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परफ्यूम और डियोडरेंट से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है? जानिए यहां, क्या है फैक्ट.....

परफ्यूम और डियोडरेंट से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है? जानिए यहां, क्या है फैक्ट.....
डियोडरेंट का इस्तेमाल भी हमारे डेली लाइफ का हिस्सा बन गया है। हो भी क्यों न, दिन भर पसीने की गंध, दूसरों के बीच में बैठना मुश्किल कर देती है। तो ऐसे में डियोडरेंट का इस्तेमाल आवश्यक बन गया है। लेकिन क्या आपको पता है कि डियोडरेंट से कैंसर का खतरा (Cancer risk from deodorant) भी बढ़ता है? हा, आप सही पढ़ रहे हैं, डियोडरेंट का रोजाना अधिक इस्तेमाल से स्किन कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और कई प्रकार की एलर्जी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसका कारण डियोडरेंट में इस्तेमाल होने वाली सामाग्री और एल्यमूनियम की बॉटल है। तो आइए जानते हैं कि डियोडरेंट से कैंसर का खतरा (Cancer risk from deodorant) कैसे बढ़ता है?

क्या डियोडरेंट से कैंसर का खतरा (Cancer risk from deodorant) बढ़ता है‌?

डियोडरेंट से कैंसर का खतरा होता हे या नहीं? क्या है फैक्ट यह जानना जरूरी है। अब तक कई ऐसे केसेज देखे गए हैं, जिनमें डियोडरेंट के अधिक इस्तेमाल और ब्रेस्ट कैंसर के बीच संबंध देखा गया है। डियोडरेंट में मौजूद एंटीपर्सपिरेंट्स (Antiperspirants) के रसायन त्वचा के माध्यम से अवशोषित हो जाते हैं। जो स्वस्थ कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं में बदल देते हैं। बहुत से लोग सोचते हैं कि यही कारण है कि कुछ स्तन कैंसर (Breast Cancer) उन क्षेत्रों में विकसित होते हैं, जो एंटीपर्सपिरेंट के संपर्क में आते हैं। कइ लोगों में इससे एलर्जी की समस्या भी हो जाती है। लेकिन इसके अभी कोई वैज्ञानिक परिणाम मौजूद नहीं है।

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डियाेडरेंट के नुकसान (Harmful)

डियोडरेंट से कैंसर का खतरा न हो इसलिए आप पहले से ही अलर्ट रहें। डियोडरेंट से कैंसर का खतरा का इसलिए हो सकता है, क्योंकि इसमें मौजूद कई ऐसी समाग्री है, तो सेहत के लिए अच्छी नहीं होती है। तो शरीर में जाकर कैंसर का कारण बन सकता है। जानिए यहां..

डियोडरेंट से कैंसर का खतरा : एल्यूमीनियम (Aluminum)

कॉस्मेटिक और फार्मास्युटिकल उत्पादों में एल्यूमीनियम यौगिकों का उपयोग किया जाता है। एंटीपर्सपिरेंट्स में, एल्युमीनियम साल्ट ऐसे तत्व होते हैं, जो पसीने को शरीर से बहार निकलने से रोकते हैं। जोकि आपके रोमछिद्रों की सतह पर पसीने को बनने से रोकता है। अब तक कई शोधों में यह सामने आया है कि एंटीपर्सपिरेंट्स के लगातार उपयोग से स्तन के ऊतकों में एल्यूमीनियम जमा हो सकता है, लेकिन यह साबित नहीं करता है कि एल्यूमीनियम लवण स्तन कैंसर का कारण बन सकता है। वास्तव में, स्तन कैंसर (Breast Cancer) के ऊतकों में सामान्य स्तन ऊतक की तुलना में अधिक एल्यूमीनियम नहीं होता है। तो डियोडरेंट से कैंसर का खतरा इस तरह से बढ़ सकता है।

इसके आलावा “अगर आपको किडनी की समस्या है, तो एल्युमीनियम अधिक चिंता का विषय है। किडनी की समस्या (Kidney Problem) वाले लोग एल्यूमीनियम को पर्याप्त तेजी से फिल्टर नहीं कर पाते हैं। हालांकि, यदि आपको किडनी की समस्या नहीं है और आप सामान्य, तो आपके गुर्दे आमतौर पर आपकी त्वचा के माध्यम से अवशोषित होने वाले एंटीपर्सपिरेंट्स और सौंदर्य प्रसाधनों से एल्यूमीनियम की मात्रा को संसाधित कर सकते हैं।”

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डियोडरेंट से कैंसर का खतरा : पैराबेन (Parabens)

डियोडरेंट में मौजूद पैराबेन का उपयोग कवक और बैक्टीरिया के द्वारा उत्पन्न दुर्गन्ध को रोकने का काम करता है। यह सच है कि पैराबेन को त्वचा के माध्यम से अवशोषित किया जा सकता है और एक बार जब वे आपके शरीर में प्रवेश कर जाता है, तो वे एस्ट्रोजन (Estrogen) के रूप में कार्य करता है। इसीलि कई महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यानि की पैराबेन महिलाओं में स्तन कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है। हालांकि, कॉस्मेटिक उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले परबेन्स का प्रभाव कमजोर होता है।

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अन्य सामाग्री (Other Ingredients)

कुछ लोगों को डियोडरेंट या एंटीपर्सपिरेंट्स से एलर्जी होती है। जिसके कारण उनमें इसके खतरा और भी बढ़ जाता है। इतने सारे संभावित कारणों से, यह पता लगाना मुश्किल हो सकता है कि कौन सा घटक वास्तव में आपकी एलर्जी का कारण बन रहा है। यदि आप पहले से ही जानते हैं कि आपको इनमें से किसी भी सामग्री से एलर्जी है, तो आप डियोडरेंट, परफ्यूम और अन्य ऐसे उत्पादों से बचना चाहिए।

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डियोडरेंट या परफ्यूम से होने वाले नुकसान

अगर आप रोज डियोडरेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो जरा सावधान हो जाएं। यह आपके सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। डियोडरेंट से कैंसर का खतरा ही नहीं बल्कि एलर्जी का खतरा भी बढ़ जाता है। रोज इसके इस्‍तेमाल करने से आपकी त्वचा में रैशेज की समस्या भी हो सकती है। कोशिश करें कि इसका इस्तेमाल ब्रेक के साथ करें। इससे आपमें डियोडरेंट से कैंसर का खतरा का कम होगा। डियोडरेंट या परफ्यूम के अधिक इस्‍तेमाल से पसीना निकलने के बजाय त्वचा पर ही जमा हो जाता है, जिससे डियोडरेंट से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इतना ही नहीं डियोडरेंट या परफ्यूम के ज्‍यादा इस्तेमाल से सांस संबंधित समस्‍याएं (Respiratory Problem) भी हो सकती हैं, जैसे कि सांस लेने में तकलीफ आदि।

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परफ्यूम या डियोडरेंट से कैंसर का खतरा न हो इसके लिए कुछ सावधानियाें का भी ध्यान रखना जरूरी है। इसलिए कभी भी ज्वैलरी पहनने के बाद डियोडरेंट या परफ्यूम के इस्तेमाल से बचें। यह आपके स्किन को डैमेज कर सकता है। इससे अंडरआर्म्स काले भी पड़ सकते हैं। डियोडरेंट से कैंसर का खतरा न हो आपमें इसलिए डियोडरेंट के इस्तेमाल के दौरान इन बातों का ध्यान रखें। इसके अलावा यदि आपको किसी भी खूशबू उत्पाद या डियाेडरेंट से एलर्जी है या कोई भी चीज से स्किन एलर्जी है, तो डॉक्टर से से पूछे बिना काेई भी उत्पाद का इस्तेमाल न करें। डॉक्टर द्वारा बताए गए मेडिकेटिड समाग्रियों का इस्तेमाल करें। अधिक जानकारी के लिए डाॅक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 29/07/2021 को
और Admin Writer द्वारा फैक्ट चेक्ड
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