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कोरोना की लड़ाई में क्यू आर कोड का इस्तेमाल कर रहा है चीन, जानें क्यों

कोरोना की लड़ाई में क्यू आर कोड का इस्तेमाल कर रहा है चीन, जानें क्यों

कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) की वजह से चीन को काफी नुकसान झेलना पड़ा है और करीब तीन महीनों तक कई बड़े शहरों और प्रांतों को लॉकडाउन (China lockdown) रखना पड़ा। लेकिन, चीन में कई जगह पर लॉकडाउन धीरे-धीरे हटा लिया गया है और जिंदगी फिर से पटरी पर लौट रही है। लेकिन, अभी भी चीन कोरोना वायरस की महामारी कोविड- 19 (Covid- 19) पूरी तरह से खत्म नहीं कर पाया है। लेकिन, चीन अब कोरोना की लड़ाई में क्यू आर कोड का इस्तेमाल कर रहा है। जी हां, जिस क्यू आर कोड की मदद से आप डिजीटल पेमेंट करते हैं, वहीं क्यू आर कोड (QR Code) चीन में कोरोना वायरस से लड़ने और फैलने से रोकने में काम में लाया जा रहा है, आइए जानते हैं।

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कोरोना की लड़ाई में क्यू आर कोड (Use of QR Code in China) का इस्तेमाल कैसे हो रहा है?

चीन में हर नागरिक को अपने घर से बाहर जाने, आफिस जाने, कैफे, रेस्टॉरेंट, मॉल आदि में प्रवेश करने के लिए अपने मोबाइल में एक क्यू आर कोड दिखाना होता है। जिसको देखने के बाद ही सुरक्षाकर्मी आपको यात्रा या प्रवेश करने की अनुमति प्रदान करते हैं। कोरोना वायरस से बचाव के लिए अगर आपका क्यू आर कोड मानदंडो के मुताबिक नहीं पाया जाता तो आपको प्रवेश करने या यात्रा करने नहीं दिया जाता। इसके अलावा, आपके पास घर से निकलने के लिए भी क्यू आर कोड का होना आवश्यक है, इसके बिना कोई भी व्यक्ति कहीं नहीं जा सकता। आपको बता दें कि, क्यू आर कोड का मतलब क्विक रेस्पांस कोड (Quick Response Code) होता है, जो कि चीन में कोरोना वायरस से उबरने के लिए हेल्थ कोड (Health Code) के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

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कोरोना वायरस का क्यू आर कोड कहां मिलेगा?

चीन की सरकार मोबाइल तकनीक और आंकड़ों के मुताबिक, हर नागरिक को क्यू आर कोड के रूप में हेल्थ कोड प्रदान कर रही है, कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, अभी चीन के कई शहरों में यह कोड अनिवार्य होना बाकी है, जो कि जल्द ही कर दिया जाएगा। चीनी सरकार ने देश की दो डिजीटल और सॉफ्टवेयर दिग्गज कंपनी अलीबाबा (Alibaba) और टेंसेंट (Tencent) से मदद मांगी। अलीबाबा की पेमेंट एप अलीपेय (AliPay) औऱ टेंसेंट की मैसेंजिंग एप वीचैट (WeChat) को चीन में लाखों लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए इन एप पर हेल्थ कोड देने से सभी नागरिक इसका उपयोग कर पाएंगे। अलीबाबा ने सबसे पहले अपने मुख्य कार्यालय वाले शहर हांग्जो में यह हेल्थ कोड 11 फरवरी को लॉन्च किया था। वहीं, वीचैट ने भी फरवरी की शुरुआत में अपने मुख्य कार्यालय वाले शहर शेन्जेन में कोरोना की लड़ाई में क्यू आर कोड लॉन्च किया।

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कोरोना का कोड कैसे बताता है हेल्थ स्टेट्स?

क्यू आर कोड पाने के लिए चीनी नागरिकों को अली-पे या वीचैट पर जाकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी देनी होती है। क्यू आर कोड के लिए साइन अप करने पर अपना नाम, राष्ट्रीय पहचान संख्या या पासपोर्ट संख्या और फोन नंबर आदि जानकारी देनी होती है। इसके बाद यूजर्स को अपने पिछले 14 दिन की ट्रैवल हिस्ट्री और किसी संक्रमित या संभावित संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या न आने जैसी जानकारी देनी होती है। अगर वह किसी शारीरिक समस्या जैसे बुखार, थकान, सूखी खांसी, नाक बहना, गले में दर्द या डायरिया जैसे कोरोना वायरस के लक्षण का सामना कर रहे हैं, तो वह भी बताना होता है। यूजर्स द्वारा दी गई पूरी जानकारी को अथॉरिटी वेरिफाई करने के बाद हर यूजर को रेड, एंबर (पीला-नारंगी रंग) या ग्रीन कलर में से एक रंग का क्यू आर कोड प्रदान करती है।

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रेड कलर का क्यू आर कोड मिलने पर क्या होता है?

अगर किसी यूजर को रेड कलर का क्यू आर कोड मिलता है, तो इसका मतलब है कि उसका हेल्थ स्टेट्स सही नहीं है और वह संक्रमित या उसके संक्रमित होने की संभावना हो सकती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को खुद सेल्फ क्वारेंटाइन करना होता है व कहीं आने-जाने की अनुमति नहीं दी जाती और यदि यात्रा करने पर वह किसी सुरक्षाकर्मी द्वारा पहचाना जाता है, तो उसे सरकारी क्वारेंटाइन सेंटर भी भेज दिया जाता है। इसके अलावा कुछ अलग हेल्थ कोड वाले यूजर को सात दिनों के लिए सेल्फ क्वारेंटाइन करने की सलाह दी जाती है और कहीं भी यात्रा करने से भी प्रतिबंधित रखा जाता है। लेकिन, ग्रीन कलर का क्यू आर कोड पाने वाले यूजर प्रांत के अंदर कहीं भी आ जा सकते हैं, लेकिन वह भी ऐसा सुरक्षा कर्मियों को क्यू आर कोड दिखाने के बाद ही कर सकते हैं।

200 शहरों में व्यवस्था लागू

अली-पे मुताबिक फरवरी के अंत तक उसकी एप के द्वारा मिलने वाला हेल्थ कोड करीब 200 शहरों के यूजर्स द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था। वहीं, वीचैट के मुताबिक पिछले महीने तक करीब 300 शहरों के यूजर्स उसके हेल्थ क्यू आर कोड का इस्तेमाल कर रहे थे। बीजिंग में 1 मार्च को कोरोना वायरस का क्यू आर कोड लॉन्च कर दिया गया था और 10 मार्च तक बीजिंग में यात्रा करने के लिए यूजर्स को इस क्यू आर कोड का इस्तेमाल करने की सख्त सलाह दी थी। यह क्यू आर कोड आपको यह जानने में भी मदद करेगा कि आप कहीं रेड या एंबर कलर के क्यू आर कोड वाले व्यक्ति के संपर्क में आए हैं या नहीं। इसके अलावा, सरकार इसकी मदद से किसी भी व्यक्ति की सही लोकेशन पता करके जल्दी ही उसे ढूंढकर उसका इलाज या क्वारेंटाइन पीरियड शुरू कर सकती है

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हेल्थ स्टेट्स बताने वाले क्यू आर कोड की दिक्कतें

जैसा कि आप जानते हैं कि क्यू आर कोड में तकनीकी खामियां आ सकती है और इससे गलत लोगों को क्वारेंटाइन या सेल्फ आइसोलेशन करने के लिए भी जोर दिया जा सकता है। इसके अलावा, यह क्यू आर कोड सिर्फ थकान या नाक बहना जैसे लक्षणों के लिए भी रेड या एंबर कलर का क्यू आर कोड दे सकता है, जो कि एक आम फ्लू के लक्षण भी हो सकते हैं। लेकिन, फिर भी कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए चीन की सरकार को यह हथियार काफी प्रभावशाली लग रहा है।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें। कोरोना वायरस महामारी को देश से खत्म करने के लिए आपको लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही मास्क व पर्सनल हाइजीन जैसी सावधानियों का पालन करना होगा। इसके अलावा, सिर्फ सरकार या हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा दी गई जानकारी पर ही विश्वास करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Coronavirus – https://www.who.int/health-topics/coronavirus – Accessed on 16/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/index.html – Accessed on 16/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.nhs.uk/conditions/coronavirus-covid-19/ – Accessed on 16/4/2020

Coronavirus disease 2019 (COVID-19) – Situation Report – 86 – https://www.who.int/docs/default-source/coronaviruse/situation-reports/20200415-sitrep-86-covid-19.pdf?sfvrsn=c615ea20_4 – Accessed on 16/4/2020

Novel Corona Virus – https://www.mohfw.gov.in/ – Accessed on 16/4/2020

The China way: Use of technology to combat Covid-19:  https://www.geospatialworld.net/article/the-sino-approach-use-of-technology-to-combat-covid-19/

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Surender aggarwal द्वारा लिखित
अपडेटेड 17/04/2020
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