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Exercise after heart attack: हार्ट अटैक के बाद एक्सरसाइज करने से क्या पहुंचता है फायदा?

    Exercise after heart attack: हार्ट अटैक के बाद एक्सरसाइज करने से क्या पहुंचता है फायदा?

    खराब लाइफस्टाइल के कारण हार्ट संबंधी समस्याओं का सामना किसी को भी करना पड़ सकता है। वैसे तो हार्ट संबंधित समस्याएं 50 या 60 वर्ष की उम्र के लोगों में अधिक होता है लेकिन आजकल के बदलते चलन और खराब खान-पान के कारण कम उम्र के लोगों में भी यह समस्या देखने को मिल रही है। स्ट्रेस, रेगुलर एक्सरसाइज ना करना, नींद पूरी न लेना, खाने में अनहेल्दी फूड्स को शामिल करना आदि हार्ट संबंधी समस्याओं को पैदा करते हैं। अगर ऐसे में किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक की समस्या हो जाती है या व्यायाम या एक्सरसाइज के बारे में सोचना कठिन होता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि एक ऐसी रिसर्च सामने आई है, जिसमें यह बात कही गई है कि हार्ट अटैक के बाद एक्सरसाइज (Exercise after heart attack) करने से सेहत में सुधार होता है। शोध में क्या जानकारी दी गई है, आइए इससे पहले जानते हैं कि हार्ट अटैक की समस्या क्या है?

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    हार्ट अटैक (Heart attack) की समस्या क्यों होती है?

    हार्ट अटैक की समस्या का सामना किसी को भी करना पड़ सकता है। जब हार्ट की मसल्स के किसी एक हिस्से को पर्याप्त मात्रा में ब्लड सप्लाई नहीं हो पाता है, तो हार्ट अटैक की समस्या पैदा हो जाती है। इसे मायोकार्डिया इन्फर्क्शन (Myocardial infarction) ही कहते हैं। अगर समय पर ट्रीटमेंट ना दिया जाए, तो हार्ट की मसल्स के डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है। कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary artery disease) के कारण हार्ट की समस्या अधिक होती है। साथ ही कोरोनरी आर्टरी में सडन कॉन्ट्रेक्शन (severe spasm, or sudden contraction) के कारण भी हार्ट अटैक की समस्या पैदा हो सकती है। इस कारण से हार्ट मसल्स में ब्लड फ्लो रुक जाता है। हार्ट अटैक की समस्या के बाद तुरंत डॉक्टर से जांच कराना बहुत जरूरी हो जाता है। साथ ही सेहत का ध्यान रखना और निगरानी रखना बहुत जरूरी हो जाता है। आइए जानते हैं कि हार्ट अटैक के कारण क्या समस्याएं हो सकती हैं।

    • ज्यादातर हार्ट अटैक में छाती के बीच में या लेफ्ट साइड में असुविधा होती है, जो कुछ मिनटों से अधिक समय तक रहती है। ये कुछ समय बाद चली जाती है और वापस आ जाती है। बेचैनी, असहज महसूस होना, दर्द आदि महसूस हो सकता है।
    • कमजोर, बेहोशी महसूस करना। आपको ठंडी में भी पसीना आना।
    • जबड़े, गर्दन या पीठ में दर्द या बेचैनी।
    • एक या दोनों बाहों या कंधों में दर्द या बेचैनी।
    • सांस लेने में समस्या। यह अक्सर सीने में तकलीफ के साथ होता है, लेकिन सीने में तकलीफ से पहले सांस की तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है।

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    हार्ट अटैक के बाद एक्सरसाइज (Exercise after heart attack): जानिए शोध में क्या बात आई सामने?

    अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (American Heart Association) के जर्नल में प्रकाशित एक नए स्वीडिश स्टडी में पाया गया कि दिल के दौरे या हार्ट अटैक के पहले वर्ष के भीतर फिजिकल एक्टिविटी का निम्न स्तर भी आने वाले सालों में डेथ से संबंधित समस्याओं को कम करने का काम करता है। स्वीडिश शोधकर्ताओं ने 2004-2013 से बीच 22,227 हार्ट अटैक के पेशेंट के डेटा की जांच के लिए एक नेशनल रजिस्ट्री का इस्तेमाल किया। मरीजों से उनके दिल का दौरा पड़ने के 6 से 10 सप्ताह बाद एक्टिविटी लेवल के बारे में पूछा गया, और फिर लगभग एक साल बाद फॉलोअप विजिट किया गया।

    फॉलोअप विजिट के बाद जिन लोगों की रेगुलर एक्टिविटी नोटिस की गई, उनमें करीब 59% लोगों में लगभग आगे के 4 सालों तक मरने के खतरे को कम पाया गया। वहीं जिन लोगों ने दो फॉलो विजिट के दौरान बिल्कुल भी एक्टिविटी में भाग नहीं लिया, उनमें मरने का खतरा अधिक पाया गया। जिन लोगों ने हार्ट अटैक के बाद थोड़ा बहुत वर्कआउट किया था, उनमें मृत्यु का खतरा करीब 44% तक कम हो गया था। इस बारे में अध्ययन के प्रमुख लेखक और एक सहयोगी ओरजन एकब्लोम ने कहा, “हम इसे कैरी-ओवर प्रभाव कहते रहे हैं। हो सकता है कि ये लोग कई वर्षों तक एक्टिव रहे हो और फिर किसी कारण से रुकना पड़ा हो, लेकिन उनके पास अभी भी वह इफेक्ट था।

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    हार्ट अटैक के बाद कौन-सी एक्टिविटी की जा सकती है?

    जैसा कि शोध में बताया गया कि हार्ट अटैक के बाद थोड़ी एक्टिविटी पेशेंट के लिए लाभदायक होती है। ऐसे में किसी भी पेशेंट को बिना डॉक्टर की अनुमति के किसी भी तरह की एक्टिविटी करने से बचना चाहिए। अगर आप एक्सरसाइज भी करना चाहते हैं, तो भी आप डॉक्टर से इस बारे में जानकारी जरूर लें। कई बार हार्ट अटैक के बाद अधिक एक्सरसाइज करना भी आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाने का काम कर सकता है। हार्ट अटैक के बाद जब आप खुद को बेहतर महसूस करने लगे, तो उसके बाद वॉक जरूर करें लेकिन बेहतर होगा कि तेजी से चलने के बजाय धीमे-धीमे शुरुआत करें।

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    हार्ट संबंधी समस्याएं अचानक से शुरू नहीं होती है बल्कि यह लंबे समय तक हेल्थ पर ध्यान न देने पर पैदा होने वाली समस्याएं है। अगर आप कम उम्र से ही अपनी सेहत पर ध्यान देने लगते हैं, तो आपको हार्ट संबंधी समस्याओं का सामना करने से बच सकते हैं। खाने में हेल्दी फूड को शामिल करना, रोजाना एक्सरसाइज करना, खाने में फैटी फूड्स को कम करना, पर्याप्त मात्रा में नींद लेना, स्ट्रेस न लेना आदि बातों का ख्याल रख आप हार्ट अटैक जैसी समस्याओं से बच सकते हैं। अगर फिर भी आपको लगता है कि हार्ट अटैक अन्य किन कारणों से पैदा हो सकता है, तो इस बारे में डॉक्टर से जानकारी जरूर लें।

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    इस आर्टिकल में हमने आपको हार्ट अटैक के बाद एक्सरसाइज (Exercise after heart attack) से संबंधित शोध के बारे में अहम जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की ओर से दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको हार्ट हेल्थ के संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हैलो हेल्थ की वेबसाइट में आपको अधिक जानकारी मिल जाएगी।

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    Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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