आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

फार्टिंग की समस्या से बचने के लिए अपनाएं इस तरह के उपाय!

    फार्टिंग की समस्या से बचने के लिए अपनाएं इस तरह के उपाय!

    गैस जीवन का एक सामान्य हिस्सा है और स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए गैस पास होना एक सामान्य प्रक्रिया है। आपके शरीर की गैस बाहर आनी चाहिए, नहीं तो आप एक भरे हुए गुब्बारे की तरह महसूस कर सकते हैं। गैस की समस्या, एसिडिटी या पाचनतंत्र से जुड़ी परेशानियां सामान्य होती हैं, लेकिन अगर यही तकलीफ रोजाना होने लगे तो शारीरिक एवं मानसिक तकलीफ बढ़ जाती है। ज्यादातर लोग दिन में 14 से 23 बार गैस पास करते हैं। आपके पाचन तंत्र में अन्य गैसें उत्पन्न होती हैं। फार्ट मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड, ऑक्सिजन, नाइट्रोजन, हाइड्रोजन और कभी-कभी मीथेन जैसे गंधहीन वाष्पों से बने होते हैं। हालांकि गैस जीवन का एक सामान्य हिस्सा है, लेकिन यह असुविधाजनक हो सकता है। जानिए यहां फार्टिंग की समस्या से बचने के लिए उपाय:

    और पढ़ें : कब्ज के कारण गैस्ट्रिक प्रॉब्लम से अटक कर रह गई जान? तो, ‘अब की बार, गैरेंटीड रिलीफ की पुकार!’

    फार्टिंग की समस्या से कैसे बचें

    गैस की परेशानी कई बार दर्दनाक हो सकती है, लेकिन यह अधिकतर मामलों में खतरनाक नहीं होती है। अगर गैस का दर्द या पेट फूलना आदि आपको रोज-रोज परेशान कर रहा है, तो अपनी डायट और जीवनशैली में परिवर्तन कर के आप इससे छुटकारा पा सकते हैं। ज्यादातर मामलों में इन दोनों उपायों की मदद से समस्या को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है। फार्टिंग की समस्या तभी आपमें कम हो सकती है, जब आपको गैस की समस्या में आराम हो।

    गैस बनाने वाले फूड का सेवन कम करें

    कुछ खाद्य पदार्थ दूसरों की तुलना में अधिक गैस पैदा करते हैं। कुछ कार्बोहाइड्रेट युक्त फूड सबसे ज्यादा, जिनमें फ्रुक्टोज, लैक्टोज, अघुलनशील फाइबर और स्टार्च शामिल हैं। ये कार्ब्स पाचन संबंधी समस्याएं पैदा करने कर सकते हैं। गैस उत्पादक कार्ब्स में शामिल हैं:

    बीन्स, गोभी, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, ब्रोकोली, शतावरी, साबुत अनाज, सोर्बिटोल और अन्य सब्जियां।
    फ्रुक्टोज: प्याज, आर्टिचोक, नाशपाती, फलों का रस और अन्य फल।
    लैक्टोज: दूध, पनीर और आइसक्रीम सहित सभी डेयरी उत्पाद।
    अघुलनशील फाइबर: अधिकांश फल, जई का चोकर, मटर और बीन्स।
    स्टार्च: आलू, पास्ता, गेहूं और मक्का।

    और पढ़ें : Digestive Health Issues : जानिए क्या है पाचन संबंधी विकार और इससे जुड़ी खास बातें

    पेट खराब करने वाले खाने से बचें

    कुछ फूड ऐसे भी होते हैं, जो एलर्जी का कारण तो नहीं बनते हैं, लेकिन पेट खराब जैसे कि दस्त और गैस,सूजन और मतली जैसे पाचन संबंधी परेशानी का कारण बन सकता है। हेल्दी डायट आपको अतिरिक्त गैस के कारण को कम करने में आपकी सहायता कर सकती है। अपने आहार से सभी डेयरी उत्पादों को कम करने का प्रयास करें। यदि आप अभी भी असामान्य गैस का अनुभव कर रहे हैं, तो इस बारे में एक बार डॉक्टर से जरूर बात करें। गैस की समस्या से बचाव के लिए निम्नलिखित चीजों के सेवन से बचें। जैसे:

    • मसालेदार भोजन (Spicy foods)
    • बींस (Beans)
    • प्याज (Onion)
    • सोडा (Soda)
    • डेयरी प्रोडक्ट (Dairy Product)
    • कैफीन (Caffeine)
    • ओट्स (Oats)
    • फूलगोभी (Flower)
    • शतावरी (Asparagus)

    गैस की समस्या होने पर इन ऊपर बताई गई चीजों का सेवन ना करें।

    और पढ़ें : Movement In Lower Abdomen: लोअर एब्डॉमेन में मूवमेंट के कारण क्या हो सकते हैं?

    एंजाइम सप्लिमेंट्स

    ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) दवा है, जिसमें पाचक एंजाइम होता है, जिसे ए-गैलेक्टोसिडेज कहा जाता है। यह जटिल कार्बोहाइड्रेट को तोड़ने में मदद करता है।यह इन जटिल कार्ब्स को छोटी आंत में उसे पाचन प्रॉसेज की अनुमति देता है, न कि बड़ी आंत में जाने के बजाय गैस पैदा करने वाले बैक्टीरिया द्वारा ब्रेकडाउन हो जाता है। लैक्टैड में लैक्टेज नामक एक एंजाइम होता है, जो लैक्टोज असहिष्णुता वाले लोगों को डेयरी उत्पादों को पचाने में मदद करता है। इसे भी खाने से पहले लेना चाहिए। कुछ डेयरी उत्पाद भी कम लैक्टोज के साथ उपलब्ध हैं।

    और पढ़ें : Herbs and Supplements for Acid Reflux: जानिए एसिड रिफ्लक्स में हर्ब्स और सप्लिमेंट्स के बारे में यहां!

    प्रोबायोटिक्स ट्राय करें

    आपका पाचन तंत्र स्वस्थ बैक्टीरिया से भरा है, जो आपके भोजन को पचाने में मदद करता है। कुछ स्वस्थ बैक्टीरिया वास्तव में हायड्रोजन गैस को ब्रेकडाउन कर सकते हैं, जो अन्य बैक्टीरिया पाचन के दौरान पैदा करते हैं। प्रोबायोटिक्स एक सप्लिमेंट हैं। बहुत से लोग प्रोबायोटिक्स सप्लिमेंट्स को पाचन संबंधित परेशानी के लक्षणों को कम करने या आईबीएस जैसी पुरानी स्थितियों का इलाज करने के लिए करते हैं।

    और पढ़ें : Nervous Stomach: कहीं नर्वस स्टमक का कारण तनाव तो नहीं? क्यों हो सकता स्टमक नर्वस?

    च्युइंग गम न चबाएं

    जो लोग दिन भर में च्युइंग गम का सेवन अधिक करते हैं, वे उन की तुलना में कहीं अधिक हवा इनटेक करते हैं, जो च्युइंग गम का सेवन नहीं करते हैं। अगर आप अपनी सांसों को तरोताजा रखने को लेकर चिंतित हैं, तो इसके बजाय शुगर-फ्री मिंट खाने की कोशिश करें। लंबे समय तक काम करने वाला माउथवॉश आपके मुंह में सांसों की बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया को कम करने में भी मदद हो सकता है।

    और पढ़ें: पेट दर्द और कब्ज: कैसे मिल सकती हैं इन दोनों कंडिशंस से निजात, जानिए

    अपने कब्ज का इलाज करें

    जब मल – जिसमें बहुत सारे बैक्टीरिया होते हैं – आपके बृहदान्त्र में लंबे समय तक रहते हैं, तो यह फर्मेंटेशन को बढ़ाता है। फर्मेंटेशन प्रक्रिया बहुत अधिक गैस पैदा करती है, जो अक्सर फार्टिंग अतिरिक्त बदबूदार होती है। कब्ज के इलाज में पहला कदम अपने पानी का सेवन बढ़ाना है। जितना संभव हो उतना पानी पिएं और ठोस डायट कम और लिक्विड डायट अधिक लें। दूसरा, फलों और सब्जियों या मेटामुसिल जैसे फाइबर सप्लिमेंट के साथ अपने फाइबर का सेवन बढ़ाएं।

    और पढ़ें : Leaky Gut: जानिए लीकी गट डायट प्लान में किन 13 चीजों को शामिल करना चाहिए और किन 9 चीजों से दूरी बनानी चाहिए!

    गैस की समस्या या डायजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी कोई भी समस्या अगर आप महसूस करते हैं, तो इसे इग्नोर ना करें। क्योंकि किसी भी बीमारी का इलाज शुरुआत में आसानी से किया जा सकता है। प्रति सप्ताह चार से पांच दिन व्यायाम भी करें और खाना खाने के बाद थोड़ी देर चलें भी। अतिरिक्त गैस के अधिकांश मामले किसी गंभीर बात का संकेत नहीं हैं। आप शायद जीवनशैली में बदलाव या ओटीसी दवाओं से इसमें राहत पा सकते हैं। यदि आपमें दर्द, जी मिचलाना, उल्टी करना और दर्द के साथ, यदि आपके लक्षण अचानक गंभीर हो जाते हैं या यदि आप अनुभव कर रहे हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

    health-tool-icon

    बीएमआर कैलक्युलेटर

    अपनी ऊंचाई, वजन, आयु और गतिविधि स्तर के आधार पर अपनी दैनिक कैलोरी आवश्यकताओं को निर्धारित करने के लिए हमारे कैलोरी-सेवन कैलक्युलेटर का उपयोग करें।

    पुरुष

    महिला

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    लेखक की तस्वीर badge
    Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 30/05/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
    Next article: