home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

हेल्थ इंश्योरेंस से पर्याप्त स्पेस तक प्रेग्नेंसी के लिए जरूरी है इस तरह की फाइनेंशियल प्लानिंग

हेल्थ इंश्योरेंस से पर्याप्त स्पेस तक प्रेग्नेंसी के लिए जरूरी है इस तरह की फाइनेंशियल प्लानिंग

प्रेग्नेंसी और आर्थिक स्थिति का गहरा रिश्ता है। अगर आप बच्चा प्लान कर रही हैं या कंसीव कर चुकी हैं, तो इसके बारे में जरूर सोचना चाहिए। घर में आने वाले नन्हें मेहमान के लिए कई चीजों की जरूरत पड़ती है। आने वाले बच्चे के लिए कई पेरेंट्स फाइनेंशियल कंडिशन को लेकर भी स्ट्रेस लेते हैं। डिलिवरी के सयम मां का फाइनेंशियल कंडिशन को लेकर होने वाला डिप्रेशन बच्चे पर बुरा असर डाल सकता है। यदि प्लानिंग के साथ बेबी न किया जाए तो मां-बाप आने वाले बच्चे के काम, मेडिकल खर्चे आदि के बारे में सोच कर परेशान हो जाते हैं। अगर प्रेग्नेंसी प्लानिंग कर ली है, तो आपको फिनेंशियल प्लानिंग की तैयारी भी पहले से कर लेनी चाहिए। अगर बिना प्लानिंग के कंसीव किया है तो पहले इन सवालों का जवाब खोंजे।

और पढ़ें :प्रेग्नेंसी के दौरान फोलिक एसिड लेना क्यों जरूरी है?

ये सवाल आपके लिए हैं

ये उन लोगों के लिए है जो बिना प्लानिंग के मां-बाप बनने जा रहे हैं। प्रेग्नेंसी और आर्थिक स्थिति आपस में जुड़े हुए है क्योंकि परिवार में बच्चे का आना ही मुद्दा नहीं होता बल्कि उसके बाद आर्थिक स्थिति में क्या बदलाव आएगा ये मुद्दा होता है।

  • आपकी वर्तमान आय कितनी है?
  • आपकी फैमिली में बच्चा आने के बाद क्या किसी को आर्थिक रूप (हाउसिंग,फूड,मेडिकल केयर) से किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ा?
  • भविष्य में आपको अपने बच्चे के अच्छे जीवन के लिए किन चीजों में कटौती करनी पड़ सकती है?

अगर आप इन सावलों के जवाब से संतुष्ट हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। प्रेग्नेंसी के दौरान अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में सोचना गलत बात नहीं है। अगर आप फाइनेंशियल रूप से संतुष्ट हैं तो आने वाले बच्चे के लिए तैयारियां शुरू कर दें। साथ ही आपको कुछ बातें भी ध्यान रखने की जरूरत पड़ेगी। प्रेग्नेंसी और आर्थिक स्थिति को साथ लेकर चलने वाले पेरेंट्स बच्चे को दुनिया में आने के लिए तैयार होते हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में।

यह भी पढ़ें : इनफर्टिलिटी से बचने के लिए इन फूड्स से कर लें तौबा

हेल्थ इंश्योरेंस लिया है कि नहीं?

प्रेग्नेंसी और आर्थिक स्थिति की बात करने पर खुद की सिक्योरिटी बहुत जरूरी है। आने वाले बच्चे के सुनहरे भविष्य के लिए आपको खुद का हेल्थ इंश्योरेंस कराने की जरूरत है। आपके पार्टनर या फिर आपका अब तक हेल्थ इंश्योरेंस नहीं हुआ है तो बेबी के आने से पहले इसे जरूर कराएं। आप इंडिपेंडेंट ब्रोकर की हेल्प भी ले सकते हैं। प्रेग्नेंसी और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए आप बच्चे के लिए इश्योरेंस ले सकते हैं।

प्रेग्नेंसी और आर्थिक स्थिति

प्रेग्नेंसी और आर्थिक स्थिति को महिला की जॉब से जोड़ कर भी देखा जा सकता है । अगर आपने बिना प्लान के कंसीव किया है तो पेड और अनपेड लीव की जानकारी लें। अगर अनपेड लीव ले रही हैं तो क्या आपके पास जरूरी बजट रहेगा? क्या आपने पहले से सेविंग अकाउंट में रुपए जमा करके रखे हुए हैं? कामकाजी महिला के लिए प्रेग्नेंसी और आर्थिक स्थिति के तहत ये मुख्य मुद्दा होता है। कई बार महिलाओं को डिलिवरी के बाद बच्चा संभालने के लिए जॉब से ब्रेक लेना पड़ता है। ऐसे में प्रेग्नेंसी और आर्थिक स्थिति को साथ मैनेज करना कभी-कभी कपल्स के लिए मुश्किलें लेकर आता है लेकिन समय के साथ चीजें मैनेज हो जाती है।

और पढ़ें : तीसरी प्रेग्नेंसी के दौरान इन बातों का रखना चाहिए विशेष ख्याल

ये भी सोच लें

मैं आर्थिक रूप से सक्षम हूं। अगर ये ख्याल आपके मन में है तो आपका दूसरा कदम क्या होना चाहिए ? जब दुनिया में बच्चा आ जाएगा तो उसको भी आर्थिक रूप से सुरक्षा की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में आपको हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लेने की जरूरत है। अगर आपको या आपके पार्टनर को बच्चा पैदा होने के बाद कुछ हो जाता है तो बच्चा आर्थिक रूप से सुरक्षित रहेगा। प्रेग्नेंसी और आर्थिक स्थिति को एक साथ जोड़ना इसलिए भी जरूरी है कि कई बार कैज्यूलटी होने पर आपके बच्चे की सुरक्षा होना जरूरी है।

विकलांगता का बीमा भी है जरूरी

अगर आपके पास विकलांगता का बीमा नहीं है तो इसे भी करा लें। अगर महिला प्रेग्नेंट है तो उसके लिए मुश्किल हो सकती है। पार्टनर इसे जरूर करा सकता है। शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म बीमा के बारे में जानकारी प्राप्त करें और फिर इसे कराएं। प्रेग्नेंसी और आर्थिक स्थिति इसलिए भी साथ-साथ चलती है क्योंकि बच्चे और परिवार के लिए बीमा होना जरूरी है।

और पढ़ें : हनीमून के बाद बेबीमून, इन जरूरी बातों का ध्यान रखकर इसे बनाएं यादगार

क्या स्पेस की कमी है?

अब तक घर में केवल दो लोग थे। कम जगह में भी काम चल रहा था। अगर आपको ऐसा लग रहा है कि आने वाले बच्चे के लिए जगह कम पड़ रही है तो आपको नए मकान की तलाश जारी कर देनी चाहिए। बच्चे के हिसाब से ज्यादा जगह की जरूरत पड़ती है। घर में अगर अन्य सदस्य भी हैं तो बच्चे के हिसाब से एक अलग कमरे की जरूरत पड़ सकती है। प्रेग्नेंसी और आर्थिक स्थिति इसलिए भी कनेक्टेड हैं क्योंकि बच्चे के आने से खर्चा बढ़ता है। बच्चे के लिए कई बार ज्यादा स्पेस की जरूरत होती है ऐसे में नया घर लेना पेरेंट्स के लिए महंगा पड़ सकता है।

बच्चे के लिए तैयारी

अब आप ये तो जान ही गए होंगे कि आने वाले बच्चे के लिए आपको आर्थिक रूप से मजबूत होना कितना जरूरी है। बहुत सारी प्लानिंग करने के बाद अब बारी आती है मैटरनिटी क्लॉथ की। बच्चों को कई जोड़ी कपड़ों की जरूरत पड़ती है। आपको भी करीब पांच से छह जोड़ी कपड़ें पहले से ले लेने चाहिए। अगर आपके किसी संबंधी के पास पहले से ही छोटे कपड़े उपलब्ध हैं तो आप कुछ समय के लिए उन्हें भी इस्तेमाल कर सकती है। इस दौरान हाइजीन का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। अपने साथ-साथ बच्चे के हाइजीन का विशेषज्ञ ख्याल रखें।

आर्थिक स्थिति आपके आने वाले बच्चे के जीवन पर असर डालती है। अगर आप प्रॉपर प्लानिंग के बाद कंसीव करते हैं तो आपके लिए अच्छा रहेगा। अगर बिना प्लानिंग के आप मां-बाप बनने वाले हैं तो बेहतर होगा कि एक बार अपने घर के सदस्यों से आर्थिक मुद्दे पर बातचीत करें। हो सकता है कि परिवार की मदद आपका और बच्चे का जीवन सुखद बना दें।

हम उम्मीद करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में प्रेग्नेंसी और आर्थिक स्थिति के बारे में बताया है। यदि आपका इससे जुड़ा कोई सवाल है तो कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं। इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए बेहतर होगा आप किसी विशेषज्ञ से कंसल्ट करें।

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

अपने पीरियड सायकल को ट्रैक करना, अपने सबसे फर्टाइल डे के बारे में पता लगाना और कंसीव करने के चांस को बढ़ाना या बर्थ कंट्रोल के लिए अप्लाय करना।

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

अपने पीरियड सायकल को ट्रैक करना, अपने सबसे फर्टाइल डे के बारे में पता लगाना और कंसीव करने के चांस को बढ़ाना या बर्थ कंट्रोल के लिए अप्लाय करना।

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

सायकल की लेंथ

(दिन)

28

ऑब्जेक्टिव्स

(दिन)

7

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Effects of prenatal stress on pregnancy and human development: mechanisms and pathways/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5052760/Accessed on 12/12/2019

Budgeting when you’re pregnant/https://www.moneyadviceservice.org.uk/en/articles/sorting-out-your-money-when-youre-pregnant/Accessed on 12/12/2019

Financial support for teenage parents/https://www.pregnancybirthbaby.org.au/financial-support-for-teenage-parents/Accessed on 12/12/2019

Cost of having a baby: https://moneysmart.gov.au/having-a-baby Accessed on 12/12/2019

लेखक की तस्वीर badge
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 27/07/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
x