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जानिए कितने तरह के होते हैं सेक्शुअल बिहेवियर?

जानिए कितने तरह के होते हैं सेक्शुअल बिहेवियर?

नकारात्मकता की भावना वह है जो हम भारतीयों में हम तब पाते हैं जब हम सेक्स के बारे में बात करते हैं या चर्चा करते हैं। वहीं बहुत से लोगों को प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स को लेकर कई तरह के सवाल होते हैं। यह कहा जाता है कि हम भारतीय ‘लज्जा’ में विश्वास करते हैं, इसलिए इस पर चर्चा करना एक निषेध माना जाता है। आज के समय में भी सेक्स बारे में बात करना लोगों असहज कर देता है, लेकिन प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स को समझना बेहद जरूरी है।

ज्यादातर लोग अगर सेक्स के बारे में बात करते हैं, तो यह केवल अपने साथी के साथ अंतरंग होकर यौन सुख का आनंद लेने के बारे में है। विभिन्न प्रकार के यौन झुकावों के लिए, सेक्स का मतलब अलग है। तो आइए आज जानते हैं सेक्शुअल बिहेवियर कितने प्रकार के होते हैं।

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सेक्स (SEX) क्या है?

सेक्स का मतलब विभिन्न लोगों के लिए अलग-अलग हो सकता है। सेक्स आपके विश्वास, आपकी कामुकता और यहां तक कि आपके गुप्तांगो पर भी प्रभाव डालता हैं। एक यौन क्रिया में वजायनल सेक्स के अलावा कई चीजें शामिल होती हैं। सेक्स को मुख्यतः दो प्रकार में बाटा जाता है, प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स।

प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स

जानिए प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स में अंतर (Difference Between Natural And Unnatural Sex)

प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स में अंतर जानने के लिए पहले प्राकृतिक सेक्स (Natural Sex) के बारे में जान लेते हैं।

जिस यौन क्रिया से प्रजनन संभव है उस क्रिया को प्राकृतिक सेक्स कहते हैं। प्राकृतिक सेक्स में वह सब कुछ शामिल है जो करने में नैचुरल लगता है, जैसे कि गले लगाना, चुंबन, किसी भी स्पर्श जो आपकी यौन उत्तेजना को बढ़ा दे, ओरल सेक्स, इत्यादि। प्राकृतिक सेक्स के मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं :

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वजायनल सेक्स (Vaginal Sex)

यह विषमलैंगिक, सीधा सेक्स है, जहां पीनस का वजायना में पेनेट्रेशन होता है। यह सबसे आम प्रकार का सेक्स है। इस प्रकार के सेक्स से ही गर्भधारण और प्रजनन होता है। एक कपल के बीच अच्छी कैमिस्ट्री के लिए वजायनल सेक्स जरूरी माना जाता है। यह रिश्तों को बेहतर बनाने के साथ ही कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक लाभ भी प्रदान करता है। इसलिए इसे विशेष महत्व दिया जाता है। वजायनल सेक्स में कई प्रकार की पुजिशन का उपयोग भी किया जाता है।

ओरल सेक्स (Oral Sex)

ओरल सेक्स जिसे हिंदी में मौखिक संभोग कहा जाता है वह यौन क्रिया है जिसमें पार्टनर को एक्साइट करने के लिए उसके गुप्तांगों (वजायना और पेनिस पर) पर होंठ, जीभ या दांत का उपयोग किया जाता है। हालांकि ओरल सेक्स कई बार इंफेक्शन का कारण भी बन जाता है, लेकिन युवाओं के बीच ये खासा लोकप्रिय है। ओरल सेक्स को महिलाएं और पुरुष दोनों ही काफी एंजॉय करते हैं। ओरल सेक्स को इंग्लिश में ब्लो जॉब देना भी कहते हैं।

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हस्तमैथुन (Masturbation)

प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स

सेक्स के इस रूप में पेनेट्रेशन नहीं होता। इसमें आप अपने साथी के सामने हस्तमैथुन करते है या हस्तमैथुन करने में उनकी मदद करते है। यह यौन गतिविधि का सबसे सुरक्षित रूप है क्योंकि इसमें एसटीडी, गर्भावस्था या संक्रमण का जोखिम न के बराबर है। हालांकि यह डिबेट का विषय है कि हस्तमैथुन करना लाभदायक है या हानिकारक। हालांकि इसे अधिक बार ना किया जाए तो इसके कई फायदे बताए गए हैं। जिसमें तनाव दूर करना, संतुष्टि दिलाना, सेक्शुअल परफॉर्मेंस में सुधार करना आदि शामिल हैं। इसके साथ ही ज्यादा हस्तमैथुन का प्रभाव पुरुषों के स्पर्म पर पड़ता है।

प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स में अंतर जानने के लिए अब जान लेते हैं अप्राकृतिक सेक्स (Unnatural Sex) के बारे में।

समलैंगिक यौन संबंध, जानवरों के साथ या सेक्स टॉयज का उपयोग से की जानेवाली की गयी यौन क्रिया को अप्राकृतिक सेक्स की श्रेणी में रखा जाता है। कई प्रकार कुत्ते, गाय, भैंस आदि जानवरों के साथ लोगों के इस प्रकार के सेक्स करने को लेकर खबरें आती हैं। लोग इस विषय पर कोई बात नहीं करना चाहते, इसलिए यह अपराध को भी जन्म देता है। समलैंगिक संबंधों में एचआईवी के संक्रमण का खतरा सामान्य कपल्स की तुलना में 28 गुना ज्यादा होता है। एनल सेक्स भी अप्राकृतिक माना जाता है। इसकी वजह से हेपेटायटिस और एचआईवी जैसे यौन रोग हो सकते हैं। इसके साथ ही यह पार्टनर की इंजरी का कारण भी बन सकता है। ।

दरअसल, अप्राकृतिक सेक्स मनोवैज्ञानिक और शारीरिक दोनों रूप से आपको प्रभावित करता है और जब यह एक आदत बन जाती है तो और भी गंभीर समस्या बन सकती है। अगर आप अपने किसी खास को इस प्रकार के सेक्स एडिक्शन से घिरा हुआ पाएं तो इससे निकलने में उसकी मदद करें। साथ ही उसे डॉक्टर की हेल्प लेने के लिए कहें।

होमोसेक्शुअल यानी समलैंगिकता को ‘अप्राकृतिक’ माना जाता है। क्योंकि यह हमारे सिद्धांत जिसमें लड़का लड़की ही कपल होते हैं के खिलाफ होते हैं। हालांकि अब दूसरे देशों की तरह भारत में भी इस प्रकार के रिश्तों को स्वीकृति मिल गई है। कुछ विशेषज्ञ एनल और ओरल सेक्स को भी अप्राकृतिक मानते हैं।

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प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स (Natural And Unnatural Sex) का निष्कर्ष:

कभी भी हम सेक्स के महत्व को कम नहीं आंक सकते। यह तनाव को कम करने से लेकर इम्यून सिस्टम को बेहतर और रिश्तों को मज़बूत करता है। यदि आप अपनी सेक्शुअल प्रेफरेंस को लेकर कंफ्यूज हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर या किसी यौन रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

उम्मीद करते हैं कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और प्राकृतिक और अप्राकृतिक सेक्स से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

 

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सूत्र

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Pawan Upadhyaya द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 24/04/2021 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड