लिटाजोन-ग्लिमेपाइराइड (डुएटैक्ट) (Duetact)
  • रोसिग्लिटाजोन-मेटफोर्मिन (एक्टोप्लस मेट, एक्टोप्लस मेट एक्सआर) (Actoplus Met, Actoplus Met XR)

और पढ़ें: टाइप 2 डायबिटीज और जंक फूड : यह स्वादिष्ट आहार कहीं बन ना जाए जी का जंजाल!

डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन ,इंजेक्ट मेडिकेशन: इंसुलिन थेरिपी (Insulin therapy)

डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन में इंसुलिन भी शामिल है। इंसलुिन हमारे शरीर का बहुत महत्व्पर्ण हॉर्मोन (Hormone) है, जिसमें होने वाला उताच-चढ़ाव डायबिटीज की समस्या (Diabetes Problem) का कारण बन सकता है। इंसुलिन का कार्य हमारे द्वारा खाए गए भोजन को एनर्जी में बलना है। इंसुलिन का मुख्य कार्य रक्त शर्करा के बढ़ते हुए स्तर को रोकना है। रक्त से ग्लूकोज (Glucose in Body level) को निकालने और ग्लूकोज का उपयोग करने के लिए शरीर की कोशिकाओं द्वारा इंसुलिन की आवश्यकता होती है। कोशिकाएं ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए ग्लूकोज का उपयोग करती हैं। जब भोजन एनर्जी के रूप में नहीं बदल पाता है, तो ग्लूकोज के रूप में रक्त में मिल जाता है। तो ऐसे डॉक्टर कुछ पेशेंट में ओरल टैबल की जगह या कुछ ओरल टैबलेट के साथ इंसुलिन लेने की सलाह देते हैं।

और पढ़ें: मधुमेह में शहद : क्या डायबिटिक पेशेंट चीनी की जगह खा सकते हैं शहद?

इंसुलिन के प्रकार (Types of insulin)

इंसुलिन के प्रकार (Types of insulin) कई रूप से मधुमेह का इलाज करते हैं। आपका डॉक्टर इंसुलिन के प्रकार को निर्धारित करने के लिए आपके मधुमेह (Diabetes) के बारे में पूरी जानकारी लेंगे। उसके अनुसार फिर वो तय करेंगे, जिनमें शामिल हैं:

आप कई तरीकों में से एक में इंसुलिन ले सकते हैं:

इंसुलिन इंजेक्शन (Insulin injection) : ब्‍लड शुगर (Blood Sugar) को सामान्‍य रखने के लिए इंसुलिन दिया जाता है। इसमें सीरिंज द्वारा इंसुलिन इंजैक्शन खुद को लगाया जाता है।

इंसुलिन पंप (Insulin Pump): इंसुलिन (Insulin) पंप एक छोटा यंत्र है, जिसमें एक बीपर होने के साथ यह डिजिटल है। सामान्य तौर पर इंसुलिन पंप दो प्रकार के होते हैं, पहला बेसल रेट होता है। यह लगातार दिनभर में कम मात्रा में शरीर में इंसुलिन की मात्रा को पहुंचाते रहता है।

इंसुलिन पेन (Insulin Pen): यह पेन की तरह दिखता है लेकिन इसके सिरे पर एक सुई होती है। कुछ में इंसुलिन पहले से भरा हुआ होता है।

यहां आपने डायबिटीज टाइप 2 में मेडिकेशन के बारें में जाना। लेकिन इन दवाइयों का सेवन कभी भी डॉक्टर की सलाह के बिना न लें, ऐसा करना आपके जान को जोखिम में डाल सकता है। क्योंकि अपके शुगर लेवल और आपके डायबिटीज की हिस्ट्री चैक करते हुए आपको दवा परामर्श करेंगे। यदि आपकी शुगर कंट्रोल में नहीं है, तो हो सकता है डॉक्टर आपको इंसुलिन की सलाह दे। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

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बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

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Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 2 weeks ago को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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