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पार्टनर को डिप्रेशन से निकालने के लिए जरूरी है पहले अवसाद के लक्षणों को समझना

पार्टनर को डिप्रेशन से निकालने के लिए जरूरी है पहले अवसाद के लक्षणों को समझना

lअवसाद एक ऐसी मानसिक बीमारी है जो रिश्तों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है। डिप्रेशन से पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ दोनों पर ही बुरा असर देखने को मिलता है। अक्सर उदास, निराशाजनक, हतोत्साहित महसूस करना, रुचि या आनंद में कमी आना जैसे लक्षणों को अवसाद की निशानी माना जाता है। लेकिन, गुस्सा करना, दूसरों को दोष देना आदि भी डिप्रेशन के लक्षण हो सकते हैं। डिप्रेस्ड लोग अक्सर खुशी पाने की परवाह भी नहीं करते हैं।

इन सभी कारकों से यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि डिप्रेस्ड पार्टनर की मदद कैसे करें। लेकिन, अपने साथी को डिप्रेशन से बचाने के लिए आपका सपोर्ट बेहद जरूरी होता है। “हैलो स्वास्थ्य” के इस आर्टिकल में जानेंगे कि कैसे पार्टनर को डिप्रेशन से बाहर निकाला जाए?

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डिप्रेशन को समझें

अपने पति, पत्नी, गर्लफ्रेंड या ब्वॉयफ्रेंड का सपोर्ट करने के लिए जरूरी है कि पहले आपको डिप्रेशन के बारे में सबकुछ पता हो। कभी-कभी ऐसा होता है कि पार्टनर आपके साथ 24 घंटे होता है और उसके बावजूद आपको पता नहीं चल पाता है कि वो डिप्रेशन में हैं। इसके लिए डिप्रेशन के लक्षणों पर ध्यान दें-

  • डिप्रेशन के लक्षण: उदासी, निराशा की भावना
  • डिप्रेशन के लक्षण: भूख में बदलाव (वजन बहुत ज्यादा बढ़ना या कम होना)
  • डिप्रेशन के लक्षण: नींद की गड़बड़ी (बहुत कम या बहुत ज्यादा सोना)
  • डिप्रेशन के लक्षण: सामान्य गतिविधियों में अरुचि
  • डिप्रेशन के लक्षण: चिंता में रहना
  • डिप्रेशन के लक्षण: अत्यधिक गुस्सा
  • डिप्रेशन के लक्षण: ध्यान केंद्रित करने में परेशानी
  • डिप्रेशन के लक्षण: आत्महत्या के विचार आना

अपने साथी की मदद करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण और पहला कदम है बीमारी को समझना। डिप्रेशन के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं और समय के साथ बदल सकते हैं। इसलिए, अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं।

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हमेशा अवेलेबल रहें

आपको लगता होगा कि पार्टनर की मदद करने के लिए सबसे अच्छा तरीका उनके लिए सपोर्ट ग्रुप, बेस्ट डॉक्टर, अच्छा ट्रीटमेंट आदि ढूंढना है। लेकिन, सबसे अच्छा है कि आप खुद ही अपने पार्टनर की देखभाल करें। साथी के लिए आप चिंतित हैं, ऐसा उनको बताएं। उनकी हर बात को बिना कोई सलाह दिए हुए ध्यान से सुनें। साथी का उत्साह बढ़ाने के लिए कुछ ऐसे वाक्यों का इस्तेमाल करें-

  • “मुझे बताओ कि मैं क्या मदद कर सकता/सकती हूं।” (Tell me what I can do to help)
  • “तुम मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण हो।” (You are important to me)
  • ”मैं सिर्फ तुम्हारा/तुम्हारी हूं”। (I am only yours)
  • “मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं।” (I am always with you)
  • “हम इस समस्या से एक साथ लड़ेंगे।” (We will get through this together)

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पार्टनर को उपचार के लिए प्रोत्साहित करें

कई लोग अवसाद के लक्षणों को समझ नहीं पाते हैं और देखते-देखते डिप्रेशन गंभीर हो जाता है और आत्महत्या का कारण बनता है। अवसाद के उपचार के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट की आवश्यकता हो जाती है। लेकिन, डिप्रेस्ड व्यक्ति को उपचार के लिए प्रोत्साहित करना कठिन होता है। दरअसल, डिप्रेशन से ग्रसित व्यक्ति स्वीकार नहीं कर पाता है कि वह अवसाद की समस्या से जूझ रहा है, उसे जबतक इसका अहसास होता है बहुत देर हो चुकी होती है।

आप उपचार के दौरान पार्टनर को प्रोत्साहित करके उसकी मदद कर सकते हैं। साथ ही डिप्रेशन के लक्षण को कम करने के लिए डॉक्टर्स से मनोचिकित्सा, दवा और जीवनशैली में बदलाव सहित उपचार के विकल्पों के बारे में बात करें।

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घर का माहौल बनाएं सपोर्टिव

याद रखें कि पार्टनर में डिप्रेशन किसी की गलती नहीं है। आपका इमोशनल सपोर्ट और मोटिवेशन ही आपके साथी को इस कठिन समय से बाहर निकालने में मदद करेगा। इसलिए डिप्रेशन की उपचार प्रक्रिया के दौरान जीवनशैली में कुछ छोटे-मोटे बदलाव काफी मददगार साबित हो सकते हैं। अवसाद एक व्यक्ति के एनर्जी लेवल, नींद और भूख को भी प्रभावित कर सकता है, इसलिए डिप्रेस्ड लोगों के लिए घर में एक हेल्दी माहौल बनाना जरूरी होता है। इसके लिए आप कुछ इस तरह पार्टनर की मदद कर सकते हैं-

  • स्वस्थ खाने पर ध्यान दें। हेल्दी डायट को प्रोत्साहित करने के लिए अपने साथी को स्वस्थ भोजन की योजना बनाने और कुकिंग में शामिल करें।
  • साथी के साथ रोजाना व्यायाम करें। नियमित एक्सरसाइज से मानसिक सेहत सही होती है। इसके लिए मेडिटेशन, योग, साइकोथेरेपी आदि का भी सहारा लिया जा सकता है
  • सुनिश्चित करें कि घर में तनाव की जगह खुशियों भरा माहौल हो।
  • वीकेंड पर पार्टनर के साथ बाहर जाएं या घर पर ही दोस्तों, रिश्तेदारों को बुलाएं ताकि डिप्रेस्ड व्यक्ति को सामाजिक बनाने में मदद मिल सके।
  • घर में पॉजिटिव वातावरण बनाएं।

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छोटे-छोटे लक्षणों पर ध्यान दें

अपने साथी को सामान्य दैनिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने के लिए छोटे-छोटे कदम उठाएं। अवसाद ग्रसित लोग बिस्तर से उठने, नहाने यहां तक कि खाने से भी दूर भागते हैं। ऐसे में किसी भी बात के लिए उनको फोर्स करने की बजाय उनके लिए छोटे-छोटे कामों को निर्धारित करें। डिप्रेशन के उपचार में आपका सपोर्ट काफी मायने रखता है।

नींद की परेशानी होना

डिप्रेशन होने पर नींद में या तो कमी होगी या फिर ज्यादा नींद आने लगेगी। अवसाद स्लीप साइकिल को भी प्रभावित करता है। दिन के किसी भी वक्त नींद आ सकती है या पूरी रात उन्हें तारे गिनते हुए भी गुजारनी पड़ती है। इस स्थिति को अनिद्रा कहा जाता है। इससे बचने के लिए अपने पार्टनर को मेडिटेशन करवाएं और ऐसे योगासन करवाएं जो शरीर में तनाव पैदा करने वाले हॉर्मोन्स को कम करने में मदद करें।

और पढ़ें: नींद की कमी का करें इलाज, इससे हो सकती हैं कई बड़ी बीमारियां

थकान महसूस करना

डिप्रेशन में शारीरिक लक्षण भी दिखते हैं, जिसमें थकान होना भी शामिल है। जब दिमाग ही ठीक नहीं होगा, तो शरीर भी अच्छा फील नहीं करेगा। डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति को हर वक्त थकान और मायूसी का एहसास होता रहेगा। जिसका असर उनकी सोचने-समझने की शक्ति पर भी पड़ सकता है। इसलिए उन्हें ऐसा कोई काम न करने दें, जिससे थकान महसूस हो।

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चिड़चिड़ापन होना

डिप्रेशन की वजह से अकसर चिड़चिड़ापन होने लगता है। इसमे इंसान को कुछ समझ नहीं आता कि क्या सही है और क्या गलत है। डिप्रेशन होने पर व्यक्ति छोटी-सी बात पर भी झल्ला उठता है।

अवसाद में इंसान की सूझ-बूझ कम हो जाती है और वह हर छोटी-सी छोटी बात पर गुस्सा करने लगता है। ऐसे में उसको प्यार और सहारे की जरूरत होती है, इसलिए उसके साथ अच्छा बर्ताव करें।

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कमर में दर्द होना

हमारे शरीर के सभी अंग एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। दिमाग में कोई परेशानी आती है, तो उसका सीधा असर रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है। यदि आपके पार्टनर को पीठ में दर्द महसूस हो रहा है और इसके साथ ही डिप्रेशन के अन्य लक्षण भी दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इन लक्षणों को समय रहते ही कंट्रोल कर लिया जाए तो बेहतर होगा।

ज्यादा काम का प्रेशर होना

आज के युग में सभी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए भागदौड़ भरी जिंदगी जी रहे हैं। यहां काम का इतना प्रेशर होता है कि मानसिक दबाव महसूस करने लगते हैं। इसकी वजह से आप मानसिक रूप से बीमार भी हो सकते हैं। आज के आधुनिक युग में काम का प्रेशर डिप्रेशन का मुख्य कारण बनता जा रहा है। अगर आपका पार्टनर काम की वजह से ज्यादा प्रेशर ले रहा है, तो आपको उन्हें रोकना चाहिए। एक बात का ध्यान रखें कि सही समय पर उठाया गया सही कदम आपको और आपके पार्टनर को किसी बड़ी मुश्किल से बचा सकता है।

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आत्महत्या के संकेतों को पहचानें

गंभीर डिप्रेशन की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति में आत्महत्या का जोखिम रहता है। अगर आपका साथी सुसाइड की बाते करता है या मरने के लिए नए-नए साधन ढूंढता है, तो ऐसी स्थिति में सतर्कता बरतनी चाहिए और बिना देर किए साइकाइट्रिस्ट से सलाह लें। कई बार रिलेशन में परेशानी की वजह से भी लोग डिप्रेशन में आ जाते हैं और आत्महत्या के बारे में सोचने लगते हैं। ध्यान रहे कि अगर कोई व्यक्ति बार-बार आत्महत्या करने के बारे में कहने लगे और कुछ न भी करे तो भी यह खतरे की घंटी है। ऐसे लोग कई दिनों तक इसके बारे में सोचते हैं और फिर घातक कदम उठा सकते हैं।

अपने साथ की मदद करने के लिए आप खुद भी धैर्य बनाए रखें और खुद की देखभाल भी करें। ध्यान दें आप भावनात्मक रूप से अपने साथी की मदद कर रहे हैं। इसके लिए खुद को मेंटली स्ट्राॅन्ग रखना जरूरी है।

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अवसाद को जल्द से जल्द पहचान कर डिप्रेशन को बदतर होने से रोका जा सकता है। पार्टनर की देखभाल के लिए आवश्यक है कि डिप्रेशन के लक्षण को अनदेखा न किया जाए। अवसाद के लक्षण जितनी जल्दी में पकड़ में आ जाते हैं, उपचार उतनी ही जल्दी फायदा करता है।

अगर आपके पार्टनर के डिप्रेशन की वजह आपका रिलेशन या आपकी कोई ऐसी बात है जो उन्हें पसंद नहीं आ रही हो, तो तत्काल उसपर साथ मिलकर काम करें।

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सूत्र

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Is your partner depressed or anxious?/https://www.whiteswanfoundation.org/caregiving/depression-and-relationships/Accessed on 13/10/2020
लेखक की तस्वीर
Dr. Hemakshi J के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Shikha Patel द्वारा लिखित
अपडेटेड 18/10/2019
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