Guava: अमरूद क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Shruthi Shridhar

परिचय

अमरूद ( Guava) क्या है?

अमरूद एक सुपर फ्रूट है क्योंकि इसमें विटामिन-ए, विटामिन-सी, फोलिक एसिड, पोटेशियम, कॉपर, मैंगनीज, फाइबर, फ्लेवेनॉइड्स और फाइटोकेमिकल्स होते हैं। इसके सेवन से कई तरह की बीमारियों से भी बचा जा सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अमरूद में संतरे से ज्यादा विटामिन-सी और केले से ज्यादा पोटेशियम पाया जाता है। एक अमरूद में 169 मिली ग्राम विटामिन-सी होता है जबकि एक संतरे में इसकी मात्रा 69 मिली ग्राम होती है। अमरूद की तरह ही इसकी पत्तियां भी कई बीमारियों के इलाज में मददगार है। कई लोग इसकी पत्तियों से चाय बनाकर पीते हैं। 

अमरूद का उपयोग किस लिए किया जाता है?

डायबिटीज को रखे दूर:

अमरूद में फाइबर कंटेंट अधिक मात्रा में होता है और लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने की वजह से ये डायबिटीज से सुरक्षा प्रदान करता है। फाइबर शुगर को कंट्रोल में रखता है तो वहीं ग्लाइसेमिक इंडेक्स अचानक शुगर के लेवल को बढ़ने से रोकता है। इसके साथ ही ये वजन को भी नियंत्रित रखता है।

कैंसर से बचाव:

अमरूद का सेवन स्तन और प्रोस्टेट कैंसर से बचाता है। इसमें लाइकोपीन और विटामिन-सी होते हैं जो शरीर में  मुक्त कणों से लड़ते हैं। ये ही मुक्त कण आगे चलकर कैंसर का कारण बनते हैं। वहीं इसमें पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट्स कैंसर कोशिकाओं के प्रसार को रोकता है। कई शोधों के मुताबिक, अमरूद के पत्तों से निकाला गया अर्क कैंसर की संभावना को कम करता है।

पाचन क्रिया को रखें दुरुस्‍त:

अमरूत पाचन तंत्र संबंधी बीमारियों को दूर करने में कारगर है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। इसके सेवन से पाचक रस के स्राव को बढ़ावा मिलता है। जो पेट में अकड़न, कब्ज, अपच, गैस जैसी परेशानियों से निजात दिलाता है।

इम्यूनिटी को करे बूस्ट:

अमरूद में अच्छी मात्रा में विटामिन-सी होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसके सेवन से मौसमी इंफेक्शन और बीमारियों से बचा जा सकता है।

दांत के दर्द में फायदेमंद:

अमरूद की पत्तियों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो दांतों के दर्द को दूर करते हैं। इसके अलावा, दांतों में सड़न से निजात पाने में भी ये कारगर है। 

हृदय को रखे स्वस्थ:

अमरूद के पत्ते दिल को स्वस्थ रखने के लिए उपयोगी होते हैं। ये ब्लड में कोलेस्ट्रॉल का निम्न स्तर सुधारने में मदद करते हैं। इसमें फाइबर और एंटी-बैक्टीरिया होते हैं जो, शरीर से बैक्टीरिया, फैट और टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालता है। इससे हृदय संबंधी परेशानियां होने का खतरा अपने आप कम हो जाता है।

पीरियड्स में होने वाले दर्द से दिलाए राहत:

बहुत सारी महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट में तेज दर्द होता है। कई रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरूद की पत्तियों का अर्क पीरियड्स में होने वाले दर्द को कम करता है। एक शोध में 197 महिलाओं को शामिल किया गया। इनमें सभी को पीरियड्स के दौरान पेट में तेज दर्द होता था। इन सभी को रोजाना 6 मिली ग्राम अमरूद की पत्तियों का अर्क दिया। इससे उनमें पहले से पेट का दर्द कम देखने को मिला। यहां तक कि उन्हें इसका असर पेन किलर से भी ज्यादा कारगर महसूस हुआ।

इन बीमारियों को भी करता है दूर:

  • हाई ब्लड प्रेशर
  • डायरिया
  • कफ
  • कोल्ड
  • एसिडिटी
  • केटारेक्ट
  • स्किन संबंधित परेशानियों को करे दूर
  • बालों को बनाए मजबूत
  • हाइपरटेंशन

कैसे काम करता है अमरूद?

अमरूद विटामिन-सी, फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्त्रोत है। एंटी-ऑक्सीडेंट्स ऑक्‍सीकरण की प्रक्रिया को रोकता है। ऑक्सीकरण कोशिकाओं को क्षति पहुंचाता है। हमारा शरीर कोशिकाओं से बना हुआ है। एक भी कोशिका की क्षति होने पर स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। एंटी-ऑक्सीडेंट्स कोशिकाओं को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा, ये रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसके नियमित सेवन से आप खुद को कई रोगों से दूर रख सकते हैं।

ये भी पढ़ें: Protein powder : प्रोटीन पाउडर क्या है?

उपयोग

कितना सुरक्षित है अमरूद का उपयोग ?

  • अमरूद को सीमित मात्रा में खाना सुरक्षित है। इसका अधिक सेवन सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। शरीर में फाइबर की तेजी से मात्रा बढ़ने से आपको डाइजेशन संबंधित परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जब भी आप फाइबर की अधिक मात्रा लें तो इसके साथ आपको तरल पदार्थों का सेवन भी बढ़ाना चाहिए।
  • अगर आपको किसी वजह से फाइबर और पोटेशियम की आधिक मात्रा लेने से मना है तो इसके सेवन से बचें।
  • हाल ही में हुए शोध में यह बात बताते हैं कि गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन करने से बचना चाहिए। शोध में यह बात सामने आई है कि इसका ज्यादा सेवन करने से उनमें डायरिया होने की संभावना होती है।
  • डायबिटीज में अमरूद का इस्तेमाल एक निश्चित मात्रा में किया जाए तभी तक यह सुरक्षित हैं। अगर डायबिटीज के मरीज अधिक मात्रा में इसका सेवन करते हैं तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
  • आपको कोई अन्य बीमारी, विकार या कोई चिकित्सीय उपचार चल रहा है तो इसका सेवन न करें।
  • यदि आपको किसी तरह के खाने, जानवर या सामान से एलर्जी है तो इसका सेवन करने से बचना चाहिए।

हर्बल ​सप्लिमेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की जरुरत है। इस हर्बल सप्लिमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना जरुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

अमरूद यूं तो सभी लोगों के लिए सुरक्षित है, परन्तु हाल ही में हुए शोध में यह बात बताते हैं कि गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन करने से बचना चाहिए। शोध में यह बात सामने आई है कि करेले के बीज और करेले के रस का सेवन करने से महिलाओं को गर्भपात का खतरा हो सकता है, इसलिए इसका सेवन करने से एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लीजिए।

ये भी पढ़ें: Pumpkin : कद्दू क्या है?

साइड इफेक्ट्स

अमरूद से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

  • गैस बनना
  • सूजन होना

हालांकि हर किसी को ये साइड इफेक्ट हों ऐसा जरुरी नहीं है। कुछ ऐसे भी साइड इफेक्ट हो सकते हैं जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको अमरूद के सेवन के दौरान इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

ये भी पढ़ें: Parsley : अजमोद क्या है?

डोजेज

अमरूद को लेने की सही खुराक क्या है?

इस हर्बल सप्लिमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लिमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

ये भी पढ़ें: Turmeric : हल्दी क्या है?

उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है?

  • अमरूद एक फल के तौर पर
  • टी बैग
  • अमरूद का जूस
  • अमरूद के कैप्सूल
  • पाउडर
  • टैबलेट

ये भी पढ़ें: Valerian : वेलेरियन क्या है?

रिव्यू की तारीख सितम्बर 20, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया सितम्बर 29, 2019