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ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (HPV) कहीं नॉर्मल से ना बन जाए कैंसेरियस!

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील · फार्मेसी · Hello Swasthya


Nidhi Sinha द्वारा लिखित · अपडेटेड 19/03/2021

ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (HPV) कहीं नॉर्मल से ना बन जाए कैंसेरियस!

HPV को ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (Human Papillomavirus) कहते हैं। ह्यूमन पेपीलोमा वायरस सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STD’s) है, जो पुरुष या महिला दोनों में से किसी को भी हो सकता है। रिसर्च रिपोर्ट्स की मानें, तो एचपीवी इंफेक्शन (HPV Infection) सामान्य परेशानी है और HPV से बचाव (HPV cure) भी संभव है। नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) में साल 2012 में पब्लिश्ड एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में HPV के 132,000 केसेस (New cases) देखे गए, जिनमें से 74,000 लोगों की मौत भी हुई थी। वैसे ये आंकड़ें परेशान जरूर कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि HPV से बचाव (HPV cure) नहीं किया जा सकता। इस आर्टिकल में ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (HPV) से जुड़ी सारी इन्फॉर्मेशन आपसे शेयर करें और HPV से बचाव कैसे किया जा सकता है, यह भी जानेंगे।

  • ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (HPV) क्या है?
  • HPV कितने तरह का होता है?
  • HPV के लक्षण क्या हैं?
  • HPV का कारण क्या है?
  • HPV का निदान कैसे किया जाता है?
  • HPV का इलाज कैसे किया जाता है?

चलिए अब एक-एक कर इन सवालों का क्या है जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

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ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (HPV) क्या है? (What is Human Papillomavirus?)

HPV से बचाव (HPV cure)

सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (Sexually Transmitted Disease [STD’s]) की लिस्ट में HPV सबसे आम परेशानी मानी जाती है। ये पेपीलोमा वायरस से इन्फेक्टेड वयक्ति (महिला या पुरुष) के संपर्क में आने से होता है। इंफेक्शन की वजह से शरीर के कुछ खास हिस्से जैसे हाथ (Hand), पैर (Feet) और प्राइवेट ऑर्गेन (Genital Organ) में मस्से बनने लगते हैं। एचपीवी संक्रमण (HPV) इंटरकोर्स के कारण एक त्वचा से दूसरे व्यक्ति की त्वचा में फैलने लगता है। इसके अलावा प्राइवेट ऑर्गेन के संपर्क में आने से इंफेक्शन (Infection) का खतरा बढ़ जाता है।

नोट: HPV महिलाओं और पुरुषों में होने के साथ-साथ बच्चों में भी हो सकता है। दरअसल अगर गर्भवती महिला ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (HPV) से संक्रमित है, तो नवजात शिशु (Infants) में इसका खतरा अत्यधिक होता है, क्योंकि अगर महिला का प्राइवेट ऑर्गेन संक्रमित होगा, तो इससे जन्म लेने वाला शिशु (New born baby) भी संक्रमित हो सकता है। हालांकि HPV से बचाव (HPV cure) आसानी से किया जा सकता है, जिसके बारे में भी समझेंगे, लेकिन सबसे पहले वयस्कों में इसके लक्षणों को समझने की कोशिश करते हैं।

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HPV से बचाव के पहले जान लेते हैं HPV कितने तरह का होता है? (Types of HPV)

रिसर्च रिपोर्ट्स की मानें, तो 150 से भी ज्यादा वायरसों का समूह माना जाता है एचपीवी। इसे विशेष रूप से मस्से से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन एचवीपी संक्रमण (HPV Infection) की वजह से कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे पुरुष एवं महिलाओं में मुंह का कैंसर (Mouth Cancer), गले का कैंसर (Throat Cancer) और मलाशय के कैंसर (Annal Cancer) का खतरा अत्यधिक रहता है। वहीं महिलाओं में एचवीपी की वजह से सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) भी होने की संभावना बनी रहती है। हालांकि कैंसर (Cancer) जैसे शब्दों का नाम सुनते ही मन में नेगेटिव थिंकिंग शुरू कर देते हैं, लेकिन ऐसी सोच को अपने से दूर ही रखें, क्योंकि HPV से बचाव (HPV cure) के टिके भी दिए जाते हैं। कई बार लोगों को खुद इस वायरस से इन्फेक्टेड होने की जानकारी नहीं मिलती है और यह सामान्य से बीमारी गंभीर बीमारी बन जाती है। इसलिए इसके लक्षणों को समझना जरूरी है।

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HPV के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of HPV)

HPV से बचाव (HPV cure)

ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (Human Papillomavirus) के लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं। जैसे:

सामान्य मस्सा (Common Warts)- यह मस्सा पैर, कोहनी (Elbow), हाथ (Hand) और उंगलियों (Finger) पर होता है। यह स्किन से थोड़ा उठा हुआ होता है और स्पर्श करने पर खुरदुरा महसूस होता है। ध्यान रखें में जल्दी दर्द या कोई अन्य परेशानी महसूस नहीं हो सकती है।

तलवे का मस्सा (Plantar Warts)- पैर के तलवे में होने वाला ये मस्सा काफी कठोर होता है। शरीर का पूरा भार पैर पर ही पड़ता है, इसलिए दर्द (Pain) की समस्या ज्यादा होती है।

सपाट मस्सा (Flat Warts)- यह खासतौर से चेहरे और गर्दन पर होता है, जो स्किन की सतह से थोड़ा उभरा हुआ रहता है। इस मस्से का रंग आपकी त्वचा के रंग से गहरा होता है और कई बार यह घाव का रूप भी ले लेते हैं।

जननांग मस्सा (Genital Warts)- प्राइवेट ऑर्गेन में होने वाले इस मस्से में दर्द नहीं होती है, लेकिन खुजली (Itching) की समस्या लगातार बनी रहती है।

सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer)- एचपीवी (HPV) को मस्से होने पर समझा जा सकता है, लेकिन सर्वाइकल कैंसर होने की स्थिति में मस्से नहीं बनते हैं और शुरुआती स्टेज में दर्द भी महसूस नहीं होता है। इसलिए ऑन्कोलॉजिस्ट अक्सर 21 से 65 साल की महिलाओं को पैप टेस्ट (Pap Test) करवाने की सलाह देते हैं।

इन ऊपर बताये लक्षणों को समझकर और महिलाएं पैप टेस्ट की मदद से ह्यूमन पेपीलोमा वायरस के बारे में समझ सकती हैं। लक्षणों के बाद ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (Human Papillomavirus) के कारणों को समझना जरूरी है, तभी तो HPV से बचाव (HPV cure) किया जा सकता है।

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HPV का कारण क्या है? (Cause of HPV)

HPV का कारण निम्नलिखित हैं। जैसे:

  • HPV इन्फेक्टेड वयक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाना

इस इंफेक्शन के यही मुख्य कारण मानें जाते हैं। इसलिए HPV से बचाव (HPV cure) का सबसे पहला कदम है सेफ सेक्स (Safe Sex)। सेफ सेक्स ना सिर्फ आपको सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (STD’s) से बचाता है, बल्कि इससे अनचाही प्रेग्नेंसी (Unplanned Pregnancy) से भी बचा जा सकता है।

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HPV का निदान कैसे किया जाता है? (Diagnosis of HPV)

HPV से बचाव (HPV cure)

ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (HPV) के डायग्नोसिस के लिए निम्नलिखित टेस्ट करवाने की सलाह डॉक्टर द्वारा दी जाती है। जैसे:

वेनेगर सोल्यूशन टेस्ट (Vinegar Solution Test)- इस टेस्ट के दौरान इन्फेक्टेड एरिया पर वेनेगर सोल्यूशन लगाने से सफेद हो जाता है।

पैप टेस्ट (Pap smear Test)- सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए पैप स्मीयर (Pap smear) का उपयोग किया जाता है। पैप स्मीयर टेस्ट आमतौर पर पैल्विक परीक्षा के साथ मिलकर किया जाता है। 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में, पैप परीक्षण को मानव पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के लिए एक परीक्षण के साथ जोड़ा जा सकता है – एक आम यौन संचारित संक्रमण जो गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का कारण बन सकता है। कुछ मामलों में एचपीवी परीक्षण पैप स्मीयर के बजाय किया जा सकता है।

डीएनए टेस्ट (DNA Test)- डीएनए टेस्ट की मदद से एचपीवी के इंफेक्शन (Infection) की जानकारी मिलती है। इस टेस्ट की जरिये रिप्रोडक्टिव ऑर्गेन (Reproductive Organ)  में होने वाले कैंसर की जानकारी मिलती है।

इन अलग-अलग टेस्ट की मदद से ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (Human Papillomavirus) की जानकारी मिल सकती है। इन टेस्ट के अलावा जरूरत पड़ने पर अन्य टेस्ट करवाने की सलाह भी डॉक्टर की ओर से दी जा सकती है।

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HPV का इलाज कैसे किया जाता है? (Treatment for HPV)

HPV से बचाव (HPV cure) के लिए डॉक्टर निम्नलिखित तरह से इलाज करते हैं। जैसे:

जननांग मस्सा (Genital Warts)- अगर कोई व्यक्ति गुप्तांगी मस्से की समस्या से पीड़ित है, तो HPV से बचाव के लिए पॉडोफिलॉक्स (Podofilox), पॉडोफिलिन (Podophyllin), इमिक्विमोड (Imiquimod) और ट्राइक्लोरोएसिटिक एसिड (Trichloroacetic acid) जैसे दवाएं प्रिस्क्राइब की जाती हैं।

सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer)- अगर किसी महिला को HPV की वजह से सर्वाइकल कैंसर हुआ है, तो ऐसी स्थिति में HPV से बचाव के लिए ऑन्कोलॉजिस्ट पेशेंट की हेल्थ कंडिशन और बीमारी की गंभीरता को देखते हुए ट्रीटमेंट शुरू करते हैं।

इन दोनों अलग-अलग ट्रीटमेंट की मदद से HPV से बचाव किया जा सकता है। वहीं अगर हाथ-पैर, चेहरे या अन्य हिस्सों पर ह्यूमन पेपीलोमा वायरस हुआ है, तो अलग-अलग तरह की दवा डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्राइब की जाती है।

नोट: HPV से बचाव (HPV cure) के लिए ऊपर बताई गई दवाओं को अपनी मर्जी से सेवन ना करें। इससे साइड इफेक्ट्स हो सकता है। इसलिए ह्यूमन पेपीलोमा वायरस के लक्षण अगर आपको समझ आ रहें हैं, तो बेहतर होगा की आप जल्द से जल्द डॉक्टर से कंसल्ट करें। एचपीवी संक्रमण से खुद का बचाव करने के लिए आप टीकाकरण (HPV Vaccine) करवाया जा सकता है, लेकिन इसकी सलाह आपको हेल्थ विशेषज्ञ ही मिल सकती है।

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डॉक्टर से कब संपर्क करें?

निम्नलिखित स्थितियों में डॉक्टर से कंसल्टेशन जरूरी है। जैसे:

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HPV से बचाव (HPV cure) के लिए टिप्स (Tips for HPV)

HPV (ह्यूमन पेपीलोमा वायरस) से बचाव के लिए निम्नलिखित टिप्स फॉलो किये जा सकते हैं। जैसे:

  1. संक्रमित व्यक्ति से शारीरिक संबंध ना बनायें।
  2. एक से ज्यादा लोगों से शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए।
  3. इंटरकोर्स के दौरान हमेशा कॉन्डोम का इस्तेमाल करें

इन 3 बातों को ध्यान में रखकर ह्यूमन पेपीलोमा वायरस के साथ-साथ अन्य सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से बचा जा सकता है।

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अगर आप ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (Human Papillomavirus) से जुड़े या HPV से बचाव (HPV cure) से संबंधित किसी भी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो आप हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज पर अपना सवाल पूछ सकते हैं। आप चाहें, तो विशेषज्ञों से भी समझ सकते हैं। ध्यान रखें किसी भी बीमारी का इलाज नेगेटिव सोच, तनाव, घबराहट या शर्माने से नहीं किया जा सकता है। इसलिए किसी भी बीमारी या शारीरिक परेशानी होने पर अपने करीबी और डॉक्टर से बात करें और स्वस्थ्य रहें।

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