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गर्भावस्था में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस के बारे में आप क्या जानते हैं?

ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस क्या है?

गर्भावस्था में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस के बारे में आप क्या जानते हैं?

गर्भावस्था में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस के बारे में आप क्या जानते हैं?

ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस (Group B streptococcus) को ग्रुप बी स्ट्रेप या GBS भी कहते हैं। यह एक तरह का कॉमन बैक्टीरिया है जो महिला और पुरुषों के रेक्टम, डायजेस्टिव ट्रेक्ट (Digestive system) और यूरिनरी ट्रेक्ट में मौजूद होता है।

ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस महिलाओं की वजायना में भी मौजूद होता है। ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस वयस्कों में हेल्थ से जुड़ी परेशानी पैदा नहीं करता है, लेकिन इससे नवजात में इंफेक्शन की समस्या शुरू हो सकती है। रिसर्च के अनुसार 25 प्रतिशत तक गर्भवती महिलाओं में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस की समस्या होती है ,लेकिन इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं होती है। गर्भवती महिलाओं को इसके लक्षण भी समझ नहीं आते हैं। 

गर्भावस्था में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस के बारे में आप क्या जानते हैं

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गर्भावस्था में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस का क्या प्रभाव पड़ता है?

कई गर्भवती महिलाओं को ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस होने की जानकारी नहीं होती है और ना ही उसके लक्षण समझ आते हैं। वैसे तो ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस के कारण हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का खतरा नहीं होता, लेकिन इससे निम्नलिखित परेशानियां हो सकती हैं। जैसे-

इन परेशानियों के साथ-साथ अन्य परेशानी हो सकती हैं। हालांकि ऐसे वक्त में गर्भवती महिला को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। लापरवाही बरतने पर प्लासेंटा और एमनियॉटिक फ्लूइड में इंफेक्शन होने पर गर्भ में पल रहे शिशु को ऑक्सिजन और पोषण की कमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में समय से पहले शिशु का जन्म हो सकता है, जिसे प्रीटर्म बर्थ कहते हैं।

गर्भावस्था में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस पॉजिटिव होने पर क्या करें?

दरअसल गर्भावस्था में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस टेस्ट करवाना सामान्य है। प्रेग्नेंसी के 35वें हफ्ते से गर्भावस्था के 37वें हफ्ते के बीच ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस टेस्ट किया जाता है। इस जांच के दौरान अगर रिपोर्ट्स पॉजिटिव आती है, तो हेल्थ एक्सपर्ट गर्भवती महिला को IV एंटी-बायोटिक देते हैं ,जिससे लेबर के दौरान शिशु में GBS के खतरे को कम किया जा सके। निडिल की सहायता से IV हाथों पर दिया जाता है। ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस पॉजिटिव होने की जानकारी मिलने पर डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश जल्द से जल्द करें। डॉक्टर्स डिलिवरी के कम से कम 4 घंटे पहले गर्भवती महिला को IV वेन में इंजेक्शन दे देते हैं।

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कपल अगर सिजेरियन डिलिवरी प्लान कर रहें हैं तो इस बारे में सबसे पहले अपने डॉक्टर से बात करें। सिजेरियन डिलिवरी के लिए डॉक्टर गर्भवती महिला को एंटीबायोटिक लेने की सलाह देते हैं। GBS इंफेक्शन गर्भ में पल रहे शिशु को तब होता है जब वह बर्थ कैनाल में आ जाता है। ऐसी स्थिति में अगर ठीक तरह से इलाज न किया जाए तो शिशु में इंफेक्शन का खतरा अत्यधिक बढ़ सकता है। अगर समय से पहले ही लेबर पेन शुरू हो जाए और ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस टेस्ट न किया गया हो तो डॉक्टर सुरक्षा की दृष्टिकोण से एंटीबायोटिक दे सकते हैं।

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गर्भावस्था में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस पॉजिटिव होने की संभावना कब ज्यादा होती है?

  • समय से पहले डिलिवरी होना या प्रेग्नेंसी के 37 वें सप्ताह में शिशु के जन्म होने की उम्मीद।
  • शिशु के जन्म से 18 घंटे या इससे और ज्यादा पहले थैली फट जाना।
  • डिलिवरी के दौरान तेज बुखार होना।
  • गर्भवती महिला ने पहले भी ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस शिशु को जन्म दिया हो।
  • प्रेग्नेंसी के दौरान वजायना या एनस में GBS बैक्टेरिया होना।
  • प्रेग्नेंसी पीरियड्स में यूरिन में GBS मौजूद होना।

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क्या GBS (ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस) एक तरह का STD (सेक्शुअल ट्रांसमिटेड डिजीज) है?

नहीं ऐसा नहीं है। यह रिप्रोडक्टिव ट्रैक्ट में हो सकता है, लेकिन यह सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (STD) नहीं है। GBS एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को छूने, खाने-पीने की चीजें और सेक्स से नहीं होता है। यह अपने आप ह्यूमन बॉडी में मौजूद होता है। कुछ लोगों में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस ज्यादा समय तक रहता है, तो कुछ लोगों में कम समय में ही समाप्त हो जाता है।

मां और शिशु से संबंधित ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस से जुड़े फैक्ट्स क्या हैं?

शिशु में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस से जुड़े फैक्ट्स निम्नलिखित हैं।

  • बच्चों में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस दो तरह के होते हैं।

अर्ली ऑनसेट- जन्म लेने वाले शिशु को पहले हफ्ते हो सकता है।

लास्ट ऑनसेट- जन्म लेने वाले शिशु को पहले हफ्ते से 3 महीने के वक्त में हो सकता है।

  • शिशु में होने वाली सबसे सामान्य बीमारी है GBS और यह अब बच्चों में कम होता है।
  • ऐसे बच्चों में इसकी संभावना ज्यादा होती है जिनकी मां GBS पॉजिटिव होती हैं।
  • 50 शिशुओं में 2 से 3 बच्चों में पॉजिटिव GBS होने के कारण शिशु की मौत भी हो जाती है।

गर्भवती महिला में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस जुड़े फैक्ट्स क्या हैं?

गर्भवती महिला में बी स्ट्रेप्टोकोकस से जुड़े फैक्ट्स निम्नलिखित हैं।

  • 4 में से 1 गर्भवती महिला में GBS बैक्टीरिया होता है।
  • लेबर के दौरान पॉजिटिव ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस पर एंटीबायोटिक वेन में दी जा सकती है।

ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस से जुड़े अन्य फैक्ट्स क्या हैं?

  • यह बिना लक्षणों के ह्यूमन बॉडी में हो सकता है और अपने आप ही खत्म भी हो जाता है।
  • 20 में से 1 लड़की को ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस इंफेक्शन होने से उसकी मौत हो जाती है।
  • मेडिकल कंडिशन जैसे HIV इंफेक्शन, कैंसर या लिवर डिजीज होने पर परेशानी बढ़ सकती है।
  • 65 साल या इससे ज्यादा उम्र होने पर भी ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस होने की संभावना ज्यादा होती है।

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शिशु में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस के क्या लक्षण हैं?

इसके निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं। जैसे-

  • शिशु का जरूरत से ज्यादा रोना।
  • दूध ठीक तरह से नहीं पीना।
  • शिशु का सुस्त दिखना।
  • बच्चे में टेम्प्रेचर ज्यादा या कम होना।
  • हार्ट बीट फास्ट या स्लो होना
  • शिशु की त्वचा का रंग सामान्य से अलग होना।
  • बुखार।
  • सांस लेने में समस्या / आवाज में परिवर्तन।
  • नीले रंग की त्वचा (सायनोसिस)।
  • दौरे।
  • लंगड़ापन।
  • हृदय गति और रक्तचाप की असामान्यताएं।
  • उचित पोषण न मिलना।
  • उल्टी।
  • दस्त और घबराहट।

ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस की समस्या से कैसे बचा जा सकता है?

GBS के लक्षण नजर नहीं आते हैं लेकिन, हर प्रेग्नेंसी के दौरान इसकी जांच अवश्य करवानी चाहिए। महिलाएं जो पॉजिटिव ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस से पीड़ित हैं और अगर इन्हें गर्भावस्था के सही स्टेज में दवा दी जाए तो जन्म लेने वाले शिशु में इसका खतरा टल सकता है, लेकिन अगर आप गर्भावस्था में ग्रुप बी स्ट्रेप्टोकोकस से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहती हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

Dr Sharayu Maknikar
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Nidhi Sinha द्वारा लिखित · अपडेटेड 24/07/2020