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पीनस (लिंग) में खुजली होने के कारण, लक्षण व उपाय

    पीनस (लिंग) में खुजली होने के कारण, लक्षण व उपाय

    खुजली एक ऐसी समस्या है जो कहीं भी, कभी भी शुरू हो सकती है। वहीं, बात करें पीनस में खुजली की समस्या के बारे में, तो यह बेहद आम से लेकर एक गंभीर समस्या हो सकती है। पीनस में खुजली पुरुषों के पूरे जीवन को प्रभावित कर सकती है, जिसका समय पर उपचार करना बेहद जरूरी होता है।

    पीनस में खुजली यौन संचारित रोग भी हो सकती है लेकिन, हर स्थिति में इसे गंभीरता से लेना चाहिए। क्यों होती है पीनस में खुजली आज हम इसी से जुड़े संभावित कारणों के बारे में जानने वाले हैं।

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    पीनस में खुजली के कारण

    लिंग पर खुजली की समस्या लिंग में यीस्ट इंफेक्शन के कारण होती है, जो एक तरह का फंगल होता है। ये यीस्ट त्वचा में ही रहते हैं। खासतौर पर शरीर के नमी और शुष्क स्थानों पर इनका असर हो सकता है, जिसका प्रभाव गुप्तांग पर सबसे ज्यादा देखा जाता है। ये लिंग पर दाने के रुप में या फंफूदी के तौर पर हो सकते है। ये खुजलीदार होते है जिनमें जलन और रेडनेस भी हो सकती है।

    जानिए लिंग में खुजली होने के कारण

    जेनिटल हर्पीस

    जेनिटल हर्पीस, हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस (HSV) के कारण होने वाला एक तरह का यौन रोग होता है, जिसके कारण लिंग में दर्द और खुजली की समस्या हो सकती है। इसका प्रभाव लिंग में कई सालों तक रह सकता है। इसकी समस्या होने पर लिंग में खुजली और मवाद भरे फोफले हो सकते हैं।

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    लाइकेन नाइटिडस

    लाइकेन नाइटिडस त्वचा कोशिकाओं की सूजन से जुड़ी होती है, जिसके कारण लिंग के साथ-साथ शरीर के अन्य हिस्सों में भी छोटे-छोटे फोफले निकल आते हैं।

    स्केबीज

    स्केबीज के कारण भी लिंग में खुजली हो सकती है। यह समस्या माइट के कारण होती है, जो त्वचा के भीतर जाकर काफी जलन व खुजली का कारण बनते हैं।

    जेनिटल वार्ट्स

    यह एक यौन संचारित संक्रामक रोग है, जो ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के कारण हो सकता है। इसकी समस्या में लिंग पर मस्से निकल आते हैं।

    कैंडिडिआसिस (पुरुष थ्रश)

    कैंडिडिआसिस यानी यीस्ट संक्रमण के तौर पर भी जाना जाता है, जो लिंग के सिरे पर होता है। इसके कारण लिंग में खुजली की समस्या, जलन, लालिमा, दाद आदि समस्या हो सकती है।

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    सोरायसिस

    लिंग में खुजली सोरायसिस इंफेक्शन के कारण भी हो सकती है। जिसमें पीनस के ऊपरी हिस्से पर छोटे व लाल पैच दिखने लगते हैं। इसके अलावा, जननांग के ऊपरी भाग पर भी प्लेग सोरायसिस हो सकता है। सोरायसिस में त्वचा की कोशिकाएं असामान्य रूप से विकसित होने लगती हैं, जिससे लिंग की त्वचा पर स्किन सेल जमा होने लगता है। इससे काफी लंबे समय तक परेशानी हो सकती है।

    कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस

    कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस एक प्रकार का रैश होता है, जो किसी एलर्जेन के संपर्क में आने के कारण पीनस के पास विकसित होता है। इसमें साबुन, खुशबु और फैब्रिक शामिल हैं। कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस के कारण खुजली होने के साथ-साथ लिंग के आसपास त्वचा सूखी या लाल पड़ सकती है। इसके साथ ही उसपर छोटे-छोटे बंप्स भी आ सकते हैं।

    बैलेनाइटिस

    बैलेनाइटिस एक प्रकार की सूजन होती है, जो लिंग की ग्रंथियों में पाई जाती है। इसके अन्य लक्षणों में पीड़ा, खुजली, लालिमा और जलन शामिल होती है। कुछ पुरुषों में बैलेनाइटिस के कारण पेशाब करते समय दर्द भी महसूस होता है।

    बाल का अंदर की तरफ बढ़ना

    लिंग की त्वचा के अंदरूनी भाग पर बाल के बढ़ने से लिंग में खुजली होने लगती है और साथ ही इसके कारण पीड़ादायक ब्लिस्टर भी विकसित हो सकता है।

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    मूत्रमार्गशोथ (युरेथ्राइटिस)

    यह मूत्रमार्ग की नली में होने वाली सूजन होती है, जो कि मूत्राशय के जरिए पेशाब को शरीर के बाहर ले जाती है। इसके लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, पेशाब करने में दिक्कत होना और शुक्राणु में खून निकलना शामिल है। यह एक गंभीर स्थिति होती है, जिसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

    जघन में खुजली होने के कारण

    कई बार लोगों को लिंग और जघन (प्यूबिक एरिया) में होने वाली खुजली के बीच कंफ्यूजन हो जाती है। जिसके कारण वह लिंग के लिए उपाय करते रहते हैं और स्थिति में कोई सुधार नहीं आ पाता है। ऐसे में खुजली के कारण को अच्छे से जानें और उसी के अनुसार उपचार चुनें। जघन में होने वाली खुजली के कारणों में शामिल हैं –

    • फॉलिक्युलाइटिस एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें बालों के फॉलिकल्स में सूजन आने लगती है।
    • प्यूबिक में होने वाली जूं, यह बेहद छोटे पैरासाइट होते हैं, जो जघन के बालों में चिपक जाते हैं। इनके काटने या गतिविधि करने के कारण जघन के आसपास खुजली होने लगती है।
    • एक्जिमा (एटॉपिक डर्मेटाइटिस) एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें आपकी त्वचा एलर्जेन के संपर्क में आने के कारण संक्रमित हो जाती है।
    • मोल्सकम कॉन्टैजियस एक सौम्य वायरल संक्रमण होता है, जो त्वचा को प्रभावित करता है।
    • जॉक इच एक फंगल संक्रमण है, जो जघन के आसपास की त्वचा पर होता है।

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    पीनस में खुजली होने के लक्षण

    पीनस में खुजली अनेक कारण हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार यौन रोग और उचित साफ-सफाई न रखना हो सकता है। जिसके लक्षण इन बातों से पता लगाया जा सकता है:

    • पेशाब करने में परेशानी
    • पेशाब करते समय दर्द महसूस करना
    • बार-बार पेशाब जाना
    • जननांग क्षेत्र में गांठ (Lump), फोड़ा या बिना चोट के घाव होना
    • सेक्स के दौरान दर्द
    • स्खलन के दौरान दर्द होना
    • लिंग में लाल चकत्ते उत्पन्न होना
    • वृषण (टेस्टिस) में दर्द होना
    • लिंग की त्वचा ड्राई होना।

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    पीनस में खुजली दूर करने के उपाय

    पीनस में खुजली की समस्या को घरेलू उपायों के साथ-साथ काउंटर पर मिलने वाली दवाओं से भी दूर किया जा सकता है। लेकिन, हर स्थिति में अपने डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है।

    1.बेकिंग सोडा

    अगर लिंग में फंगस की समस्या है, तो बेकिंग सोडा को नहाने के गुनगुने पानी में मिलाकर नहाएं। इसके अलावा, बेकिंग सोडा का पेस्ट बनाकर लिंग पर लगाएं। फिर इसे थोड़ी देर बाद साफ पानी से धो लें और लिंग को अच्छे से सुखा कर लें।

    2.बर्फ की सिकाई

    कॉटन के कपड़े में बर्फ का टुकड़ा रखें, फिर उससे लिंग की सिकाई करें। इसकी जगह पर गीला, ठंडा कपड़ा भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे सूजन की समस्या और दर्द से राहत मिलेगी।

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    3.सेब का सिरका

    apple cider vinegar

    अगर लिंग पर खुजली सोरायसिस के कारण हो रही है, तो लिंग को सेब के सिरके से साफ करें। इससे खुजली और जलन दोनों में राहत मिलेगी। इसके अलावा, सेब के सिरके को लिंग पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। बाद में साफ पानी से लिंग को धो लें।

    ध्यान रखें कि अगर आपकी लिंग की त्वचा में दरार या कहीं पर खरोंच या कटने का निशान है, तो सेब का सिरका न लगाएं। इससे त्वचा जल सकती है।

    4.साफ-सफाई का रखें ध्यान

    जिस तरह नियमित तौर पर आप ब्रश करके दांतों को साफ करते हैं ठीक उसी तरह सुबह उठते समय अपने लिंग को भी अच्छी तरह से साफ करें। फिर उसे सुखा करें। शौच के बाद लिंग को अच्छी तरह से धोना चाहिए।

    5. सेंधा नमक

    सेंधा नमक भी पीनस की खुजली दूर करने में मदद करता है। आप गुनगुने पानी में सेंधा नमक डालें और कुछ देर उस पानी में रहें।

    इसके अलावा, लूज अंडरवियर पहनें। टाइट अंडरवियर से स्किन पर रैशेज हो सकते हैं।

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    पीनस में खुजली का मेडिकल इलाज

    यदि घरेलू उपचार प्रभावी नहीं हैं, तो आपको एक ओवर-द-काउंटर या प्रिस्क्रिप्शन टॉपिकल क्रीम की जरूरत हो सकती है। दवा किस तरह की होगी यह पेनाइल खुजली क्यों हो रही या कबसे हो रही इसपर निर्भर करता है।

    पीनस में खुजली के लिए ये विकल्प हो सकते हैं –

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    पीनस में खुजली या पीनस फंगल इंफेक्शन की समस्या से बचने के लिए डॉक्टर के पास कब जाएं?

    पीनस में खुजली या पीनस इंफेक्शन होने के कुछ कारणों में आपको डॉक्टर को देखने की जरूरत नहीं है। उदाहरण के लिए बालतोड़ होने की सूरत में लगभग एक सप्ताह में पीनस की खुजली अपने आप ठीक हो जात है। इसी तरह कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस की वजह से लालिमा और सूजन अपने आप दूर हो सकती है जब आप एलर्जन या इरिटेंट के संपर्क में नहीं आते हैं। हालांकि कुछ परेशानी उपचार के बिना दूर नहीं हो सकती हैं।

    अगर परेशानी ठीक नहीं होती तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं कि क्या लिंग की खुजली या पीनस में दर्द की समस्या ज्यादा है या इसमें सुधार नहीं हुआ है या पीनस के पास डिस्चार्ज, फफोले, दर्द, पीनस फोरस्किन इंफेक्शन या पीनस पर सफेद दाने जैसे लक्षण हैं।

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    लिंग में खुजली की रोकथाम

    Penis Yeast Infection

    ऐसे पदार्थों के संपर्क में न आएं, जिनसे आपको अपनी त्वचा पर जलन महसूस होती है। इसमें सुगंधित इत्र व साबुन और विशेष प्रकार के कपड़े शामिल होते हैं।

    अच्छी स्वच्छता का पालन करने से भी आप लिंग में होने वाली खुजली को रोक सकते हैं। रोजाना नहाते समय अपने लिंग और उसके आसपास के हिस्से को अच्छे से साफ करें और कम केमिकल वाले साबुन का इस्तेमाल करें।

    साथ ही ध्यान रखें कि आप अपने लिंग की फोरस्किन के नीचे से डेड स्किन सेल, गंदगी और बैक्टीरिया को अच्छे से साफ कर लें ताकि आपको जलन महसूस न हो। इसके साथ ही नहाने के बाद अपने शरीर को अच्छी तरह से पोछ लें, जिससे कहीं पर भी पानी या साबुन न रह पाए। नमी के कारण यीस्ट संक्रमण होने का खतरा रहता है।

    अगर आपको पहले कभी अंदरूनी भाग में बाल के उगने की समस्या हुई हो, तो बारीकी से बाल न काटें, बालों को उनकी दिशा में न कांटे और बाल काटने से पहले शेविंग क्रीम का इस्तेमाल जरूर करें। अगर आपको लिंग में खुजली होती है, तो इसका कारण टाइट फिटिंग वाले अंडरवियर भी हो सकते हैं। ऐसे में टाइट कपड़े या अंडरवियर न पहनें, जिससे त्वचा पर रैश हो।

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    लिंग में खुजली की जटिलताएं

    लिंग में खुजली किसी गंभीर रोग के कारण भी हो सकती है, इसलिए इलाज में देरी करवाने से स्थिति और भी खराब हो सकती है। लिंग में खुजली की जटिलताएं बेहद गंभीर और कई मामलों में लाइलाज बन जाती हैं।

    एक बार जब रोग का पता लगा लिया जाता है, तो उसका इलाज करवाना बेहद जरूरी होता है। इलाज की प्रक्रिया के लिए अपने डॉक्टर या हेल्थ केयर प्रोवाइडर से सलाह-मशविरा करें। इलाज की मदद से आप निम्न जटिलताओं के जोखिम को कम कर सकेंगे –

    • बांझपन
    • फोरस्किन को वापिस अपनी जगह पर लाने में दिक्कत या असमर्थ होना
    • संक्रमण का फैलना
    • अन्य व्यक्ति के साथ संभोग के दौरान यौन संचारित रोग ट्रांसफर करना
    • लिंग या अंडकोष का कैंसर
    • लिंग के ऊपरी हिस्से का छोटा या क्षतिग्रस्त होना

    एक डॉक्टर आपकी त्वचा की जांच करने के बाद लिंग की खुजली के कारण का निदान करने में सक्षम हो सकता है। इन सब उपायों के अलावा, आप सीधे काउंटर से भी दवाई या मलहम का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी तरीके को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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    लेखक की तस्वीर badge
    Ankita mishra द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 13/04/2021 को
    डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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