‘कान बहना’ इस समस्या से हैं परेशान, तो अपनाएं ये घरेलू उपचार

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अपडेट डेट सितम्बर 7, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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कान बहना काफी परेशान करने वाली समस्या हो सकती है। इसके साथ कान में दर्द या खुजली इस समस्या को और बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, कान बहना और इसके साथ दर्द या कान बंद होने की दिक्कत आपके सुनने और बोलने की क्षमता पर भी असर डालती है। कुल मिलाकर समस्या एक है, लेकिन इससे होने वाली परेशानियां काफी हैं और काफी इरीटेट करने वाली भी हैं, लेकिन आमतौर पर कान बहने की समस्या आम कारणों की वजह से होती है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं कि यह किसी बड़ी बीमारी का संकेत नहीं हो सकती।

हम इस आर्टिकल में कान बहने की समस्या को ठीक करने या उससे राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं, लेकिन अगर इन उपायों को अपनाने से भी समस्या में राहत नहीं मिलती या और ज्यादा परेशानी होने लगती है, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना उचित रहेगा।

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कान बहना यह समस्या क्यों होती है?

Ear Drainage- कान बहना
Ear Drainage- कान बहना

कान बहना यानी कान से किसी भी तरह या रंग का तरल पदार्थ निकलना होता है। यह तरल पदार्थ ईयरवैक्स भी हो सकता है या फिर यह पानी या खून या फिर मवाद व पस भी हो सकता है। हर तरह का तरल पदार्थ अलग तरह की बीमारी या शारीरिक समस्या की तरह इशारा करता है। आइए, इस समस्या में निकलने वाले तरल पदार्थों के बारे में जानते हैं।

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पानी की वजह से कान बहना

कान से पानी निकलने का मतलब है कि कान के अंदर पानी इकट्ठा हो गया है। यह पानी नहाने या स्विमिंग करने के दौरान कान में जा सकता है। हालांकि, यह समस्या सामान्यतः एक दिन के करीब रहती है।

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ईयरवैक्स की वजह से कान बहना

कान से ईयरवैक्स निकलना आम और सामान्य है और यह ईयरवैक्स सफेद, पीले या गहरे भूरे रंग का हो सकता है। कान संक्रमण से बचने के लिए ईयरवैक्स का उत्पादन करता है और जब ईयरवैक्स तक नहाते या स्विमिंग करते हुए पानी पहुंच जाता है, तो यह कान से बहने लगता है।

खून

कई बार ईयर कैनाल में छोटी चोट या खरोच से कभी-कभी खून की थोड़ी बहुत मात्रा निकलने लगती है। हालांकि, ईयरड्रम के क्षतिग्रस्त होने से भी आपको कान से खून निकलने की समस्या हो सकती है। इस समस्या में आपको डॉक्टर की मदद ही लेनी चाहिए।

मवाद या पस होने पर कान बहना

कान से मवाद या पस निकलने की समस्या ईयर कैनाल या मिडिल ईयर में इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। सर्दी, सामान्य फ्लू या चोट की वजह से कान में संक्रमण की समस्या हो सकती है।

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कान बहने की समस्या से राहत पाने के घरेलू उपाय

कान बहना रोकने के लिए नीम ऑइल

नीम ऑइल में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल गुण होते हैं। जिस वजह से यह हर प्रकार के इंफेक्शन को ठीक करने के लिए काफी असरदार चीज है। नीम ऑइल में इन गुणों के होने की वजह से यह कान में दर्द और संक्रमण पैदा करने वाले पैथोजेन को नष्ट करने में काफी मदद करता है। इसके लिए आपको नीम ऑयल की कुछ बूंद संक्रमित कान में डालनी होगी और फिर उसके बाद कॉटन बॉल से कान को ढंक लें। अब कुछ देर लेट जाएं और उसके बाद यह कॉटन बॉल निकालें, ताकि नीम ऑइल कान में अंदर तक जा सके। आप इस प्रक्रिया को एक से दो दिन तक सुबह-शाम अपना सकते हैं।

सेब का सिरका

सेब के सिरके में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो कि कान में किसी भी तरह के संक्रमण को रोकने में मदद करते हैं। इसके लिए आपको एक बड़ी चम्मच सेब का सिरका और एक बड़ी चम्मच गर्म पानी को मिलाना होगा। अब इस मिक्सचर में एक कॉटन बॉल को भिगो लें और जिस कान से तरल पदार्थ निकल रहा है, उसमें एक पल्ग की तरह लगा लें। अब उसी कान की तरफ करवट लेकर कुछ मिनट के लिए लेट जाएं। आपके कान में मौजूद तरल पदार्थ कॉटन बॉल सोख लेगी और आपको राहत मिलेगी। आप इस उपाय को कुछ दिनों तक दिन में दो बार अपना सकते हैं।

वार्म कंप्रेस

कान में ईयरवैक्स की वजह से कान बहना की समस्या हो सकती है और इसके साथ ही कान बंद की दिक्कत का भी सामना करना पड़ सकता है। इन दिक्कतों से राहत पाने के लिए आप वार्म कंप्रेस की मदद ले सकते हैं। इस उपाय को करने के लिए आपको एक बर्तन में गर्म पानी लेना होगा। अब किसी कपड़े या तौलिये को उस पानी में अच्छी तरह भिगो लें। अब तौलिए या कपड़े को निचोड़कर अतिरिक्त पानी निकाल लें और उसे संक्रमित कान के ऊपर रखें। आप इस उपाय को तब तक दोहरा सकते हैं, जब तक कि तकलीफ कम नहीं हो जाती है।

तुलसी

तुलसी के पौधे को सदियों से कई शारीरिक समस्याओं के समाधान में इस्तेमाल किया जाता रहा है। क्योंकि आयुर्वेद के मुताबिक इस पौधे में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल जैसे कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं। कई वैज्ञानिक शोधों में भी तुलसी के पत्तों के जूस को कान में दर्द की समस्या से राहत प्राप्त करने का असरदार तरीका माना है। इसके लिए आप 10 से 15 तुलसी के ताजे पत्तों को क्रश कर लें और उनका रस निकाल लें। अब इस रस की कुछ बूंदे संक्रमित कान में डाल लें और कुछ देर तक रहने दें। आप इस उपाय को कान में दर्द या कान बहने की समस्या को रोकने के लिए प्रतिदिन आजमा सकते हैं।

‘कान बहना’ इस समस्या के लिए लहसुन

कई शोध में पाया गया है कि जिन ईयर ड्रॉप में लहसुन और अन्य हर्बल एक्सट्रैक्ट होते हैं, वह प्रभावशाली कार्य करते हैं। इसमें एक एलिसिन कंपाउंड होता है, जो कि संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। जिस उपाय को अपनाकर आप माइक्रोब्स की वजह से होने वाले कान में इंफेक्शन से राहत पा सकते हैं। इस उपाय को करने के लिए आपको लहसुन की ताजी 2 कलियों को नारियल तेल में गर्म करना होगा। इसके बाद इस मिक्सचर को ठंडा होने दें। जब यह मिक्सचर ठंडा हो जाए, तो इसकी कुछ बूंदों को संक्रमित कान में ड्रॉपर की मदद से डाल लें। अब कुछ देर लेट जाएं, ताकि यह ऑइल कान के भीतर तक जा सके और अपना काम कर सके। आप इस उपाय को दिन में दो बार अपना सकते हैं।

कान बहना और इसके साथ होने वाली समस्याओं का उपचार कैसे करना चाहिए ये जानकारी इस आर्टिकल में दी गई है। हमें उम्मीद है कि आपको यह लेख उपयोगी लगा होगा। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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