आयोडीन एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जिसे आपकी डायट में जरूर शामिल होना चाहिए। रोजाना आपको कम से कम 150 एमसीजी आयोडीन का सेवन करने की आवश्यकता होती है। गर्भवती और नर्सिंग महिलाओं में इसकी अधिक मात्रा की जरूरत होती है।
आयोडीन एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जिसे आपकी डायट में जरूर शामिल होना चाहिए। रोजाना आपको कम से कम 150 एमसीजी आयोडीन का सेवन करने की आवश्यकता होती है। गर्भवती और नर्सिंग महिलाओं में इसकी अधिक मात्रा की जरूरत होती है।

यहां तक की विश्व की एक तिहाई आबादी आयोडीन की कमी का शिकार होने के खतरे में है। खासतौर से उन इलाकों में रहने वाले लोग जहां की मिट्टी में आयोडीन की मात्रा बेहद कम होती है जैसे की यूरोपियन देश।
आयोडीन की कमी के कारण व्यक्ति के थायरॉइड ग्लैंड में सूजन हो सकती है जिसे गोइटर और हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति को थकान, बेहोशी, मांसपेशियों में कमजोरी और वजन बढ़ने जैसी समस्या हो सकती है।
आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे की किन आहार को आप अपनी डायट में शामिल कर के आयोडीन की कमी से खुद को बचा सकते हैं।
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डेयरी प्रोडक्ट्स में मुख्य रूप से आयोडीन पाया जाता है जो की प्रतिदिन की मात्रा को पूरा करने के लिए पर्याप्त होता है। दूध बेचने वाली कंपनियों पर किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया की एक कप दूध में 88 एमसीजी आयोडीन मौजूद होता है जबकि कुछ ऐसी भी कंपनियां हैं जिनके दूध में 168 एमसीजी की मात्रा भी पाई गई।
इन आंकड़ों के अनुसार 1 कप दूध से आप अपने दिन की आयोडीन की कमी को 60 से 110 प्रतिशत तक पूरा कर सकते हैं।
दूध के अलावा दही में भी आयोडीन की मात्रा अधिक पाई जाती है। एक कटोरी दही में प्रतिदिन जरूरी आयोडीन की मात्रा का आधा स्रोत मौजूद होता है।
इस समय भारत में आयोडाइज्ड और अनआयोडाइज्ड नमक बेचे जाते हैं। सन् 1920 में थायरॉइड ग्लैंड में सूजन आने के कारण अमेरिका में पहली बार टेबल साल्ट में आयोडीन को मिलाकर बेचे जाना शुरू किया गया था। आयोडाइज्ड साॅल्ट की एक चौथाई चम्मच में 71 एमसीजी आयोडीन होता है, जोकि दिन की 47 प्रतिशत आयोडीन की कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, कई बड़ी हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने नमक का सेवन करने पर प्रतिबंध लगाने के कारण लोगों में आयोडीन की कमी के मामलें बढ़ने लगें।
हेल्थ आर्गेनाइजेशन के अनुसार आयोडीन का सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ सकती है जबकि रिसर्च की माने तो ऐसा केवल उन्ही लोगों में होता है जो नमक के प्रति संवेदनशील होते हैं।
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झींगा एक कम कैलोरी वाला आहार होता है जिसे आयोडीन का बेहतर स्रोत माना जाता है। इसके अलावा झींगा में कई अन्य महत्वपूर्ण तत्व जैसे विटामिन बी 12, सेलेनियम और फॉस्फोरस मौजूद होते हैं।
श्रिम्प और अन्य समुद्री आहार आयोडीन से भरपूर होते हैं क्योंकि यह पानी में मौजूद आयोडीन को सोख लेते हैं। आपको 60 ग्राम श्रिम्प से 70 एमसीजी आयोडीन प्राप्त हो सकता है।
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अंडे भी आयोडीन का अच्छा स्रोत होते हैं। 100 से भी कम कैलोरी के साथ एक पूरा अंडा लीन प्रोटीन, हेल्थी फैट और कई प्रकर के विटामिन और मिनरल से युक्त होता है। हालांकि, इन सभी न्यूट्रिएंट्स में से आयोडीन की अधिक मात्रा अंडे की जर्दी में पाई जाती है। एक सामान्य अंडे में 24 एमसीजी तक आयोडीन पाया जा सकता है।
सूखा आलूबुखारा बेर की तरह होता है जिसे सूखा दिया जाता है। सूखे आलूबुखारा को एक अच्छा शाकाहारी और वेगेन आहार माना जाता है। 5 आलूबुखारा में आपको 13 एमसीजी आयोडीन की मात्रा प्राप्त हो सकती है।
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कॉड एक सफेद रंग की मछली होती है जिसमें वसा और कैलोरी की मात्रा कम पाई जाती है। हालांकि, इसमें अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व भरी मात्रा में मौजूद होते हैं जैसे की आयोडीन। आइसलैंडिक फूड कंटेंट डेटाबेस के अनुसार कम वसा वाली मछलियों में आयोडीन की मात्रा अधिक होती है। 85 ग्राम कॉड का सेवन करने से आपके दिन 50 फीसदी आयोडीन की कमी को पूरा किया जा सकता है।
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किसी भी चीज को अधिक मात्रा मे लेना हानिकारक होता है फिर चाहे वह पोषक तत्व ही क्यों न हो। वयस्कों में आयोडीन की अधिकतम मात्रा को 1.1 एमजी तक रखा गया है। इससे अधिक मात्रा में आयोडीन का सेवन करने से हाइपरथयरॉइडिस्म और गॉइटर होने का खतरा बढ़ जाता है।
बेहद गंभीर मामलों में आयोडीन पोइजनिंग के कारण मुंह, गले और पेट में जलन व बुखार, पेट में दर्द, मतली, डायरिया और कोमा जैसी स्थिति उतपन्न हो सकती है। ऐसे में आयोडीन का सेवन केवल बताई गई मात्रा में ही करना चाहिए। अपनी सेहत के अनुसार आयोडीन की मात्रा के बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।
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आयोडीन एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जो कि कम ही आहार में पाया जाता है। यही कारण है कि विश्व भर में आधे से ज्यादा लोग आयोडीन की कमी के अधीन हैं। आयोडीन की मात्रा मुख्य रूप से समुद्री आहार में पाई जाती है जैसे की श्रिम्प, टूना और कॉड।
इसके अलावा अंडे, दूध से बने उत्पाद और सूखा आलूबुखारा आयोडीन का एक अच्छा स्रोत होते हैं। मुख्य रूप से आयोडीन की कमी को खत्म करने के लिए मार्केट में आयोडाइज्ड साल्ट मिलता है व टेबल साल्ट में भी आयोडीन की मात्रा मिलाई जाती है।
इसके अलावा अगर आप काफी समय से आयोडीन की कमी से ग्रस्त हैं तो इस विषय में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर या हेल्थ केयर प्रोवाइडर से संपर्क करें।
डिस्क्लेमर
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Current Version
26/10/2020
Shivam Rohatgi द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील
Updated by: Niharika Jaiswal