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ड्रग्स के बाद कस्टम अधिकारियों ने जब्त की ई-सिगरेट

ड्रग्स के बाद कस्टम अधिकारियों ने जब्त की ई-सिगरेट

कस्टम अधिकारियों ने चेन्नई के रहने वाले अब्बासली सैयद इब्राहिम (43) और मोहम्मद रिबै (41) के पास से 89 ई-सिगरेट कार्टिजेस जब्त किए, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 1.10 लाख रुपए है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में ई-सिगरेट के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। भारत में ई-सिगरेट की लत से युवाओं को बचाने के संबंध में सरकार ने यह निर्णय लिया था। दरअसल, बहुत से लोग ई-सिगरेट का उपयोग स्मोकिंग की लत से छुटकारा पाने के लिए कर रहे थे लेकिन, मेडिकल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये सिगरेट की तरह ही खतरनाक है।

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क्या है ई-सिगरेट?

ई-सिगरेट या इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक ऐसी डिवाइस है, जो तम्बाकू या गैर-तम्बाकू पदार्थों की भाप को सांस के साथ भीतर ले जाती है। आमतौर पर सिगरेट, बीड़ी या सिगार जैसे धूम्रपान के लिए प्रयोग किए जाने वाले तम्बाकू उत्पादों के विकल्प के रूप में उपयोग की जाने वाली ई-सिगरेट तम्बाकू जैसा स्वाद और एहसास देती है, जबकि वास्तव में उसमें कोई धुआं नहीं होता है। लोगों में ऐसी धारणा है कि ई-सिगरेट पीने से हेल्थ पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता है। इसी वजह से ई-सिगरेट का सेवन पिछले कुछ समय में लोगों में खूब बढ़ा है लेकिन, कुछ स्टडी में सामने आया है कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

तंबाकू की तरह इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट भी होती है हानिकारक

किंग्स कॉलेज लंदन में तंबाकू एडिक्शन का शोध करने वाले प्रोफेसर एन. मैकनील कहते हैं ” तंबाकू पीने वाले लोग अपने अंदर धुएं के 7,000 घटक लेते हैं। इनमें से 70 को कैंसर पैदा करने वाला माना जाता है। ई सिगरेट में ये तत्व तंबाकू के धुएं की तुलना में कम होते हैं। इसलिए कहा जा सकता है कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट तंबाकू सिगरेट की तुलना में कम हानिकारक है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं होता है कि ई-सिगरेट हानिकारक नहीं है।

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ई-सिगरेट में इस्तेमाल होने वाला वेप जूस दिल के लिए के नुकसानदायक

कई शोधों में यह दावा किया गया है कि वेप जूस दिल के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। साल 2019 की रिपोर्ट में इसका दावा किया गया है कि ई-लिक्विड एरोसोल में हानिकारक तत्व, ऑक्सीकरण एजेंट, एल्डिहाइड और निकोटीन की मात्रा होती है। वेप जूस के इस्तेमाल के समय सांस लेने के दौरान एरोसोल सबसे ज्यादा दिल के कार्यों और संचार प्रणाली (Circulatory System) को प्रभावित करती है। वहीं, नेशनल एकेडमीज प्रेस (NAP) की साल 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का इस्तेमाल करने से दिल की धड़कन तेज हो सकती है। साथ ही, यह हाई ब्लड प्रेशर का भी कारण बन सकती है।

इसके अलावा साल 2019 में भी वेप जूस के ऊपर एक अध्ययन किया गया, जिसमें लगभग 450,000 प्रतिभागियों को लेकर सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वे में पाया गया कि जिन लोगों ने पारंपरिक सिगरेट और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट दोनों का धूम्रपान किया है, उनमें हृदय रोगों के होने की संभावना अधिक पाई गई। जबकि, सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट या वेप जूस का इस्तेमाल करने वाले लोगों में स्ट्रोक, दिल का दौरा, एंजाइना और हृदय रोग के जोखिम भी देखे गए। हालांकि, सर्वेक्षण के दौरान वैज्ञानिकों का निष्कर्ष रहा कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट या वेप जूस का इस्तेमाल करना, स्मोकिंग करने की आदत के कम जोखिम भरा है।

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ई-सिगरेट पीने से होती है निकोटीन की लत

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के अंदर निकोटीन और दूसरे कई हानिकारक केमिकल्स होते हैं। लोग सिगरेट की लत छुड़ाने के लिए इसे पीते हैं और उन्हें फिर इसमें जो नशीले पदार्थ होते हैं उनकी लत हो जाती है। यही कारण है कि हृदय रोगों से ग्रसित लोगों को ई सिगरेट से खास दूरी बनाकर रखनी चाहिए। कई शोधों में इस बात की पुष्टी हुई है कि ई सिगरेट दिल की धमनियों को कमजोर बनाता है। जिन लोगों को ई सिगरेट पीने की लत लग जाती है उन्हें इसके छोड़ने पर विदड्रॉल सिंड्रोम और डिप्रेशन की समस्‍या हो सकती है।

ई-सिगरेट से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं

सिगरेट की जगह ई-सिगरेट या वेपिंग करने वाले लोगों में इससे होने वाले नुकसान के कई लक्षण दिख सकते हैं। इनमें आमतौर पर सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द की शिकायत और लगातार खांसी भी शामिल हैं। वहीं सिगरेट का इस्तेमाल करने वालों में उल्टी, दस्त, थकान, बुखार, मितली या तेजी से वजन भी घट सकता है। साथ ही इन लोगों में समय के साथ इस तरह के लक्षण विकसित होते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट से फेफड़ो को हो रहा नुकसान

अमेरिका के न्यूयार्क शहर में हाल ही में लंग्स की बीमारी के 34 नए मामले सामने आए। विशेषज्ञ इन्हें वेपिंग से जोड़कर देख रहे हैं। जांच में खुलासा हुआ कि वेपिंग के लिए विटामिन-ई एसीटेट (Vitamin E acetate) का इस्तेमाल किया जा रहा है। लिए गए सैपंल्स से इसके होने का पता चलता है। ई-सिगरेट में विटामिन ई एसीटेट के इस्तेमाल से फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है।

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पूरी तरह से निकोटिन छोड़ देंगे तभी होगा लाभ

WHO ने 2019 वैश्विक तंबाकू महामारी रिपोर्ट में बताया कि तंबाकू उद्योग, तंबाकू नियंत्रण के लिए अपनाए जा रहे कदमों के खिलाफ काम कर रहा है। ई-सिगरेट से जुड़े विज्ञापनों में कहा जाता है कि पारंपरिक सिगरेट के बदले इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट सुरक्षित है और ये सिगरेट पीने की आदत छोड़ने में मदद करती है जबकि डब्लूएचओ की मानें तो इस बात के समर्थन में कोई सही प्रमाण अभी तक नहीं मिले हैं। अगर कोई निकोटिन से पूरी तरह से राहत पाना चाहता है तो उसे सिगरेट पूरी तरह से छोड़ देगा, तभी उन्हें लाभ मिलेगा।

ई-सिगरेट बन सकता है कैंसर का कारण

फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा जारी हुई एक रिपोर्ट में सामने आया है कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट में पाए जाने वाले कई पदार्थ कैंसर का कारण बन सकते हैं। पब्लिक लाइब्रेरी ऑफ साइंस जर्नल (Public Library of Science Journal) की रिपोर्ट के अनुसार ई-सिगरेट में कार्ट्रिज का उपयोग किया जाता है। इस कार्ट्रिज में उपयोग होने वाला फोर्मलडीहाइड (Formaldehyde) और बेंजीन (Benzene) कैंसर का महत्वपूर्ण कारण है।

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साथ ही लंबे समय तक स्मोकिंग की वजह से आपको हृदय रोग (Heart Disease), ब्रोंकाइटिस (Bronchitis), एम्फायसिमा (Emphysema) की शिकायत हो सकती है। इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट में परंपरागत सिगरेट जैसे ही पदार्थों का इस्तमाल किया जाता है इसलिए पूरी तरह से इसे सुरक्षित कहना गलत होगा। हमें उम्मीद है आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में ई- सिगरेट के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से कंसल्ट करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Are e-cigarettes safe? – https://newsnetwork.mayoclinic.org/discussion/mayo-clinic-minute-are-e-cigarettes-safe/ accessed on 29/12/2019 Accessed July 15, 2020

Association of E-Cigarette Use With Respiratory Disease Among Adults: https://www.ajpmonline.org/article/S0749-3797(19)30391-5/fulltext Accessed July 15, 2020

What Do We Know About E-cigarettes?: https://www.cancer.org/cancer/cancer-causes/tobacco-and-cancer/e-cigarettes.html Accessed July 15, 2020

About Electronic Cigarettes (E-Cigarettes): https://www.cdc.gov/tobacco/basic_information/e-cigarettes/about-e-cigarettes.html Accessed July 15, 2020

 

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Shikha Patel द्वारा लिखित
अपडेटेड 24/09/2019
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