Caput Medusae: कैपुट मेडुसे बीमारी नहीं, लेकिन लिवर डिजीज के ओर है इशारा!

    Caput Medusae: कैपुट मेडुसे बीमारी नहीं, लेकिन लिवर डिजीज के ओर है इशारा!

    बॉडी में होने वाले कुछ चेंजेस नेगेटिव होते हैं, जिससे देखकर या तो हम परेशान होते हैं या नहीं होते हैं। परेशान नहीं होने की स्थिति प्रायः तब होती है जब इन नेगेटिव चेंजेस से कोई परेशानी ना हो। हालांकि शरीर में होने वाले अच्छे बुरे सभी तरह के बदलाव को समझना चाहिए। इसलिए आज इस आर्टिकल में हम आपके साथ कैपुट मेडुसे (Caput Medusae) के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करेंगे।

    • कैपुट मेडुसे क्या है?
    • कैपुट मेडुसे के लक्षण क्या हो सकते हैं?
    • कैपुट मेडुसे के कारण क्या हो सकते हैं?
    • कैपुट मेडुसे का निदान कैसे किया जाता है?
    • कैपुट मेडुसे का इलाज कैसे किया जाता है?

    चलिए अब कैपुट मेडुसे (Caput Medusae) से जुड़े इन सवालों का जवाब जानते हैं।

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    कैपुट मेडुसे (Caput Medusae) क्या है?

    कैपुट मेडुसे (Caput Medusae)

    कैपुट मेडुसे जिसे पाल्म ट्री साइन (Palm tree sign) भी कहा जाता है। यह एक ऐसी शारीरिक परेशानी है जिससे किसी भी तरह का दर्द तो नहीं होता है, लेकिन नसों में सूजन जरूर देखे जा सकते हैं। ऐसा विशेष रूप से बेलीबटन (Bellybutton) के आसपास होता है। वैसे तो कैपुट मेडुसे (Caput Medusae) तो कोई बीमारी नहीं है, लेकिन यह लिवर डिजीज (Liver disease) की ओर इशारा जरूर कर सकते हैं। वैसे तो कैपुट मेडुसे रेयर है, लेकिन अगर यह समस्या नजर आये तो इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए। इसलिए कैपुट मेडुसे के लक्षण को समझना जरूरी है।

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    कैपुट मेडुसे के लक्षण क्या हो सकते हैं? (Symptoms of Caput Medusae)

    कैपुट मेडुसे के लक्षण में मुख्य लक्षण पेट के चारों ओर बड़ी एवं आसानी से नजर आने वाले नसों का एक नेटवर्क है। दूर से देखने पर यह काले या नीले रंग के निशान जैसा लग सकता है। इसके अलावा कैपुट मेडुसे के लक्षण इस प्रकार हैं-

    कैपुट मेडुसे के इन लक्षणों के अलावा अगर एडवांस लिवर डिजीज (Advanced Liver Disease) की समस्या होने पर अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं। जैसे:

    • एब्डॉमिन में सूजन (Abdominal swelling) की समस्या होना।
    • जॉन्डिस (Jaundice) होना।
    • मूड चेंज (Mood changes) होना।
    • भ्रम (Confusion) में रहना।
    • अत्यधिक ब्लीडिंग (Excessive bleeding) होना।
    • स्पाइडर एंजियोमा (Spider angioma) की समस्या होना।

    इनमें से किसी भी लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।

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    कैपुट मेडुसे के कारण क्या हो सकते हैं? (Cause of Caput Medusae)

    नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार कैपुट मेडुसे की समस्या ज्यादातर पोर्टल हायपरटेंशन (Portal hypertension) के कारण होती है। अगर पोर्टल हायपरटेंशन को आसान शब्दों में समझें, तो पोर्टल वेन में प्रेशर ज्यादा होना। दरअसल पोर्टल वेन ब्लड कैरी करने के साथ ही लिवर से इंटेस्टाइन (Intestines), गॉलब्लैडर (Gallbladder), पैंक्रियाज (Pancreas) एवं स्प्लीन (Spleen) में ब्लड स्पलाई का काम करता है। वहीं लिवर ब्लड से नुट्रिएंट्स की प्रोसेस को पूरा करने के साथ ही हृदय तक ब्लड पहुंचाता है।

    रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार कैपुट मेडुसे लिवर डिजीज से जुड़ी समस्या है, जो लिवर स्काररिंग (Liver scarring) या लिवर सिरोसिस (Liver cirrhosis) का कारण बन सकती है। ऐसी स्थिति में नसों से लिवर तक ब्लड का पहुंचना मुश्किल हो जाता है, जो पोर्टल हायपरटेंशन (Portal hypertension) की स्थिति पैदा कर सकती है।

    अब इन स्थितियों में ब्लड आसपास के नसों में पहुंचने की कोशिश करता है जो नाभी यानी बेली बटन के पास जमा होने लगता है जिसे पेरिअम्बिलिकल वेन्स (Paraumbilical veins) कहते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में बढ़े हुए ब्लड वेसल्स को मेडिकल टर्म में कैपुट मेडुसे (Caput Medusae) कहा जाता है। कैपुट मेडुसे के इन कारणों के अलावा अन्य कारण भी हो सकते हैं। जैसे:

    • हेमोक्रोमैटोसिस (Hemochromatosis)
    • अल्फा 1-एंटीट्रिप्सिन की कमी (Alpha 1-antitrypsin deficiency)
    • हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B)
    • क्रोनिक हेपेटाइटिस सी (Chronic Hepatitis C)
    • एल्कोहॉल-रिलेटेड लिवर डिजीज (Alcohol-related liver disease)
    • फैटी लिवर डिजीज (Fatty liver disease)

    इन कारणों के अलावा इन्फेरियर वेना कावा (Inferior vena cava) की वजह से भी पोर्टल हायपरटेंशन (Portal hypertension) की समस्या हो सकती है, लेकिन ऐसा रेयर होता है। कैपुट मेडुसे गंभीर समस्या ना होते हुए भी अगर इसके बारे में ना समझा गया तो भविष्य में परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए कैपुट मेडुसे का इलाज जरूर करवाना चाहिए।

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    कैपुट मेडुसे का निदान कैसे किया जाता है? (Diagnosis of Caput Medusae)

    कैपुट मेडुसे का निदान डॉक्टर पेशेंट की हेल्थ कंडिशन एवं पोर्टल वेन के ब्लॉकेज को समझकर इलाज करते हैं। वहीं अगर पेशेंट में लिवर डिजीज (Liver disease) की समस्या है या पहले कभी हुई है तो इसकी भी जानकारी डॉक्टर लेते हैं। इसलिए कैपुट मेडुसे के डायग्नोसिस के दौरान पेशेंट को अगर कोई भी शारीरिक समस्या है, तो इसकी जानकारी डॉक्टर को जरूर देनी चाहिए। डॉक्टर पेशेंट की सभी शारीरिक स्थितियों को समझते हुए निम्नलिखित टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं। जैसे:

    • ब्लड टेस्ट (Blood tests)
    • मेंटल फंक्शन टेस्ट (Mental function)
    • हार्ट फंक्शन टेस्ट (Heart function tests)
    • सीटी स्कैन (CT scan)
    • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)
    • एंडोस्कोपी (Endoscopy)

    इन टेस्ट रिपोर्ट्स को ध्यान में रखकर कैपुट मेडुसे का इलाज शुरू किया जाता है।

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    कैपुट मेडुसे का इलाज कैसे किया जाता है? (Treatment for Caput Medusae)

    कैपुट मेडुसे का इलाज तो नहीं किया जाता है, लेकिन जिन कारणों की वहज यह समस्या शुरू हुई है उसका इलाज किया जाता है। नैशनल इनवेसिव स्पीशीज इन्फॉर्मेशन सेंटर (National Invasive Species Information Center) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार कैपुट मेडुसे एडवांस सिरोसिस लिवर सिरोसिस (Advance cirrhosis) के कारण हो सकती है। ऐसी स्थिति में इलाज जितनी जल्द शुरू की जाए पेशेंट के लिए उतना फायदा है। इसलिए डॉक्टर भी बीमारी की गंभीरता और पेशेंट की हेल्थ कंडिशन को समझते हुए इलाज शुरू करते हैं। इस दौरान निम्नलिखित तरह से इलाज किया जा सकता है। जैसे:

    • पोर्टल हायपरटेंशन को कम करने के लिए पोर्टल वेन में शंट (Shunt) इम्प्लांट किया जाता है। यह एक तरह का छोटा डिवाइस होता है। ऐसा करने से पोर्टल हायपरटेंशन को कम करने में मदद मिलती है।
    • मेडिकेशन (Medications) प्रिस्क्राइब की जाती है।
    • आवश्यकता पड़ने पर लिवर ट्रांसप्लांट (Liver transplant) भी की जा सकती है।

    वहीं अगर इन्फेरियर वेना कावा (Inferior vena cava) की वजह से भी पोर्टल हायपरटेंशन (Portal hypertension) की समस्या होती है, तो इसे इमरजेंसी की स्थिति मानते हुए डॉक्टर ब्लॉकेज को कम करने के लिए सर्जरी (Surgery) भी कर सकते हैं।

    लिवर डिजीज की जानकारी के लिए कैपुट मेडुसे के लक्षण से अंदाजा लगाया जा सकता है। इसलिए अगर कैपुट मेडुसे की समस्या नजर आने पर इसे इग्नोर करना अनजाने में गंभीर बीमारी को दावत देने से कम नहीं है। इसलिए जल्द दे जल्द डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।

    कैपुट मेडुसे (Caput Medusae) या लिवर डिजीज (Liver disease) से जुड़ी हुई परेशानी का इलाज आसानी से किया जाता है, लेकिन इसके लिए बीमारी के शुरुआती दिनों से ही डॉक्टर से कंसल्ट में रहने पर। अगर आप कैपुट मेडुसे (Caput Medusae) या लिवर डिजीज से जुड़े किसी तरह के सवालों का जवाब जानना चाहते हैं, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज पर अपना सवाल पूछ सकते हैं। हमारे हेल्थ एक्सपर्ट आपके सवालों का जवाब जल्द से जल्द देने की कोशिश करेंगे।

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    Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 18/05/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड