साइकोपैथ या फिर सनकीपन को लेकर लोगों के मन में अलग-अलग धारणाएं रहती हैं। सनकीपन से मतलब मेंटल इलनेस यानी की मानसिक बीमारी होता है। साइकोपैथ कोई ऑफीशियल डायग्नोसिस नहीं है।
साइकोपैथ या फिर सनकीपन को लेकर लोगों के मन में अलग-अलग धारणाएं रहती हैं। सनकीपन से मतलब मेंटल इलनेस यानी की मानसिक बीमारी होता है। साइकोपैथ कोई ऑफीशियल डायग्नोसिस नहीं है।

साइकौपैथ की सही परिभाषा एंटीसोशल पर्सनैलिटी डिसआर्डर (Antisocial personality disorder ) यानी ASPD है। ASPD को व्यक्ति के व्यवहार से जोड़कर देखा जाता है। इस डिसऑर्डर से ग्रसित लोग अक्सर दूसरे लोगों के साथ हिंसक हो सकते हैं।
अगर कोई व्यक्ति शांतिप्रिय जगह पसंद करता है और किसी से ज्यादा बात नहीं करता है तो उसे साइको नहीं कहा जाएगा। सनकीपन एक डिसऑर्डर के कारण होता है। ASPD यानी एंटीसोशल पर्सनैलिटी डिसआर्डर के साथ ही एंटी-सोशल होने से एक अलग तरह का बिहेवियर देखने को मिलता है।
ऐसे व्यक्ति सोसायटी के बनाए नियमों के विरूद्ध जाना चाहते हैं और उनके बिहेवियर को समझने में और अधिक मुश्किल हो जाती है।
सनकीपन यानी अचानक से इंसान के व्यवहार में आने वाला बदलाव है। इंसान सामान्य व्यक्तियों की तरह व्यवहार नहीं करता है। एएसपीडी के तहत व्यक्ति का समाज के प्रति रवैया बदल जाता है।
साथ ही व्यक्ति को कुछ खास बातों से समस्या भी हो सकती है। जानिए सनकीपन के कारण इंसान का व्यवहार कैसा हो जाता है।
एएसपीडी के अन्य लक्षण भी महसूस किए जा सकते हैं। जो लोग इस डिसऑर्डर से ग्रस्त होते हैं, उनमें झूठ बोलने की आदत, धोखा देने की प्रवृत्ति, व्यवहार में लापरवाही देखने को मिल सकती है। ऐसे व्यक्तियों में अचानक से बहुत तेज गुस्सा या फिर किसी भी बात पर आक्रामक होने की प्रवृत्ति होती है।
ऐसे लोगों से भावनात्मक लगाव की उम्मीद नहीं की जा सकती है। हो सकता है कि ऐसे लोग सतही आकर्षण महसूस करें। ऐसे लोगों का आक्रामक रवैया कभी-कभी घातक भी हो सकता है।
एएसपीडी से ग्रसित लोगों को इस बात की बिल्कुल परवाह नहीं रहती है कि उन्होंने किसी को चोट पहुंचाई है या फिर किसी का अपमान किया है। सनकीपन से ग्रसित लोगों में पश्चाताप की कमी भी पाई जाती है।
सनकीपन को कोई मानसिक बीमारी नहीं माना जाता है इसलिए एक्सपर्ट एएसपीडी के लक्षणों को पहचानने का काम करते हैं। एएसपीडी की पहचान हो जाने के बाद उसका निदान यानी उपचार करते समय कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
सनकीपन की समस्या दूर करना इसलिए भी कठिन हो जाता है क्योंकि इससे ग्रसित व्यक्ति ये मानने को तैयार ही नहीं होते हैं कि उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या है। इसी कारण से साइको व्यक्ति शायद ही अपनी समस्या का इलाज करवा पाते हैं।
सनकीपन के कारण बिहेवियर में आने वाला बदलाव टीनएज में ही दिखने लगता है लेकिन अधिक जानकारी न होने की वजह से लोग इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। ज्यादातर मामलों में 15 साल की उम्र में सनकीपन के लक्षण दिखने शुरू हो सकते हैं।
साथ ही लोगों में सनकीपन के कारण खराब व्यवहार लेट टीनएज में अधिक दिखाई देता है। व्यक्ति से बात करके, उसकी भावनाओं को जानकर, बिहेवियर पैटर्न की जानकारी और रिलेशनशिप आदि के बारे में बात कर एएसपीडी के लक्षणों का पता लगाया जा सकता है।
ये बात सच है कि सनकीपन के लक्षणों का पता 18 साल से पहले नहीं चल सकता है लेकिन बच्चों में कंडक्ट डिसऑर्डर (conduct disorder) या अपोजीशनल डिफाइंट डिसऑर्डर (oppositional defiant disorder) का पता लगाया जा सकता है।
अगर बच्चा स्कूल में या फिर घर में आक्रामक रवैया अपना रहा है तो उस पर ध्यान देना चाहिए। अगर बच्चा किसी की भी बात नहीं मानता है और गुस्से में हाथ उठाता है तो डॉक्टर से अवश्य मिलना चाहिए। इस स्थिति में डॉक्टर क्लीनीशियन सीडि ट्रेस्टेड सोर्स के लिए इवेलुएट करने का डिसीजन दे सकते हैं।
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सनकीपन कोई ऑफिशियल मानसिक विकार नहीं है। विशेषज्ञों ने इस स्थिति की पहचान एएसपीडी (एंटीसोशल पर्सनैलिटी डिस्ऑर्डर) के रूप में की है। इसके निदान से पहले ये जानना जरूरी है कि इस स्थिति के इलाज और निदान में कुछ विशेष प्रकार की चुनौतियां सामने आती हैं।
एएसपीडी का इलाज मुश्किल हो सकता है क्योंकि इस समस्या से ग्रस्त व्यक्ति को लगता ही नहीं है कि उनके व्यवहार में कुछ गड़बड़ है। इस वजह से बहुत कम लोग ही इलाज के लिए आते हैं।
एसपीडी के मामलों में व्यक्ति के व्यवहार में 15 साल की उम्र या टीएनज से ही सनकीपन के लक्षण शुरू हो जाते हैं। हालांकि, उनमें 18 साल की उम्र तक इसका पता नहीं चल पाता है। अधिकतर मामलों में व्यवहार में सबसे ज्यादा बदतर स्थिति टीएनज उम्र के आखिरी सालों में होती है और 29 साल की उम्र तक रह सकती है।
सनकीपन का सही निदान करने के लिए मैंटल हेल्थ प्रोफेशनल की मदद लेनी पड़ती है। उपचार के दौरान मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल व्यक्ति के विचारों, भावनाओं, व्यवहार के पैटर्न और संबंधों के बारे में जानने की कोशिश करते हैं। वे लक्षणों को पहचान कर उनकी तुलना एएसपीडी के लक्षणों से करते हैं।
मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल मरीज की मेडिकल हिस्ट्री पर भी ध्यान देते हैं। इससे पता चलता है कि व्यक्ति को कहीं साइकोपैथ के साथ कोई अन्य मानसिक विकार तो नहीं है।
साइकोपैथ और सोशियोपैथ दोनों ही एएसपीडी को डिस्क्राइब करने का काम करते हैं। सोशियोपैथ भी ऑफिशियल डायग्नोसिस नहीं है। ये साइकोपैथ में आता है और एएसपीडी के डायग्नोस के दौरान इस शब्द का प्रयोग किया जाता है।
अगर जनरल पॉपुलेशन की बात की जाए तो करीब 1 प्रतिशत लोग सनकीपन के शिकार होते हैं। इनमें अधिक संख्या पुरुषों की ही होती है।
सनकीपन वाला व्यक्ति दूसरों की परवाह न करते हुए अपनी मर्जी का काम करता है। काम न होने की स्थिति में दूसरे व्यक्ति के साथ मारपीट तक पर उतर आते हैं। ऐसे लोगों को किसी से भी सहानभुति नहीं होती है।
सनकीपन को लेकर साल 2012 में एक अध्ययन हुआ था। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ वुमेन हेल्थ में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक जो महिलाएं साइको होती हैं, उन्हें छेड़खानी और सेक्शुअली मेनुपुलेट करने में बेहतर महसूस होता है।
साथ ही ऐसी महिलाएं बोलने में आक्रामक और मतलबी भी हो सकती हैं। महिलाओं के दूसरों पर हिंसक हमला करने की संभावना कम होती है। वहीं सनकीपन के शिकार पुरुष दूसरों पर अधिक हमला करते हैं। ऐसे पुरुषों में धोखाधड़ी करने और दूसरों को पीटकर घायल करने के आरोप अधिक लगते हैं।
सही मायनों में देखा जाए तो सनकीपन को दवाओं से ठीक नहीं किया जा सकता है। हो सकता है कि डॉक्टर समस्या का इलाज करने के लिए थेरेपी सजेस्ट करें। कई बार समस्याओं को बात करके भी सुलझाने में मदद मिलती है।
बेहतर रहेगा कि इस बारे में अपने डॉक्टर से जरूर बात करें। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
(Accessed on 7/1/2020)
Psychopathic Personality Traits
https://journals.sagepub.com/doi/abs/10.1177/0306624X18787304
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https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3379858/
What is a psychopath?
https://www.healthline.com/health/psychopath
differences between male and female psychopaths
https://www.businessinsider.nl/male-and-female-psychopaths-how-they-are-different-2018-9/?international=true&r=US
Psychopaths
https://www.pnas.org/content/115/13/3302
Sociopath vs. Psychopath
https://www.webmd.com/mental-health/features/sociopath-psychopath-difference#1
Current Version
06/11/2020
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Shivam Rohatgi
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar