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फर्स्ट ट्राइमेस्टर के दौरान नियमित एक्सरसाइज करके क्या बचा जा सकता है जेस्टेशनल डायबिटीज से?

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील · फार्मेसी · Hello Swasthya


AnuSharma द्वारा लिखित · अपडेटेड 16/03/2022

फर्स्ट ट्राइमेस्टर के दौरान नियमित एक्सरसाइज करके क्या बचा जा सकता है जेस्टेशनल डायबिटीज से?

एक्सरसाइज यानी व्यायाम करना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। इससे न केवल आपको स्वस्थ रहने में मदद मिलती है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी सुधरती है। गर्भावस्था में भी मां और शिशु दोनों के हेल्दी रहने के लिए व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। इसके प्रेग्नेंसी के दौरान कई लाभ हैं। आज हम बात करने वाले हैं फर्स्ट ट्राइमेस्टर के दौरान व्यायाम और जेस्टेशनल डायबिटीज (Exercise during first trimester and Gestational diabetes) के बारे में। फर्स्ट ट्राइमेस्टर के दौरान व्यायाम और जेस्टेशनल डायबिटीज (Exercise during first trimester and Gestational diabetes) से पहले जेस्टेशनल डायबिटीज किसे कहा जाता है, यह जान लेते हैं।

जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational diabetes): क्या है यह समस्या?

जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational diabetes) उस डायबिटीज को कहा जाता है, जिसका निदान पहली बार प्रेग्नेंसी के दौरान होता है। अन्य तरह की डायबिटीज की तरह, जेस्टेशनल डायबिटीज में रोगी के शरीर में सेल्स की शुगर को इस्तेमाल करने वाली क्षमता प्रभावित होती है। जेस्टेशनल डायबिटीज के कारण शुगर लेवल हाय हो सकता है, जिससे रोगी महिला की प्रेग्नेंसी और शिशु की हेल्थ पर असर हो सकता है। हालांकि, मां बनने वाली महिलाएं कुछ तरीकों से जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational diabetes) को कंट्रोल कर सकती हैं। जैसे अपने खानपान का ध्यान रखकर, एक्सरसाइज करके, सही दवा का सेवन करके आदि।

इसके साथ ही आप ब्लड शुगर को कंट्रोल करके अपने शिशु को भी हेल्दी रख सकती हैं और डिफिकल्ट डिलीवरी से बच सकती हैं। जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational diabetes) से पीड़ित महिलाओं में आमतौर पर डिलीवर के बाद ब्लड शुगर लेवल नार्मल हो जाता है। लेकिन, अगर आपको यह समस्या है तो भविष्य में टाइप 2 डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में, प्रभावित महिला को नियमित रूप से ब्लड शुगर लेवल को टेस्ट करना चाहिए। अब फर्स्ट ट्राइमेस्टर के दौरान व्यायाम और जेस्टेशनल डायबिटीज (Exercise during first trimester and Gestational diabetes) से पहले प्रेग्नेंसी में एक्सरसाइज के फायदों के बारे में जान लेते हैं।

फर्स्ट ट्राइमेस्टर के दौरान व्यायाम और जेस्टेशनल डायबिटीज, Exercise during first trimester and Gestational diabetes.

और पढ़ें: भ्रूण का सेक्स जेस्टेशनल डायबिटीज के रिस्क को कैसे बढ़ा सकता है जानिए

क्यों जरूरी है प्रेग्नेंसी में एक्सरसाइज करना?

प्रेग्नेंसी वो समय है जब आप कई शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजरती हैं। लेकिन, अगर आप इस दौरान कॉम्प्लीकेशन्स का अनुभव कर रही हैं, तो आपके लिए कई सावधानियां बरतना जरूरी हैं। इससे आपको कई लाभ होंगे, जैसे:

  • पीठ में दर्द कम होगी
  • कब्ज, ब्लोटिंग और स्वेलिंग से राहत मिलेगी
  • मूड और एनर्जी लेवल्स में सुधार होगा
  • नींद अच्छी आएगी
  • अतिरिक्त वजन कम करने में मदद मिलेगी
  • मसल्स टोन, स्ट्रेंथ और एंड्यूरेंस बढ़ेगी

और पढ़ें: कितना जरूरी है जेस्टेशनल डायबिटीज में व्यायाम करना?

नियमित व्यायाम करने से अन्य कई हेल्थ कंडिशंस की संभावना से भी बचा जा सकता है, जैसे:

लेकिन, प्रेग्नेंसी में किसी भी एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले लें। यही नहीं, प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में आप कौन से व्यायाम कर सकते हैं, इसके बारे में भी आपको जानकारी होनी चाहिए। अब जानते हैं फर्स्ट ट्राइमेस्टर के दौरान व्यायाम और जेस्टेशनल डायबिटीज (Exercise during first trimester and Gestational diabetes) के बारे में।

और पढ़ें: जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational diabetes) के लिए एक्सरसाइज कौन सी की जानी चाहिए?

फर्स्ट ट्राइमेस्टर के दौरान व्यायाम और जेस्टेशनल डायबिटीज (Exercise during first trimester and Gestational diabetes): पाएं जानकारी

प्रेग्नेंट महिलाएं जो प्रेग्नेंसी के पहले ट्राइमेस्टर में अधिक एक्सरसाइज करती हैं, तो ऐसा माना जाता है कि उनमें जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational diabetes) का रिस्क कम रहता है। एक्सरसाइज प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है। ऐसे में पहले ट्राइमेस्टर के दौरान व्यायाम करने से न केवल इस दौरान होने वाली समस्याओं में सुधार होता है, बल्कि डायबिटीज की संभावना भी कम रहती है। एक्सरसाइज करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। यही नहीं, एक्सरसाइज से पहले पांच से दस मिनटों तक स्ट्रेचिंग करना जरूरी है। ताकि मसल्स का वार्म-अप हो सके और चोट लगने का खतरा कम रहे। फर्स्ट ट्राइमेस्टर में एरोबिक एक्सरसाइज को ब्लड शुगर लेवल को रखने में बेहद लाभदायक माना जाता है।

इस तरह की एक्सरसाइज में वॉकिंग, स्टेशनरी साइकिलिंग और एक्वा-एक्सरसाइज आदि शामिल है। इनसेअधिक समय तक लार्ज मसल ग्रुप्स यूटिलाइजिंग में आपको मदद मिलती है। आप योगा और मेडिटेशन भी कर सकती हैं। किंतु, इन्हें केवल डॉक्टर की सलाह के बाद और एक्सपर्ट के मार्गदर्शन में ही किया जाना चाहिए। इस दौरान रोजाना बीस से साठ मिनटों तक एक्सरसाइज करने के लिए कहा है। हालांकि अगर आप हफ्ते में तीन से चार दिनों तक भी एक्सरसाइज करते हैं, तो अब भी यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में फायदेमंद है और इसके साथ ही इससे फिटनेस लेवल भी बढ़ता है।

जैसे-जैसे आप प्रेग्नेंसी के अन्य पड़ावों यानी ट्राइमेस्टर्स में कदम रखते हैं, तो आपको नॉन-वेट बेयरिंग एक्सरसाइजेज की सलाह दी जाती है। एक्सरसाइज आपको इजी से मॉडरेट इंटेंसिटी में करनी चाहिए। यह तो थी जानकारी फर्स्ट ट्राइमेस्टर के दौरान व्यायाम और जेस्टेशनल डायबिटीज (Exercise during first trimester and Gestational diabetes) के बारे में। अब जानते हैं इसके लिए कुछ हेल्पफुल हिंट्स के बारे में।

फर्स्ट ट्राइमेस्टर के दौरान व्यायाम और जेस्टेशनल डायबिटीज, Exercise during first trimester and Gestational diabetes.

और पढ़ें: प्रीजेस्टेशनल डायबिटीज (Pregestational diabetes): क्या आप जानते हैं इस स्थिति के बारे में?

फर्स्ट ट्राइमेस्टर के दौरान व्यायाम और जेस्टेशनल डायबिटीज (Exercise during first trimester and Gestational diabetes): इन चीजों का रखें ध्यान

गर्भावस्था से पहले एक सेडेंटरी जीवन जीने वाली किसी भी महिला को अचानक अधिक व्यायाम शुरू नहीं करना चाहिए। इसके बजाय, एक्टिविटी लेवल में धीरे-धीरे शुरुआत के साथ, गुड जजमेंट का उपयोग किया जाना चाहिए। इस दौरान आप इन चीजों का ध्यान रखें:

  • प्रेग्नेंसी में हीट में व्यायाम करने से बचें। इसके साथ ही अधिक देर तक लगातार व्यायाम भी न करें। ऐसा करने से भ्रूण तक ब्लड फ्लो में समस्या आ जाती है। अगर आपको गर्मी में व्यायाम करना भी है, तो इसे तीस मिनटों से कम समय तक करें और बीच में ब्रेक अवश्य लें।
  • अधिक से अधिक कोल्ड फ्लुइड्स का सेवन करें। लेकिन, कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन करने से बचें। जितना हो सके अधिक पानी पीएं ताकि आप हायड्रेट रहें।
  • अगर आपको एक्सरसाइज करते हुए चक्कर आएं, पल्पिटेशन्स की समस्या हो या शरीर बहुत अधिक गर्म हो, तो एक्सरसाइज करना तुरंत बंद कर दें।
  • फर्स्ट ट्राइमेस्टर के दौरान व्यायाम और जेस्टेशनल डायबिटीज (Exercise during first trimester and Gestational diabetes) के बारे में यह जानकारी बेहद जरूरी है। इसके साथ यह भी ध्यान रखें कि आप नियमित ब्लड शुगर लेवल की जांच करें और इसे कम करने के लिए एडिशनल कार्बोहायड्रेट्स का सेवन करें। एक्सरसाइज के बाद आपका ब्लड शुगर लेवल अधिक लो हो सकता है। इसलिए स्नैक या मील के सेवन के बाद ही एक्सरसाइज करें। प्रेग्नेंसी के अंतिम ट्राइमेस्टर में साइकिलिंग, हॉर्स राइडिंग आदि करने से भी बचें। इसकी जगह वॉकिंग या ट्रेडमिल पर एक्सरसाइज करें।

    और पढ़ें: Episode-6 : प्रेग्नेंसी दौरान होने वाली जेस्टेशनल डायबिटीज के साथ बढ़ जाते हैं कॉम्प्लिकेशन

    उम्मीद है कि फर्स्ट ट्राइमेस्टर के दौरान व्यायाम और जेस्टेशनल डायबिटीज (Exercise during first trimester and Gestational diabetes) के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। अगर आप जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational diabetes) के जोखिम से बचना चाहते हैं, तो प्रेग्नेंसी से पहले ही इसकी तैयारी शुरू कर दें। अगर आप ओवरवेट हैं, तो प्रेग्नेंसी से पहले आप अपने वजन को कम करके इस समस्या से छुटकारा पाने में सक्षम हो सकते हैं। इसके लिए नियमित फिजिकल एक्टिविटी करना भी जरूरी है। लेकिन, अगर आप प्रेग्नेंट हैं, तो वजन कम करने की कोशिश न करें। हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए आपका वजन कितना होना चाहिए, इसके बारे में डॉक्टरों से बात करें। यही नहीं, अपने खानपान का ध्यान रखें, तनाव से बचें और डॉक्टर की सलाह का पूरी तरह से पालन करें।

    अगर इसके बारे में आपके मन में कोई भी सवाल हो तो तुरंत डॉक्टर से इस बारे में जानें। आप हमारे फेसबुक पेज पर भी अपने सवालों को पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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