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क्या हैं आंवला के फायदे? गर्भावस्था में इसका सेवन करना कितना सुरक्षित है?

क्या हैं आंवला के फायदे? गर्भावस्था में इसका सेवन करना कितना सुरक्षित है?

आंवला को “इंडियन गुजबेरी” भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि आंवला मेंं सबसे अधिक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। सदियों से इसका प्रयोग आयुर्वेदिक हर्बल दवाइयों या अन्य चीजों को बनाने मेंं किया जाता है। इसका प्रयोग कैंसर के उपचार या निवारण मेंं भी किया जा सकता है। गर्भावस्था मेंं भी आंवला का उपयोग पूरी तरह से सुरक्षित है। आंवले मेंं मौजूद न्यूट्रिएन्ट्स और अन्य गुणों के कारण लंबे समय से गर्भावस्था मेंं इसका सेवन किया जाता रहा है। जानिए आंवला के फायदे, गर्भावस्था में इसका उपयोग और इसकी आसान रेसिपीज के बारे मेंं विस्तार से।

आंवला के फायदे

आंवला के कई फायदे हैं, यही कारण है कि इसे वंडर फ्रूट भी कहा जाता है। जानिए गर्भावस्था में आंवला खाना किस तरह से फायदेमंद है:

गर्भावस्था में आंवला: इम्युनिटी बढाए

आंवला के फायदे मेंं सबसे पहला फायदा यह है कि यह इम्युनिटी बढ़ाने मेंं सहायक है। आंवला विटामिन C का अच्छा स्रोत है, जिससे शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है। गर्भवस्था मेंं होने वाली मां की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। जिसका प्रभाव उसके शिशु पर भी पड़ सकता है। ऐसे मेंं आंवले का सेवन करने से गर्भावस्था मेंं लाभ होता है। आंवला विटामिन C का भी अच्छा स्रोत है जो हमारे शरीर को बैक्टीरियल या फंगल इन्फेक्शन से लड़ने मेंं मदद करता है और हमेंं कई बीमारियों से बचाता है।

और पढ़ें :Home Pregnancy Test : घर बैठे कैसे करें प्रेग्नेंसी टेस्ट?

गर्भावस्था में आंवला: एनीमिया की समस्या हो दूर

गर्भावस्था मेंं एनीमिया यानी शरीर मेंं खून की कमी होना भी सामान्य है। आंवला मेंं विटामिन C या एस्कॉर्बिक एसिड भरपूर मात्रा मेंं होते हैं, जो शरीर से आयरन के अवशोषण मेंं मदद करते हैं। आंवला खाने से एनीमिया की शिकायत दूर होती है। अगर आंवला नहीं है तो बाजार मेंं आंवला के सप्लीमेंंट आसानी से मिल जाते हैं जो एनीमिया की कमी से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक हैं।

गर्भावस्था में आंवला: एसिडिटी से राहत

आंवला के फायदे कई हैं। उनमेंं से एक यह है कि आंवला एसिडिटी से राहत दिलाने मेंं मददगार है। नियमित रूप से आंवला का सेवन करने से पेट की समस्याओं से छुटकारा मिलता है। इसमेंं प्राकृतिक हीलिंग क्षमता होती है जिससे अपच के कारण पेट मेंं होने वाली जलन से मुक्ति मिलती है। गर्भावस्था मेंं होने वाले हार्टबर्न या गैस आदि से भी आंवले के सेवन से मुक्ति मिल सकती है।

गर्भावस्था में आंवला: खून को साफ़ करे

आंवला मेंं एंटीऑक्सीडेंट और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा मेंं होते हैं, जो खून को साफ करने मेंं उपयोगी है। इसमेंं मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स खून मेंं मौजूद विषैले चीजों को बाहर निकाल सकते हैं। इसके साथ ही यह रेड ब्लड सेल और हीमोग्लोबिन के काउंट को बढ़ाने मेंं भी मददगार है

गर्भावस्था में आंवला: डायबिटीज

गर्भावस्था मेंं डायबिटीज का होना भी संभव है। लेकिन आंवले के फायदे मेंं एक यह भी है कि इसके सेवन से डायबिटीज होने की संभावना कम हो जाती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह बहुत अधिक फायदेमंद है।

और पढ़ें: Pregnancy Week 5: प्रेग्नेंसी वीक 5 से जुड़ी क्या जानकारी मुझे पता होनी चाहिए?

गर्भावस्था में आंवला: सर्दी-जुकाम से छुटकारा

आंवला सर्दी-जुकाम और इससे होने वाली समस्याओं को दूर करने मेंं मदद कर सकता है। गर्भावस्था मेंं अगर आपको सर्दी-जुकाम हो जाए तो आपको दवाई लेने की सलाह नहीं दी जाती। क्योंकि, यह गर्भ मेंं पल रहे शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए अगर आपको सर्दी-जुकाम या गले मेंं खराश है तो आप आंवले को शहद के साथ मिलाएं और इसका सेवन करें। आपको इनसे छुटकारा मिलेगा।

गर्भावस्था में आंवला: अनिद्रा

आंवला अनिद्रा की समस्या को दूर करने मेंं भी असरदार है। गर्भवती महिलाओं को अनिद्रा की समस्या रहती है ऐसे मेंं वो आंवले का सेवन कर सकती हैं

गर्भावस्था में आंवला: हड्डियों को मजबूत बनायें

ओस्टेओक्लास्टस हमारी हड्डियों की वह कोशिकाएं हैं, जो उन्हें कमजोर बनाती हैं। इसके कारण हड्डियां भी टूट जाती हैं। रोजाना आंवले का सेवन करने से ओस्टेओक्लास्टस से छुटकारा मिलता है। इसके साथ ही आंवले मेंं पर्याप्त मात्रा मेंं कैल्शियम भी होता है, जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं। इसके सेवन से शिशु का विकास भी सही से होता है।

ऑर्गेनिक और स्थानीय आहार को कैसे स्वादिष्ट बनाया जा सकता है, जानने के लिए नीचे दिया वीडियो देखें:

क्या गर्भावस्था मेंं आंवले का सेवन पूरी तरह से सुरक्षित है?

आवला के फायदे देखते हुए आप भी यह जान गए होंगे कि गर्भावस्था मेंं आंवले का सेवन करना पूरी तरह से सुरक्षित है। लेकिन, इसकी कितनी मात्रा आपको लेनी चाहिए इसका ध्यान रखें। किसी भी खाद्य पदार्थ को अधिक मात्रा मेंं लेना खासतौर पर गर्भावस्था मेंं आपको और शिशु को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इसका सेवन भी कम या किसी विशेषज्ञ के अनुसार बताई मात्रा मेंं ही करें।

कैसे करें इसका सेवन

गर्भवस्था मेंं आंवला के फायदे पाने के लिए इसे कच्चा खाने की ही सलाह दी जाती है। पका कर खाने से इसमेंं मौजूद इसके पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं। लेकिन, अगर आप इसे कच्चा नहीं खा सकती तो आप इसका मुरब्बा, अचार या चटनी बना कर भी इसका सेवन कर सकती हैं। बाजार मेंं इसका जूस भी आसानी से उपलब्ध है, आप उसका सेवन भी कर सकती हैं।

और पढ़ें:Gooseberry: आंवला क्या है?

जानिए कैसे बनाएं आंवला के फायदे पाने के लिए इसकी आसान डिशेस

आंवले का अचार

आवला का अचार बनाने के लिए आपको इन चीज़ों की जरूरत पड़ेगी:

  • आंवला – 15 से 20
  • नमक – 1 चम्मच
  • हल्दी पाउडर – आधा चम्मच
  • पानी – 4 कटोरी
  • मेंथी दाना- आधा चम्मच
  • लाल मिर्च -एक चम्मच
  • सरसों का तेल – 3 चम्मच
  • हींग – आधा चम्मच

विधि

  • एक कड़ाही या बर्तन लें और उसमेंं नमक, हल्दी, आंवले और पानी डाल दें।
  • अब कुछ देर तक इन्हे उबलने दें। आंवले के अचार के लिए ताज़े आंवलों का ही प्रयोग करें।
  • इन्हें तब तक उबालें जब तक आंवले आधे पक जाएं।
  • अब एक और बर्तन लें और उसमें तेल डालें व गर्म करें।
  • तेल के गर्म होने पर उसमें ऊपर बनाएं आंवले वाले मिश्रण को मिला दें।
  • इसके बाद बचे हुए मसाले जैसे हींग, मेंथी दाना और लाल मिर्च आदि को भी इसमेंं मिला दें।
  • इन्हे कुछ देर पकाएं, ताकि सभी मसाले अच्छे से मिक्स हो जाएं।
  • आपका अचार तैयार है। आप चाहे तो इसमेंं चीनी या गुड़ भी डाल सकते हैं।
  • किसी कांच के जार मेंं इसे स्टोर करें और फ्रिज मेंं रखें।

और पढ़ें: World Baking Day : बेकिंग फूड्स, फ्राइंग फूड्स से क्यों होते हैं बेहतर, क्या आप जानते हैं इस बारें में

आंवले की चटनी

आंवले की चटनी को बनाने के लिए आपको निम्नलिखित चीज़ें चाहिए:

  • आंवले – 200 ग्राम (इनकी गुठली को अलग कर लें और आंवले को काट लें )
  • प्याज – 1
  • लहसुन – 2 कलियां कटी हुई
  • सरसों का पाउडर – आधा चम्मच
  • नींबू का रस- 1 चम्मच
  • साइडर सिरका – 100 मिलीलीटर
  • चीनी या गुड़- तीन से चार चम्मच
  • नमक – एक चम्मच (स्वादानुसार)

विधि

  • एक पैन मेंं आंवले, प्याज, लहसुन, सरसों के पाउडर और नींबू के रस को डालें और इसके ऊपर सिरके को डाल दें।
  • अब इसे तब तक उबलने दें जब तक यह गाढ़ा न हो जाए।
  • इसमेंं चीनी, नमक डालें और तब तक पकाएं और चलाएं जब तक चीनी मिक्स न हो जाए।
  • गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें।
  • इसे किसी जार मेंं स्टोर करें और फ्रिज मेंं रख दें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

NUTRITIONAL AND HEALTH CARE BENEFITS OF AMLA. https://bioinfopublication.org/files/articles/3_2_27_JP.pdf. Accessed on 08-07-20

15 Awesome Health Benefits of Indian Gooseberry You didn’t Know About. https://www.gethow.org/15-awesome-health-benefits-of-indian-gooseberry-you-didnt-know-about. Accessed on 08-07-20

Special Precautions & Warnings. https://www.gethow.org/15-awesome-health-benefits-of-indian-gooseberry-you-didnt-know-about. Accessed on 08-07-20

gooseberry pickle recipe . https://www.sailajakitchen.org/2016/04/neer-nellikai-recipe-gooseberry-pickle.html. Accessed on 08-07-20

GOOSEBERRY CHUTNEY. https://www.otagofarmersmarket.org.nz/gooseberry-chutney. Accessed on 08-07-20

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Anu sharma द्वारा लिखित
अपडेटेड 08/07/2020
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