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Pregnancy symptoms: महिलाओं में अलग-अलग हो सकते हैं प्रेंग्नेंसी के लक्षण!

Pregnancy symptoms: महिलाओं में अलग-अलग हो सकते हैं प्रेंग्नेंसी के लक्षण!

जानकारी के अभाव में अक्सर ये समझा जाता है कि पीरियड्स (मासिक धर्म) मिस होने का मतलब प्रेग्नेंसी (Pregnancy ) की शुरुआत है, लेकिन ऐसा नहीं है, क्योंकि कभी-कभी कुछ महिलाओं में प्रेग्नेंसी शुरू होने के बाद भी पीरियड्स की डेट के अनुसार ब्लीडिंग होती है। दरअसल ये पीरियड्स नहीं होता बल्कि स्टेन होता है, जो 1-2 महीने में ठीक हो जाता है। यहां हम प्रेग्नेंसी के लक्षण क्या हैं उनके बारें में बताने जा रहे हैं, जिससे ये समझना आसान हो जाएगा कि आप गर्भवती हैं या नहीं!

और पढ़ेंः गर्भावस्था में खुश कैसे रहें?

प्रेग्नेंसी (Pregnancy) क्या है?

हमारे शरीर की शारीरिक रचना इस तरह से की गई है कि इसके अंदर होने वाले किसी भी परिवर्तन को तुरंत अनुभव किया जा सकता है। वहीं गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान जैसे ही आप गर्भवती होती हैं आपका शरीर आपको उसी के बारे में संकेत देता है। प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के लक्षण बहुत सामान्य हो सकते हैं, जैसे कि स्तन का दर्द होना, थकान महसूस करना और आप बीमार हैं ऐसी कोई भावना। हालांकि सभी महिलाएं गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में इन लक्षणों को महसूस करने में सक्षम नहीं होती हैं। ज्यादातर महिलाओं के लिए गर्भावस्था के पहले महीने के दौरान मिस्ड पीरियड्स पहला लक्षण हो सकता है।

कुछ महिलाओं को गर्भावस्था (Pregnancy) के पहले महीने का अनुभव हो सकता है, जो ज्यादातर मामलों में सामान्य माना जाता है। हालांकि अगर आपको किसी भी तरह के ब्लड के धब्बे (Bleeding spots/spotting) का अनुभव होता है, तो आपको किसी भी जटिलता से बचने के लिए तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

गर्भावस्था (Pregnancy) तब होती है, जब एक शुक्राणु एक एग को फर्टिलाइज करने के बाद अंडाशय से निकलता है। फर्टिलाइज्ड एग फिर नीचे गर्भाशय में जाता है, जहां इंप्लाटेंशन होता है। एक सफल इंप्लांटेशन की वजह से प्रेंग्नेंसी (Pregnancy) होती है।

औसतन एक पूर्ण गर्भावस्था (Complete pregnancy) 40 सप्ताह तक रहती है। इसके कई कारण हैं, जो गर्भावस्था को प्रभावित कर सकते हैं। जिन महिलाओं को प्रारंभिक गर्भावस्था डायग्नोस होती है और डिलिवरी से पहले उनकी सही देखभाल जाती है, तो वे स्वस्थ गर्भावस्था का अनुभव करने और स्वस्थ बच्चे को जन्म देने की अधिक संभावना रखती हैं।

और पढ़ेंः गर्भावस्था में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस के बारे में आप क्या जानते हैं?

प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के लक्षण जो ज्यादातर सही साबित होते हैंः

पीरियड्स नहीं होना प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के लक्षण

मिस्ड पीरियड्स प्रेग्नेंसी के प्रमुख संकेतों में से एक है। जैसे ही महिलाएं गर्भधारण करती हैं, उनका शरीर प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन बनाना शुरू कर देता है। ये हॉर्मोन आपके पीरियड्स को रोकने के लिए भी जिम्मेदार होते हैं।

प्रेग्नेंसी के लक्षण हैं स्लाइट स्पॉटिंग

जब फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया में अंडा अपने आप को गर्भाशय से जोड़ लेता है, तो ऐंठन और स्पॉटिंग का अनुभव हो सकता है। ज्यादातर यह स्पॉटिंग आपके जेनाइटल्स को धोने या पोंछने के समय देखने को मिलता है। हालांकि प्रेग्नेंसी के लक्षण में पहले महीने के अधिकांश मामलों में ब्लीडिंग या स्पॉटिंग को सामान्य माना जाता है। अगर आपको किसी भी असामान्य मात्रा में खून या स्पॉटिंग दिखाई देता है, तो आपको मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए।

प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के लक्षण है ब्रेस्ट टेंडरनेस

आपका स्तन छूने में टाइट हो या इसमें दर्द महसूस हो सकता है। यह आपके प्री-मेंस्ट्रूअल लक्षणों के समान है। महिलाओं के निप्पल का रंग गहरा हो सकता हैं और आप अपने स्तनों पर नसों को भी नोटिस कर सकते हैं।

और पढ़ें : प्रेग्नेंसी में पाइल्स: 8 आसान टिप्स से मिलेगी राहत

प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के लक्षण में प्रमुख है बदलता मूड

आपके शरीर में होने वाले प्रमुख हॉर्मोनल बदलावों की वजह से आप अपने मूड को जल्दी से बदलते हुए महसूस कर सकते हैं। एक पल आप खुश महसूस कर सकते हैं और अगले ही पल निराशा की भावना को भी महसूस कर सकते हैं। आप बिना किसी कारण के खुद को अच्छे मूड में पा सकते हैं। ये सभी गर्भावस्था के सामान्य लक्षणों में से एक हैं।

प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के लक्षण है बार-बार लू लगना

बदलते हॉर्मोन से पेल्विक एरिया के आसपास अधिक ब्लड फ्लो होता है। शरीर के तरल पदार्थों को बढ़ाने के लिए किडनी को अधिक काम करना पड़ता है। यह पूरी प्रक्रिया आपके गर्भाशय को भरा हुआ महसूस करा सकती है और इसलिए आपको बार-बार ऐसा महसूस हो सकता है कि यूरिन पास हो रहा है या आपको बार-बार टॉयलेट जाने की जरूरत पड़ती है।

प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के लक्षण में खास है थकान

गर्भावस्था में आपके शरीर के अंदर बहुत कुछ होता है। इसलिए आप अपने आपके अंदर एनर्जी की कमी और सामान्य से अधिक थका हुआ पाती हैं। प्रेग्नेंसी की वजह से आप थका हुआ महसूस करती हैं, जिससे आपको बहुत नींद आ सकती है।

फूड हैबिट्स में बदलाव है प्रेग्नेंसी के लक्षण

प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के दौरान आपको कुछ चीजें खाने का ज्यादा मन होता है और कुछ चीजें बिल्कुल पसंद नहीं आती। प्रेग्नेंसी में ये बहुत सामान्य है कि आप अपनी पसंदीदा चीजों को नापसंद करने लगे और उन चीजों को खाने का आपको ज्यादा मन हो जिसे खाना आपको कभी पसंद नहीं था। फूड हैबिट्स में बदलाव प्रेग्नेंसी में बहुत सामान्य है और लगभग सभी महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान यह महसूस करती हैं।

प्रेग्नेंसी के लक्षण में एक है मॉर्निंग सिकनेस

ज्यादातर गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में मतली या उल्टी का अनुभव हो सकता है। गर्भ धारण के बाद तीन सप्ताह के अंदर इसका अनुभव किया जा सकता है। कुछ महिलाओं को पूरे दिन के दौरान मिचली आ सकती है ,जबकि अन्य को दिन के किसी विशेष समय के आसपास यह महसूस हो सकता है।

प्रेग्नेंसी के लक्षण में आम है एसिडिटी

गर्भावस्था में एसिडिटी बहुत आम है। गर्भावस्था के शुरूआत में शरीर के अंदर होने वाले बदलावों की वजह से एसिड रिफलक्स और हार्टबर्न होने की संभावना होती हैं। गर्भावस्था के बाद के चरणों में हार्टबर्न भी बहुत आम है जब आपका बढ़ता बच्चा आंतों और पेट को धक्का देता है।

और पढ़ें : गर्भपात के बाद प्रेग्नेंसी में किन बातों का रखना चाहिए ख्याल?

प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के लक्षण जो नॉर्मल हैं

  • कॉन्स्टिपेशन की समस्या शुरू हो जाती है। डायजेशन ठीक से नहीं होने की वजह से पेट में भारीपन और गैस की प्रॉब्लम हो सकती है।
  • खाना खाने की इच्छा न होना और उल्टी आना।
  • स्वभाव में चिड़चिड़ापन आना।
  • ब्रेस्ट में सूजन आना (स्तन का भारी महसूस करना या निपल का रंग गहरा होना)।
  • ब्लड सर्क्युलेशन में तेजी आने की वजह से सिरदर्द होना।
  • बॉडी टेम्प्रेचर का बढ़ना।
  • किसी भी वक्त कुछ अलग खाने की इच्छा।
  • सुबह जागने के बाद कमजोरी महसूस करना।
  • पेट फूलना।

प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के लक्षण जिनके लिए डॉक्टर से संपर्क करें

  • बहुत ज्यादा ब्लीडिंग या स्पॉटिंग होने की वजह से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना समझदारी होगी।
  • बार-बार सिरदर्द होना और आराम करने के बावजूद ठीक न होना।
  • यूटरस (पेट के निचले हिस्से) में तेज दर्द होना।
  • वजायना में जलन या खुजली होना या फिर हरे या पीले रंग का डिस्चार्ज होना।
  • प्रेग्नेंसी की जांच करना इन दिनों आसान है। मेडिकल स्टोर से प्रेग्नेंसी टेस्ट किट की मदद से महिलाएं खुद भी जांच कर सकती हैं। प्रेग्नेंसी का पता चलने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी सलाह मानें।

प्रेग्नेंसी से जुड़ी खास जानकारी के लिए नीचे दिए इस वीडियो लिंक पर क्लिक करें:

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नोट : नए संशोधन की डॉ. प्रणाली पाटील द्वारा समीक्षा

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सूत्र

Symptoms of pregnancy: What happens first/https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/getting-pregnant/in-depth/symptoms-of-pregnancy/art-20043853/Accessed on 10/12/2019

Signs and symptoms of pregnancy/https://www.nhs.uk/conditions/pregnancy-and-baby/signs-and-symptoms-pregnancy//Accessed on 10/12/2019

What are some common signs of pregnancy?/
https://www.nichd.nih.gov/health/topics/pregnancy/conditioninfo/signs/ Accessed on 3/8/2020

Pregnancy – signs and symptoms/
https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/HealthyLiving/pregnancy-signs-and-symptoms/Accessed on 3/8/2020

लेखक की तस्वीर
Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 13/04/2021 को
Dr. Pooja Bhardwaj के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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