Purpura: परप्यूरा क्या है? जानिए परप्यूरा के कारण, लक्षण और इलाज!

    Purpura: परप्यूरा क्या है? जानिए परप्यूरा के कारण, लक्षण और इलाज!

    त्वचा संबंधी कई तरह की परेशानी होती है। कुछ परेशानियों के बारे में हमसभी को पहले से जानकारी होती है, तो कुछ ऐसे भी स्किन डिजीज है जिसके बारे में हमें जानकारी नहीं होती है। ऐसी ही स्किन से जुड़ी एक समस्या है परप्यूरा (Purpura)। आज इस आर्टिकल में परप्यूरा से जुड़ी सभी जानकारी शेयर करेंगे, जिससे आप इस स्किन कंडिशन से खुद को बचाए रखें।

    • परप्यूरा क्या है?
    • परप्यूरा के कारण क्या हो सकते हैं?
    • परप्यूरा के लक्षण क्या हैं?
    • परप्यूरा का निदान कैसे किया जाता है?
    • परप्यूरा का इलाज कैसे किया जाता है?
    • दवाओं के सेवन से होने वाले साइड इफेक्ट्स क्या-क्या हो सकते हैं?
    • परप्यूरा के कॉम्प्लिकेशन क्या हो सकते हैं?
    • परप्यूरा के रिस्क फैक्टर क्या हैं?

    चलिए अब परप्यूरा (Purpura) से जुड़े इन सवालों का जवाब जानते हैं।

    और पढ़ें : हाइड्रोजन पेरोक्साइड और स्किन कंडिशन: क्यों स्किन के लिए हाइड्रोजन पेरोक्साइड का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?

    परप्यूरा (Purpura) क्या है?

    परप्यूरा (Purpura)

    परप्यूरा को मेडिकल टर्म में स्किन हेमोरेज (Skin Hemorrhages) या ब्लड स्पॉट (Blood spot) भी कहा जाता है। परप्यूरा त्वचा पर 4 से 10 mm डायमीटर में फैला होता है या इससे छोटा होता है। वहीं कुछ लोगों में बड़े-बड़े पैच भी नजर आते हैं। बड़े पैच को एक्चिमोसेस (Ecchymoses) कहते हैं। परप्यूरा की समस्या किन कारणों से होती है इसे समझना जरूरी है।

    परप्यूरा के कारण क्या हो सकते हैं? (Cause of Purpura)

    परप्यूरा के कारण निम्नलिखित हो सकते हैं। जैसे:

    • अमाइलॉइडोसिस (Amyloidosis) की समस्या होने पर एब्नॉर्मल प्रोटीन की समस्या हो सकती है)।
    • ब्लड क्लॉटिंग डिसऑर्डर (Blood clotting disorders) की समस्या होना।
    • कॉनजेनाइटल साइटोमेगालोवायरस (Congenital cytomegalovirus) की समस्या होना।
    • कॉनजेनाइटल रूबेला सिंड्रोम (Congenital rubella syndrome) की समस्या होना।
    • ऐसे ड्रग्स का सेवन करना जिससे प्लेटलेट फंक्शन (Platelet function) पर असर पड़ता हो।
    • बुजुर्गों में कमजोर ब्लड वेसेल (Fragile blood vessels) की समस्या होना।
    • स्किन या इंटर्नल ऑर्गन के ब्लड वेसल्स में एब्नॉर्मल डेवलप्मेंट होना।
    • ब्लड वेसल्स (Blood vessels) में सूजन आना।
    • विटामिन सी की कमी (Vitamin C deficiency) होना।
    • स्टेरॉइड्स (Steroid) का सेवन करना।
    • इंफेक्शन (Infections) की समस्या होना।
    • इंजरी (Injury) होना।
    • प्लेटलेट काउंट (Platelet count) कम होना।
    • ब्लीडिंग डिसॉर्डर (Bleeding disorder) की समस्या होना।
    • इम्यून नियोनेटल थ्रम्बोसाय्टोपेनिया (Immune neonatal thrombocytopenia) की समस्या होना।
    • ब्लडस्ट्रीम इंफेक्शन (Bloodstream infection) की समस्या होना।

    इन कारणों की वजह से परप्यूरा यानी स्किन हेमोरेज (Skin Hemorrhages) की समस्या हो सकती है।

    और पढ़ें : Blind Pimple: ब्लाइंड पिंपल से छुटकारा पाने के लिए 7 घरेलू उपाय एवं 9 टिप्स कर सकते हैं फॉलो!

    परप्यूरा के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Purpura)

    परप्यूरा के लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं। जैसे:

    • प्लेटलेट्स कम (Low Platelets) होना।
    • घुटने या शरीर के अन्य जोड़ वाले हिस्से में दर्द (Joints Pain) होना।
    • गट से जुड़ी समस्या जैसे जी मिचलाना (Nausea), उल्टी (Vomiting) होना, पेट दर्द (Stomach pain) होना या डायरिया (Diarrhea) की समस्या होना।
    • किडनी से जुड़ी समस्या (Kidney problems) होना।
    • अत्यधिक थका हुआ महसूस (Excessive tiredness) होना।

    ये लक्षण परप्यूरा के लक्षण की ओर इशारा करते हैं। इन लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।

    और पढ़ें : Skin Lesions: स्किन लीजन क्या है? जानिए स्किन लीजन का कारण, इलाज और घरेलू उपाय

    परप्यूरा के रिस्क फैक्टर क्या हैं? (Risk factor of Purpura)

    परप्यूरा के रिस्क फैक्टर निम्नलिखित हो सकते हैं। जैसे:

    • किसी दवाओं के सेवन से ब्लड क्लॉटिंग (Blood clotting) की समस्या होना।
    • बच्चों एवं बड़ों इन्फेक्शस डिजीज (Infectious diseases) होना।
    • न्यूट्रिशन (Nutrition) की कमी होना।
    • ल्यूकेमिया (Leukemia) और मायलोमा (Myeloma) कैंसर होना।
    • इंफ्लेमेंटरी डिसॉर्डर (Inflammatory disorders) या इंफ्लेमेंटरी कंडिशन (Inflammatory conditions) होना।
    • ब्लड वेसल (Blood vessel) से जुड़ी समस्या रहना।

    ये सभी कारण परप्यूरा यानी स्किन हेमोरेज (skin hemorrhages) की संभावनों को बढ़ाने का काम कर सकते हैं। इसलिए अगर यहां ऊपर बताई कोई भी शारीरिक समस्या है, तो इसे इग्नोर ना करें और डॉक्टर से संपर्क करें।

    और पढ़ें : Hyaluronic Acid For Skin: जानिए शरीर एवं त्वचा के लिए हाईऐल्युरोनिक एसिड के 10 फायदे!

    परप्यूरा का निदान कैसे किया जाता है? (Diagnosis of Purpura)

    परप्यूरा यानी स्किन हेमोरेज (skin hemorrhages) की समस्या से छुटकारा पाने के लिए डॉक्टर सबसे पहले पेशेंट से निम्नलिखित सवाल पूछते हैं। जैसे:

    • स्किन हेमोरेज के लक्षण से अलग लक्षण भी महसूस करते हैं?
    • परिवार में कोई अन्य व्यक्ति भी लक्षण महसूस कर रहें हैं?
    • स्किन रैश की समस्या कब से है?
    • क्या पहले कभी भी स्किन रैश की समस्या हुई है?
    • क्या आप किसी तरह की दवाओं का सेवन करते हैं?
    • क्या आपको कोई अन्य मेडिकल प्रॉब्लेम है?

    परप्यूरा के इलाज से पहले डॉक्टर पेशेंट से या उनके केयर टेकर से ये सवाल पूछ सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर निम्नलिखित टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं। जैसे:

    रिपोर्ट्स एवं लक्षणों के आधार पर परप्यूरा का इलाज शुरू किया जाता है।

    और पढ़ें : Blind Pimple: ब्लाइंड पिंपल से छुटकारा पाने के लिए 7 घरेलू उपाय एवं 9 टिप्स कर सकते हैं फॉलो!

    परप्यूरा का इलाज कैसे किया जाता है? (Treatment for Purpura)

    • एस्प्रिन (Aspirin)
    • ब्लड थिनर (Blood thinners)
    • आईबुप्रोफेन कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स (Ibuprofen Corticosteroids)
    • इंट्रावेनस इम्युनोग्लोबुलिन (Intravenous immunoglobulin)

    इन अलग-अलग दवाओं के सेवन से परप्यूरा का इलाज किया जाता है।

    नोट: इन दवाओं का सेवन अपनी मर्जी से और डोज से ज्यादा ना करें, क्योंकि इससे साइड इफेक्ट्स का खतरा बना रहता है।

    दवाओं के सेवन से होने वाले साइड इफेक्ट्स क्या-क्या हो सकते हैं? (Side effects of Purpura medication)

    परप्यूरा के इलाज के दौरान प्रिस्क्राइब दवाओं के सेवन से निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। जैसे:

    • सिरदर्द (Headaches) होना।
    • चक्कर (Dizziness) आना।
    • जी मिचलाना (Nausea) की समस्या होना।
    • जोड़ों या मसल में दर्द (Joint or muscle pain) होना।
    • उल्टी (Vomiting) होना।
    • ब्लड क्लॉट (Blood clots) का खतरा बढ़ना।
    • एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (Acute Respiratory Distress Syndrome) की समस्या होना।

    अगर ऐसी तकलीफ ज्यादा हो तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें।

    और पढ़ें : सैलीसिलिक एसिड और ग्लाइकोलिक एसिड: ब्यूटी प्रोडक्टस में प्रयोग होने वाले यह एसिड किस तरह से हैं फायदेमंद, जानिए

    परप्यूरा के कॉम्प्लिकेशन क्या हो सकते हैं? (Complication of Purpura)

    अलग-अलग रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार परप्यूरा की समस्या को अगर इग्नोर किया जाए, तो इससे ब्लड क्लॉटिंग (Blood clotting), किडनी डैमेज (Kidney damage) जैसी अन्य गंभीर शारीरिक परेशानियां पैदा हो सकती है। इसलिए शारीरिक बदलाव एवं उससे होने वाली परेशानियों को इग्नोर ना करें और जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लें।

    नोट: त्वचा से जुड़ी कोई भी समस्या होने पर सिर्फ घरेलू उपाय तक ही सिमित ना रहें, क्योंकि कुछ स्किन प्रॉब्लेम ऐसे भी होते हैं जिनका इलाज डॉक्टर द्वारा करवाना जरूरी होता है।

    और पढ़ें : Skin Lesions: स्किन लीजन क्या है? जानिए स्किन लीजन का कारण, इलाज और घरेलू उपाय

    उम्मीद करते हैं कि आपको परप्यूरा (Purpura) से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में परप्यूरा (Purpura) से जुड़े कोई अन्य कोई सवाल हैं, तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हैलो स्वास्थ्य के हेल्थ एक्स्पर्ट आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। वहीं आप अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

    आयुर्वेदिक ब्यूटी रेमेडीज के बारे में जानें संपूर्ण जानकारी नीचे दिए इस वीडियो लिंक को क्लिक कर। आयुर्वेदिक ब्यूटी एक्सपर्ट पूजा नागदेव खास जानकारी साझा कर रहीं हैं आयुर्वेदिक ब्यूटी रेमेडीज की, जिससे आप आसानी से अपना सकती हैं और चेहरे पर एक्ने के दाने या अन्य दाग-धब्बों को दूर करने के उपाय।

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    सूत्र

    Thrombotic Thrombocytopenic Purpura (TTP)–Like Illness Associated with Intravenous Opana ER Abuse — Tennessee, 2012/https://www.cdc.gov/mmwr/preview/mmwrhtml/mm6201a1.htm/Accessed on 17/03/2022

    Purpura/https://medlineplus.gov/ency/article/003232.htm/Accessed on 17/03/2022

    immune thrombocytopenic purpura/https://www.cancer.gov/publications/dictionaries/cancer-terms/def/immune-thrombocytopenic-purpura/Accessed on 17/03/2022

    Low Dose Rituximab in Thrombotic Thrombocytopenic Purpura/https://clinicaltrials.gov/ct2/show/NCT01554514/Accessed on 17/03/2022

    Idiopathic thrombocytopenic purpura – eltrombopag or romiplostim – first continuing or re-initiation of interrupted continuing authority application form (PB098)/https://www.servicesaustralia.gov.au/pb098/Accessed on 17/03/2022

    लेखक की तस्वीर badge
    Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 21/03/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड