मैंगोस्टीन (Mangosteen) एक फल है। जिसका वैज्ञानिक नाम गार्सिनिया मैंगोस्टाना (Garcinia mangostana) है। यह एक उष्णकटिबंधीय फल है जिसका स्वाद थोड़ा खट्टा-मीठा होता है। मैंगोस्टीन (Mangosteen) को फलों की रानी भी कहा जाता है। यह बैंगनी रंग का होता है। इसे दूसरे नामों से भी जाना जाता है। हिंदी में इसे मैंगोस्टीन कहा जाता है। तेलुगु में ‘इवारुममिडी’ (Ivarumamidi) कहते हैं, बंगाली में ‘काओ'(Kao), मलयालम में ‘कट्टम्पी'(Kaattampi), कन्नड़ में ‘मुरुगला हन्नू’, गुजराती में ‘कोकम’ के नाम से जाना जाता है। मैंगस्टीन सेहत के लिहाज से अच्छा फल है। इसमें सभी प्रकार के पोषक तत्व और खनिज पदार्थ पाए जाते है। मैंगोस्टीन ब्लड प्रेशर, कैंसर को रोकने और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। इसके फल के साथ पपड़ी, टहनी और छाल का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है।

यह फल मुख्य रूप से दक्षिण पूर्व एशिया और भारत मे केरला राज्य मे पाया जाता है। इसका पेड़ 6 मीटर से लेकर 25 मीटर तक लंबा हो सकता है। इसके फल का इस्तेमाल मिठाई बनाने के लिए भी किया जाता है।
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मैंगोस्टीन (Mangosteen) में टैनिन पाया जाता है। टैनिन डायरिया के इलाज में काम आता है। वहीं, इसमें जैनथोंस पाया जाता है, जिसमें एंटीबायोटिक, एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। इसलिए इसका प्रयोग यूरेनरी ट्रैक इंफेक्शन के इलाज में भी किया जाता है। पारंपरिक चिकित्सा में इस पौधे के अनेक भागो का इस्तेमाल किया जाता है। जो स्किन इंफेक्शन, घाव, पेचिश, टीबी, कैंसर, गठिया रोग और आंत से जुड़ी समस्याओं के इलाज में मददगार होता है। इसके साथ ही, इस फल का इस्तेमाल इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने और मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए भी किया जाता है।
इसके अलावा, कुछ लोग इस फल को सीधा स्किन से जुड़ी समस्याओं जैसे एग्जिमां के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। आमतौर पर इसका इस्तेमाल मिठाई बनाने और जाम बनाने के लिए किया जाता है। हालांकि, आप इसका इस्तेमाल हेल्थ ड्रिंक के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। इससे बनाए गए जूस को मार्केट में “जैंगो जूस’ के नाम से बेचा जाता है। कुछ मार्केटर्स का दावा है कि जैंगो जूस दस्त, मासिक धर्म की समस्याओं, मूत्र पथ के संक्रमण, टीबी और अन्य कई प्रकार का इलाज कर सकता है। हालांकि, इन बातों की पुष्टि करने के लिए अभी को उचित अध्ययन नहीं हुए हैं।
इस फल के रस, प्यूरी या छाल का इस्तेमाल कैंसर के उपचार के लिए प्रभावी होता है। हालांकि ये शरीर के अंदर कैसे काम करता है, इसकी कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है। इसके अलावा मैंगोस्टीन (Mangosteen) में पोषक तत्वों की भरमार है। एक कप मैंगोस्टीन (Mangosteen) में ये पोषक तत्व पाए जाते हैं।
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मैंगोस्टीन का उपयोग (Mangosteen) कई तरह के रोगों में किया जाता है। इसमें सबसे ज्यादा एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसमें प्राकृतिक रूप से पॉलीफेनोल (polyphenol) पाया जाता है जो जैंथोन के नाम से जाना जाता है। मैंगोस्टीन (Mangosteen) में जेन्थोन्स-एल्फा मैंगोस्टीन और गामा मैंगोस्टीन होते हैं। ये तनाव को कम करने के काम आता है। ये एंटीऑक्सीडेंट शरीर को कई प्रकार के इंफेक्शन से बचाते हैं। साथ ही हृदय रोग, सर्दी और कैंसर का रिस्क कम करने में मदद करता है। इसके अलावा मैंगस्टन इन समस्याओं के लिए भी फायदेमंद होता है :
मैंगोस्टीन (Mangosteen) हर जगह नहीं मिलता है। यह एक मौसमी फल है और यह सिर्फ गर्मियों में होता है। इसलिए इसकी उपलब्धता काफी सीमित है। आपके इसे विशेष एशियाई बाजारों से खरीद सकते हैं। ये जमे हुए या डिब्बे में बंद रूपों में भी बाजार में मौजूद है। मैंगस्टन का छिलका चिकना और गहरे बैंगनी रंग का होता है। जो खाने योग्य नहीं होता है। इसे आप चाकू के जरिए आसानी से हटा सकते हैं। इसके अंदर सफेद और रसदार गूदा होता है। आप गूदे का सेवन कर सकते हैं।
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मैंगोस्टीन का उपयोग करना पूरी तरह सुरक्षित है। मैंगोस्टीन के फायदे एक नहीं बल्कि अनेक हैं। बस इसे गर्भवती महिला और कुछ विशेष दवाओं का सेवन करने वालों को खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, ज्यादा मात्रा में इस फल का सेवन करने से आपको पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों को मैंगोस्टीन (Mangosteen) से एलर्जी भी हो सकती है। वहीं, गर्भवती महिलाओं द्वारा सेवन करने से भ्रूण को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए अगर आप इस फल का सेवन कर रहे हैं तो अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट ले बात जरूर कर लें।
मैंगोस्टीन (Mangosteen) का हर उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित है। लेकिन, इसका मतलब ये नहीं है कि इसका सेवन ज्यादा से ज्यादा खाया जाए। निश्चित मात्रा का सेवन आपके लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। इसलिए सेवन से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट की राय ले लें।
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मैंगोस्टीन (Mangosteen) का अधिक सेवन करने से कुछ साइड इफेक्ट्स भी सामने आए हैं :
मैंगस्टीन में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। यदि आप कीमोथेरेपी ले रहे हैं तो दवाओं के साथ इसका सेवन आपके शरीर पर प्रभाव डाल सकता है। इसके अलावा, हिस्टामिन रोधी (anti-histamines) दवाओं के साथ इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।
मैंगोस्टीन (Mangosteen) की खुराक के बारे में कोई खास वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं है। लेकिन, इसका सेवन उम्र, स्वास्थ्य स्थिति आदि के आधार पर करना चाहिए। इसलिए आप अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से बात कर के ही मैंगोस्टीन का सेवन करें।
मैंगोस्टीन (Mangosteen) किन रूपों में उपलब्ध है?
मैंगोस्टीन (Mangosteen) निम्न रूपों में उपलब्ध हैः
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Daily consumption of a mangosteen-based drink improves in vivo antioxidant and anti-inflammatory biomarkers in healthy adults: a randomized, double-blind, placebo-controlled clinical trial. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4534161/. Accessed on 15 January, 2020.
Current Version
24/08/2021
Shayali Rekha द्वारा लिखित
Updated by: Bhawana Awasthi