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डूडल में दिख रहे इस शख्स ने साइंस को दिया था नया नजरिया

डूडल में दिख रहे इस शख्स ने साइंस को दिया था नया नजरिया

हम जब भी कुछ सर्च करना चाहते है, गूगल की शरण में पहुंच जाते हैं। दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन गूगल किसी खास दिन को याद दिलाना नहीं भूलता है। गूगल ने आज 13 सितंबर का दिन डेनिश माइक्रोबायोलॉजिस्ट ‘हंस क्रिश्चियन ग्राम’ को समर्पित किया है। 166वीं जयंती के मौके पर इसे गूगल डूडल के माध्यम से दिखाया गया है। ग्राम का जन्म 1853 को हुआ था। उन्हें स्टेनिंग टेक्नीक (Staining technique) डेवलप करने के लिए जाना जाता है। इस तकनीकी का प्रयोग बैक्टीरिया के बीच अंतर करने के लिए किया जाता है। Google के अक्षरों में बना ये गूगल डूडल ‘मिकेल सोमर’ ने बनाया है। इसमें ग्राम गोल चश्मे, माइक्रोस्कोप और बैक्टीरिया का परीक्षण करते हुए देखे जा सकते हैं।

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क्रिश्चियन ग्राम के बारे में

ग्राम ने 1884 में बर्लिन के सिटी हॉस्पिटल के मुर्दाघर में जर्मन माइक्रोबायोलॉजिस्ट कार्ल फ्रेडलेंडर के साथ अपना काम शुरू किया था। उन्होंने फेफड़े के टिशू में में पाए जाने वाले बैक्टीरिया को देखने की तकनीकी विकसित की। 1878 में कोपेनहेगन विश्वविद्यालय से एमडी की उपाधि प्राप्त की और यूरोप में जीवाणु विज्ञान और औषध विज्ञान का अध्ययन किया। साथ ही ‘ग्राम-पॉजिटिव’ और ‘ग्राम-नेगेटिव’ शब्द भी उनकी ही देन है।

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कैसे की जाती है स्टेनिंग

ग्राम स्टेनिंग में बैक्टीरिया के धब्बे पर वॉयलेट डाई लगाई जाती है। इसके बाद इसे ऑर्गेनिक सॉल्वेन्ट आयोडीन सॉल्यूशन से साफ किया जाता है। इनमें सो जो मोटे सेल वाले बैक्टीरिया होते हैं वह पर्पल कलर के ही रहते हैं और उन्हें ही ‘ग्राम पॉजिटिव’ कहा जाता है। जो बैक्टीरिया कमजोर होते हैं, वे खत्म हो जाते है।

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ग्राम एक साधारण इंसान थे। उन्होंने कहा था कि हो सकता है कि जो तकनीक मैंने विकसित की है, वो दोषपूर्ण हो लेकिन मुझे यकीन है कि कुछ वैज्ञानिकों के लिए ये उपयोगी साबित होगी। ग्राम के प्रारंभिक कार्य में ह्युमन में लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) का अध्ययन शामिल था। उन्होंने लोगों को बताया कि मैक्रोकाइट्स (Macrocytes) के कारण खतरनाक एनीमिया हो सकता है। अपने इन कामों के लिए हंस क्रिश्चियन ग्राम का गूगल डूडल हर किसी को बहुत पसंद आ रहा है।

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गूगल डूडल क्या है

साल 1998 के अगस्त महीने में जब Google के सह-संस्थापक लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन नेवादा के बर्निंग मैन फेस्टिवल की अगुवाई कर रहे थे तो वे चाहते थे कि उपयोगकर्ता और कर्मचारी यह जान लें कि वे कुछ समय के लिए गूगल सर्च इंजन के हेल्म में नहीं होंगे। पीएच.डी. स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों ने त्योहार के लोगो (Logo) से मिलता-जुलता कुछ अलग सा लुक Google के होमपेज को देना चाहते थे। इसलिए इन्होंने गूगल के लोगो में दूसरे ‘O’ को बदलने का फैसला किया।

गूगल डूडल टीम के प्रमुख जेसिका यू ने बताया कि इसकी शुरूआत थोड़ा मजाक में हुई थी। समय के साथ यह निश्चित रूप से विकसित हुआ है। गूगल डूडल ना केवल विदेशों में बल्कि भारतीय लोगों के लिए भी खास है। आए दिन गूगल डूडल के माध्यम से अलग-अलग लोगों को याद करता है और उन्हें श्रद्धांजलि देता है।

एक मजाक के रूप में जो शुरू हुआ वह Google डूडल बन गया, जो दुनिया भर में छुट्टियों, लोगों और मुद्दों का जश्न और सम्मान करता है। इतना ही नहीं गूगल डूडल अब टेक सेवी लोगों के लिए भी जरूरी वेंचर है।

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कौन बनाता है गूगल डूडल

स्टैनफोर्ड के एक इंटरव्यू के अनुसार, ह्वांग (Hwang) डूडल का मुख्य डिजाइनर है जो लगभग 50 गूगल डूडल हर साल बनाता है।

Google सभी डूडल के लिए सार्वजनिक रूप से व्यू काउंट को नहीं दिखाता है, इसलिए यह ट्रैक करना मुश्किल है कि एनिमेशन कितने लोकप्रिय हैं, लेकिन गूगल डूडल टीम में अब कुछ दर्जन कलाकार, मैनेजर, इंजीनियर और दूसरे कर्मचारी शामिल हैं जो अलग-अलग तरह के डिजाइनों को बनाने के लिए काम करते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में गूगल डूडल तकनीकें भी विकसित हुई हैं। सितंबर 2018 फ्रेड रोजर्स को सम्मानित करने वाले गूगल डूडल ने स्टॉप मोशन एनीमेशन का उपयोग किया जबकि पिछले साल का हेलोवीन गूगल डूडल एक मल्टीप्लेयर वीडियो गेम था जिसमें उपयोगकर्ताओं दूसरों के साथ विडियो गेम खेल सकता था। वह एक साल में 4 जुलाई को गूगल डूडल में एक एनिमेटेड बैकयार्ड बेसबॉल खेल दिखाया गया था।

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गूगल ने डूडल के लिए नौसिखिए डिजाइनरों को भी भाग लेने के लिए इनवाइट किया है। 2008 में कंपनी ने उस प्रक्रिया को एक तरह से औपचारिक रूप दिया यूएस में किंडरगार्डन से लेकर बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए एक प्रतियोगिता की शुरुआत की। Google प्रतियोगिता के लिए वार्षिक गूगल डूडल के विजेता को Google के होमपेज पर अपने डूडल के साथ-साथ स्कॉलरशिफ के पैसे और “टैक पैकेज” मिलता हैं। गूगल के अनुसार कंपनी विश्व के सभी देशों के लिए गूगल डूडल की अलग-अलग प्रतियोगिताओं रखता है।

गूगल डूडल टीम ने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के लिए सशक्तिकरण के संदेश को भी बढ़ावा दिया। दुनिया भर की महिलाओं द्वारा डिज़ाइन किए गए एक इंटरैक्टिव स्लाइड शो के साथ विभिन्न देशों के 13 महिला नेताओं ने नारीवाद और भविष्य पर अपने दृष्टिकोण शेयर किए। सभी थीम ने एक अनूठी कहानी बताई।

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7 फरवरी 2015 को डूडल लॉरा इंगल्स वाइल्डर के 148वें जन्मदिन के सम्मान में बनाया गया था। 4 अप्रैल 2018 को माया एंजेलो के 90 वें जन्मदिन के लिए, एक एनिमेटेड वीडियो ने कवि के लेखन को चित्रित किया। कुछ पंक्तियां एंजेलो की स्वयं की आवाज से पढ़ी गई थीं जबकि अन्य को दिवंगत लेखक द्वारा प्रेरित कलाकारों द्वारा आवाज दी गई थी, जिसमें एलिसिया कीज, लावर्ने कॉक्स और ओपरा विनफ्रे शामिल थे।

अक्सर गूगल डूडल लोगों को किसी की यादों पर ऑनलाइन या ऑफलाइन कनेक्ट करने का मौका देता है या ऐसा कुछ जो किसी के जीवन के लिए जरूरी रहा हो उसका जानने का मौका देता है। गूगल डूडल ने कई बार भारतीयों को भी अपने डूडल मे फीचर किया है वह चाहें बेगम अख्तर गायिका, नैन सिंह रावत, सितारा देवी या वी शांताराम ही क्यों ना हो। गूगल डूडल ने बहुतों की जिंदगी को छूआ है और आगे भी छूता रहेगा।

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सूत्र

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Who was Hans Christian Gram? Google Doodle celebrates ‘stain’ scientist of pathology and microbiology/https://www.timesnownews.com/technology-science/article/google-doodle-celebrates-hans-christian-gram-the-scientist-who-changed-course-of-pathology-and-microbiology/487875 Accessed on 09/12/2019

Who was Hans Christian Gram and what did the groundbreaking scientist discover?/https://www.independent.co.uk/news/science/hans-christian-gram-google-doodle-who-science-denmark-bacteria-death-a9103296.html Accessed on 09/12/2019

Hans Christian Joachim Gram/https://www.britannica.com/biography/Hans-Christian-Joachim-Gram

Accessed on 09/12/2019

लेखक की तस्वीर
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 17/02/2020 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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