डिस्मेनोरिया जिसे मासिक धर्म में आनेवाली ऐंठन के रूप में जाना जाता है, इसका दर्द पेट के निचले हिस्से (जिसे बेली कहा जाता है) होता है। अधिकतर महिलाओं को उनके पीरियड्स से पहले और उसके दौरान ये दर्द होता है। इस दर्द से बैचेनी हो सकती है और आपकी रोज की एक्टिविटीज पर काफी असर हो सकता है।

यह भी पढ़ें : पीरियड्स में डायट का रखें खास ख्याल, दर्द होगा कम
डिस्मेनोरिया महिलाओं को उनके पीरियड्स के दौरान काफी प्रभावित करता है। उम्र में बड़ी महिलाओं में इस दर्द का प्रमाण कम होता है। लेकिन बच्चा होने के बाद यह पूरी तरह से रुक सकता है। कई चीजों को निंयत्रित करके इसकी जोखिम को कम कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से मिलें।
यह भी पढ़ें : पीरियड्स पेन को कहना है बाय तो खाएं ये फूड
डिस्मेनोरिया के सामान्य लक्षणों में ये शामिल हैं:
कुछ लक्षण और संकेत उपर नहीं दिए गए हैं। अगर आप अपने शरीर के किसी लक्षण से चिंतित हैं तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और बात करें।
अगर आपकी उम्र 25 वर्ष से ज्यादा हैं और आपको हर महीने इस दर्द से गुजरना पड़ता है या आपको कोई संकेत या लक्षण दिखाई देता है, यह किसी बीमारी के गंभीर लक्षण हो सकते हैं। कृपया अपने डॉक्टर से सलाह लें। हमेशा डॉक्टर के साथ चर्चा करने के के बाद इस परेशानी के लिए कोई सुझाव तय करें।
यह भी पढ़ें : Tonsillitis: टॉन्सिलाइटिस क्या है ? जाने इसके कारण लक्षण और उपाय
ये परेशानी यूटेरस के मसल्स में खिचाव आने के कारण होती है। जब मसल्स की सिकुड़न ज्यादा मजबूत होती है, तो ये ऑक्सीजन का प्रवाह यूटेरस टिश्यू में कम कर देता है जो दर्द का कारण बनता है। आगे कुछ स्थितियां दी हैं, जिसके कारण ये दर्द पैदा होता है:
यह भी पढ़ें : पीरियड्स में देरी होने के बहुत से हैं कारण, जानें
डिस्मेनोरिया का निदान करने से पहले डॉक्टर आपको आपकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पूछेंगे और पेल्विक टेस्ट से पता लगाएंगे की पेट के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन और उसमे कोई इंफेक्शन तोह नहीं है।
यदि आपके मासिक धर्म में कसाव किसी मुख्य आधारभूत कारणों से हो रहा है, तो डॉक्टर इन नीचे दिए गए टेस्ट्स का सुझाव दे सकते हैं:
यह भी पढ़ें: अनियमित पीरियड्स को नियमित करने के 7 घरेलू नुस्खे
दवाइयां: आपके पीरियड्स शुरू होने से पहले कुछ दर्द निवारक दवाइयों की आवश्यकता हो सकती है। उसके बाद उसके लक्षण कम होने तक एक से दो दिन दवाइयों का सेवन जारी रखें।
हार्मोनल बर्थ कंट्रोल: हार्मोन को कई वर्गों में बांटा गया है जैसे कि ओव्यूलेशन को रोकने के लिए ओरल पिल्स, इंजेक्शन, स्किन पैच, स्किन के नीचे एक इम्प्लांट या आपकी वजायना में डाली जाने वाली रिंग या इंट्रायुटेराइन डिवाइस (आई.यू.डी)।
सर्जरी: यदि आपकी यह परेशानी किसी अन्य हेल्थ कंडीशन के कारण हो रहा है, तो डॉक्टर डिस्मेनोरिया को हल करने के लिए सर्जरी का सुझाव दे सकते हैं।
यह भी पढ़ें : पीरियड्स के दौरान किस तरह से हाइजीन का ध्यान रखना चाहिए?
नीचे दिए गए कुछ घरेलू नुस्खे और बदलाव आपके इसे ठीक करने में मददगार साबित होंगे:
हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
और पढ़ें :
पहली बार पीरियड्स होने पर ऐसे रखें अपनी बच्ची का ख्याल
हाइपरटेंशन से बचाव के लिए जरूरी है लाइफस्टाइल में ये बदलाव