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क्या है प्रेग्नेंट होने का प्रॉसेस? जानिए कैसे होता है भ्रूण का निर्माण

क्या है प्रेग्नेंट होने का प्रॉसेस? जानिए कैसे होता है भ्रूण का निर्माण

प्रेग्नेंसी प्रॉसेस एक जटिल प्रक्रिया है। यह कई चरणों से होकर गुजरती है। इसकी शुरुआत स्पर्म और एग से होती है। स्पर्म सूक्ष्म कोशिकाएं होती हैं। इनका निर्माण टेस्टिकल्स में होता है। स्पर्म में दूसरे फ्लूड्स भी मिले होते हैं, जिनसे मिलकर यह सीमन (semen) बनता है। इजेक्युलेशन के दौरान यह पेनिस से बाहर आता है। एक बार के इजेक्युलेशन में करोड़ों स्पर्म बाहर आते हैं लेकिन, प्रेग्नेंसी में सिर्फ एक ही स्पर्म की एग के संपर्क में आने की जरूरत होती है। ऐसा होने पर महिलाएं गर्भवती हो जाती हैं।

एग्स ओवरी में बनते हैं। हॉर्मोन मासिक धर्म के साइकल को नियंत्रित करते हैं। इससे कुछ एग्स हर महीने मैच्योर हो जाते हैं। एग्स के मैच्योर होने पर यह फर्टिलाइजेशन के लिए तैयार होते हैं। जब यह एग्स स्पर्म के संपर्क में आते हैं तो फर्टिलाइजेशन होता है। इसके अलावा, यह हार्मोन आपके गर्भाशय के अस्तर को मोटा और स्पोंगी बना देते हैं, जिससे आपकी बॉडी प्रेग्नेंसी के लिए तैयार होती है। जानिए पूरी प्रेग्नेंसी प्रॉसेस।

प्रेग्नेंसी प्रॉसेस:

कब होती हैं प्रेग्नेंट

ऑव्युलेशन के पांच दिन फर्टाइलाइजेशन की संभावना ज्यादा रहती है। ओव्युलेशन का पता सर्वाइकल म्युकस की टेकचर और ओव्युलेशन प्रीडिक्टर किट या दोनों को संयुक्त रूप से इस्तेमाल करके लगाया जाता है। इस दौरान प्रेग्नेंट होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।

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ओव्युलेशन स्टेज

मासिक धर्म की करीब आधी अवधि के बीच एक मैच्योर एग ओवरी से बाहर निकलता है। इस चरण को ओव्युलेशन कहा जाता है। यह एग फैलोपियन ट्यूब से होते हुए यूटरस की तरफ आता है। फैलोपियन ट्यूब से नीचे की तरफ पहुंचने में इसे करीब 12 से 24 घंटों का समय लगता है। इस अवधि के दौरान यदि आपके पार्टनर का स्पर्म इसके संपर्क में आता है तो एग फर्टिलाइज हो जाता है।

इस दौरान यदि इंटरकोर्स होता हैं तो स्पर्म वजायना से होते हुए गर्भाशय ग्रीवा और यूटरस से होते हुए फैलोपियन ट्यूब में जाते हैं। स्पर्म 6 दिनों तक जिंदा रह सकते हैं। छह दिनों के तक एग के संपर्क में ना आने पर स्पर्म नष्ट हो जाते हैं।

फर्टिलाइजेशन स्टेज

इस अवधि के दौरान यदि स्पर्म एग के संपर्क में आते हैं तो इस चरण को फर्टिलाइजेशन कहते हैं। हालांकि, तत्काल फर्टिलाइजेशन नहीं होता है। क्योंकि, सेक्स करने के छह दिनों तक या इस अवधि के बीच स्पर्म यूटरस और फैलोपियन ट्यूब में बने रह सकते हैं। इसके बाद ही फर्टिलाइजेशन होता है।

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फर्टिलाइज्ड एग का कोशिकाओं में विभाजन

स्पर्म के एग के संपर्क में आने के बाद फर्टिलाइज्ड एग फैलोपियन ट्यूब से होते हुए यूट्रस की तरफ जाता है। यहीं से यह कई कोशिकाओं में बंटना शुरू होता है। इससे यह एक बॉल का आकार बनाने लगती हैं। फर्टिलाइजेशन के तीन से चार दिन बाद यह बॉल यूट्रस में आती है।

इंप्लांटेशन की स्टेज

कोशिकाओं से मिलकर बनी यह बॉल यूट्रस में दो से तीन दिन तक रहती है। यदि यह बॉल गर्भाशय के अस्तर से जाकर मिल जाती है तो इसे इंप्लांटेशन कहा जाता है। प्रेग्नेंसी यहीं से शुरू होती है। आमतौर पर फर्टिलाइजेशन के छह दिन बाद इंप्लांटेशन की प्रक्रिया शुरू होती है। इसे पूरा होने में करीब तीन से चार दिन लगते हैं। बॉल की अंदर वाली कोशिकाओं के भीतर भ्रूण विकसित होता है लेकिन, प्लसेंटा बॉल की बाहर वाली कोशिकाओं से बाहरी तरफ बनता है।

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प्रेग्नेंसी हार्मोन की रिलीजिंग स्टेज

फर्टिलाइज्ड एग के यूटरस में इंप्लांट होने से प्रेग्नेंसी हॉर्मोन रिलीज होता है। यह यूटरस के अस्तर की शेडिंग होने से रोकता है। इसी कारण की वजह से प्रेग्नेंट होने पर महिलाओं के पीरियड्स रुक जाते हैं। यदि एग स्पर्म के संपर्क में नहीं आता है या फर्टिलाइज एग यूट्रस में इंप्लांट नहीं हो पाता है तब यूट्रस के अस्तर को मोटा होने की जरूरत नहीं होती है।

पीरियड के दौरान यह आपकी बॉडी से निकल जाता है। कुल फर्टिलाइज्ड एग्स में से तकरीबन आधे एग्स यूट्रस में इंप्लांट नहीं हो पाते हैं। पीरियड्स के दौरान यह आपकी बॉडी से बाहर निकल जाते हैं।

इस आर्टिकल को पढ़ने से पहले प्रेग्नेंसी प्रॉगेस को समझना आपके लिए जटिल रहा होगा। हमें उम्मीद है कि यह आर्टिकल आपके तमाम सवालों का जवाब देने में सफल रहा होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

How Pregnancy Happens Accessed on 09/12/2019

How Pregnancy Happens Accessed on 09/12/2019

How pregnancy happens Accessed on 09/12/2019

Can I get pregnant if I have sex without penetration? Accessed on 09/12/2019

Pregnancy: Ovulation, Conception & Getting Pregnant Accessed on 09/12/2019

Getting Pregnant Accessed on 09/12/2019

How to get pregnant Accessed on 09/12/2019

लेखक की तस्वीर
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Sunil Kumar द्वारा लिखित
अपडेटेड 21/08/2019
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