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कोरोना वायरसः लॉकडाउन के समय क्या आपको भी बहुत अधिक थकावट महसूस हो रही है?

कोरोना वायरसः लॉकडाउन के समय क्या आपको भी बहुत अधिक थकावट महसूस हो रही है?

कोविड-19 महामारी के समय दुनिया भर में भारी तबाही मची हुई है। हर देश में लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो रहे हैं। रोजाना सैकड़ों-हजारों लोगों की मौत हो रही है। ऐसी खबरें तो आप रोज सुनते होंगे, लेकिन इस समय यह खबर पहली बार सुन रहे होंगे कि लोगों को थकावट की समस्या हो रही है। जी हां, आप बिल्कुल सही सुन रहे हैं। यह आज की बिल्कुल नई और बड़ी खबर है। कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन में पूरा देश बंद है। लोग अपने-अपने घरों में बैठे हुए हैं और आराम फरमा रहे हैं। ऐसे में थकावट तो बिल्कुल नहीं होनी चाहिए, लेकिन लोगों की ऐसी ही शिकायत आ रही है। क्या आपको भी लॉकडाउन के इस समय में अधिक तनाव या थकावट महसूस हो रही है?

कोरोना वायरसः लॉकडाउन के समय क्या आपको भी बहुत अधिक तनाव और थकावट महसूस हो रही है?

कोविड-19 महामारी के कारण पूरी दुनिया में आवाजाही बंद है। भारत में भी लॉकडाउन लगा हुआ है। इस समय सार्वजनिक परिवहन सेवा जैसे- गाड़ी, बस, ट्रेन और हवाई सेवा, सभी सेवाएं बंद हैं। अधिकांश लोग अपने घरों में बैठे हुए हैं। छात्र-छात्राएं इस मौके का फायदा उठाकर पढ़ाई कर रहे हैं। महिलाएं अपने परिवार के साथ इस मौके का आनंद उठा रही हैं। केवल वर्क फ्रॉम होम की सुविधा वाले कुछ लोग जरूर अपने कार्यालय के काम में व्यस्त हैं।

लॉकडाउन के इस समय में जब लोग अपनी मनमर्जी का काम कर सकते हैं। अपने लिए समय निकाल सकते हैं। अपने शौक पूरे कर सकते हैं। परिवार के साथ क्वालिटी लाइफ गुजार सकते हैं, उस समय आज लोगों में अधिक तनाव या थकावट देखा जा रहा है। आश्चर्य की बात तो यह है कि काम करने वाले लोगों के साथ-साथ बेकार बैठे लोग भी यही शिकायत कर रहे हैं।

लॉकडाउन में तनाव और थकावट-feeling tired in lockdown
लॉकडाउन में तनाव और थकावट-feeling tired in lockdown

वैसे तो लॉकडाउन के समय अधिक तनाव या थकावट होने का कोई विशेष कारण नहीं है, बल्कि यह एक सामान्य सी बात है। ऐसा बहुत सारे लोगों के साथ हो रहा है। हम आपको बताते हैं कि आपके साथ क्या हो रहा है? क्यों आप लॉकडाउन के दौरान अन्य दिनों की तुलना में अधिक तनाव या थकावट महसूस कर रहे हैं?

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःनौकरी करने वाले लोगों को अपनी परेशानी

अगर आप नौकरी करते हैं, तो लॉकडाउन के इस समय आपके पास काम नहीं है। काम नहीं होने से आप घर पर खाली बैठे रहते हैं। खाली बैठे रहने के कारण आपका दिमाग अधिक सोच रहा है। अधिक सोचने के कारण दिमाग पर दबाव पड़ रहा है, जिससे आप तनाव और थकावट महसूस कर रहे हैं।

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःव्यापारी वर्ग को काम-धंधे का तनाव

देश भर में लगे लॉकडाउन के कारण सभी व्यापारिक गतिविधियां लगभग पूरी तरह से बंद हैं। केवल खाने-पीने, दवाई या जरूर सामानों की बिक्री ही चालू है। ऐसे में संभव है कि आपका व्यापार भी बंद हो। कई व्यापारी ऐसे हैं, जिनकी जीविका रोज की कमाई पर आधारित होती है। जब आपका व्यापार बंद है, तो कमाई नहीं हो रही होगी और कमाई नहीं होती होगी, तो जीवनयापन करना मुश्किल हो रहा होगा। लॉकडाउन की समस्या के कारण आपका दिमाग इस बारे में जरूरत से ज्यादा सोच रहा है। इस कारण आप तनाव में रहते हैं और थकावट महसूस करते हैं।

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःवर्क फ्रॉम होम करने वाले लोगों के साथ भी परेशानी

जिन लोगों को वर्क फ्रॉम होम करने की सुविधा मिली हुई है, उन्हें दूसरे लोगों की तुलना में ज्यादा काम करना पड़ रहा है। इन लोगों के दिन का पूरा समय कार्यालय के काम में लग जाता है। काम खत्म होने के बाद इनको परिवार के साथ भी समय व्यतीत करना पड़ता है। लॉकडाउन के समय पड़े दोहरे बोझ के कारण इनके मस्तिष्क को आराम नहीं मिलता। यह भी तनाव और थकावट कारण हो सकता है।

लॉकडाउन में तनाव और थकावट-feeling tired in lockdown
लॉकडाउन में तनाव और थकावट-feeling tired in lockdown

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःबेकार बैठेने से परेशानी

बेकार बैठने से भी तनाव पैदा होता है। अगर आपके पास कोई काम नहीं है, तो निश्चित रूप से आप बेकार बैठे रहते होंगे। केवल आराम फरमाते होंगे। लॉकडाउन में कई दिनों से आपका शरीर लगातार शिथिल अवस्था में है। शरीर की शिथिलता का प्रभाव दिमाग पर पड़ता है और यह तनाव और थकावट का कारण बनता है।

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटः मन उबने के कारण हो रही समस्या

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। लोगों को समाज के साथ जुड़कर रहना अच्छा लगता है। आप हमेशा से लोगों से मिलते-जुलते रहते हैं, बातें-मीटिंग करते हैं, पार्टी-शादी में जाते हैं और घूमते-फिरते हैं। इस समय आप ऐसा बिल्कुल नहीं कर पा रहे होंगे। एक ही माहौल में जीने के कारण आपका मन उब रहा होगा। इसके कारण भी आपको लॉकडाउन में अधिक तनाव और थकावट महसूस हो रही होगी।

लॉकडाउन में तनाव और थकावट-feeling tired in lockdown
लॉकडाउन में तनाव और थकावट-feeling tired in lockdown

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःदिनचर्या नहीं हो रही पूरी

हर मनुष्य के शरीर की बनावट अलग-अलग होती है और सभी को जीवन जीने के लिए एक दिनचर्या की जरूरत होती है। आप चाहें नौकरी करते हों या फिर व्यापार या कुछ और, आपका दैनिक जीवन रोजमर्रा के काम पर आधारित होता है। जब कभी भी आप अपनी दिनचर्या के खिलाफ काम करते हैं, तो ऐसा बदलाव संभव है।

विशेष रूप से लॉकडाउन के समय में आपकी पूरी दिनचर्या ही बदल दी गई है। ऐसे में आपका शरीर भी रोज की तरह गतिशील नहीं रहता। यही कारण है कि लॉकडाउन के दौरान आराम करते हुए भी आपको अधिक तनाव और थकावट महसूस हो रही है।

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःलो-लेवल क्रोनिक स्ट्रेस की समस्या

इस समय पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण का कहर फैला हुआ है। भारत में भी लॉकडाउन लगाया गया है। यह एक ऐसा संकट है, जिसकी किसी ने भी कल्पना नहीं की होगी। इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में आप अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए घर में रहने को मजबूर हैं। घर में रहते हुए भी आपको अपने स्वस्थ्य के प्रति चिंतित होना पड़ रहा है। आपका मस्तिष्क शांत नहीं रहता है। यह आपके दिमाग को भावनात्मक रूप से थकाता है। इस कारण आपको लो-लेवल क्रोनिक स्ट्रेस की समस्या होने सकती है।

लॉकडाउन में तनाव और थकावट-feeling tired in lockdown
लॉकडाउन में तनाव और थकावट-feeling tired in lockdown

जब आपका शरीर तनाव या चिंता महसूस करता है, तो इससे संबंधित शरीर में रहने वाले हार्मोन अधिक सक्रिय हो जाते हैं। ये हार्मोन धीरे-धीरे आपकी ऊर्जा लेवल को कम कर सकते हैं और संभव है कि इस कारण से आपको अधिक तनाव और थकान महसूस हो रही हो। आपको चिंता और बेचैनी हो रही हो।

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःमनोवैज्ञानिक दवाब के कारण सुस्ती

आपके दिमाग को सही तरह से काम करने के लिए पॉजिटिव और प्रोत्साहित करने वाले माहौल की आवश्यकता होती है। आज लॉकडाउन के समय आपके दिमाग को ऐसा माहौल नहीं मिल रहा है। आपका दिमाग हमेशा यही सोच रहा है कि आपको अभी कई दिनों तक इसी तरह कमरे में बंद रहना है।

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन में ऐसा मनोवैज्ञानिक दवाब आपके दिमाग को परेशान करता रहता है और इसी कारण से आप अधिक तनाव और थकावट महसूस करते हैं।

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःयोजना नहीं बना पा रहे लोग

इस समय आप किसी काम के लिए योजना या रणनीति नहीं बन सकते। आप हमेशा यह सोच रहे हैं कि इस समय आप कुछ नहीं कर सकते या आपके पास करने के लिए कुछ नहीं है। इसी कारण से खुद को सुस्त और थका हुआ महसूस कर रहे हैं। ऐसा भी हो सकता है कि आप सामान्य दिनों की तुलना में अधिक तनाव और थकावट महसूस कर रहे हों।

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःतनाव या थकावट दूर करने के उपाय

अधिकांशतः ऐसा देखा जाता है कि अधिक काम करने के कारण लोग थकावट महसूस करते हैं, लेकिन लॉकडाउन में कम काम करने या काम न होने का तनाव लोगों के दिलोदिमाग पर भारी पड़ रहा है। आप लॉकडाउन के समय ये उपाय अपना सकते हैं, ताकि अधिक तनाव और थकावट से बच सकें।

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःनई दिनचर्या बनाएं और जो कर सकते हैं, करें

कोरोना वायरस में हुए लॉकडाउन के समय आप भले ही घर पर बैठे हैं, लेकिन इसके बाद भी अधिक तनाव या थकावट वाले माहौल से निकलने के लिए कई उपाय कर सकते हैं। इसके लिए आप सबसे पहले अपने लिए नई दिनचर्या बनाएं। रोजमर्रा के काम में उन चीजों को शामिल करें, जो आप कर सकते हैं।

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःलैपटॉप और मोबाइल के लिए एक निश्चित समय निर्धारित करें

हमेशा लैपटॉप या मोबाइल पर समय व्यतीत न करें, बल्कि इनके लिए एक समय निर्धारित कर लें। दिमाग को दूसरी जगह लगाने की कोशिश करें। परिवार के साथ अधिक समय व्यतीत करें। अगर आप अपने दिमाग को पूरा खर्च नहीं करेंगे, तो आप खुद को बोर महसूस करेंगे। ऐसे में आपके लिए समय काटना मुश्किल हो जाएगा।

लॉकडाउन में थकावट-feeling tired in lockdown
लॉकडाउन में थकावट-feeling tired in lockdown

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःअपनी जीवनशैली को बदलने की कोशिश करें

लंबे समय तक गतिहीन बने रहने के कारण आपका शरीर सुस्त हो रहा है, इसलिए आपको सबसे पहले अपनी जीवनशैली को बदलने की जरूरत है। विज्ञान कहता है कि लंबे समय तक निष्क्रियता की स्थिति में फिट रहने वाला इंसान की मांसपेशियां भी निष्क्रिय हो जाती है। इससे लोग सुस्त और थकावट महसूस करने लगते हैं। इसलिए आपके पास जो भी महत्वपूर्ण काम हो, उसे दिन के समय ही करने की कोशिश करें।

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःव्यायाम से मिलेगी सकारात्मक ऊर्जा

व्यायाम करें, क्योंकि इससे शरीर को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और शरीर में थकावट भी होती है। ऐसा करने से आपको सामान्य दिनों की अपेक्षा ज्यााद नींद आ सकती है, लेकिन इस समय आपको इसे नजरअंदाज करना है। व्यायाम आपके मानसिक दबाव और तनाव को करने में मदद करेगा।

लॉकडाउन में तनाव और थकावट-feeling tired in lockdown
लॉकडाउन में तनाव और थकावट-feeling tired in lockdown

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःखाने में पसंद की चीजों का चयन करें

आपको जिस तरह का आहार पसंद है, वही खाएं। बेकार बैठे रहने से आपका शरीर ऊर्जावान नहीं रहता है। ऐसे में अगर आप वैसी चीजें खाते हैं, जो आपको पसंद न हो, तो संभव है कि उससे आपको एलर्जी और सीने में जलन हो।

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लॉकडाउन में अधिक तनाव या थकावटःपर्याप्त नींद लें

लॉकडाउन के समय अधिकांश लोग अपना समय सोशल मीडिया जैसी दूसरी चीजों पर व्यतीत करते हैं और पूरी नींद ले पाते। डॉक्टर का कहना है कि स्ट्रैस और थकावट होने का मुख्य कारण नींद की कमी हो सकती है। इसलिए पूरी नींद लें। इससे आप रिलेक्स महसूस करेंगे।

कोरोना वायरस महामारी के अनचाहे समय में पूरे देश लॉकडाउन है। याद रखें कि इसे आप या हम खत्म नहीं कर सकते, लेकिन इस परिस्थिति में भी आपको अपने शरीर को स्वस्थ रखना जरूरी है। इसलिए इन उपायों को नजरअंदाज न करें। आपके पास यही विकल्प है, जो आप कर सकते हैं। अगर आप लॉकडाउन के समय अधिक तनाव और थकावट महसूस कर रहे हैं, तो इन तरीकों से आप न सिर्फ सुस्ती और तनाव को कम कर सकते हैं, बल्कि खुद को ऊर्जावान भी बना सकते हैं।कोरोना की जानकारी को नजरअंदाज न करें और खुद का बचाव करें।

लॉकडाउन में तनाव और थकावट-feeling tired in lockdown
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सूत्र
लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Suraj Kumar Das द्वारा लिखित
अपडेटेड 23/04/2020
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