home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

Cholesterol Test: कोलेस्ट्रॉल टेस्ट क्या है?

परिभाषा|एहतियात/चेतावनी|प्रक्रिया|परिणामों को समझें
Cholesterol Test: कोलेस्ट्रॉल टेस्ट क्या है?

परिभाषा

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट (Cholesterol Test) क्या है?

कंप्लीट कोलेस्ट्रॉल टेस्ट जिसे लिपिड पैनल या लिपिट प्रोफाइल भी कहते हैं, एक ब्लड टेस्ट है जो रक्त में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स की मात्रा को मापता है। कोलेस्ट्रॉल टेस्ट धमनियों में प्लैक्स बनने के आपके जोखिम को निर्धारित करने में मदद करता है, इन प्लैक्स की वजह से पूरे शरीर में धमनियां अवरूद्ध हो जाती है। हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल को कोई संकेत या लक्षण नहीं दिखता है, इसलिए कोलेस्ट्रॉल टेस्ट बहुत जरूरी है। हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल, हृदय रोग, स्ट्रोक, डिसलिपिडेमिया की संभावना को बढ़ा देता है।

और पढ़ें : Parathyroid Hormone Blood Test : पैराथाइराइड हार्मोन ब्लड टेस्ट क्या है?

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट क्यों किया जाता है?

हाई कोलेस्ट्रॉल का आमतौर पर कोई संकेत या लक्षण नहीं दिखता है। आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई है या नहीं और हृदय रोग के संभावित खतरों का पता लगाने के लिए कंप्लीट कोलेस्ट्रॉल टेस्ट किया जाता है।

कंप्लीट कोलेस्ट्रॉल टेस्ट को लिपिड पैनल या लिपिड प्रोफाइल कहा जाता है, जिसमें रक्त में 4 प्रकार के फैट की गणना की जाती है-

  • टोटल कोलेस्ट्रॉलः यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल कॉन्टेंट का योग है।
  • हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन (HDL) कोलेस्ट्रॉलः इसे गुड कोलेस्ट्रॉल भी कहा जाता है, क्योंकि यह LDL कोलेस्ट्रॉल को दूर करने में मदद करता है जिससे धमनियां खुली रहती हैं और रक्तप्रवाह सुचारू रूप से होता रहता है।
  • लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) कोलेस्ट्रॉलः इसे बैड कोलेस्ट्रॉल भी कहा जाता है। रक्त की इसकी मात्रा अधिक होने से प्लैक्स बनने लगते हैं जो रक्त प्रवाह को बाधित करते हैं। ये प्लैक्स कभी-कभी टूट जाते हैं और इसकी वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक आ सकता है।
  • ट्राइग्लिसराइड्सः रक्त में मौजूद एक तरह का फैट है। जब आप कुछ खाते हैं तो आपका शरीर किसी भी कैलोरी को बिना ट्राइग्लिसराइड्स की मदद के कन्वर्ट कर लेता है, जो फैट सेल्स में एकत्र होते हैं। हाई ट्राइग्लिसराइड्स कई कारकों से संबंधित होता है जिसमें शामिल है अधिक वजन, बहुत अधिक मीठा खाना और शराब पीना, स्मोकिंग, कम चलना-फिरना। हाई शुगर लेवल के साथ डायबिटीज।

और पढ़े Wild Thyme: वाइल्ड थाइम क्या है?

18 साल की उम्र से अधिक जिन व्यस्कों को हृदय रोग होने की संभावना रहती है, उन्हें हर 5 साल में कोलेस्ट्रॉल चेक करवाना चाहिए।

यदि आपका पहला टेस्ट रिजल्ट असामान्य आता है तो आपको और अधिक टेस्ट की ज़रूरत पड़ सकती है, या आपको हार्ट डिसीज का खतरा अधिक है इन कारणों से-

  • हाई कोलेस्ट्रॉल या हार्ट अटैक का पारिवारिक इतिहास
  • अधिक वजन
  • शारीरिक रूप से सक्रिय न होना
  • डायबिटीज
  • अधिक फैट वाला भोजन
  • सिगरेट पीना
  • 45 से अधिक उम्र के पुरुष और 55 साल से अधिक उम्र की महिलाएं

जिन लोगों को पहले स्ट्रोक या हार्ट अटैक आ चुका है उन्हें उपचार की प्रभावशीलता की जांच के लिए नियमित रूप से कोलेस्ट्रॉल टेस्ट करवाना चाहिए।

और पढ़ें : HCG Blood Test: जानें क्या है एचसीजी ब्लड टेस्ट?

एहतियात/चेतावनी

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट में थोड़ा सा जोखिम है। जिस जगह से रक्त निकाला जाता है वहां दर्द या सूजन हो सकती है। दुर्लभ मामलों में संक्रमण हो सकता है।

प्रक्रिया

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट के लिए कैसे तैयारी करें?

कुछ मामलों में डॉक्टर आपको बिना कुछ खाए टेस्ट के लिए कह सकता है। यदि आप केवल अपना HDL और कुल कोलेस्ट्रॉल लेवल चेक करवा रहे हैं, तो टेस्ट से पहले खा सकते हैं। हालांकि, यदि आप कंप्लीट लिपिड प्रोफाइल करवा रहे हैं, तो आपको टेस्ट से 9 से 12 घंटे पहले कुछ भी खाने और पीने से परहेज करना चाहिए, पानी छोड़कर।

टेस्ट से पहले आपको डॉक्टर से बताना चाहिए:

  • कोई भी लक्षण या स्वास्थ्य समस्याएं जिनका आप अनुभव कर रहे हैं।
  • आपके परिवार का हृदय स्वास्थ्य का इतिहास।
  • आप जो भी दवाएं या सप्लीमेंट ले रहे हैं।

यदि आप बर्थ कंट्रोल पिल्स जैसी कोई दवा ले रहे हैं जो कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ा देती है, तो टेस्ट से पहले डॉक्टर आपको इनका सेवन बंद करने के लिए कह सकता है।

और पढ़ें : Allergy Blood Test : एलर्जी ब्लड टेस्ट क्या है?

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट के दौरान क्या होता है?

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट ब्लड टेस्ट है, जो आमतौर पर सुबह किया जाता है, क्योंकि अधिकतर टेस्ट के लिए आपको उपवास करना होता है। बांह की नस से ब्लड निकाला जाता है। सुई लगाने से पहले बांह के ऊपर एलास्टिक बैंड लगाया जाता है ताकि नस साफ दिखे।

नस में सुई डालकर ब्लड निकाला जाता है। फिर बैंड निकाल दिया जाता है जिससे ब्लड सर्कुलेशन पहले की तरह होने लगता है। पर्याप्त ब्लड निकालने के बाद सुई निकाल दी जाती है और उस जगह पर कॉटन या बैंडज लगाया जाता है।

पूरी प्रक्रिया में कुछ मिनट लगते हैं।

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट के बाद क्या होता है?

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट के बाद किसी खास तरह के देखभाल की जरूरत नहीं होती है। आप खुद कार ड्राइव करके घर जा सकते हैं और सामान्य दिनचर्या शुरू कर सकते हैं। यदि टेस्ट से पहले आपने कुछ नहीं खाया है तो टेस्ट के बाद खाने के लिए कुछ स्नैक्स ले जाएं।

यदि आपके मन में कोलेस्ट्रॉल टेस्ट से जुड़ा कोई सवाल है, तो कृपया अधिक जानकारी और निर्देशों को बेहतर तरीके से समझने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

और पढ़ेंः Fetal Ultrasound: फेटल अल्ट्रासाउंड क्या है?

परिणामों को समझें

मेरे परिणामों का क्या मतलब है?

कोलेस्ट्रॉल लेवल को मिलिग्राम (mg) में मापा जाता है। यह रक्त के प्रति डेसिलीटर (dL) में मापा जाता है। अधिकांश व्यस्कों के लिए आदर्श परिणाम हैः

  • LDL: 70 से 130 mg/dL (संख्या जितनी कम होगी, उतना अच्छा है)
  • HDL: 40 से 60 mg/dL से अधिक (संख्या जितनी अधिक होगी, अच्छा है)
  • कुल कोलेस्ट्रॉल: 200 mg/dL से कम (संख्या जितनी कम होगी, उतना अच्छा है)
  • ट्राइग्लिसराइड्स: 10 से 150 mg/dL (संख्या जितनी कम होगी, उतना अच्छा है)

यदि आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल सामान्य सीमा से अधिक है, तो आपको हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और एथेरोस्क्लेरोसिस का खतरा अधिक है। यदि आपके परिणाम असामान्य है तो डॉक्टर डायबिटीज के लिए आपको ब्लड ग्लूकोज की जांच के लिए कह सकता है। आपका थायरॉयड अंडरएक्टिव है या नहीं यह निर्धारित करने के लिए डॉक्टर थायरॉयड फंक्शन टेस्ट का आदेश दे सकता है।

कुछ मामलों में कोलेस्ट्रॉल टेस्ट के परिणाम गलत हो सकते हैं। गलत तरीके से उपवास करना, कुछ दवाएं, मानवीय गलती या कुछ अन्य कारणों की वजह से टेस्ट परिणाम गलत नकारात्मक या गलत तरीके से सकारात्मक आ सकते हैं। सिर्फ LDL की जांच की बजाय HDL और LDL दोनों कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच से अधिक सटीक परिणाम आते हैं।

सभी लैब और अस्पताल के आधार पर कोलेस्ट्रॉल टेस्ट की सामान्य सीमा अलग-अलग हो सकती है। परीक्षण परिणाम से जुड़े किसी भी सवाल के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकली सलाह या उपचार की सिफारिश नहीं करता है। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो कृपया इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Cholesterol test. https://www.mayoclinic.org/tests-procedures/cholesterol-test/about/pac-20384601. Accessed on 17 May, 2020.

Cholesterol Levels. https://medlineplus.gov/lab-tests/cholesterol-levels/. Accessed on 17 May, 2020.

How To Get Your Cholesterol Tested. https://www.heart.org/en/health-topics/cholesterol/how-to-get-your-cholesterol-tested. Accessed on 17 May, 2020.

High cholesterol. https://www.nhs.uk/conditions/high-cholesterol/getting-tested/. Accessed on 17 May, 2020.

How and When to Have Your Cholesterol Checked. https://www.cdc.gov/features/cholesterol-screenings/index.html. Accessed on 17 May, 2020.

Cholesterol. https://www.fda.gov/medical-devices/home-use-tests/cholesterol. Accessed on 17 May, 2020.

Get Your Cholesterol Checked. https://health.gov/myhealthfinder/topics/doctor-visits/screening-tests/get-your-cholesterol-checked. Accessed on 17 May, 2020.

High Blood Cholesterol. https://www.nhlbi.nih.gov/health-topics/high-blood-cholesterol. Accessed on 17 May, 2020.

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Kanchan Singh द्वारा लिखित
अपडेटेड 27/12/2019
x