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हर्पीस ग्लैडिएटोरम से बचाव के लिए हायजीन के साथ डिस्टेंस का भी रखें ध्यान

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील · फार्मेसी · Hello Swasthya


Niharika Jaiswal द्वारा लिखित · अपडेटेड 05/07/2022

हर्पीस ग्लैडिएटोरम से बचाव के लिए हायजीन के साथ डिस्टेंस का भी रखें ध्यान

हर्पीस ग्लैडिएटोरम (Herpes Gladiatorum), जिसे मैट हर्पीज (Herpes) भी कहा जाता है, यह त्वचा में होने वाली ऐसी स्थिति है, जिसमें मुंह के आसपास के हिस्से में फफोले हो जाते हैं।  हर्पीस ग्लैडिएटोरम, हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है। यह वायरस बाहरी जननांग या शरीर के अन्य भागों की त्वचा को प्रभावित कर सकता है। इसमें प्रभावित भाग में खुजली वाले दर्दनाक फफोले, दाद या घाव हो जाते हैं। यह वायरस एक से दूसरे में बहुत जल्दी फैलता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह वायरस आप में जिंदगी भर के लिए बना रह सकता है। हो सकता है कि यह वायरस (Virus) आपमें कुछ समय के लिए निष्क्रिय हो जाए, लेकिन भविष्य में यह कभी भी अचानक  उभर के आ सकता है। हर्पीस ग्लैडिएटोरम के लक्षण नजर आने पर आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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हर्पीस ग्लैडिएटोरम के लक्षण (Herpes Gladiatorum Symptoms)

अगर आप ध्यान दें तो शुरुआत में आपको हल्का सा बुखार (Mild Fever) महसूस हो सकता है। कुछ लोगों में इसके लक्षण आखों में भी नजर आ सकते हैं, यदि आपकी आंखे इससे प्रभावित हैं, तो आपको बिना किसी देरी के डॉक्टर के पास जाएं। इसके लक्षण वायरस (Virous) से प्रभावित होने के 1 सप्ताह के भीतर दिखने लगते हैं।

इसके कुछ लक्षण इस प्रकार हैं, जैसे कि:

जिसे ठीक होने में कम से कम 10 दिन का समय लग जाता है। धीरे-धीरे यह सूजन और लाल चकत्ते कम होने लगते हैं जैसे जैसे आपने वायरस का प्रभाव कम होता जाता है, तो यह समस्या ठीक होने लगती है। यह समस्या होने पर आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। अपने सभी लक्षणों को उन्हें बताना चाहिए और उनके द्वारा दिए गए सुझावों का पालन करें। कुछ लोगों में यह समस्या काफी लंबे समय तक भी बनी रह सकती है, जैसे कि महीनों। अभी शरीर के किस हिस्से में हुआ है इस बात पर भी निर्भर करता है।

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हर्पीस ग्लैडिएटोरम का कारण (Herpes Gladiatorum Causes)

इस समस्या होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें से सबसे बड़ा कारण है हर्पीस वायरस के शिकार व्यक्ति के संपर्क में आना। यदि किसी व्यक्ति को हाथरस की समस्या हो रखी है तो उसके संपर्क में आते ही आपमें यह वायरस (Virus) पहुंच जाएगा फिर यह समस्या आपने भी हो जाएगी। इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति को हर्पीस हो रखा है, तो उसका झूठे खाने या इस्तेमाल की गई चीजें, जैसे कि मोबाइल फोन  या टॉविल आदि को टच करने  से भी बचें।

इन सबके अलावा, यह एक सेक्शुअली ट्रांसमेटिड वायरस (Sexually Transmitied Virus) है, जो सेक्स के दौरान त्वचा के एक दूसरे से संपर्क में आने के कारण सबसे ज्यादा फैलता है। इसके कारण आपका पीरियड्स भी बिगड़ सकता है और आपकी इम्यूनिटी भी वीक हो सकती है। जिसके कारण आप और भी बीमार पड़ सकते हैं।

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हर्पीस ग्लैडिएटोरम की जांच (Herpes Gladiatorum Diagnosis)

हर्पीस ग्लैडिएटोरम (Herpes Gladiatorum)

यदि आपमें हर्पीस के कोल्ड सोर्स या हर्पीस ग्लैडिटोरम के और कोई लक्षण हैं, तो आपको किसी के फिजिकली संपर्क में आने से बचना चाहिए। आपकी इस सावधानी से, आप से किसी दूसरे में यह वायरस नहीं फैलेगा। इस दौरान आपको अपने मेडिकल ट्रीटमेंट की तरफ ध्यान देना चाहिए। आपमें हर्पीस किस प्रकार का है और आपको इसका कोई रिस्क तो नहीं है, यह जानने के लिए डॉक्टर आपके कुछ मेडिकल टेस्ट करवाएंगे। इसके लिए बिलिस्टर में से यानि कि पानी दार दानों में जो पानी है, उसे थोड़ा से निकालकर डॉक्टर लैब में टेस्टिंग के लिए भेजेंगे। इसके अलावा, डॉक्टर आपको कुछ ब्लड टेस्ट के लिए बोल सकते हैं। ताकि आपमें हेाने वाला एचएसवी-1 इंफेक्शन कहीं किसी और स्किन प्रॉब्लम का कारण न बन जाए। इससे यह भी पता चलेगा कि आपके शरीर को वायरस कितना प्रभावित कर चुका है।

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हर्पीस ग्लैडिएटोरम का इलाज (Herpes Gladiatorum Treatment)

यदि आपमें हर्पीस के हल्के लक्षण और किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है, तो इसका घर पर ही इलाज किया जा सकता है। जिसके लिए आपको हायजीन का विशेष ध्यान रखना होगा। यह कुछ दिन में आप बिल्कुल ठीक भी हो जाएंगे। लेकिन अगर स्थिति पहले से खराब लग रही है, तो आपको मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत है। इसके उपचार के लिए डॉक्टर द्वारा आपको एंटीवायरल मेडिकेशन की सलाह दी जाएगी। जिससे आपकी रिकवरी जल्दी हो सकती है। अक्सर एचएसवी -1 के लिए निर्धारित दवाएं एसाइक्लोविर (ज़ोविराक्स) acyclovir (Zovirax), वाल्ट्रेक्स  (Valtrex), और फैमवीर  (Famvir) हैं। इन दवाओं से हर्पीस के वायरस को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।

हर्पीस ग्लैडिएटोरम का बचाव (Herpes Gladiatorum Prevention)

यदि आपके आस पास या घर में HSV-1 संक्रमण का शिकार कोई मरीज है या  किसी व्यक्ति के साथ त्वचा से त्वचा का संपर्क है, तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें कि  वायरस से कैसे खुद को बचाएं। हालांकि, आपको यह बात भी पता होनी चाहिए कि कुछ लोगों में यह वायरस हो सकता है, लेकिन इसके लक्षण नहीं नजर आते हैं। ऐसे मामलों में, वायरस दूसरे व्यक्ति में आसानी से पहुंच जाता है। कुछ मामलों में यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के लिए नियमित परीक्षण के लिए अपने डॉक्टर से पूछना चाहिए।

इसके अलावा, इस वायरस से बचने के लिए आपको हायजीन में कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे कि:

  • खेलकूद या किसी प्रकार की एक्सरसाइज के बाद आप तुंरत स्नान करें
  • आप जिस तौलिये का इस्तेमाल करें, उसे रोज गर्म पानी से वॉश करें। ध्यान रखें कि न आप किसी और की तौलिए का इस्तेमाल करें, और न आपका कोई और करे।
  • पर्सनल हायजीन का भी विशेष ध्यान रखें, खासतौर पर रेजर या और कुछ। कभी भी एक-दूसरे का इस्तेमाल न करें। इससे वायरस का फैलने का खतरा ज्यादा होता है।
  •  इसी तरह कपड़ों का भी विशेष ध्यान रखें। एक-दूसरे का इस्तेमाल न करें।
  • एक-दूसरे के संपर्क में आने वाले सभी समानों को साफ कर के तभी इस्तेमाल करें।

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यदि आप वायरस के संभावित व्यक्ति के संपर्क के बाद, लक्षणों के नजर आने के कई दिन पहले से ही एंटीवायरल लेना शुरू करते हैं, तो आपमें हर्पीस ग्लैडिएटोरम के जोखिम कम हो सकते हैं। इसके अलावा, एचएसवी -1 संक्रमण को रोकने के बारे में अधिक जानने के लिए, अपने डॉक्टर या किसी स्थानीय स्थानीय स्वास्थ्य कार्यालय से बात करें।

वैसे तो हर्पीस ग्लैडिएटोरम का कोई इलाज नहीं है, लेकिन कुछ ट्रीटमेंट द्वारा इसके जोखिमों को कम किया जा सकता है और यह वायरस को एक-दूसरे से पहुंचाने में भी रोका जा सकता है। दिए गए सभी सुझावों का पालन करने से आप इससे खुद को भी बचा सकते हैं।  यदि आपको HSV-1 इंफेक्शन हो रखा है, तो हो सकता है कि इस वायरस के लक्षण आपमें एक लंबे समय के बाद नजर आएंं। ध्यान रखें कि यदि आपने ध्यान नहीं दिया तो यह वायरस किसी और में भी पहुंंच सकता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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