पीरियड सेक्स- क्या सेक्स के लिए सुरक्षित अवधि है?

Medically reviewed by | By

Update Date जून 29, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Share now

आज भी कई लोगों को लगता है कि पीरियड्स के दौरान सेक्स करने से गर्भ नहीं ठहरता, लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस दौरान प्रेग्नेंसी की संभावना कम होती है, लेकिन ऐसा नहीं है कि प्रेग्नेंसी बिल्कुल नहीं हो सकती। इसलिए यदि आप अभी प्रेग्नेंसी प्लान नहीं कर रही हैं, तो पीरियड्स के दौरान भी सुरक्षित संबंध ही बनाएं, वरना अनप्रोटेक्डेट सेक्स से आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खासतौर पर जिन महिलाओं के पीरियड साइकल छोटे होते हैं, इस दौरान अनप्रोटेक्डेट सेक्स से उनके गर्भधारण की संभावना अधिक होती है। यदि आप फैमिली प्लानिंग नहीं कर ही हैं तो आपको अपने ओव्यूलेशन पीरियड की जानकारी होनी चाहिए जिससे आपको पता चल सके कि आप कब ज्यादा फर्टाइल होती हैं और प्रेग्नेंसी से बचने के लिए सेक्स के लिए सुरक्षित अवधि क्या है?

सेक्स के लिए सुरक्षित अवधि का पता लगाने के लिए ओव्यूलेशन के बारे में जानना जरूरी है

सेक्स के लिए सुरक्षित अवधि यानी वह समय जानना चाहते हैं जब फर्टिलिटी सबसे कम होती है तो आपको अपने ओव्यूलेशन पीरियड की जानकारी होनी चाहिए। ओवरी से एग (अंडा) निकलने की क्रिया को ओव्यूलेशन कहते हैं। महिलाओं की फैलोपियन ट्यूब के माध्यम से अंडा गर्भाशय तक पहुंचता है और फैलोपियन ट्यूब ही वह जगह जहां एग और स्पर्म फर्टिलाइज होते हैं। आमतौर पर महिलाओं का मासिक धर्म चक्र 28 दिनों का होता है। ओव्यूलेशन पीरियड शुरू होने के 14 दिन पहले शुरू होता है और अंडे 12 से 24 घंटे तक ही जीवित रहते हैं। इसी बीच यदि अंडे स्पर्म के साथ मिल जाते हैं तो प्रेग्नेंसी ठहर जाती है। आपको बता दें कि महिलाओं के अंडाणु जहां सिर्फ 24 घंटे तक ही जीवित रहते हैं, वहीं स्पर्म 5 से 7 दिनों तक जीवित रह सकता है। महिलाओं के गर्भाशय में एग रीलिज होने की प्रक्रिया 13वें, 14वें, 15वें और 16वें दिन अधिक तीव्र होती है। यानी इस दिन संबंध बनाने पर प्रेग्नेंसी की संभावना अधिक होती है।

और पढ़ें- प्रेग्नेंसी में कार्पल टर्नल सिंड्रोम क्यों होता है?

पीरियड्स के दौरान कैसे ठहर सकता है गर्भ?

पीरियड्स के दौरान अनप्रोटेक्टेड सेक्स से प्रेग्नेंसी की संभावना रहती है। कई बार महिलाएं पीरियड्स के अंतिम दिनों में असुरक्षित संबंध बना लेती हैं यह सोचकर की प्रेग्नेंसी नहीं होगी, लेकिन स्पर्म तो 5-6 दिनों तक जिंदा रहते हैं और महिला का पीरियड साइकल छोटा है तो उसके प्रेग्नेंट होने की संभावना बढ़ जाती है। जो महिलाएं प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं, उनके लिए तो ठीक है, लेकिन जो अनचाहा गर्भ नहीं चाहती, उन्हें हमेशा सेफ सेक्स ही करना चाहिए। हमारे देश में जहां फैमिली प्लानिंग के फैसले अक्सर पुरुष ही लेते हैं, उन्हें भी इस बात की जानकारी होना जरूरी है कि पीरियड्स के दौरान भी गर्भ ठहर सकता है, क्योंकि आम धारणा तो यही है कि उन दिनों में सेक्स से प्रेग्नेंसी नहीं होती है। पुरुषों को भी सेक्स के लिए सुरक्षित अवधि की जानकारी होनी चाहिए।

कैसे पता करें कि आपका ओव्यूलेशन शुरू हो गया है?

महिलाओं में ओव्यूलेशन शुरू होने पर उन्हें कुछ संकेत दिखाई देते हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।

  • ओव्यूलेशन शुरू पर कई महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में क्रैंप पड़ने लगते हैं और दर्द भी होता है। यह समस्या ओव्यूलेशन खत्म होते ही अपने आप ठीक हो जाती है।
  • इस दौरान महिलाओं को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक व्हाइट डिस्चार्ज होता है।
  • ब्रेस्ट थोड़ा सख्त हो जाता है और हल्का दर्द भी होता है। इस दौरान ब्रेस्ट को टच करने पर दर्द अधिक होता है।
  • क्योंकि इस दौरान सेक्स हार्मोन बहुत एक्टिव हो जाते हैं, इसलिए महिलाओं की सेक्स की इच्छा अधिक होती है।
  • हार्मोनल बदलाव के कारण कई महिलाओं को मितली की समस्या होती है और उन्हें खाने का टेस्ट भी अच्छा नहीं लगता है।

यदि आप फैमिली प्लानिंग कर रही हैं तो आपको इन लक्षणों पर खास ध्यान देने की जरूरत है और इस दौरान सेक्स करना आपके लिए फायदेमंद होगा, लेकिन आप यदि प्रेग्नेंसी प्लान नहीं कर रही हैं तो इस दौरान संबंध बनाते समय हमेशा प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करें, क्योंकि बिना प्रोटेक्शन के यह सेक्स के लिए सुरक्षित अवधि नहीं है।

और पढ़ें- ‘इलेक्टिव सी-सेक्शन’ से अपनी मनपसंद डेट पर करवा सकते हैं बच्चे का जन्म!

ओव्यूलेशन कैलेंडर से जाने सेक्स के लिए सुरक्षित अवधि

ओव्यूलेशन कैलेंडर की मदद से आप अपने सबसे अधिक फर्टाइल दिनों के बारे में पता कर सकती हैं और उस दौरान सेक्स से समय सावधानी बरत सकती हैं। कई वेबसाइट्स और ऐप्स है जो इसमें आपकी मदद करते हैं। इसमें आपसे कुछ सवाल पूछे जाते हैं जैसे-

  • आपकी लास्ट पीरियड कब शुरू हुआ था?
  • आमतौर पर आपके पीरियड कितने दिन तक रहते हैं?

मेन्सट्रुअल साइकल की सारी जानकारी रिकॉर्ड करते रहने से आपकी पीरियड्स से जुड़ी किसी भी तरह की अनियमितता के बारे में भी पता चल जाता है। मार्केट में ओव्यूलेशन किट भी मौजूद है जिसकी मदद से आप अपने फर्टाइल दिनों के बारे में पता कर सकती हैं।

डिसऑर्डर जिससे ओव्यूलेशन प्रभावित हो सकता है

कुछ बीमारियों के कारण ओव्यूलेशन की प्रक्रिया पर असर पड़ता है और कई मामलों में इन्फर्टिलिटी भी हो सकती है।

पोलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS)

इस समस्या से ग्रसित महिलाओं की ओवरी (अंडाशय) बड़ी होती है जिसमें तरल पदार्थ भरे छोटे-छोटे सिस्ट बन जाते हैं। इसकी वजह से हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ जाता है और ओव्यूलेशन चक्र प्रभावित होता है। PCOS के अन्य लक्षणों में शामिल है असामान्य बालों का बढ़ा, पिंपल्स, मोटापा आदि। महिलाओं में इंफर्टिलिटी का यह मुख्य कारण है।

और पढ़ें- स्तनपान के दौरान सेक्स लाइफ में खत्म हो रहा है इंटरेस्ट! अपनाएं ये टिप्स

हाइपोथैलेमिक डिसफंक्शन

FSH और LH हार्मोन का प्रोडक्शन जब प्रभावित हो जाता है तब हाइपोथैलेमिक डिसफंक्शन होता है। यह हार्मोन्स ओव्यूलेशन के लिए जिम्मेदार है। इनके प्रभावित होने से मासिक धर्म के चक्र पर भी असर पड़ता है। इससे महिलाओं को अनियमित पीरियड्स या पीरियड न आने जैसी समस्याएं हो सकती है।

प्रीमैच्योर ओवेरियन इंसफिशियंसी

एस्ट्रोजन लेवल गिरने पर जब एग प्रोडक्शन मैच्योर होने से पहले ही बंद हो जाता है तो इस स्थिति को प्रीमैच्योर ओवेरियन इंसफिशिंयसी कहते हैं। ऐसा ऑटोइम्यून डिसीज, जेनेटिक असामान्ता या इन्वॉयरमेंटल टॉक्सिन्स के कारण हो सकता है। आमतौर पर यह 40 की उम्र से पहले महिलाओं को होता है।

सेक्स से जुड़े किसी भी मुद्दे पर अगर आपका कोई सवाल है, तो कृपया इस बारे में अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

Menstrual Hygiene Day : मेंस्ट्रुअल डिसऑर्डर से लड़ने और हाइजीन मेंटेन करने के लिए जानिए क्या हैं आयुर्वेदिक टिप्स

मेंस्ट्रुअल डिसऑर्डर के लिए आयुर्वेदिक टिप्स की जानकारी in hindi. मेंस्ट्रुअल डिसऑर्डर किसी को भी हो सकता है, ऐसे में आयुर्वेदिक टिप्स अपनाएं जा सकते हैं। Menstrual disorder, Ayurvedic tips

Written by Bhawana Awasthi
महिलाओं का स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवन मई 27, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

प्रेगनेंसी में कॉफी पीना फायदेमंद या नुकसानदेह?

प्रेग्नेंसी में कॉफी का सेवन करना चाहिए या नहीं, जाने कॉफी की सही मात्रा कितनी होती है। Intake of coffee during pregnancy in Hindi.

Written by Shivam Rohatgi
आहार और पोषण, स्वस्थ जीवन मई 19, 2020 . 3 मिनट में पढ़ें

प्रेग्नेंसी में भूख ज्यादा लगती है, ऐसे में क्या खाएं?

जानिए प्रेग्नेंसी में भूख ज्यादा क्यों लगती है? गर्भावस्था में भूख बार-बार लगने पर क्या करें? कौन-कौन से हेल्दी फूड हेबिट गर्भवती महिला में होना चाहिए?

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Kanchan Singh

क्या कम उम्र में गर्भवती होना सही है?

20 से 30 साल की उम्र में गर्भवती होना सही है? कम उम्र में गर्भवती होना क्या सही है? कम उम्र में गर्भवती होना क्यों है अच्छा सेहत के लिए?

Medically reviewed by Dr. Shruthi Shridhar
Written by Nidhi Sinha

Recommended for you

फेमिलोन टैबलेट

Femilon Tablet : फेमिलोन टैबलेट क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Shikha Patel
Published on जुलाई 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
पीरियडस के दौरान सेक्स के लाभ

पीरियड्स के दौरान सेक्स करना चाहिए या नहीं? जानिए इसके लाभ

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Anu Sharma
Published on जून 26, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
ओवरल एल

Ovral L: ओवरल एल क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Satish Singh
Published on जून 12, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें
प्लेसेंटा जीन्स-Placenta genes

क्यों प्लेसेंटा और प्लेसेंटा जीन्स को समझना है जरूरी?

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Nidhi Sinha
Published on जून 1, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें