एंटीबायोटिक्स बन सकती हैं हार्ट प्रॉब्लम्स की वजह, इस बारे में यह जानकारी है जरूरी!

    एंटीबायोटिक्स बन सकती हैं हार्ट प्रॉब्लम्स की वजह, इस बारे में यह जानकारी है जरूरी!

    एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) उस पावरफुल ड्रग को कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल बैक्टीरियल इंफेक्शन से लड़ने के लिए किया जाता है। जब डॉक्टर को ऐसा लगता है कि रोगी को इंफेक्शन है, जिसके लिए एंटीबायोटिक से उपचार की जरूरत है, तो वो उन्हें इन दवाइयों को दे सकते हैं। एंटीबायोटिक्स को पूरी तरह से सेफ माना जाता है। रोगों से लड़ने में यह दवाइयां बेहद मददगार हैं, लेकिन कई बार एंटीबायोटिक्स हार्मफुल भी हो सकती हैं। आज हम बात करने वाले हैं कॉमन एंटीबायोटिक्स और हार्ट (Common Antibiotics and heart) प्रॉब्लम्स के बारे में। पाएं जानकारी कि क्या एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) हार्ट के लिए हानिकारक हो सकती हैं? कॉमन एंटीबायोटिक्स और हार्ट (Common Antibiotics and heart) के बीच के लिंक से पहले एंटीबायोटिक्स के बारे में जान लेते हैं।

    एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) के बारे में पाएं पूरी जानकारी

    एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) उन दवाइयों में से एक हैं जिनकी सलाह सबसे अधिक डॉक्टर देते हैं। जैसा कि पहले ही बताया गया है कि इन दवाइयों का इस्तेमाल बैक्टीरियल इंफेक्शन के उपचार के लिए किया जाता है। यह दवाइयां बैक्टीरिया को नष्ट करती हैं या बैक्टीरिया का ग्रो होने या मल्टिप्लाय होना मुश्किल बना देती हैं। हालांकि, सभी इंफेक्शंस का उपचार एंटीबायोटिक्स से नहीं किया जा सकता है। बैक्टीरियल इंफेक्शन में इन्हें प्रभावी माना जाता है, जबकि वायरस के प्रति यह प्रभावी नहीं हैं। सभी ड्रग्स की तरह एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) के भी कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इसलिए, इन्हें तभी लेना चाहिए जब इनकी जरूरत हो। अनावश्यक इन्हें लेना हार्मफुल हो सकता है। ऐसे ही एंटीबायोटिक्स हार्ट के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। अब जानते हैं कॉमन एंटीबायोटिक्स और हार्ट (Common Antibiotics and heart) के बीच के लिंक के बारे में।

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    कॉमन एंटीबायोटिक्स और हार्ट (Common Antibiotics and heart): क्या है कनेक्शन जानिए

    फ्लूरोक्लिनोलोंस (Fluoroquinolones) एक सामान्य तरह की एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) है। ऐसा माना जाता है कि इसके प्रयोग से खास कार्डियक एलिमेंट्स (Certain cardiac ailments) का जोखिम बढ़ता है। एक नई स्टडी के अनुसार जो लोग इस ड्रग का इस्तेमाल करते हैं, उनमें कुछ खास कार्डियक इशूज का रिस्क अधिक रहता है। यानी, अगर आप जिन एंटीबायोटिक्स ड्रग्स की सलाह सामान्य रूप से दी जाती है उन्हें लेते हैं तो गंभीर और लाइफ थ्रेटनिंग हार्ट कंडिशंस का जोखिम अधिक होता है। यही नहीं, ऐसा भी पाया गया है कि फ्लोरोक्विनोलोन्स (Fluoroquinolones) को लेने से एओर्टिक और माइट्रल रिगर्जेटेशन (Aortic and mitral regurgitation) का रिस्क भी बढ़ता है, जो वो कंडिशंस हैं जो हार्ट फेलियर का कारण बन सकती हैं

    इस रिसर्च से यह बात साबित हो चुकी है कि इस सामान्य एंटीबायोटिक की सलाह केवल तभी देनी चाहिए जब बहुत जरूरी हो। नेशनल इंस्टीटूट्स ऑफ हेल्थ (National Institutes of Health) के अनुसार ड्रग की इस क्लास का इस्तेमाल बैक्टीरियल इंफेक्शंस जैसे बैक्टीरियल ब्रोंकाइटिस (Bacterial bronchitis), निमोनिया pneumonia , यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (Urinary tract infections) आदि में अधिक किया जाता है। यह कॉमन एंटीबायोटिक्स और हार्ट संबंधित (Common Antibiotics and heart) बेहद महत्वपूर्ण जानकारी है।

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    कॉमन एंटीबायोटिक्स और हार्ट प्रॉब्लम्स (Common Antibiotics and heart) के बारे में पाएं और जानकारी

    ऐसा भी पाया गया है कि फ्लूरोक्लिनोलोंस (Fluoroquinolones) को ब्लड के हार्ट में वापस प्रवाहित होने के लगभग 2.5 गुना बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा पाया गया। यह समस्या को इस ड्रग के उपयोग के 30 दिनों के भीतर सबसे अधिक पाया गया। यही नहीं जिन लोगों ने पिछले 60 दिनों के भीतर इस दवा को लेना बंद कर दिया था, उनमें एमोक्सिसिलिन उपयोगकर्ताओं की तुलना में हार्ट वॉल्व की समस्या होने की संभावना 1.5 गुना अधिक थी। फ्लूरोक्लिनोलोंस (Fluoroquinolones) में यह सब दवाइयां शामिल हैं:

    अगर बात की जाए एओर्टिक और माइट्रल रिगर्जिटेशन (Aortic and mitral regurgitation) की, तो एओर्टिक और माइट्रल रिगर्जेटेशन का अर्थ है दो हार्ट वॉल्व में लीकेज होना। यह लीकेज माइल्ड या गंभीर कोई भी हो सकती है। माइल्ड या मॉडरेट की स्थिति में रोगी बिना लक्षणों के रह सकता है और मॉनिटरिंग की जरूरत होती है। लेकिन गंभीर स्थिति में हार्ट फेलियर (Heart failure) हो सकता है जो जानलेवा है। यही नहीं, इस स्थिति में वॉल्व को रिप्लेस भी किया जा सकता है। संक्षेप में कहा जाए तो फ्लूरोक्लिनोलोंस (Fluoroquinolones) एक एंटीबायोटिक ड्रग है और इसकी सलाह आमतौर पर डॉक्टर देते हैं। इस कॉमन एंटीबायोटिक्स और हार्ट (Common Antibiotics and heart) प्रॉब्लम्स का गहरा कनेक्शन है। यही नहीं, जैसे हर दवा के कुछ फायदे और नुकसान होते हैं। ऐसे ही, एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) के भी कुछ साइड-इफेक्ट हो सकते हैं। आइए जानें इन दुष्प्रभावों के बारे में।

    कॉमन एंटीबायोटिक्स और हार्ट, Common Antibiotics and heart

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    एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) के साइड इफेक्ट्स

    कॉमन एंटीबायोटिक्स और हार्ट (Common Antibiotics and heart) के कनेक्शन के बारे में आप जान गए होंगे। हमारा गट बैक्टीरिया से भरा होता है और यह बैक्टीरिया अच्छे और बुरे दोनों हो सकते हैं। ऐसे में एंटीबायोटिक्स हमारे डायजेस्टिव सिस्टम को प्रभावित करता है और साथ ही इंफेक्शन का उपचार भी करता है। इसके सामान्य साइड इफेक्ट्स इस प्रकार हैं:

    कुछ खास एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) के अधिक इस्तेमाल से रोगी के मुंह, डायजेस्टिव सिस्टम और वजाइना में फंगल इंफेक्शंस (Fungal infections) आदि परेशानियां हो सकती हैं।

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    एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) के कम कॉमन साइड इफेक्ट्स इस प्रकार हैं:

    • सल्फोनामाइड्स (Sulfonamides) के कारण किडनी स्टोन्स (Kidney stones)
    • सेफालोस्पोरिन्स (cephalosporins) के कारण एब्नार्मल ब्लड क्लॉटिंग (Abnormal blood clotting)
    • टेट्रासाइक्लीन (Tetracycline) के कारन सनलाइट के प्रति सेंसिटिविटी (Sunlight sensitivity)
    • ट्राईमथोप्रिम (Trimethoprim) लेने के बाद ब्लड डिसऑर्डर (Blood disorders)
    • एरिथ्रोमाइसिन (Erythromycin) के बाद सुनने में समस्या आना (Hearing problems)

    कुछ लोग जैसे बुजुर्गों में बॉवेल इंफ्लेमेशन की समस्या भी हो सकती है, जो गंभीर और ब्लडी डायरिया का कारण बन सकती है। यही नहीं, दुर्लभ मामलों पेनिसिलिन (Penicillin), सेफालोस्पोरिन्स (cephalosporins) और एरिथ्रोमाइसिन (Erythromycin) जैसी एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) इंफ्लेमड बॉवेल का कारण बन सकती हैं।

    यह तो थी जानकारी एंटीबायोटिक्स व कॉमन एंटीबायोटिक्स और हार्ट (Common Antibiotics and heart) के बीच के लिंक के बारे में। लेकिन, एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) से संबंधित कुछ खास चीजों का ध्यान रखने भी बेहद जरूरी। एंटीबायोटिक्स, आप जिन ड्रग्स को लेते हैं उनके साथ इंटरेक्ट कर सकती हैं और उन ड्रग्स या एंटीबायोटिक्स को कम प्रभावी बना सकती हैं। यही नहीं, कुछ ड्रग्स के कॉम्बिनेशन से एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) या अन्य ड्रग्स के साइड इफेक्ट्स बदतर हो सकते हैं। अगर आप इन्हें लेने के बाद कोई भी साइड इफेक्ट का अनुभव करें, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

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    उम्मीद है कि कॉमन एंटीबायोटिक्स और हार्ट (Common Antibiotics and heart) के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। ऐसा पाया गया है कि सबसे सामान्य प्रयोग होने वाली एंटीबायोटिक्स के कारण कई हार्ट डिजीज और हार्ट वॉल्व कंडिशंस हो सकती हैं। इन ड्रग्स को फ्लूरोक्लिनोलोंस (Fluoroquinolones) कहा जाता है और इन्हें अन्य कई हेल्थ इश्यूज का कारण भी माना जाता है जैसे नर्व डैमेज। इसलिए इसके लाभ और साइड इफेक्ट्स को ध्यान में रखते हुए एक्सपर्ट इस एंटीबायोटिक के रूप में उपलब्ध अन्य एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) को लेने की सलाह देते हैं। अगर आपके मन में इसे लेकर कोई भी सवाल है, तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर से बात करना न भूलें।

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    AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 01/04/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड