प्रेग्नेंसी वीक 16 (Pregnancy week 16) में दाखिल होने के साथ आपके शिशु की लंबाई करीब 14 सेंटीमीटर और और वजन 100 ग्राम के आसपास होता है। प्रेग्नेंसी वीक 16 के दौरान आपके शिशु की रीढ़ की हड्डी और कमर की अन्य छोटी मसल्स मजबूत होने लगती हैं, ताकि शिशु आसानी से अपने सिर को सीधा कर सके। शिशु के चेहरे की मसल्स भी मजबूती पाने लगती हैं। इसका मतलब है कि आपका शिशु अपने चेहरे पर अधिक भाव बना सकता है, जैसे- आंखों कनखियों से देखना, भौहें चढ़ाना या फिर हंसना। आपका शिशु अब अपना सिर सीधा उठा सकता है और उसके हाथ-पैरों के जोड़ों की मूवमेंट अल्ट्रासाउंड की मदद से आसानी से देखी जा सकती है।

अगर डॉक्टर आपको भी गर्भाशय के अंदर दिखाता है, तो आप देख पाएंगी कि बच्चे की त्वचा पारदर्शी है। आप शिशु की पतली त्वचा के नीचे छोटी-छोटी रक्त वाहिकाएं देख पाएंगी। प्रेग्नेंसी वीक 16 (Pregnancy week 16) तक शिशु कोई फैट नहीं बना पाता, क्योंकि इस समय तक उसके दूसरे अंग विकसित होने में व्यस्त रहते हैं।
प्रेग्नेंसी वीक 16 (Pregnancy week 16) में आपका शिशु अपना सिर सीधा करने लगता है। शिशु की आंखें हिलने लगती हैं और कान पूरे विकसित हो चुके होते हैं। इसका मतलब है कि आपके बोलने पर आपका शिशु आपकी आवाज साफ-साफ सुन सकता है। अपने शिशु के साथ एक बॉन्ड बनाने के लिए प्रेग्नेंसी का 16 वां हफ्ता बहुत अच्छा समय है। आप गर्भावस्था के 16 हफ्ते (प्रेग्नेंसी वीक 16) के दौरान गाना गाकर या शिशु से बात करके उसके साथ एक मातृत्व संबंध बनाने की कोशिश कर सकती हैं। प्रेग्नेंसी वीक 16 (Pregnancy week 16) के दौरान शिशु आपकी बात नहीं समझ पाता, लेकिन आपकी आवाज उसको खुश करती है। प्रेग्नेंसी के 14 वे हफ्ते में आपके शिशु की भौहें और पलकों का निर्माण हो जाता है और जीभ पर टेस्ट बड्स विकसित हो जाते हैं।
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प्रेग्नेंसी वीक 16 (Pregnancy week 16) के दौरान आप अपने पेट में कुछ हलचल महसूस कर सकती हैं। पहली बार मां बनने जा रही महिलाओं को यह हलचल अपच या गैस की वजह से लगती हैं, लेकिन दरअसल यह आपके शिशु के पैर मारने की वजह से होता है। यह हलचल गर्भावस्था के बढ़ने के साथ ज्यादा समझ में आने लगती हैं।
प्रेग्नेंसी के 16 हफ्ते में आपका बेबी बंप और बड़ा होने लगता है। अपने पुराने कपड़ों में फिट न आना आपके लिए थोड़ा परेशान करने वाला हो सकता है। लेकिन, आपके लिए यह समय खरीदारी करने का अच्छा समय हो सकता है। आपको प्रेग्नेंसी के लिए मैटर्निटी कपड़े खरीदने की जरूरत हीं है, बल्कि इसके जगह आप ढीले कपड़े खरीदें। जैसे आप वन-साइज-फिट-ऑल वाली लॉन्ग ड्रैस खरीद सकती हैं, जो कि डिलीवरी के बाद भी आपके काम आ जाएगी। प्रेग्नेंसी के 16 वे हफ्ते के दौरान खरीदारी करते समय ध्यान रखें कि आप ऐसे कपड़े खरीदें जो आपके लिए सुविधाजनक हों और त्वचा के लिए भी सही हो। अपने नए आकार को लेकर खुश रहें और डिलीवरी के बाद वजन कम करने की चिंता न करें।
प्रेग्नेंसी वीक 16 (Pregnancy week 16) में कभी-कभी आपको सांस लेने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। लेकिन चिंता न करें, क्योंकि सांस चढ़ना जिसे डिस्प्नोइया (Dyspnoea) भी कहा जाता है। गर्भवती महिलाओं में दिखने वाला आम प्रेग्नेंसी लक्षण है। यह आमतौर पर गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में नजर आता है, जिसमें प्रेग्नेंसी हॉर्मोन की वजह से सांस चढ़ने लगता है। यह हॉर्मोन आपके दिमाग को शिशु के लिए ज्यादा ऑक्सीजन लेने के लिए संकेत भेजने के निर्देश देते हैं।
प्रेग्नेंसी हॉर्मोन आपके रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट की केशिकाओं (capillaries) को चौड़ा कर देते हैं और आपके फेफड़ों की मसल्स को रिलैक्स कर देते हैं, जिससे आपको लगता है कि आप गहरी सांसें ले रही हैं। इसका दूसरा कारण यह है कि आपके विकासशील शिशु की वजह से छाती और पेट को अलग-अलग करने वाली मसल डायाफ्राम (Diaphragm) पर दबाव पड़ता हो। प्रेग्नेंसी के आगे की अवस्था में आपके शिशु का आकार बढ़ने की वजह से आपको सांस लेने में और परेशानी हो सकती है।
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प्रेग्नेंसी वीक 16 (Pregnancy week 16) के दौरान आपको ज्यादा मिठाई खाने का मन कर सकता है, जिससे यूरिन टेस्ट में आमतौर से ज्यादा शुगर देखकर चिंता हो सकती है। अगर आपको इस से संबंधित कोई शंका है, तो अपने डॉक्टर को इस बारे में बताना चाहिए। इसके साथ ही अपने डॉक्टर को यह भी बताएं कि क्या आपके परिवार में किसी और को शुगर की बीमारी तो नहीं थी। अगर आपको गैस्टेशनल डायबिटीज का कोई खतरा नहीं है, तो डरने वाली कोई बात नहीं है।
प्रेग्नेंसी वीक 16 (Pregnancy week 16) के समय आपका शरीर आपके शिशु की एनर्जी के लिए जरूरी आपके ब्लड शुगर से सप्लाई ले लेता है। आपके शरीर में इंसुलिन हॉर्मोन जो कि ब्लड में शुगर के लेवल को रेगुलेट करता है, आपकी बॉडी सेल्स के लिए जरूरी शुगर को बचाकर रखता है। गर्भावस्था के दौरान एंटी-इंसुलिन हॉर्मोन आपके शिशु के लिए ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन रखते हैं। हालांकि, यूरिन में शुगर के बढ़े स्तर के बारे में चिंता करने की कोई बात नहीं है, क्योंकि यह अस्थाई है और अगले टेस्ट में सामान्य हो जाएगा।
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प्रेग्नेंसी वीक 16 (Pregnancy week 16) के दौरान आपकी स्वस्थ प्रेग्नेंसी को जांचने के लिए कुछ रूटीन टेस्ट हो सकते हैं, जैसे-
प्रेग्नेंसी वीक 16 (Pregnancy week 16) या गर्भावस्था का 16वां सप्ताह के दौरान आपका डॉक्टर मैटर्नल सीरम स्क्रीनिंग की सलाह दे सकता है, अगर यह पहले किया जा चुका होगा तभी। इस टेस्ट की मदद से आपकी प्रेग्नेंसी का विकास जांचा जाता है।
प्रेग्नेंसी वीक 16 (Pregnancy week 16) या गर्भावस्था का 16वां सप्ताह के दौरान आपको अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी इन बातों का पता होना चाहिए।
स्विमिंग- एक्टिव रहने और अपने पेल्विक मसल्स को स्ट्रेच करने के लिए स्विमिंग एक अच्छी एक्सरसाइज है। अगर आपके डॉक्टर ने मना नहीं किया है, तो इसका अभ्यास करना सुरक्षित है। आपको स्विमिंग धीरे-धीरे शुरू करनी चाहिए और बाद में आप इसकी इंटेंसिटी बढ़ा सकती हैं। अपने शरीर पर ज्यादा दबाव न डालें और जितना हो सके उतनी ही एक्सरसाइज करें। चाहे आप प्रेग्नेंसी के पहले कितनी ही अच्छी स्विमिंग कर लेती हों, लेकिन गर्भवती होने के बाद आप उतनी ताकत नहीं लगा सकती। इसके अलावा, आपका इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है, इसलिए किसी पब्लिक स्विमिंग पूल में स्विमिंग न करें, क्योंकि वहां इंफेक्शन लगने की आशंका रहती है।
चिकनपॉक्स- प्रेग्नेंसी वीक 16 या पूरी गर्भावस्था के दौरान चिकनपॉक्स जैसी फैलने वाली बीमारी के शिकार लोगों से दूर रहना ही बेहतर विकल्प है। इसके साथ आप इन लोगों के साथ भी सावधानी बरतें, जिनके घर या दोस्तों में किसी को चिकनपॉक्स हो रखा हो। क्योंकि, आपका इम्यून सिस्मट इन जर्म से लड़ने के लिए अभी ताकतवर नहीं है और चिकनपॉक्स के लिए जिम्मेदार वायरस आपके बच्चे को जन्मजात विकृतियां दे सकता है। जिसकी वजह से बच्चे के सिर का आकार छोटा हो सकता है, जोड़ों का सही से काम न करना आदि विकृतियां हो सकती हैं। इसलिए, अपने आसपास और खुद की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें।
अगले आर्टिकल में हम प्रेग्नेंसी वीक 17 के बारे में बात करेंगे।
डिस्क्लेमर
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Pregnancy – week by week – https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/pregnancy-week-by-week – Accessed on December 20, 2019
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Current Version
18/02/2022
Nikhil deore द्वारा लिखित
और द्वारा फैक्ट चेक्ड Nikhil deore
Updated by: Nikhil deore
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