प्रेग्नेंसी में सेक्स ड्राइव चेंज (Sex Drive Changes During Pregnancy) होती है? कई महिलाओं के मन में यह सवाल होता है कि क्या प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स ड्राइव बदल जाती है या उसमें कमी आती है? तो इसका एक ही उत्तर होगा कि सभी महिलाओं का शरीर एक जैसा नहीं होता है और ना ही सभी की प्रेग्नेंसी एक जैसी होती है। ऐसा बिल्कुल जरूरी नहीं है कि किसी महिला ने अगर प्रेग्नेंसी में बहुत ज्यादा दर्द सहा है, तो आपको भी उतना ही दर्द सहना पड़े। यह बात सेक्स ड्राइव को लेकर भी लागू होती है। कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स ड्राइव बढ़ी हुई लगती है, वही कुछ महिलाओं को सेक्स ड्राइव में कमी भी महसूस होती है। शरीर में होने वाले इस परिवर्तन का मुख्य कारण हॉर्मोन में होने वाला बदलाव है। आइए जानते हैं कि आखिरकार शरीर में यह बदलाव क्यों होता है।
प्रेग्नेंसी में सेक्स ड्राइव चेंज (Sex Drive Changes During Pregnancy)
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में बहुत से परिवर्तन होते हैं। यह परिवर्तन मुख्य रूप से हॉर्मोन के बदलाव के कारण होते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन के लेवल में उतार-चढ़ाव होता रहता है। जिस कारण से सेक्शुअल डिजायर में भी बदलाव होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को वॉमिटिंग, चक्कर आना, मॉर्निंग सिकनेस आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सेक्स की इच्छा में कमी होना आम बात है। प्रेग्नेंसी के 3 महीने बाद (फस्ट ट्राइमेस्टर) महिलाओं की सेक्स ड्राइव में बदलाव हो सकता है लेकिन सभी महिलाओं को एक जैसा महसूस हो, यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है।
प्रेग्नेंसी में सेक्स ड्राइव चेंज: प्रग्नेंसी में बढ़ी हुई सेक्स ड्राइव
अगर आपको प्रेग्नेंसी के दौरान ऐसा महसूस हो रहा है कि आपकी लिबिडो बढ़ रही है, तो ऐसे मैं आपको इसे एंजॉय करना चाहिए। लिबिडो का बढ़ना आपकी हेल्थ के लिए अच्छी बात है और आपके बेबी को भी इससे कोई परेशानी नहीं होती है। प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स करना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। इससे नींद में सुधार होता है और साथ ही मूड भी बेहतर बनता है। प्रेग्नेंसी के दौरान जो महिलाएं सेक्स का आनंद लेती हैं, उनमें स्ट्रेस की समस्या कम होती है। अगर आपको भी प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स की इच्छा हो रही है लेकिन मन में प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स को लेकर सवाल है, तो आप इस बारे में अपने डॉक्टर से जानकारी ले सकती हैं।
प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ महिलाओं में सेक्स की इच्छा बहुत तीव्र हो जाती है। ऐसे में महिलाओं को डर लगता है कि कहीं उनकी यह इच्छा गर्भ में पल रहे बच्चे को किसी तरह का नुकसान ना पहुंचाए। लेकिन आपको एक बात का ध्यान रखना होगा कि प्रेग्नेंसी के दौरान बढ़ी हुई सेक्स की इच्छा किसी परेशानी का कारण नहीं है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर आप चाहे तो इस बारे में डॉक्टर से भी बात कर सकते हैं।
और पढ़ें: Pomegranate During Pregnancy: प्रेग्नेंसी में अनार का सेवन करना क्या होता है फायदेमंद!
प्रेग्नेंसी में कब बढ़ जाती है सेक्स की इच्छा?
प्रेग्नेंसी के शुरुआती 3 महीने महिलाओं के शरीर में बहुत से परिवर्तन देखने को मिलते हैं। वहीं दूसरी तिमाही के दौरान प्रेग्नेंसी के कई लक्षण दिखना बंद हो जाते हैं और महिलाओं के लिए यह राहत भरा महीना होता है। इस दौरान महिलाओं को सेक्स करने की इच्छा अधिक हो सकती है क्योंकि इस समय महिलाओं को वॉमिटिंग, थकान आदि का एहसास कम होता जाता है।
सभी महिलाओं की दूसरी तिमाही के दौरान सेक्स ड्राइव बढ़ जाए, ऐसा जरूरी नहीं होता है। यह बात हम आपको पहले भी बता चुके हैं कि हर महिला का शरीर एक जैसा नहीं होता है और ना ही हर महिला की प्रेग्नेंसी से जुड़ी समस्याएं एक जैसी होती हैं। आपको इस बारे में डॉक्टर से जानकारी लेनी चाहिए।
और पढ़ें: प्रेग्नेंसी के लक्षणों का मिस होना क्या होता है मिसकैरिज का लक्षण!
प्रेग्नेंसी के दौरान हॉर्मोन में बदलाव के कारण स्तनों का साइज बढ़ जाता है और साथ ही वुल्वा में ब्लड फ्लो भी बढ़ जाता है। इस कारण से सेक्स की तीव्र इच्छा होती है। सेक्स ड्राइव बढ़ जाने से वाकई आपको बेहद अच्छा अनुभव होता है और साथ ही ये शरीर के लिए फायदेमंद भी साबित हो सकता है।प्रेग्नेंसी में सेक्स ड्राइव चेंज (Sex Drive Changes During Pregnancy) को लेकर आपको अधिक बातें जाननी चाहिए ताकि आप इस पीरियड को एंजॉय कर सकें।
प्रेग्नेंसी के दौरान कब घट जाती है सेक्स की इच्छा?
जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही के दौरान सेक्स ड्राइव बढ़ जाती है। वहीं प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही के दौरान पेट बढ़ने लगता है और साथ ही महिलाओं की नींद में भी कमी आ जाती है। इसके साथ ही शरीर में थकावट भी बढ़ जाती है। ऐसा होने से सेक्स ड्राइव में भी कमी आ जाती है। कुछ महिलाओं में संकुचन शुरू हो सकते हैं। एक बात का ध्यान रखें कि सेक्शुअल इंटरेस्ट फ्रिकवेंसी सामान्य मानी जाती है। अगर आपको लग रहा है कि आपके साथ कुछ असामान्य हो रहा है या फिर आपकी सेक्स के प्रति कोई भी इच्छा नहीं है, तो आप हो डॉक्टर से इस बारे में जानकारी लेनी चाहिए। वैसे तो गर्भावस्था के दौरान सेक्स को सुरक्षित माना जाता है लेकिन जिन महिलाओं को प्रेग्नेंसी से संबंधित कॉम्प्लीकेशन होते हैं, उन्हें सेक्स से बचना चाहिए। आप इस बारे में डॉक्टर से पूछे कि आपके लिए प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स सुरक्षित है या फिर नहीं।
और पढ़ें: प्रेग्नेंसी के लक्षणों का मिस होना क्या होता है मिसकैरिज का लक्षण!
प्रेग्नेंसी का मतलब बीमार होना नहीं होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान यह सच है कि शरीर में बहुत से हॉर्मोनल बदलाव होते हैं, जिसके कारण महिलाओं को 9 महीने के दौरान विभिन्न प्रकार के लक्षण महसूस हो सकते हैं। कुछ बदलाव समस्याओं का कारण बनते हैं वहीं कुछ बदलाव महिलाओं को बहुत पसंद आते हैं। बेहतर होगा कि आप इस बारे में ज्यादा न सोचें और प्रेग्नेंसी में होने वाले बदलाव को इंजॉय करें।
इस आर्टिकल में हमने आपको प्रेग्नेंसी में सेक्स ड्राइव चेंज (Sex Drive Changes During Pregnancy) से संबंधित जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की ओर से दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्स्पर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।