Gonioscopy Test : गोनोस्कोपी टेस्ट क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Radhika apte

जानने योग्य बातें

गोनोस्कोपी क्या है?

गोनोस्कोपी एक आई/आँखों का टेस्ट है जिसमे आँखों के आगे के हिस्से को देखा जाता है, जिस एंगल या कोण पे कॉर्निया और आईरिस मिलते है ।गोनोस्कोपी एक पेनलेस टेस्ट है, ये टेस्ट आखों के उस हिस्से को देखने के लिए किया जाता है जहाँ से पानी या कोई तरल पदार्थ निकलता है । टेस्ट ये पता लगाता है कि वह हिस्सा खुला या बंद तो नहीं । इस हिस्से को ड्रेनेज एंगल बोलते है । ये टेस्ट आखों की सामान्य जांच है, जो आपकी उम्र और ग्लूकोमा के हाई रिस्क पे निर्भर करता है ।

यदि आपके डॉक्टर को लगता है कि आप ग्लूकोमा से पीड़ित है गोनोस्कोपी टेस्ट किया जा सकता है।

ग्लोकोमा एक एक आखों की बीमारी है जिसमे अंधे होने का खतरा रहता है । ये बीमारी ऑप्टिक नर्व के डैमेज हो जाने से होती है । अगर आप ग्लोकोमा की समस्या से जूझ रहे है तो आपके डॉक्टर को “गोनोस्कोपी टेस्ट” इस बात का पता लगाने में मदद कर सकता है कि आपको किस प्रकार का ग्लोकोमा है ।

गोनोस्कोपी क्यों की जाती है?

गोनोस्कोपी किया जाता है:

  • ग्लोकोमा को चेक करने के लिए आँख के अग्र भाग को देखा जाता है ।
  • देखकर पता लगाया जाता है कि ड्रेनेज एंगल बन्द या थोड़ा बंद तो नहीं । आपके डॉक्टर को मदद करता है कि वह निश्चित कर सके कि आपको किस प्रकार का ग्लोकोमा है ।
  • गोनोस्कोपी टेस्ट इस बात भी जांच पड़ताल करता है कि की ड्रेनेज अंगेल में किसी प्रकार के चोट के निशान या कोई डैमेज तो नहीं।
  • ये उन जन्म दोषों की भी जांच करता है जिसके कारण ग्लूकोमा हो सकता है ।

यह भी पढ़ें : Lymph node biopsy: लिम्फ नोड बायोप्सी क्या है?

जानने योग्य बातें

गोनोस्कोपी कराने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए ?

ग्लूकोमा या आंखों की अन्य समस्याओं की जांच के लिए दूसरे टेस्ट किए जा सकते हैं।

इनमे प्रमुख रूप से

  • स्लिट लैंप टेस्ट,
  • टोनोमेट्री -जो आई बॉल के अंदर दबाव को मापता है ऑप्थाल्मोस्कोपी -जो ऑप्टिक तंत्रिका की जांच करता है
  • पैरामिट्री -जो साइड विजन का परीक्षण करता है

यह भी पढ़ें : HCG Blood Test: जानें क्या है एचसीजी ब्लड टेस्ट?

जानिए क्या होता है

गोनीस्कोपी की तैयारी कैसे करें?

  • अगर आप आखों में लेंसेस का इस्तेमाल करते है तो टेस्ट से पहले उसे निकाल दे । टेस्ट होने के बाद कम से कम एक घंटे तक लेंस ना लगाए या तबतक ना लगाए जब तक कि आखों को सुन्न करने वाली दवा का असर हो ।
  • टेस्ट के दौरान आपकी आंखें कमजोर हो सकती है । कोई जो आपको घर तक सही सलामत ड्राप कर दे उसे टेस्ट के दौरान अपने साथ रखिये ।
  • गोनीस्कोपी के दौरान क्या होता है?

गोनीस्कोपी आखों के डॉक्टर द्वारा किया जाता है।

इस टेस्ट में सुन्न करने वाली दवा का इस्तेमाल किया जाता है ताकि इस पेनलेस टेस्ट के दौरान आँखों को छूने वाले लेंस को आप महसूस ना कर सके।

यह भी पढ़ें : HIV test: जानें क्या है एचआईवी टेस्ट?

गोनियोस्कोपी के दौरान, आपको लेटने या कुर्सी पर बैठने के लिए कहा जा सकता है। एक माइक्रोस्कोप (स्लिट लैंप) का उपयोग आपकी आंख के अंदर देखने के लिए किया जाता है। यदि आप बैठते हैं, तो आप अपनी ठोड़ी को ऊपर की तरफ रखे। सिर को सपोर्ट बार के उलट रखते हुए सीधे देखे ।

एक स्पेशल लेंस को आपकी आंख के सामने धीरे से रखा जाता है, और उज्ज्वल प्रकाश की एक पतली किरण को आपकी आंख में पॉइंट किया जाता है। आपका डॉक्टर ड्रेनेज अंगेल की चौड़ाई पर स्लिट लैंप के माध्यम से देखता है।

इस जांच में मात्र पांच मिनट का समय लगता है ।

गोनियोस्कोपी के बाद क्या होता है?

अगर आपके आंख की पुतली फैल गई है तो हो सकता है कि आपको टेस्ट के बाद कई घंटों तक धुंधला ही नजर आए । टेस्ट के बाद 20 मिनट तक आखों को ना रगड़े या जब तक कि दवा का असर ना खत्म हो जाए ।

यह भी पढ़ें : Kidney Function Test : किडनी फंक्शन टेस्ट क्या है?

परिणामो को समझे

मेरे टेस्ट रिजल्ट का मतलब क्या है ?

नार्मल

ड्रेनेज एंगल सामान्य दिखाई देता है । पूरी तरह से खुला हुआ है और किसी भी प्रकार का ब्लॉकेज नहीं है।

एब्नॉर्मल

ड्रेनेज एंगल सकरा या नैरो दिखाई देता है । इसका मतलब है कि एंगल आंशिक या पूरी तरह से ब्लॉक है, ये इस बात का इशारा है कि ड्रेनेज एंगल भविष्य में पूरी तरह से बंद हो जाएगा ।

आंशिक या पूरी तरह से ब्लॉक ड्रेनेज एंगल का मतलब है कि आपको क्लोज्ड ग्लोकोमा है । ड्रेनेज एंगल ब्लॉक्ड होने के कई कारण हो सकते है जैसे, स्कार टिश्यू, एब्नॉर्मल ब्लड वेसल्स, चोट या इंफैक्शन, आईरिस का कोई दूसरा रंग।

हेलो हेल्थ ग्रुप किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

और पढ़ें : Prolactin Test : प्रोलैक्टिन टेस्ट क्या है?

अभी शेयर करें

रिव्यू की तारीख जुलाई 8, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 22, 2019

सूत्र