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आईबीडी की समस्या होने पर खानपान में क्या करना चाहिए अवॉयड?

आईबीडी की समस्या होने पर खानपान में क्या करना चाहिए अवॉयड?

हमारे शरीर में पाचन तंत्र का अहम योगदान होता है। हम जो कुछ भी खाते वह पाचन तंत्र की मदद से डायजेस्ट होता है। डायजेशन की प्रोसेस के बाद हमें एनर्जी मिलती है। अगर पाचन तंत्र में किसी प्रकार की समस्या हो जाए, तो पूरे शरीर में परेशानी हो सकती है। आईबीडी भी ऐसी ही एक समस्या है। आईबीडी में खानपान (Foods To Avoid With IBD) को लेकर अधिक सजग रहने की जरूरत होती है। आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से आई बी डी यानी कि इन्फ्लामेटरी बाउल डिजीज (Inflammatory Bowel Disease) के दौरान खानपान में बरतने वाले एहतियात के बारे में जानकारी देंगे। आइए सबसे पहले जानते हैं कि आईबीडी क्या है?

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इन्फ्लामेटरी बॉवेल डिजीज (Inflammatory Bowel Disease) क्या है?

इन्फ्लामेटरी बाउल डिजीज इंटेस्टाइनल डिसऑर्डर (Intestinal disorders) है, जिसके कारण डायजेस्टिव ट्रैक्ट में सूजन या इंफ्लामेशन की समस्या हो जाती है। डायजेस्टिव ट्रेक्ट में माउथ, स्टमक, स्मॉल इंटेस्टाइन, लार्ज इंटेस्टाइन आते हैं। यह व्यक्ति द्वारा खाए गए खाने को ब्रेक करने या तोड़ने का काम करते हैं। इसके साथ ही यह न्यूट्रिशन यानी कि खाए हुए भोजन से न्यूट्रिएंट्स को इकट्ठा करने का काम करते हैं। और साथ ही वेस्ट प्रोडक्ट को हटा देते हैं। इन्फ्लामेटरी बाउल डिजीज के कारण पाचन तंत्र की प्रोसेस में समस्या पैदा हो जाती है। आईबीडी के कारण पेट में दर्द की समस्या हो सकती है। आईबीडी के कारण डायरिया की समस्या, ब्लोटिंग, पेट में दर्द होना, ऐंठन होना आदि समस्याएं अचानक से शुरू हो जाती हैं। इस कारण से वजन का कम हो जाना या एनीमिया की समस्या आदि लक्षण भी दिखाई पड़ते हैं। आईबीडी में खानपान पर ध्यान देकर और ट्रीटमेंट कराकर इस समस्या से बचा जा सकता है।

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आईबीडी के लक्षण (Symptoms of IBD)

आईबीडी का सटीक कारण अज्ञात है। कई फैक्टर आपके यूसी और क्रोहन रोग के विकास के जोखिम को बढ़ाने का काम कर सकते हैं। अगर परिवार में किसी को पहले से आईबीडी की समस्या रही है, तो हो सकता है कि आपको भी आईबीडी या इन्फ्लामेटरी बाउल डिजीज (Inflammatory Bowel Disease) की समस्या का सामना करना पड़े। इसके साथ ही इम्यून सिस्टम भी आईबीडी के लिए जिम्मेदार हो सकता है। इम्यून सिस्टम का काम बाहरी पैथोजन से शरीर की रक्षा करना होता है। जिससे कि शरीर बैक्टीरिया, वायरस या अन्य माइक्रोऑर्गेनिज्म से आसानी से लड़ सकता है। लेकिन आईबीडी की समस्या हो जाने पर इम्यून सिस्टम अपने शरीर की कोशिकाओं को ही नष्ट करने लगता है। जानिए बीमारी होने पर कौन-से लक्षण नजर आ सकते हैं।

अगर आपको भी उपरोक्त लक्षण नजर आते हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। अगर आपको आईबीडी डायग्नोज होता है, तो आपको डॉक्टर से जानकारी लेने के बाद ट्रीटमेंट कराना चाहिए। साथ ही आपको खाने में उन चीजों को पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए, जो आईबीडी की समस्या को अधिक बढ़ा सकते हैं। आईबीडी में खानपान (Foods To Avoid With IBD) को लेकर विशेष ध्यान रखने की जरूर होती है।

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आईबीडी में खानपान (Foods To Avoid With IBD)

आईबीडी में खानपान ( Foods To Avoid With IBD)

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि आईबीडी की समस्या से निपटने के लिए आईबीडी में खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। आपको इस दौरान ऐसे फूड्स का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए, जो आपकी बीमारी के लक्षणों को अधिक गंभीर कर दें। यहां हम आपको ऐसे ही कुछ फूड्स के बारे में बता रहे हैं, जिसका सेवन करने से आपको बचना चाहिए।

आईबीडी में खानपान: लैक्टोज युक्त फूड्स से बचें

अगर आपको आईबीडी की समस्या है, तो आपको लैक्टोज युक्त फूड्स से बचना चाहिए। लैक्टोज एक प्रकार की शुगर होती है, जो डेयरी प्रोडक्ट (Dairy products) में पाई जाती है। डेयरी प्रोडक्ट जैसे कि दूध, क्रीम, पनीर या सॉफ्ट चीज या फिर दूध से बने किसी भी प्रोडक्ट से आपको दूरी बनानी चाहिए। लैक्टोज युक्त फूड्स का सेवन करने से आईबीडी के लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं।

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आईबीडी में खानपान: इनसॉल्यूबल फाइबर फूड्स न लें

इनसॉल्यूबल फाइबर फूड्स, जिन्हें पचाना मुश्किल होता है जैसे कि स्किन वाले फूड्स या कच्चे फल, कच्ची हरी सब्जियां जैसे ब्रोकली (Broccoli), फूलगोभी, या छिलके वाली कोई भी चीज सब्जी, साबुत मेवे और साबुत अनाज आदि का सेवन आईबीडी की समस्या होने नहीं करना चाहिए।

आईबीडी में खानपान: नॉन सॉल्यूबल शुगर का न करें सेवन

सॉर्बिटोल, मैनिटोल,शुगर फ्री गोंद, कैंडी, आइसक्रीम, और कुछ प्रकार के फलों और रस जैसे नाशपाती (Pear), आड़ू आदि के सेवन से बचना चाहिए। ये आईबीडी (IBD) के लक्षणों को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। आपको पेस्ट्री, कैंडी, और जूस आदि का सेवन बंद कर देना चाहिए।

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आईबीडी में खानपान: हाय फैट वाले फूड्स

मक्खन, नारियल और क्रीम के साथ ही वसायुक्त, तला हुआ या चिकना भोजन आपको आईबीडी की समस्या होने पर पूरी से बंद कर देना चाहिए। ये आपके लिए हानिकारक हो सकता है।

आईबीडी में खानपान: एल्कोहॉल का सेवन कर दें बंद

एल्कोहॉल का सेवन शरीर के लिए हानिकारक होता है। आपको कोई बीमारी हो या फिर ना हो आपको एल्कोहॉल का सेवन नहीं करना चाहिए। अगर आप आईबीडी की समस्या से गुजर रहे हैं, तो आपको एल्कोहल के साथ ही एल्कोहॉल से बने हुए बने हुए पदार्थों का सेवन बंद करना चाहिए।

इन फूड्स को खाने में करें शामिल

आपको खाने में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे कि जई का चोकर, बीन्स, जौ, नट्स, और साबुत अनाज आदि का सेवन करना चाहिए। साथ ही प्रोटीन में लीन मीट, मछली, अंडे, नट्स, और टोफू आदि का सेवन करना चाहिए। फल और सब्जियों में जितना हो सके उतने रंग वाली सब्जियों को खाने की कोशिश करें सब्जियों या फलों का छिलका और बीज हटा कर ही उनका सेवन करें। और आपको खाने में कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ जैसे कि साग, दही, केफिर, और दूध (लैक्टोज मुक्त डेयरी प्रोडक्ट) चुनें। आप डॉक्टर से जानकारी लेने के बाद लैक्टेज पाचक एंजाइम का इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको खाने में प्रोबायोटिक्स का सेवन भी करना चाहिए।

कुछ खाद्य पदार्थ ऐंठन, सूजन औरया दस्त को ट्रिगर कर सकते हैं। इसलिए आपको डॉक्टर से जानकारी लेनी चाहिए कि आपको खाने में किन चीजों को खाना चाहिए और किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए। अपने डॉक्टर या अपने न्यूट्रीशनिस्ट से पूछें कि कौन से सप्लिमेंट्स आपकी पोषण संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप हो सकते हैं।

इस आर्टिकल में हमने आपको आईबीडी में खानपान ( Foods To Avoid With IBD) को लेकर जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्स्पर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड