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डब्ल्यूएचओ ने कोविड-19 के दौरान आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जारी किए ये दिशानिर्देश

डब्ल्यूएचओ ने कोविड-19 के दौरान आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जारी किए ये दिशानिर्देश

भारत समेत पूरा विश्व वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की चपेट में है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस वायरस को हराने का हर मुंकिन प्रयास करने में जुटे हैं। भारत में अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 हजार 384 हो गई है। हर दिन के साथ इसके आंकड़ों में उछाल देखने को मिल रहा है। डब्ल्यूएचओ ने सभी देशों से कोविड-19 के साथ-साथ दूसरी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।

दूसरी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डब्ल्यूएचओ ने जारी किए दिशानिर्देश

डब्ल्यूएचओ (WHO) के डायरेक्टर जनरल टेडरोस अधानोम गेब्रियेसस ने कहा- ‘किसी भी प्रकोप के खिलाफ सबसे अच्छा बचाव एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली है। कोविड-19 की इस स्थिति से यह बात साफ होती है कि दुनिया की कई स्वास्थ्य प्रणालियां और सेवाएं कितनी नाजुक हैं। देशों को अपने लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कितने कठिन प्रयास करने पड़ रहे हैं।’

डब्ल्यूएचओ ने ओपरेशनल प्लानिंग गाइडलाइंस को अपडेट किया है। इसमें सभी देशों को राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का पुनर्गठन और रखरखाव के लिए विचार करने के लिए कहा है। इसमें उन्होंने कहा है कि देशों को आवश्यक सेवाओं की पहचान करनी चाहिए और उनकी निरंतरता बनाए रखने के लिए हर जरूरी प्रयास को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस तरह से रणनीति तैयार करें कि सीमित संसाधन में लोगों को अधिकतम लाभ पहुंचाया जाए। इसके साथ ही हाइजीन प्रेक्टीस का विशेष रूप से पालन करने की जरूरत है। डब्ल्यूएचओ ने जारी किए दिशानिर्देश में कहा है कि पर्याप्त मात्रा में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं और उनके प्रबंधकों के बीच मजबूत नियोजन की आवश्यकता है।

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डब्ल्यूएचओ ने जारी किए दिशानिर्देश में निम्नलिखित आवश्यक सेवाओं को शामिल किया है:

  • नियमित टीकाकरण (Routine vaccination)
  • युवा शिशुओं और बड़े वयस्कों की देखभाल (care of young infants and older adults)
  • आपातकालीन स्वास्थ्य स्थितियों का प्रबंधन (management of emergency health conditions)
  • मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के साथ-साथ गैर-संक्रामक रोगों एचआईवी, मलेरिया और टीबी जैसे संक्रामक रोगों का प्रबंधन (management of mental health conditions as well as noncommunicable diseases and infectious diseases like HIV, malaria and TB)
  • गर्भावस्था और प्रसव के दौरान देखभाल सहित प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं (Reproductive health services including care during pregnancy and childbirth)
  • इमेजिंग प्रयोगशाला सेवाएं (imaging laboratory services)
  • रक्त बैंक सेवाओं (blood bank services)

डब्ल्यूएचओ ने जारी किए दिशानिर्देश में कोविड-19 के साथ उपरोक्त आवश्यक सेवाओं को लेकर का पुनर्गठन और रखरखाव के लिए संदेश जारी किया है।

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डब्ल्यूएचओ ने जारी किए दिशानिर्देश में आगे लिखा- सुव्यवस्थित और तैयार स्वास्थ्य प्रणालियां आपातकालीन स्थिति में आवश्यक सेवा प्रदान करने में मदद कर सकती हैं। इससे प्रत्यक्ष मृत्यु दर को सीमित किया जा सकता है। इससे अप्रत्यक्ष मृत्यु दर को बढ़ने से रोका जा सकता है।

इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को दूर करने के लिए एक एडवाइजरी जारी की थी। फेसबुक और व्हाट्सएप के इस दौर में कोरोना को लेकर तमाम बातें फैल रही हैं। इनमें कुछ सच हैं तो कुछ अफवाह।

कोरोना वायरस से बच्चों और बूढ़ों को है अधिक खतरा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक संदेश में बताया गया था कि कोरोना वायरस बुजुर्गों और बच्चों के लिए अधिक खतरनाक है। डब्ल्यूएचओ ने जारी किए दिशानिर्देश में बताया कि ऐसा नहीं है, कोरोना सभी उम्र के लोगों के लिए उतना ही खतरनाक है, जितना बच्चों और बुजुर्गों के लिए। हालांकि बच्चों और बुजुर्गों की प्रतिरोधक क्षमता युवाओं से कम होती है, इसलिए उन पर इसका असर अधिक देखा जा रहा है।

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नोट व फोन से भी फैलता कोरोना

सोशल मीडिया पर चल रहे तमाम संदेशों के बीच लोगों के मन में यह भी भय बना हुआ है कि क्या नोट या फोन को छूने से भी कोरोना वायरस फैल सकता है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोरोना वायरस कई सतहों पर घंटों तक एक्टिव रह सकता है। अगर कोई कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति फोन, दरवाजे के हैंडल, नोट जैसी किसी सतह को छूता है तो वह सतह भी संक्रमित हो जाती है।

हवा में फैल सकता है कोरोना वायरस

सोशल मीडिया पर फैल रहे एक पोस्ट के अनुसार कोरोना वायरस हवा में भी फैल सकता है और लोगों को संक्रमित कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे गलत बताया। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कोरोना वायरस का हवा से संक्रमण संभव नहीं है। यह वायरस किसी संक्रमित व्यक्ति के दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने पर फैलता है, यह सिर्फ थूक के कणों से ही फैलता है। ये कण जब हम खांसते हैं या छींकते हैं या बोलते हैं तो शरीर से बाहर निकलते हैं। ये कण इतने हल्के नहीं होते कि हवा के साथ यहां से वहां उड़ सकें। ये बहुत जल्दी जमीन पर नीचे गिर जाते हैं। इसलिए हवा से इसका संक्रमण फैलने का खतरा नहीं है।

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लहसुन खाने से कोरोना संक्रमण से बच सकते हैं

सोशल मीडिया पर कई लोग इस बात का दावा कर रहे हैं कि लहसुन का सेवन करने से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है। विश्व स्वास्थय संगठन ने बताया- लहसुन खाना सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन कोरोना वायरस से बचाव में इसे उपयोगी नहीं माना जा सकता।

मच्छर काटने से भी फैलता है कोरोना वायरस

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पोस्ट को लेकर विश्व स्वास्थय संगठन ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, जिससे कि इस बात की पुष्टि हो सके कि मच्छर के शरीर में यह वायरस रह सकते हैं या नहीं। बता दें, न्यू कोरोनावायरस एक रेस्पिरेटरी वायरस है, जो मुख्य रूप से किसी संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या किसी तरह से संपर्क में आने से फैलता है।

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कोरोना के लक्षण को लेकर भी लोगों में हैं कंफ्यूजन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार कोरोना वायरस (कोविड-19) के सामान्य लक्षण सिरदर्द, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, बुखार, थकान और सांस लेने में परेशानी है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार सामान्य बुखार और कोरोना संक्रमण के कई लक्षण एक जैसे हैं। बिना मेडिकल टेस्ट के इसको अंतर कर पाना बहुत मुश्किल है। कोरोना वायरस के लक्षण दिखने में 5 से 7 दिनों का समय लगता है। इसके लक्षण मरीज के भीतर 14 से 20 दिनों तक बने रहते हैं।

कोरोना वायरस से सावधानी ही इस बीमारी से बचा सकती है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए हाथों की अच्छे से सफाई करें और हाईजीन का पूरा ध्यान रखें। कोरोना वायरस की जानकारी से हमेशा अपडेट रहे।

हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में कोविड-19 के साथ आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डब्ल्यूएचओ ने जारी किए दिशानिर्देश के बारे में बताया है। यदि आपको इससे जुड़ी अन्य कोई जानकारी चाहिए तो आप कमेंट सेक्शन में अपना सवाल पूछ सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Mona narang द्वारा लिखित
अपडेटेड 31/03/2020
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