Cystoscopy : सिस्टोस्कोपी टेस्ट क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Hemakshi J

सिस्टोस्कोपी (Cystoscopy) क्या है?

सिस्टोस्कोपी (Cystoscopy) एक टेस्ट है जिसमें आपके डॉक्टर कैमराननुमा उपकरण ब्लैडर के अंदर डालकर उसकी अंदरूनी जांच करते हैं। कई बार कितनी ही ऐसी स्वास्थ्य परिस्थितियां है जिनका पता X Ray के द्वारा नहीं चल पाता है ऐसे में इस टेस्ट का उपयोग किया जाता है जिसके द्वारा डॉक्टर टिश्यू और ब्लड सैंपल भी जमा करते हैं।

सिस्टोस्कोपी (Cystoscopy) क्यों की जाती है?

आमतौर पर इन लक्षणों का कारण जानने के लिए सिस्टोस्कोपी की जा सकती है:

  • बार-बार मूत्र-मार्ग में संक्रमण होना।
  • यूरीन में खून आना
  • यूरीन सैंपल में कोशिकाओं का मिलना
  • पेशाब करने पर लगातार दर्द होना।

यह काफी आम प्रक्रिया है लेकिन कई बार इससे कई बड़ी बीमारियों के इलाज में मदत मिलती है। जैसे कि ब्लैडर ट्यूमर के बाद कई बार सिस्टोस्कोपी की जाती है। ताकि उसकी पहले की वजह और वर्तमान की स्थिती का पता लगाया जा सके। पथरी जैसी बीमारी में इसका इस्तेमाल बेहद आम है।

इस प्रक्रिया के दौरान डॉक्टर कई साधनों का प्रयोग कर यह कुछ चीजें कर सकते हैं;

  • ब्लैडर से पथरी को निकाल सकते हैं
  • शरीर में युरेटर्स से यूरीन के सैंपल जमा कर सकते हैं
  • ब्लैडर से ट्यूमर निकाल सकते हैं
  • युरेटर में छोटी नली डाल सकते हैं
  • युरेटर्स या किडनी का X Ray ले सकते हैं

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सिस्टोस्कोपी (Cystoscopy) से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

यदि आपके ब्लैडर, प्रोस्टेट ग्लैंड में इंफेक्शन है, तो आमतौर पर यह नहीं की जाती है। इसके अलावा, इस टेस्ट के दौरान अन्य टेस्ट जैसे कि एक्स-रे, पाइलोग्राफी या सिस्टोअरेथ्रोग्राफी किए जा सकते हैं।

सिस्टोस्कोपी (Cystoscopy) से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

यदि आपके ब्लैडर, प्रोस्टेट ग्लैंड में इंफेक्शन है, तो आमतौर पर सिस्टोस्कोपी नहीं की जाती है। इसके अलावा, इस टेस्ट के दौरान अन्य टेस्ट जैसे कि एक्स-रे, पाइलोग्राफी या सिस्टोअरेथ्रोग्राफी किए जा सकते हैं।

प्रक्रिया

सिस्टोस्कोपी (Cystoscopy) के लिए खुद को कैसे तैयार करें ?

आपके टेस्ट की प्रक्रिया के अनुसार आपको कुछ दवाइयां दी जाती हैं। 

अगर टेस्ट अनेस्थिआ की मदत से ऑपरेशन रूम में की जाने वाली है, तो डॉक्टर आपसे संपर्क करेंगे।

ज्यादातर यह सलाह दी जाती है, टेस्ट से पहले रात को और सुबह खाना या पीना नहीं चाहिए। लेकिन, आजकल डॉक्टर बस सिस्टोस्कोपी से 4-5 घंटे पहले से कुछ भी खाने पीने के लिए मना करते हैं।

अगर आप एस्पिरिन या आइबूप्रोफेन जैसी दवाइयों का सेवन कर रहें हैं तो अपने डॉक्टर को इस बारे में सूचित करें।

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सिस्टोस्कोपी (Cystoscopy) के दौरान क्या होता है?

सिस्टोस्कोपी वन डे प्रोसेस है। इसके लिए आपको अस्पताल का गाउन पहनना होगा और एक सोफे पर अपनी पीठ के बल लेटना होगा। इसके बाद डॉक्टर आपके यूरेथ्रा और उसके आसपास की त्वचा को साफ़ करेंगे। साथ ही डॉक्टर उस स्थान को सुन्न करने के लिए वहां थोड़ी जेली लगाते हैं।

डॉक्टर तब सिस्टोस्कोप को धीरे से ब्लैडर में डालते हैं। इस प्रक्रिया में डॉक्टरों को बेहद सावधानी बरतनी होती है। साथ ही साथ डॉक्टर उपकरण के दुसरे चैनल से पानी भी डालते रहते हैं इससे उन्हें ब्लैडर की किनारे की परत को देखने में मदत मिलती है।

अगर डॉक्टर को सिर्फ मुआयना करना हो तो सिस्टोस्कोपी ज्यादा से ज्यादा 5 से 10 मिनट तक चलती है। लेकिन वहीं अगर डॉक्टर को बायोप्सी या अन्य कुछ और टेस्ट भी करने हों तो यह थोड़ा और समय ले सकती है। बायोप्सी के कुछ सैंपल लेकर उन्हें प्रक्रिया के लिए भेजा जाता है। इसकी रिपोर्ट आने में थोड़ा समय लगता है।

सिस्टोस्कोपी (Cystoscopy) के बाद क्या होता है?

सिस्टोस्कोपी के बाद मरीज को उसी दिन घर भेज दिया जाता है। सुन्न होने का असर कब तक रहेगा यह आपको किस तरह का एनेस्थेटिक दिया गया है इसपर निर्भर करता है। साधारण एनेस्थेटिक का असर तुरंत ख़त्म हो जाता है और आप घर भी जाता है। वही कुछ एनेस्थेटिक का असर 2 से 4 घंटों तक रह सकता है। घर जाने से पहले आपको एक बार पेशाब करने के लिए कहा जाता है ताकि डॉक्टर यह जान लें कि आपको यूरीन के दौरान कोई तकलीफ तो नहीं हो रही है।

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सिस्टोस्कोपी (Cystoscopy) की रिपोर्ट को कैसे समझें?

सिस्टोस्कोपी (Cystoscopy) की रिपोर्ट आने में कुछ दिन लग सकते हैं।

सिस्टोस्कोपी रिपोर्ट सामान्य है अगर;

  • यूरेथ्रा, ब्लैडर और युरेटर्स सामान्य हैं।
  • कोई पॉलीप्स या अन्य असामान्य टिश्यू नहीं हैं, सूजन, रक्तस्राव, संकीर्ण क्षेत्र (सख्ती), या संरचनात्मक असामान्यताएं नहीं हैं।
  • पिछले संक्रमण या बढ़े हुए प्रोस्टेट ग्लैंड के कारण यूरेथ्रा की सूजन या संकुचन होता है।

रिपोर्ट असामान्य है अगर;

  • ब्लैडर ट्यूमर,पॉलीप्स, अल्सर, पथरी या मूत्राशय की ब्लैडर में सूजन हैं।
  • जन्म के बाद से यूरिनरी ट्रैक्ट की संरचना में असामान्यताएं हैं।

लेबोरेट्री या अस्पताल अनुसार सिस्टोस्कोपी के दर अलग हो सकते हैं। आप अपने डॉक्टर से इस बारे में परामर्श कर सकते हैं।

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रिव्यू की तारीख जुलाई 9, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 15, 2019

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