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Hydronephrosis- हाइड्रोनफ्रोसिस क्या है, इसका उपचार कैसे किया जाता है?

के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड डॉ. पूजा दाफळ · Hello Swasthya


Kanchan Singh द्वारा लिखित · अपडेटेड 15/06/2020

Hydronephrosis- हाइड्रोनफ्रोसिस क्या है, इसका उपचार कैसे किया जाता है?

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परिभाषा

हाइड्रोनफ्रोसिस किडनी से जुड़ी हेल्थ कंडिशन है जिसमें एक या दोनों किडनी में सूजन आ जाती है। सूजन की वजह है ब्लैडर का पूरी तरह से खाली न होना यानी यूरीन पूरी तरह से पास नहीं हो पाता है जिसकी वजह से किडनी पर असर पड़ता है। हाइड्रोनफ्रोसिस के बारे में विस्तार से जानिए इस आर्टिकल में।

हाइड्रोनफ्रोसिस क्या है?

हाइड्रोनफ्रोसिस एक ऐसी अवस्था है जिसमें आपकी एक या दोनों किडनी में सूजन आ जाती है। सूजन किडनी से यूरिन ठीक तरह से पास न होने के कारण होता है, जिसकी वजह से यूरिन किडनी में ही रह जाता है और परेशानी खड़ी कर देता है। ऐसा यूरिन पास करने वाली ट्यूब में ब्लॉकेज के कारण हो सकता है या फिर एनाटोमिकल डिफेक्ट की वजह से भी पेशाब पूरी तरह से किडनी से निकल नहीं पाता है।

हाइड्रोनफ्रोसिस प्राइमरी डिसीज नहीं है, बल्कि यह किसी अन्य बीमारी के कारण होता है। यह स्ट्रक्चरल है और यूरिनरी ट्रैक्ट में बाधा के कारण उत्पन्न होता है। आंकड़ों के मुताबिक, हर  100 में से एक बच्चा इससे प्रभावित होता है। हाइड्रोनफ्रोसिस किसी भी उम्र में हो सकता है। छोटे बच्चों या जन्म से पहले यदि बच्चे में हाइड्रोनफ्रोसिस पता चल जाए तो उसका उपचार प्रसव से पहले ही किया जा सकता है।

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लक्षण

हाइड्रोनफ्रोसिस के लक्षण

आमतौर पर यूरिनरी ट्रैक्ट से मूत्र प्रवाह बिना अधिक दवाब के होता है, लेकिन यदि यूरिनरी ट्रैक्ट में किसी तरह की रुकावट है तो दवाब अधिक पड़ता है। यदि मूत्र अधिक समय तक किडनी में जमा होता रहता है तो किडनी का आकार बढ़ने लगता है यानी सूजन आने लगती है। अधिक देर तक पेशाब जमा होने से किडनी पर बहुत अधिक प्रेशर पड़ता है, ऐसे में किडनी आसपास के अंगों पर दबाव बनाने लगती है। यदि जल्दी इसका उपचार नहीं किया गया तो किडनी हमेशा के लिए काम करना बंद कर सकती है।

हाइड्रोनफ्रोसिस का एक सामान्य लक्षण है बार-बार पेशाब लगना या जाने की चाह होना। अन्य लक्षणों में शामिल हैः

पेट में दर्द

मितली

उल्टी

पेशाब करते समय दर्द

ब्लैडर का पूरी तरह से खाली न होना

बुखार

सही तरीके से मूत्र प्रवाह न होने से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) की संभावना भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि UTI हाइड्रोनफ्रोसिस की सबसे प्रमुख जटिलताओं में से एक है। UTI के लक्षणों में शामिल हैः

क्लाउडी यूरीन

पेशाब के समय दर्द होना

पेशाब करते समय जलन होना

मूत्रप्रवाह रूक-रूक कर होना

पीठ में दर्द

ब्लैडर में दर्द

बुखार

ठंडी लगना

यदि आपको हाइड्रोनफ्रोसिस के लक्षण दिखते हैं तो उसके बारे में डॉक्टर से परामर्श लें। समय रहते यदि UTI का उपचार न कराया जाए तो पाइलोनफ्राइटिस (किडनी का इंफेक्शन) और सेप्सिस (रक्तप्रवाह या रक्त विषाक्तता में संक्रमण) हो सकता है।

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कारण

हाइड्रोनफ्रोसिस के कारण

हाइड्रोनफ्रोसिस एक बीमारी नहीं है, बल्कि यह आंतरिक और बाहरी स्थितियों के कारण हो सकता है, जो किडनी और यूरिनरी कलेक्टिंग सिस्टम को प्रभावित करते हैं।

हाइड्रोनफ्रोसिस के मुख्य कारणों में से एक है एक्यूट यूनिलेथरल ऑब्स्ट्रक्टिव यूरोपैथी। यह किडनी को ब्लैडर से जोड़ने वाली ट्यूब (मूत्रवाहिनी) में अचानक होने वाली रुकावट है। इस रुकावट का मुख्य कारण किडनी स्टोन होता है, लेकिन स्कारिंग और ब्लड क्लॉट्स भी एक्यूट यूनिलेथरल ऑब्स्ट्रक्टिव यूरोपैथी का कारण हो सकते हैं।

मूत्रवाहिनी (यूरेटर) के ब्लॉक होने की वजह से पेशाब शरीर से निकलने की बजाय वापस किडनी में चला जाता है, जिससे किडनी में सूजन आ जाती है। दोबारा इस तरह यूरिन के किडनी में जाने को वेसिकॉरेटरल रिफलक्स (vesicoureteral reflux) कहा जाता है।

ब्लॉकेज के अन्य कारणों में शामिल हैः

  • ब्लैडर, प्रोस्टेट ग्लैंड, यूट्रस और यूरिनेरी ट्रैक्ट से जुड़े अन्य अंगों में ट्यूमर की वजह से भी यूरिन फ्लो में रुकावट आती है।
  • पुरुषों के प्रोस्टेट ग्लैंड के बढ़ने से मूत्रमार्ग पर दवाब पड़ सकता है।
  • किडनी या मूत्रमार्ग में ब्लड क्लॉट बनने पर भी पेशाब में बाधा आती है।
  • यूरिनरी ट्रैक्ट की संकीर्ण बनावट। ऐसा किसी संक्रमण, चोट लगने, सर्जरी या जन्मजात विकार के कारण हो सकता है।
  • नर्व और मसल्स प्रॉब्लम की वजह से भी किडनी और मूत्रमार्ग पर असर पड़ता है
  • प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भाशय के बढ़ने से मूत्रमार्ग पर दवाब पड़ता है।

निदान

हाइड्रोनफ्रोसिस को कैसे डायग्नोस किया जाता है?

इसका जितनी जल्दी संभव हो निदान करना आवश्यक है, क्योंकि लंबे समय तक यह स्थिति रहने से किडनी हमेशा के लिए क्षतिग्रस्त हो सकती है। डॉक्टर डायग्नोस करने के लिए आपके संपूर्ण स्वास्थ्य का मूल्यांकन करेगा और फिर पेशाब से संबंधित परेशानी पर फोकस करेगा। वह आपके पेट और उसके आसपास के हिस्से पर हल्का मसाज करके किडनी की सूजन को महसूस करता है।

आपका डॉक्टर मूत्राशय से कुछ मूत्र निकालने के लिए कैथेटर का उपयोग कर सकता है। यदि इस तरीके से ज्यादा मात्रा में यूरिन नहीं निकलता है तो इसका मतलब है कि आपके ब्लैडर या मूत्रमार्ग में रुकावट है। मूत्रमार्ग एक ट्यूब है जिसके जरिए पेशाब शरीर से बाहर निकलता है।

सूजन को बारीकी से जांचे और रुकावट वाले हिस्से का पता लगाने के लिए डॉक्टर किडनी का अल्ट्रासाउंड या CT स्कैन भी कर सकता है।

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उपचार

हाइड्रोनफ्रोसिस के उपचार के तरीके

हाइड्रोनफ्रोसिस के इलाज में मुख्य रूप से सबसे पहले अवरोध के कारणों को दूर करने की कोशिश की जाती है। उपचार का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि पेशाब में रुकावट किस वजह से हुई है।

यदि मूत्रमार्ग में रुकावट है तो डॉक्टर उपचार के लिए निम्न तरीके अपना सकता हैः

  • मूत्रमार्ग में एक ट्यूब डालना जिसे स्टेंट कहते हैं। इससे मूत्रवाहिनी ब्लैडर तक यूरिन पहुंचाकर उसे शरीर से बाहर निकलाने में मदद करती है।
  • एक नेफ्रोस्टॉमी ट्यूब डालेगा, जो रुके हुए पेशाब को पीछे से निकालने में मदद करता है।
  • संक्रमण से बचने के लिए एंटीबायोटिक देगा।
  • पेशाब में आई रुकावट को दूर करने के लिए डॉक्टर को सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है। यदि स्कार टिशू या ब्लड क्लॉट की वजह से रुकावट आ रही है तो डॉक्टर प्रभावित पूरे हिस्से को निकाल देगा और सामान्य मूत्रप्रवाह बनाए रखने के लिए मूत्रमार्ग के हेल्दी किनारों को फिर से जोड़ सकते हैं।

    यदि मूत्रमार्ग में रुकावट की वजह किडनी स्टोन है तो इसे सर्जरी से दूर किया जा सकता है। इसके लिए आपका डॉक्टर एंडोस्कोपी सर्जरी करेगा, जिसमें एक छोटे उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है। सर्जरी से आपकी समस्या जल्द ठीक हो जाएगी। डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक्स भी दे सकते हैं जिससे किडनी इंफेक्शन का खतरा नहीं रहेगा।

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