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प्रेग्नेंसी के तीसरी तिमाही में हाे सकती है सांस की दिक्कत और सूजन, खुद को ऐसे करें ट्रीट

प्रेग्नेंसी के तीसरी तिमाही में हाे सकती है सांस की दिक्कत और सूजन, खुद को ऐसे करें ट्रीट

प्रेग्नेंसी की अलग-अलग ट्राइमेस्टर में गर्भवती महिला को अलग-अलग दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जैसे कि पहले तिमाही (First trimester) में उल्टी (Vomiting), जी मिचलना (Feel nauseous) और भूख न लगना (Loss of appetite)। दूसरी तिमाही में भी जी मिचलाना (Getting nausea), नींद की समस्या के अलावा और भी बहुत सारी समस्याएं। इसी तरह प्रेग्नेंसी बढ़ती स्टेजस के साथ तीसरी तिमाही में भी बहुत सारी समस्याएं होती है, जैसे कि खाने के बाद गले में जलन महसूस करना, शिशु का बहुत ज्‍यादा मूवमेंट होना, कभी-कभी गर्भाशय का टाइट होना, यूरिन इंफेक्शन होना, सांस लेने में दिक्कत यानि कि सांस फूलना, शरीर में सूजन और चलने में दिक्कत होना आदि। लेकिन आज हम यहां बात करेंगे प्रेग्नेंसी के तीसरी तिमाही (Third trimester) में होने वाली सांस की दिक्कत और सूजन (Shortness of breath and edema) के बारे में। आइए जानतें है, प्रेग्नेंसी में सांस की दिक्कत और सूजन (Shortness of breath and edema) के कारण और उपाय। लेकिन इससे पहले थोड़ा सा प्रेग्नेंसी के थर्ड ट्राइमेस्टर के बारे में जान लेते हैं।

प्रेग्नेंसी का थर्ड ट्राइमेस्टर (Third trimester of pregnancy) क्या है?

गर्भावस्‍था के 28वें सप्ताह से 40वें सप्ताह (28th week to 40th week of pregnancy) तक का समय प्रेग्नेंसी का थर्ड ट्राइमेस्टर (Third trimester ) कहलाता है। इस स्टेज में प्रेग्नेंट विमेन में कई तरह के शारीरिक (Physical) और भावनात्‍मक (Emotional) बदलाव आते हैं, जो उनके लिए आसान नहीं होता है। प्रेग्नेंसी के 37वें सप्ताह तक शिशु का संपूर्ण विकास हो चुका होता है। गर्भावस्था (Pregnancy) के तीसरी तिमाही भ्रूण के विकास (Fetal development) की लासट स्टेज होती है। उनके बढ़ते वजन के कारण उन्हें कई तरह की शरीर दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है। जिनमें से दो सबसे बड़ी दिक्कते हैं, वो है सांस फूलना और शरीर में सूजन होना। उनके शरीर में होने वाली इस सूजन को एडिमा भी कहते हैं।

और पढ़ें: प्रेग्नेंसी का दूसरा पड़ाव यानी दूसरी तिमाही में रखें इन बातों का ध्यान!

प्रेंग्नेसी की तीसरी तिमाही में: सांस की दिक्कत और सूजन (Shortness of breath and edema)

जैसा कि हम प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में सांस की दिक्कत और सूजन (Shortness of breath and edema) की दिक्कत की बात करने जा रहे हैं, जो हम बात करें कि प्रेग्नेंसी में सांस की दिक्कत (Difficulty in breathing) किन कारणों से होती है और उनके शरीर में सूजन क्यों आती है। यह दोनों की प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली दो अलग-अलग प्रॉब्लम हैं। इसके लिए इनके होने के कारण और उपचार भी भिन्न् हैं, जानिए:

प्रेग्नेंसी में सांस की दिक्कत (shortness of breath)

सांस फूलना (breathlessness) प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में होने वाली बड़ी और सामान्य समस्या है। ये जरूरी नहीं है कि यह समस्या उनमें प्रेग्नेंसी के तीसरे ट्राइमेस्टर में ही हो। सांस में दिक्कत पहले और दूसरे तिमाही में भी हो सकती है। लगभग 70 प्रतिशत महिलाओं को यह दिक्कत प्रेग्नेंसी के तीसरे ट्राइमेस्टर (Third trimester of pregnancy) में ही आकर होती है। लेकिन जो महिलाएं इन दौरान सीढ़िया ज्यादा चढ़ती-उतरती हैं या कोई भारी समान उठाती हैं। तो उनमें यह समस्या और भी ज्यादा देखने को मिल सकती है। इसके अलावा जो महिलाएं पहले से अस्थमा पेशेंट (Stomach Patient) हैं। उनके लिए यह गंभीर स्थिति हो सकती है। इसके जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational diabetes ) की शिकार महिलाओं में भी सांस फूलने की काफी प्राॅब्लम होती है।

प्रेग्नेंसी में सांस की दिक्कत के कारण (Causing shortness of breath)

जैसा कि प्रेग्नेंसी में सांस की दिक्कत और सूजन (Shortness of breath and edema) प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही (Third trimester of pregnancy) में शिशु के विकास के साथ उसका आकार भी बढ़ रहा होता है, तो बढ़ते वजन के कारण भी होने वाली मां में सांस की प्रॉब्लम हो सकती है। शिशु के ग्रोथ के साथ डायाफ्राम (diaphragm) गर्भाशय (uterus) को आगे की तरफ करता है। डायाफ्राम को उसकी पूर्व स्थिति से लगभग 4 सेंटीमीटर ऊपर की तरफ पुश हो कर जा सकता है। इससे आपके फेफड़े (Lungs) में भी बदलाव पड़ सकता है। इस कारण भी आपको सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आपके शरीर में ऑक्सिजन (Oxygen) की कमी हो रही है। इसके अलावा गर्भवती महिला के शरीर में और भी कई तरह के बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। जिसमें उनमें होने वाले हाॅर्मोनल बदलाव भी शामिल हैं। इस कारण भी कई बार उनमें सांस लेने की दिक्कत होती है, जिसमें सांस फूलने की समस्या भी शामिल है। प्रेग्नेंसी के दौरान एस्ट्रोजन (Estrogen ) और प्रोजेस्ट्रोन (Progesterone) हॉर्मोन का बढ़ता स्तर है।

प्रेग्नेंसी में सांस की दिक्कत को कम करने के लिए टिप्स (Manage shortness of breath)

अगर इस दौरान किसी महिला को सांस लेने में कमी हो रही है, तो वो इस तरह के उपायों कोअपना सकती हैं।

सही पोजिश और पोश्चर अपनाएं (Practice good posture)

गर्भावस्था के दौरान आप बॉडी का सही पोश्चर अपनाएं। इससे भी आपको काफी आराम होगा। इसके लिए आप बैठते समय अपने सीने को ऊपर की तरह स्ट्रेट रखें, यानि की अपर बॉडी स्ट्रेट हो। अगर आपको तब भी दिक्कत हो रही है, तो गर्भावस्था के दौरान बॉडी पोश्चर (Body posture during pregnancy) को लेकर अपने डॉक्टर से भी बात करें।

प्रेग्नेंसी में सांस की दिक्कत और सजून (Shortness of breath and edema)

एक्सरसाइज (Exercise)

हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए आप व्यायाम भी जरूर करें। पर आपको कौन सा करना है, इसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें। प्रेग्नेंसी के दौरान सभी के लिए अलग-अलग जरूरतें हो सकती हैं। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान सांस लेने की दिक्कत में आराम पाने के लिए आप ब्रीथिंग एक्सरसाइज (Breathing exercises) कर सकते हैं। जिससे आपको काफी आराम होगा। इसके लिए आप अलोम-विलोम करें और मेडिटेशन करें।

आराम करें (Relax)

अगर काम करते वक्त आपको सांस फूलने की समस्या होती है, तो आप लगातार काम न करें। बीच में थोड़ा-थोड़ा आराम जरूर लें। अगर आपको डॉक्टर ने बेड रेस्ट की सलाह दी है, तो उसे जरूरी मानें।

सांस की दिक्कत और सूजन : प्रेग्नेंसी में सांस की दिक्कत को बढ़ाने वाले रिस्क फैक्टर (Warning signs of shortness of breath)

प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ रिस्क फैक्टर आपमें सांस लेने की समस्या को और भी बढ़ा सकते हैं, उनमें शामिल हैं:

अस्थमा (Asthma)

गर्भावस्था के दौरान अगर किसी महिला को पहले से ही अस्थमा की समस्या है, तो उनके लिए समस्या और भी बढ़ सकती है। इसलिए अगर किसी महिला को पहले सी ऐसा है, तो पहले से ही अपने डाॅक्टर काे पूरी अपनी हिस्ट्री बता कर रखें और उनके द्वारा दी गई सलाह को मानें।

एनीमिया (Anemia)

प्रेग्नेंसी में सांस की दिक्कत और सूजन की बात कर रहें हैं, तो इस दाैरान कई बार प्रेग्नेंसी में होने वाली सांस की प्रॉब्लम भी, उनमें होने वाली एनीमिया की समस्या के कारण भी होता है। जब शरीर में रक्त की कमी होती है और आयरन और फोलेट जैसे पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं, तो एनीमिया की समस्या हो जाती है। जब यह समस्या उनमें बढ़ जाती है। तो दिक्कत होने लगती है। इसलिए अपने खानपान का भी ध्यान रखें।

और पढ़े: प्रेग्नेंसी में बेस्ट डीएचए सप्लिमेंट : मां और बच्चे दोनों के संपूर्ण विकास के लिए है जरूरी!

डॉक्टर से कब मिलना है

गर्भावस्था में सांस फूलने की समस्या वैसे तो आम है, लेकिन कुछ मामलों में स्थिति गंभीर हो सकती है, ऐसे में आपको डाॅक्टर से मिलने की जरूरत है।

  • अगर अचानक से आपको सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही हो
  • अगर यह समस्या आपमें लगातार बनी हुई है
  • अगर सांस लेने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ रहा है
  • सांस में दिक्कत (Shortness of breath) और सीने में दर्द महसूसा होना
  • सांस में कमी के साथ चक्कर आना (dizziness)
इस तरह की दिक्कते महसूस होने पर आपके जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
37वें हफ्ते तक शिशु का संपूर्ण विकास हो चुका होता है। तीसरी तिमाही में महिलाओं के लिए एडिमा यानि की सूजन की समस्या भी देखने को मिलती है। यह समस्या उनके शरीर में किसी एक हिस्से या पूरे शरीर में दिख सकते हैं। एडिमा (Edema)एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आपके शरीर के ऊतकों में फ्लूइड (Fluid)का निर्माण होने लगता है। जिसके कारण शरीर फूला हुआ, सूजन की तरह दिखने लगता है। आप इसे अपने पैरों, टखनों, और कभी-कभी, अपने हाथों में देख सकते हैं। कई महिलाएं अपनी गर्भावस्था के दौरान एडिमा का अनुभव करती हैं। कई महिलाओं में यह सूबह की समय नहीं होता है, शाम हो जाता है। तो कई से सुबह उठने के बाद। सब में इसके अलग-अलग लक्षण मिल सकते हैं।

प्रेग्नेंसी में सांस की दिक्कत और सूजन की बात कर रहें हैं, तो गर्भावस्था के दौरान होने वाली सूजन शरीर के इन हिस्सों में दिख सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

प्रेग्नेंसी में एडिमा का कारण (Causes)

प्रेग्नेंसी में सांस की दिक्कत और सूजन की बात कर रहें हैं, तो प्रेग्नेंसी के तीसरी तिमाही में शरीर में कई तरह के बदलाव भी होते हैं, जिसमें हॉर्मोनल बदलाव भी शामिल हैं, जैसे किशरीर में प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन का लेवल हाय हो जाना। जिस कारण भी महिलाओं में सूजन आने लगती है। कई बार शरीर फूला हुआ भी लगता है। इसके अलावा कई बार भी अधिक सोडियम का सेवन भी इस समस्या का कारण हो सकता है। इसके अलावा कुछ और कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • गर्भाशय का बढ़ना (Uterus)
  • प्री-एक्लेम्पसिया (Pre-eclampsia)
  • लंबे समय तक खड़े रहना
  • किडनी की समस्या (Kidney)
  • लिवर की समस्या होने पर (Liver problem)
  • हॉर्मोनल प्रॅाब्लम होन पर (Hormonal problem)

प्रेग्नेंसी में एडिमा की समस्या में क्या करें (How can I manage edema)

प्रेग्नेंसी में सांस की दिक्कत और सूजन की बात कर रहें हैं, तो इस दाैरान एडिमा की समस्या को दूर करने के लिए आप इन उपायों को अपना सकते हैं, जैसे कि:

  • हेल्दी डायट (Hormonal problem) है जरूरी : गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन बहुत जरूरी है।यह बात सभी जानते ही होंगे। इसलिए आप अपनी डायट से समझौता न करें। डॉक्टर के सलाह पर आप एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सिडेंट के गुणों से भर डायट लें। इससे सूजन की समस्या में काफी कमी होगी। आप अपने डायट में पालक, केल, बादाम, सैल्मन-टूना जैसी मछलियां, संतरे व ब्लू बेरी आदि शामिल करें।
  • सोडियम (Sodium) का कम सेवन करें – प्रेग्नेंसी के दौरान सूजन की समस्या (Inflammation problems during pregnancy) से बचने के लिए आप खाने में सोडियम यानि की नमक का कम सेवन करें।
  • आरामदायक कपड़े पहनें – जैसा कि सूजन की समस्या में शरीर फूल जाता है। तो ऐसे में प्रेग्नेंट विमेन को आरामदेह कपड़े पहनने चाहिए।

जैसा कि आपने जाना कि प्रेग्नेंसी के दौरान सांस की दिक्कत और सूजन की समस्या होने वाली मां में देखी जाती है। लेकिन इनके अलावा और भी बह़़ुत सारी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन इसे किसी का उपचार न मानें। सभी महिलाओं में इसके अलग- अलग लक्षण और उपचार की जरूरत हो सकती है। अधिक जानकारी के लिए अपने डाॅक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Shortness of Breath and Edema: https://kidshealth.org/en/parents/breathing.html Accessed 29 April,2021

Shortness of Breath and Edema: https://www.hopkinsmedicine.org/health/wellness-and-prevention/the-third-trimester Accessed 29 April,2021

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Shortness of Breath and Edema: https://familydoctor.org/changes-in-your-body-during-pregnancy-third-trimester/ Accessed 29 April,2021

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Niharika Jaiswal द्वारा लिखित
अपडेटेड a week ago
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