जानें कितना सुरक्षित है बच्चों के लिए वीडियो गेम

    जानें कितना सुरक्षित है बच्चों के लिए वीडियो गेम

    आजकल के आधुनिक दौर में बच्चों के लिए वीडियो गेम के तौर पर ढेरों विकल्प मौजूद हैं। बच्चों को वीडियों गेम्स खेलना भी बहुत पसंद होता है। आए दिन बच्चों के लिए वीडियो गेम भी बनते रहते हैं जिसे खेलने में बच्चे व्यस्त भी रहते हैं। कई बार बच्चे इन वीडियो गेम्स को खेलने में इतने मशगूल हो जाते हैं कि अपने माता-पिता की बात तक नहीं सुनते।

    और पढ़ें : स्क्वॉट्स के फायदे जानने के बाद आप इस एक्सरसाइज को रोज करने लगेंगे

    सवाल

    बच्चों के लिए वीडियो गेम कितना सुरक्षित और हानिरकारक हो सकता है?

    जवाब

    स्वास्थ्य और मानसिक विकास के लिहाज से बच्चों के लिए वीडियो गेम कुछ हद तक खतरनाक हो सकते हैं। अगर वीडियो गेम्स खेलने की बात करें तो हर पेरेंट्स बच्चो पर चीढ़ जाते है। हर पेरेंट अपने बच्चे को बोलते हैं कि गेम्स नहीं खेले इससे आंख खराब होती है। ये बात सही भी है की ज्यादा वीडियो गेम्स खेलने से आंख खराब हो सकती है। लेकिन इसके साथ ही बच्चों के लिए वीडियो गेम खेलने की बहुत से फायदे भीं है। इसलिए अगर आपके बच्चे कहें की उन्हें वीडियो गेम खेलना है, तो इसमें कोई बुरी बात नहीं है। बच्चों के लिए वीडियो गेम का एक टाइम फिक्स करें, ताकि आपका बच्चा गेम भी खेले और एक्टिव भी रहे।

    और पढ़ें : बच्चों का पढ़ाई में मन न लगना और उनकी मेंटल हेल्थ में है कनेक्शन

    बच्चों के लिए वीडियो गेम के फायदे क्या हैं?

    बच्चों के लिए वीडियो गेम जहां कुछ हद तक नुकसानदेह हैं, तो वहीं कुछ हद तक ये फायदेमंद भी हैं। तो आइए जानते हैं बच्चों के लिए वीडियो गेम कितना फायदेमंद हैंः

    1.थिंकिग पावर बढ़ाने में मदद करे बच्चों के लिए वीडियो गेम

    बच्चों के लिए वीडियो गेम बच्चो की थिंकिंग पावर यानी बच्चों के सोचने की क्षमता को बढ़ा सकता है। कुछ गेम्स प्रॉब्लम सॉल्विंग होते हैं। जैसे-जैसे बच्चे इन पजल्स गेम्स को खेलते हैं, उनका लेवल उतना ही मुश्किल होता जाता है। इससे बच्चे के मानसिक विकास पर अच्छा प्रभाव देखा जा सकता है। इसे खेलने से बच्चों में प्राब्लम सॉल्विंग टेक्नीक बढ़ सकती है। बच्चे लीड लेने लगते हैं और कॉम्पिटेटिव खेलने लगते है। बच्चे के मानसिक विकास के लिए ये जरूरी होता है।

    2.क्रिएटिविटी बढ़ाए

    बच्चों के लिए वीडियो गेम बच्चे के क्रिएटिविटी लेवल को बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं। कुछ बच्चों को वीडियो गेम्स क्रिएटिविटी लगती है, तो कई बच्चो को ये दिलचस्प लगता है और वो उसी तरह से सोचने भी लगते है।

    और पढ़ें : मां का गर्भ होता है बच्चे का पहला स्कूल, जानें क्या सीखता है बच्चा पेट के अंदर?

    3.चीजें याद करने में मदद करता है बच्चों के लिए वीडियो गेम

    बच्चों के लिए वीडियो गेम का सिर्फ मतलब खेल खेलने से ही नहीं होता है, बल्कि बच्चों के लिए ऐसे कई वीडियो भी है जिनकी मदद से छोटे उम्र के बच्चों को लर्निंग दी जाती है। इन एनिमेशन लर्निंग वीडियो का इस्तेमाल आमतौर पर छोटे बच्चों के प्लेवे स्कूल्स में भी किया जाता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, जब किसी बच्चे को कोई चीज ग्राफिक्स, एनिमेशन या तस्वीरों के जरिए याद कराई जाती है या बताई जाती है, तो बच्चे उसे बहुत आसानी से समझ और याद कर सकते हैं। इसलिए बच्चों के लिए वीडियो गेम का मतलब सिर्फ खेल ही नहीं, बल्कि पढ़ाई से भी जुड़ी होती है।

    4.दोस्त बनाने में मदद करे

    बच्चो के लिए वीडियो गेम बच्चे के लिए नए दोस्त बनाने में मदद कर सकता है। अगल-अलग उम्र और अलग-अलग पसंद के अनुसार बच्चों के लिए वीडियो गेम बनाए जाते हैं। इससे बच्चे अपनी उम्र और पसंद के अनुसार वीडियो गेम खेलने वाले दूसरे बच्चे से जल्द ही दोस्ती कर सकते हैं।

    5.फिजिकल फिटनेस पर ध्यान बढ़ाता है बच्चों के लिए वीडियो गेम

    बच्चों के लिए वीडियो गेम के कई प्रकार मौजूद हैं। इनमें से जहां कुछ पजल्स हैं, तो कुछ कैरेक्टर बेस्ड भी हैं। इनमें जहां कुछ दिमाग पर जोर देते हैं, तो वहीं कुछ शरीर पर जोर देते हैं। ऐसे कई गेम हैं जो बच्चे को शारीरिक तौर पर नए-नए मूव्स सीखने के लिए उत्साहित करते हैं। जैसे कुछ गेम्स के उदाहर हैं, कराटे किड गेम, कुंग फू गेम, छोटा भीम रेस आदि।

    और पढ़ें : ओपोजिशनल डिफाइएंट डिसऑर्डर (ODD) के कारण भी हो जाते हैं बच्चे जिद्दी!

    बच्चों के लिए वीडियो गेम के नुकसान क्या हैं?

    अभी तक हमने आपको बच्चों के लिए वीडियो गेम के फायदे बताए हैं, तो चलिए अब बच्चों के लिए वीडियो गेम के नुकसान के बारे में भी जानते हैंः

    1.बच्चों के लिए वीडियो गेम समय की बर्बादी हो सकती है

    हर माता-पिता को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उनका बच्चा किस तरह की एक्टिविटी में कितनी दिलचस्पी लेता है। बच्चों के लिए वीडियो गेम काफी मजेदार और दिलचस्प होते हैं, जिसकी वजह से बच्चा कई घंटों तक बिना रूके इन्हें खेल सकता है। इसलिए माता-पिता को अपने बच्चों के लिए वीडियो गेम खेलने का एक समय तय करना चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक्स के अगर फायदे है तो कुछ नुकसान भी है इसलिए ये पेरेंट्स पर निर्भर करता है की वो अपने बच्चो को कितने समय खेलने देते है और बच्चों के खेलने के दौरान बच्चों पर नजर रखना भी जरुरी होता है।

    2.बच्चों का आलसी बना सकता है वीडियो गेम

    बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी है कि बच्चा शारीरिक खेलों में भी हिस्सा ले। लेकिन, वीडियो गेम की लत बच्चे को आलसी बना सकती है और बच्चा दूसरे बच्चों के साथ कोई खेल खेलने की बजाय फोन में ही वीडियो गेम खेलना ज्यादा पसंद करने लगता है।

    और पढ़ें : बच्चा करता है बेडवेटिंग, इस तरह निपटें इस परेशानी से

    3.बच्चा चिड़चिड़ा हो सकता है

    अक्सर ऐसा देखा जाता है कि अगर बच्चा कोई काम नहीं कर पाता है या उसे उसके मन के मुताबिक चीजें नहीं मिलती है, तो वह चिड़चिड़ा होने लगता है। ऐसे इसी तरह जब गेम्स के लेवल बढ़ने लगते हैं, तो बच्चे को उसे पास करने में बहुत मुश्किल होती है, जिसकी वजह से भी बच्चा चिड़चिड़ा हो सकता है।

    इसके अलावा ध्यान रखें कि कई वीडियो गेम्स पर कॉशन भीं लिखा होता है जो पेरेंट्स को पड़ना जरूरी होता है की क्या ये खेलने से बच्चे कुछ गलत तो नहीं करेंगे। बच्चों को गेम के साथ आउटडोर एक्टिविटी खेलने के लिए बताएं क्योंकि जिससे वो हेल्दी (Healthy) और फिट (Fit) रहें। इसके अलावा उनको बताएं कि लगातार वीडियो गेम खेलने से शरीर को नुकसान हो सकता है।

    उम्मीद करते हैं कि आपको बच्चों के लिए वीडियो गेम खेलने से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    Written by

    डॉ. प्रणाली पाटील

    फार्मेसी · Hello Swasthya


    अपडेटेड 17/12/2021

    advertisement
    advertisement
    advertisement
    advertisement