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5 जेनिटल समस्याएं (जननांग समस्याएं) जो छोटे बच्चों में होती हैं

5 जेनिटल समस्याएं (जननांग समस्याएं) जो छोटे बच्चों में होती हैं

कुछ बच्चों में जन्म के बाद तो कई बच्चों में जननांग समस्याएं (Genital problems in babies) पहले से ही होती हैं। इनमें से कुछ जेनिटल समस्याएं आसानी से ठीक किए जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए माता-पिता का बच्चे पर पूरी तरह से ध्यान देना जरूरी है। जननांग स्वच्छता बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लखनऊ के जयती क्लीनिक की गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. मालती पांडेय ने “हैलो स्वास्थ्य” से बात करते हुए कहा कि,”ज्यादातर माता-पिता बच्चों की जेनिटल स्वच्छता पर ध्यान नहीं देते हैं। हर माता-पिता यह सुनिश्चित करें कि बच्चों में जेनिटल समस्याएं (Genital problems in babies) और स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने के लिए उन्हें नहलाने या नैपी बदलते समय हमेशा प्राइवेट पार्ट्स को साफ करें।”

और पढ़ें : दिखाई दे ये लक्षण, तो हो सकता है नवजात शिशु को पीलिया

बच्चों में जेनिटल समस्याएं (Genital problems in babies)

बच्चों में जेनिटल समस्याएं (Genital problems in babies) से जुड़ी जानकारी निम्नलिखित हैं, जैसे:

बच्चों में जननांग समस्याएं : गुप्तवृषणता (Undescended Testicle)

गर्भावस्था के आखिरी कुछ महीनों में एक बच्चा कई प्रकार के परिवर्तनों से गुजरता है। जिससे बच्चों में जननांग समस्याएं (Genital problems in babies) भी हो सकती हैं। जैसे-हड्डियां पूरी तरह से विकसित होना और वजन बढ़ना (Weight gain) आदि। इसी दौरान लड़कों में, टेस्टिकल पेट के निचले हिस्से से खिसककर स्क्रोटम (लिंग के नीचे की त्वचा की थैली) में आ जाता है लेकिन, अगर ऐसा न हो तो उसे ही गुप्तवृषणता (Undescended Testicle) कहा जाता है। कभी-कभी, एक या दोनों ही टेस्टिकल जगह पर नहीं आते हैं। प्री-मेच्योर बच्चों में यह जेनिटल समस्या ज्यादा पाई जाती है।

उपचार

कई बार, टेस्टिकल कुछ महीनों के भीतर अपनी जगह बना लेता है। गर्भवती महिला को नियमित चेक-अप जरूर करवाना चाहिए। जिससे अगर यह समस्या दिखे तो डॉक्टर बच्चे के जन्म के बाद तुरंत ही सर्जरी की सलाह देते हैं। बच्चे के 6-12 महीने की उम्र के दौरान यह उपचार किया जा सकता है।

बच्चों में जननांग समस्याएं : इनगुइनल हर्निया (Inguinal hernia)

आंत का अपनी जगह से हट जाने की स्थिति को हर्निया कहते हैं। यह कभी अंडकोष में आ जाती है तो कभी नाभि के नीचे खिसक जाती है। इस स्थिति में बहुत तेज दर्द होता है। नवजात शिशुओं और बच्चों में इनगुइनल हर्निया एब्डोमिनल वॉल में कमजोरी के कारण होता है। कभी-कभी हर्निया केवल तभी दिखाई देता है जब एक शिशु तेजी से खांसता, रोता या हंसता है। इस स्थिति में बच्चे को सामान्य से कम भूख लगती है।

उपचार

यह बच्चों में होने वाली एक ऐसी जेनिटल समस्याएं (Genital problems in babies) है, जिसका इलाज ऑपरेशन से ही संभव है, लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर इस समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है। बच्चों में हर्निया के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें।

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बच्चों में जननांग समस्याएं : हाइड्रोसील (Hydrocele)

हाइड्रोसील एक ऐसी बीमारी है, जिसमें टेस्टिकल में पानी भर जाता है और उसका आकार बढ़ जाता है। पानी भर जाने के कारण लगातार तेज दर्द (Pain) बना रहता है। आमतौर पर यह टेस्टिकल के एक तरफ होता है, लेकिन कई बार दोनों तरफ भी हो सकता है। इस समस्या से छोटे बच्चे ज्यादा प्रभावित होते हैं। ज्यादातर नवजात शिशु में हाइड्रोसील होता है।

उपचार

हाइड्रोसील गंभीर समस्या नहीं है लेकिन, यदि बच्चे के अंडकोष में सूजन या दर्द महसूस होता है, तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं।

यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन (यूटीआई)

बच्चों में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) बहुत सामान्य जेनिटल समस्याओं (Genital problems in babies) में से एक है क्योंकि बच्चे जल्दी ही संक्रमण से ग्रस्त हो जाते हैं। इसे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) भी कहते है। पांच साल की उम्र तक, आठ प्रतिशत लड़कियों और दो प्रतिशत लड़कों में यूटीआई (UTI) होने की संभावनाएं अधिक होती है। आमतौर पर यूटीआई के लक्षणों को समझ पाना थोड़ा मुश्किल होता है।

उपचार

डॉक्टरों द्वारा दी गयी एंटीबायोटिक्स, इस समस्या में सबसे अधिक कारगर साबित होती हैं। साथ ही शिशुओं को इससे बचाने के लिए उनके जेनिटल पार्ट्स की साफ-सफाई पर ध्यान दें। समय-समय पर बच्चे की नैपी बदलें, बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पानी एवं अन्य तरल पदार्थ दें।

और पढ़ें : शिशु को डायपर रैशेज से बचाने के लिए 6 घरेलू उपाय

लॉबिअल एडहैशन (Labial adhesions)

लॉबिअल एडिशंस एक ऐसी स्थिति है जिसमें योनि के ऊपर की त्वचा एक साथ जुड़ जाती है। डॉक्टरों के अनुसार लॉबिअल एडहैशन के कारण रैशेज जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आमतौर पर यह समस्या नवजात लड़कियों में होती है। बच्चों में इस जेनिटल समस्या (Genital problems in babies) के कारण यूरिन आने में परेशानी होती है और बच्चों में योनि संक्रमण होने का डर रहता है।

उपचार

यदि बच्चे को पेशाब करने में परेशानी होती है या बार-बार यूटीआई हो जाता है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। कई मामलों में डॉक्टर सर्जरी की सलाह भी दे सकते हैं।

बच्चों में जेनिटल समस्याएं : हाइपोस्पेडिया (Hypospadias)

हाइपोस्पेडिया (लिंग का मूत्रमार्ग सही जगह पर न होना) की जेनिटल समस्याएं होने पर लड़कों में, लिंग के नीचे की तरफ मूत्र मार्ग होता है। यह एक स्थिति है जिसके कारण लड़कों को पेशाब करते समय बैठने की आवश्यकता होती है। इसके अलावा इस समस्या के कारण कभी-कभी लिंग में टेढ़ापन भी हो सकता है, जिसके कारण उन्हें जीवन में संभोग करने के दौरान भी परेशानी हो सकती है। इसलिए इस तरह की जेनिटल समस्याएं होने पर जन्म के दो सालों के अंदर सर्जरी के साथ हाइपोस्पेडिया का उपचार किया जाना बेहद जरूरी होता है।

उपचार

लिंग का मूत्रमार्ग सही जगह पर न होना यानी हाइपोस्पेडिया (Hypospadias) की समस्या का उपचार करने के लिए सर्जरी करानी आवश्यक होती है। बच्चे की यह सर्जरी जन्म के दो साल के अंदर ही होनी चाहिए।

और पढ़ें : ओपोजिशनल डिफाइएंट डिसऑर्डर (ODD) के कारण भी हो जाते हैं बच्चे जिद्दी!

माइक्रोपेनिस (Micropenis)

माइक्रोपेनिस की समस्या भी बच्चों में जननांग समस्याएं हो सकती है। इसकी स्थिति में लिंग बहुत छोटा है। आमतौर पर यह हार्मोनल समस्याओं के कारण भी हो सकता है। इसके कारण भविष्य में बच्चों में प्रजनन से जुड़ी क्षमताओं के साथ समस्याएं हो सकती हैं।

उपचार

माइक्रोपेनिस का कोई इलाज नहीं है, लेकिन कभी-कभी हॉर्मोन (Hormone) के मदद से लिंग को बढ़ने के लिए उत्तेजित किया जा सकता है।

नवजात शिशु के जननांग बहुत संवेदनशील होते हैं, इसलिए जेनिटल इंफेक्शन (Genital infection) और बच्चों में जननांग समस्याएं को बचाने के लिए उनके प्राइवेट पार्ट्स की सफाई रखना बहुत जरूरी है लेकिन, जननांगों को साफ करते समय काफी सावधानी बरतनी चाहिए। जेनिटल समस्याएं कई बार जन्म के बाद से ही होती हैं इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान ही नहीं प्रेग्नेंसी के बाद भी शिशु की पूरी देखभाल की जानी चाहिए।

जेनिटल समस्याएं (Genital problems in babies) कैसे ठीक की जा सकती है, इस बारे में अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

अगर आप बच्चों में जननांग समस्याएं (Genital problems in babies) से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं। हमारे हेल्थ एक्सपर्ट आपके सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे। हालांकि अगर आपका बच्चे में जननांग समस्याएं हैं, तो डॉक्टर से कंसल्टेशन करें, क्योंकि ऐसी स्थिति में डॉक्टर आपके हेल्थ कंडिशन को ध्यान में रखकर इलाज शुरू किया जाता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Undescended testicle. https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/undescended-testicle/symptoms-causes/syc-20351995. Accessed on 16 January, 2020.

Inguinal Hernia. https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/16266-inguinal-hernia. Accessed on 16 January, 2020.

Developmental disorders of the female genital tract. https://medlineplus.gov/ency/article/001497.htm. Accessed On 16 September, 2020.

Facts about Hypospadias. https://www.cdc.gov/ncbddd/birthdefects/hypospadias.html. Accessed On 16 September, 2020.

Ambiguous Genitalia in the Newborn. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK279168/. Accessed On 16 September, 2020.

लेखक की तस्वीर
Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 23/06/2021 को
Mayank Khandelwal के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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