home

आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

बर्किट'स लिम्फोमा : बच्चों में पाए जाने वाले इस रेयर कैंसर के लक्षणों को पहचानना है जरूरी

बर्किट'स लिम्फोमा : बच्चों में पाए जाने वाले इस रेयर कैंसर के लक्षणों को पहचानना है जरूरी

बर्किट’स लिम्फोमा (Burkitt’s Lymphoma), नॉन- हॉजकिन्स लिम्फोमा (Non-Hodgkin Lymphoma) का एक असामान्य प्रकार है। यह कैंसर सामान्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है। इसे बी-सेल लिम्फोमा (B-Cells Lymphoma) का एक भयानक रूप भी माना जाता है, जो लिम्फ नोड्स (Lymph Nodes) के अलावा शरीर के अन्य भागों से शुरू हो या फैल सकता है। हालांकि, कैंसर का यह प्रकार बहुत तेजी से बढ़ाने वाला है, लेकिन इसका उपचार मॉडर्न इंटेंसिव थेरेपीज (Modern Incentive Therapies) से संभव है। सबसे पहले जानिए इस कैंसर के प्रकार के बारे में:

बर्किट’स लिम्फोमा के प्रकार (Types of Burkitt Lymphoma)

बर्किट’स लिम्फोमा (Burkitt’s Lymphoma) का उपचार इसके प्रकार पर भी निर्भर करता है। यह कैंसर तीन प्रकार का होता है, जो इस तरह से हैं:

  • एंडेमिक बर्किट लिम्फोमा (Endemic Burkitt Lymphoma) : एंडेमिक बर्किट लिम्फोमा का ओरिजिन अफ्रीका हुआ था। यह बर्किट लिम्फोमा का सबसे सामान्य प्रकार है। इसे आप सामान्य चाइल्डहुड कैंसर (Childhood Cancer) भी कह सकते हैं। यह कैंसर आमतौर पर जबड़ों में होता है। इस तरह के कैंसर को एपस्टीन बार वायरस (Epstein-Barr Virus) से भी जोड़ कर देखा जाता है। यह कैंसर किसी खास देश के लोगों में ही देखा जाता है।
  • स्पोरेडिक बर्किट लिम्फोमा (Sporadic Burkitt Lymphoma) :स्पोरेडिक बर्किट लिम्फोमा को किसी भी देश के लोगों में देखा जा सकता है। इसे चाइल्डहुड लिम्फोमा के तीस प्रतिशत मामलों से जोड़ा जाता है।
  • इम्यूनोडेफिशियेंसी-रिलेटेड बर्किट लिम्फोमा (Immunodeficiency-Related Burkitt Lymphoma) : यह कैंसर उन लोगों में सामान्य है, जो ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस (Human Immunodeficiency Virus) या एड्स (AIDS) से पीड़ित होते हैं। इसके अलावा यह उन लोगों को भी हो सकता है, जिनमें इनहेरिटेड इम्यून डेफिशिएंसीज (Inherited Immune Deficiencies) होती हैं या जो लोग इम्यूनोसप्रेसिव दवाईयां (Immunosuppressive Drugs) लेते हैं, ताकि ऑर्गन ट्रांसप्लांट के बाद रिजेक्शन से बचा जा सके। जानिए क्या हैं इनके लक्षण?

बर्किट'स लिंफोमा

और पढ़ें : वयस्कों और बच्चों में किस तरह से अलग होती हैं लिम्फोमा की स्टेजेस, जानिए!

र्किट’स लिम्फोमा के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Burkitt’s lymphoma)

बर्किट’स लिम्फोमा (Burkitt’s Lymphoma) के कारण वजन कम, बुखार या रात को पसीना आना जैसी समस्याएं हो सकती है। इसके अलावा इस लिम्फोमा के प्रकार के अनुसार लक्षण भी अलग हो सकते हैं। जानिए इसके लक्षणों के बारे में:

स्पोरेडिक बर्किट लिम्फोमा के लक्षण (Sporadic Burkitt Lymphoma Symptoms)

स्पोरेडिक बर्किट लिम्फोमा के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:

एंडेमिक बर्किट लिम्फोमा (Symptoms of Endemic Burkitt Lymphoma)

एंडेमिक बर्किट लिम्फोमा के लक्षणों में फेशियल बोन्स में सूजन और उनकी बनावट का बिगड़ना और लिम्फ नॉड्स की ग्रोथ शामिल है। यह ट्यूमर बहुत जल्दी बढ़ता है। कई बार कुछ ही घंटों में यह पहले के आकार से दोगुना हो जाता है।

और पढ़ें : बी-सेल लिंफोमा : इम्यून सिस्टम सेल्स के इस कैंसर का उपचार है संभव!

इम्यूनोडेफिशियेंसी-रिलेटेड बर्किट लिम्फोमा (Symptoms of Immunodeficiency-related Burkitt Lymphoma)
इम्यूनोडेफिशियेंसी-रिलेटेड बर्किट लिम्फोमा के लक्षण स्पोरेडिक लिम्फोमा के जैसे ही होते हैं। यानी, पेट में दर्द, फेशियल बोन्स की बनावट का बिगड़ना, रात को पसीना आना आदि। यह तो थे इसके लक्षण अब जान लेते हैं इस लिम्फोमा के स्टेजेस के बारे में।

बर्किट’स लिम्फोमा की स्टेजेस कौन सी हैं? (Stages of Burkitt’s Lymphoma)

कैंसर की स्टेजेस यह बताती हैं कि कैंसर शरीर के किस अंग तक फैला है। इसके साथ ही स्टेज से कैंसर के उपचार को निर्धारित करने में भी मदद मिलती है। बर्किट’स लिम्फोमा (Burkitt’s Lymphoma) को चार स्टेजेस में बांटा गया है। जानिए इन स्टेजेस के बारे में:

  • स्टेज I (Stage I) – स्टेज I का अर्थ है कि कैंसर शरीर के एक ही साइट में मौजूद है।
  • स्टेज II (Stage II) – स्टेज II बर्किट’स लिम्फोमा (Burkitt’s Lymphoma) का अर्थ है कि कैंसर एक से अधिक साइट में मौजूद है। लेकिन, यह दोनों साइट्स डायाफ्राम के एक ही तरफ हैं।
  • स्टेज III (Stage III) – स्टेज III का मतलब है कि कैंसर लिम्फ नोड्स या अन्य साइट्स में या डायाफ्राम में दोनों तरफ मौजूद हैं।
  • स्टेज IV(Stage IV) – स्टेज IV क अर्थ है कि इस रोग में लिम्फोमा शामिल हैं, जो बोन-मैरो या ब्रेन में पाया जाता है। अब जानिए क्या हैं इसके कारण?

और पढ़ें : Complete Blood Count Test : कंप्लीट ब्लड काउंट टेस्ट क्या है?

बर्किट’स लिम्फोमा के कारण (Causes of Burkitt’s Lymphoma)

एपस्टीन-बार वायरस को एंडेमिक बर्किट’स लिम्फोमा (Burkitt’s Lymphoma) के अधिकतर और स्पोरेडिक बर्किट लिम्फोमा (Sporadic Burkitt Lymphoma) के कुछ मामलों से जोड़ कर देखा जाता है। इसके साथ ही कुछ देशों जैसे अफ्रीका के लोगों में यह कैंसर अधिक देखा गया है। अब जानते हैं इसके निदान और उपचार के बारे में।

बर्किट'स लिंफोमा

बर्किट’स लिम्फोमा का निदान (Diagnosis of Burkitt’s Lymphoma)

बर्किट’स लिम्फोमा (Burkitt’s Lymphoma) बहुत जल्दी फैलता है, इसलिए इसका जल्दी निदान होना बेहद जरूरी है। किसी को अगर यह कैंसर होने का संदेह है या बायोप्सी से लिम्फ नोड्स या उसके अन्य भागों में सूजन पाई गई है या अन्य कोई और समस्या है, तो बायोप्सी से टिश्यू के सैंपल को जांचा जाएगा। इससे यह निर्धारित हो सकता है कि रोगी को बर्किट’स लिम्फोमा (Burkitt’s Lymphoma) है या नहीं। इस समस्या के निदान के लिए अन्य टेस्ट इस प्रकार हैं:

  • कंप्यूटेड टोमोग्राफिक स्कैन (Computed tomographic) जिसमें छाती, पेट और पेल्विस की तस्वीर ली जाएगी।
  • छाती का एक्स रे (Chest X-ray)
  • पॉज़िट्रान एमिशन टोमोग्राफी (Positron Emission Tomography)
  • बोन मैरो बायोप्सी (Bone Marrow Biopsy)
  • स्पाइनल फ्लूइड की जांच (Exam of Spinal Fluid)
  • किडनी और लिवर फंक्शन को जांचने के लिए ब्लड टेस्ट (Blood tests)
  • HIV डिजीज की टेस्टिंग (Testing for HIV Disease)

Quiz : कैंसर के बारे में कितना जानते हैं आप? क्विज से जानें

और पढ़ें : क्या आप जानते है कि एनीमिया और ब्लड कैंसर हैं ब्लड डिसऑर्डर्स के प्रकार!

बर्किट’स लिम्फोमा का उपचार किस तरह से संभव है? (Treatments of Burkitt’s Lymphoma)

इंटेंसिव इंट्रावेनस कीमोथेरेपी (Intensive Intravenous Chemotherapy) इस समस्या के उपचार का बेहतरीन तरीका है। जिसके लिए रोगी को अस्पताल में भी रहना पड़ सकता है। क्योंकि, यह कैंसर ब्रेन और स्पायनल कॉर्ड के आसपास फ्लूइड में फैल सकता है, ऐसे में कीमोथेरेपी दवाओं को भी सीधे सेरिब्रलस्पायनल फ्लूइड (Cerebrospinal Fluid) में इंजेक्ट किया जा सकता है। इस उपचार को इंट्राथीकल कीमोथेरेपी (Intrathecal Chemotherapy) के रूप में जाना जाता है।

बर्किट’स लिम्फोमा (Burkitt’s Lymphoma) के लिए जिन दवाइयों का प्रयोग कई कॉम्बिनेशन में किया जाता है। यह दवाइयां इस प्रकार हैं:

  • साईक्लोफॉस्फोमाईड (Cyclophosphamide)
  • सायटेरेबिन (Cytarabine)
  • डॉक्सोरूबिसिन (Doxorubicin)
  • मेथोट्रेक्सेट (Methotrexate)
  • विन्क्रिस्टाईन (Vincristine)

और पढ़ें : अग्नाशय कैंसर (Pancreatic Cancer) के इलाज के लिए उपयोग की जा सकेंगी ये दवाएं

बर्किट’स लिम्फोमा (Burkitt’s Lymphoma) के अन्य उपचारों में इंटेंसिव कीमोथेरेपी भी शामिल है। जिसे अन्य दवाइयों के कॉम्बिनेशन में दिया जा सकता है, जैसे:

  • रिटक्सिमैब (Rituximab) : यह एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है (Monoclonal Antibody) जो कैंसर कोशिकाओं पर प्रोटीन से चिपक जाता है और कैंसर कोशिकाओं पर हमला करने के लिए इम्यून सिस्टम को उत्तेजित करता है
  • ऑटोलोजिस स्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशन (Autologous Stem Cell Transplantation) :ऑटोलोजिस स्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशन में रोगी के स्टेम सेल्स को रिमूव किया जाता है, स्टोर किया जाता है और उसके बाद शरीर में वापस कर दिया जाता है। इसके साथ ही उपचार के अन्य तरीकों को भी अपनाया जा सकता है, जैसे:
  • रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy)
  • स्टेरॉयड थेरेपी (Steroid Therapy)
  • कुछ मामलों में इंटेस्टाइन के उस पार्ट को रिमूव करने के लिए जो ब्लॉक है या अन्य समस्या है, सर्जरी का प्रयोग भी किया जाता है।

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (National Institutes of Health) के अनुसार बर्किट’स लिम्फोमा (Burkitt’s Lymphoma)एक तेजी से बढ़ने वाला कैंसर है। जो अधिकतर बच्चों या युवा लोगों को प्रभावित करता है। यह समस्या जबड़ों, सेंट्रल नर्वस सिस्टम, बॉवेल, किडनी, ओवरीज और अन्य अंगों को प्रभावित करती है। जल्दी निदान होने पर इसका उपचार संभव है।

बर्किट'स लिंफोमा

और पढ़ें : Secondary Liver Cancer: सेकेंड्री लिवर कैंसर क्या है?

अगर किसी बच्चे में बर्किट’स लिम्फोमा (Burkitt’s Lymphoma) का निदान होता है, तो यह एक भयानक स्थिति हो सकती है। हालांकि, यह कैंसर दुर्लभ है, लेकिन अगर इसका उपचार न किया जाए,तो यह जानलेवा हो सकता है। इस कैंसर का उपचार भी मुश्किल और लंबा हो सकता है। लेकिन, इस समस्या में स्वस्थ और एक्टिव रहने के लिए आपका सही और पौष्टिक आहार का सेवन करना, पर्याप्त नींद लेना, व्यायाम करना, सकारात्मक रहना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही डॉक्टर के साथ-साथ परिवार और दोस्तों का सपोर्ट होना भी आवश्यक है, इससे आपको जल्दी सामान्य जीवन जीने में मदद मिलेगी।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 21/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड