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क्या पुदीना स्पर्म काउंट को प्रभावित करता है? जानें मिथ्स और फैक्ट्स

क्या पुदीना स्पर्म काउंट को प्रभावित करता है? जानें मिथ्स और फैक्ट्स

आजकल पुरुषों में स्पर्म के काउंट (sperm count) को लेकर कई तरह की चिंताएं देखी गई हैं। पुरुषों को लगता है कि स्पर्म का काउंट कम होने (low sperm count) पर वह अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाते हैं। वहीं, कुछ पुरुषों को लगता है कि पुदीना खाने से स्पर्म काउंट लो होता है, लेकिन क्या ऐसा सच में होता है? इस तरह के और भी स्पर्म काउंट से जुड़े मिथ्स और फैक्ट्स हैं, जिन्हें हम मान कर कई बार गलत चीजें करने लगते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कई सारे स्पर्म काउंट से जुड़े मिथ्स और फैक्ट्स के बारे में बताएंगे।

स्पर्म काउंट क्या है? What is sperm count?

स्पर्म-डोनर-कैसे-बने

पुरुषों में स्पर्म काउंट पेरेंट्स बनने के लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि स्पर्म काउंट में कमी महिला के प्रेग्नेंट होने की गुंजाइश को कम कर सकता है। पुरुषों में इनफर्टिलिटी (Infertility in men) की प्रॉब्लम लो स्पर्म के कारण हो सकती है। स्पर्म के काउंट में कमी से महिलाओं में गर्भधारण संभावनाएं कम हो जाती हैं। हालांकि, इनफर्टिलिटी के लिए कई बार स्पर्म के काउंट में कमी के साथ-साथ अन्य समस्या भी हो सकती है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन (NCBI) के मुताबिक भारत समेत अन्य देशों में स्पर्म काउंट में कमी ही इनफर्टिलिटी की बढ़ती प्रॉब्लम का मुख्य कारण है।

और पढ़ें : इन वजहों से हो जाता है लो स्पर्म काउंट, जानिए बढ़ाने का तरीका

स्पर्म काउंट कम होने के कारण क्या हैं? What are the reasons for low sperm count?

पुरुषों में कम स्पर्म होने के पीछे निम्न कारण हो सकते हैं :

  • मसल्स को स्ट्रांग करने के लिए एनाबॉलिक स्टेरॉयड लिया जाता है, लेकिन इसके ज्यादा सेवन से टेस्टिकल्स (testicles) सिकुड़ सकते हैं और स्पर्म के काउंट में भी कमी आ सकती है। नशीले पदार्थों के सेवन, जैसे- कोकीन के सेवन से स्पर्म की संख्या और क्वालिटी दोनों पर ही निगेटिव इफेक्ट पड़ सकता है।
  • एल्कोहॉल के ज्यादा सेवन से टेस्टोस्टोरेन हॉर्मोन (testosterone) में कमी आने के साथ ही स्पर्म का काउंट भी कम हो जाता है।
  • लगातार कई घंटे तक बैठने वाला काम करने के कारण बी स्पर्म के काउंट मे कमी हो सकती है। जैसे- ट्रक ड्राइवर या वेल्डिंग जैसे पेशे से जुड़े हुए लोगों में स्पर्म काउंट कम होने की संभावना ज्यादा होती है।
  • स्मोकिंग करना भी एक बड़ी वजह है, जिससे स्पर्म की मात्रा में कमी आती है। स्मोकिंग (smoking) करने वाले पुरुषों में लो स्पर्म के काउंट की संभावना ज्यादा होती है।
  • ज्यादा वजन के कारण डायबिटीज और हार्ट संबंधी बीमारियों के साथ-साथ इनफर्टिलिटी जैसी समस्या भी हो सकती है। वहीं, मोटापे के कारण पुरुषों में हॉर्मोनल बदलाव भी हो सकते हैं, जिससे स्पर्म में कमी हो सकती है।

और पढ़ें : स्पर्म काउंट में कमी किस तरह फर्टिलिटी को करता है प्रभावित?

स्पर्म काउंट से जुड़े मिथ्स और फैक्ट्स क्या हैं? What are the myths and facts associated with sperm count?

स्पर्म काउंट से जुड़े मिथ्स और फैक्ट्स निम्न हैं :

मिथ : क्या पुदीना से वीर्य कम होता है? Does mint reduce sperm count?

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फैक्ट : लोगों में एक ऐसा भ्रम है कि पुदीना का सेवन करने से पुरुषों में स्पर्म का काउंट कम होता है, लेकिन वैज्ञानिक तौर पर इस तरह के किसी भी बात की पुष्टि नहीं की गई है। फाइटोथेरपी रिसर्च में लगभग 100 पुरुषों को शामिल किया गया। जिसमें से 50 पुरुषों को एक हफ्ते तक पुदीना की चाय बना कर दी गई और 50 पुरुषों को पुदीना खाने के लिए दिया गया। इसके बाद पुरुषों का स्पर्म काउंट जांचा गया तो उसमें किसी भी प्रकार की कोई कमी नजर नहीं आई। बल्कि पुरुषों में स्पर्म का काउंट ठीक वैसा ही था जैसा कि पुदीना का सेवन के पहले था।

उपरोक्त रिसर्च में ये बात सामने आई कि पुदीना पुरुषों के हॉर्मोन एंड्रोजन को सप्रेस नहीं करता है और ना ही टेस्टोस्टेरॉन के लेवल में कमी आती है।

और पढ़ें : हेल्दी स्पर्म चाहते हैं तो ध्यान रखें ये बातें

मिथ : गोद में लैपटॉप रखने से कम होता है स्पर्म (Keeping a laptop in your lap reduces your sperm)

फैक्ट : स्पर्म काउंट से जुड़े मिथ्स और फैक्ट्स में ये बात सामने आई है कि ज्यादतर लोगों का मानना है कि लैपटॉप को गोद में रख कर जब कोई पुरुष काम करता है तो स्पर्म के काउंट में कमी आती है। एक पब्लिश जॉर्नल ने इस बात की पुष्टि की कि कोई भी पुरुष गोद में लैपटॉप रख कर काम करता है तो स्पर्म के काउंट में कमी नहीं आती है, लेकिन स्पर्म की गतिशीलता जरूर प्रभावित होती है।

जर्नल के अनुसार किए गए रिसर्च में 29 पुरुषों के स्पर्म का सैंपल लिया गया। वे पुरुष लैपटॉप को गोद में रख कर वाइफाइ का इस्तेमाल करते हुए आपना काम करते थे। सैंपल की जब जांच की गई तो उसमें स्पर्म की गतिशीलता में कमी देखी गई और डीएनए भी डैमेज पाया गया। जिसका सीधा प्रभाव प्रजनन (Reproduction) पर पड़ सकता है। अंत में निष्कर्ष ये निकल कर आया कि लैपटॉप से निकले वाली हीट सीमन को प्रभावित करती है, जिससे उपरोक्त समस्याएं होती हैं।

मिथ : ब्रीफ अंडरवियर से स्पर्म के काउंट (sperm count) प्रभावित होता है

फैक्ट : पुरुष जो अंडरवियर पहनते है, वो कई प्रकार के होते हैं। जैसे- बॉक्सर अंडरवियर, ब्रीफ अंडरवियर आदि। बॉक्सर अंडरवियर पहनने पर थोड़ी ढीली रहती है, लेकिन ब्रीफ अंडरवियर टाइट रहती है। ऐसे में कई बार लोगों का मानना रहता है कि ब्रीफ पहनने से स्पर्म प्रोडक्शन में कमी आती है, क्योंकि वो टाइट रहता है। लेकिन ये बात सिरे से खारिज की जाती है कि अंडरवियर की टाइटनेस का स्पर्म के काउंट पर असर पड़ता है।

हाल ही में किए गए एक अध्ययन में इस बात पर जांच की गई की बॉक्सर की तुलना में ब्रीफ पहनने वाले पुरुषों में स्पर्म काउंट कितना है। तो पाया गया कि दोनों तरह की अंडवियर पहनने पर पुरुषों के स्पर्म प्रोडक्शन पर कोई इफेक्ट नहीं है। हालांकि, जो एक अन्य बात सामने आई थी, वह ये थी कि अंडरवियर का फैब्रिक जरूर स्पर्म प्रोडक्शन को प्रभावित कर सकता है। जैसा कि आपको पता है कि ब्रीफ टाइट रहती है और बॉक्सर ढीली तो बॉक्सर त्वचा में हवा लगने देती है। जिस कारण से स्पर्म प्रोडक्शन में ब्रीफ की तुलना में बॉक्सर को ज्यादा कंम्फर्टेबल माना जाता है।

और पढ़ें : पुरुष हस्तमैथुन : क्या मास्टरबेशन करने से घटता है स्पर्म काउंट?

मिथ : गाढ़ा सीमेन ज्यादा फर्टाइल (Fertile) होता है

स्पर्म काउंट

फैक्ट : लोगों का भ्रम है कि गाढ़ा सीमेन महिला को जल्दी प्रेग्नेंट कर सकता है, जबकि पतला सीमेन नहीं, लेकिन ये बात पूरी तरह से गलत है कि गाढ़ा सीमेन होने का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि स्पर्म भी थिक हो। अक्सर गाढ़ा स्पर्म निकलने का मतलब होता है कि स्पर्म का कंसंट्रेशन ज्यादा होता है नाकि स्पर्म का काउंट। वीर्य फिर भी उतना ही होता है, जितना कि वह पहले होता है।

सेक्स के दौरान जब स्पर्म का इजैकुलेशन (Ejaculation) होता है, तो महिला के वजायना से निकलने वाले सर्विक्स म्यूकस की अहम भूमिका होती है। सर्विक्स म्यूकस स्पर्म को या तो प्रोटेक्ट करता है या तो रिजेक्ट करता है। स्पर्म को सर्विक्स म्यूकस वजायनल एसिडिटी से बचाता है और जो स्पर्म शेप में गड़बड़ होते हैं, उन्हें म्यूकस रिजेक्ट कर देता है।

तो इस तरह से आपने जाना कि स्पर्म का काउंट कभी भी पुदीना खाने से नहीं घटता है। साथ ही कई तरह की गलत धारणाओं को रिसर्च ने खारिज कर दिया है। वहीं, देखा गया कि लोग कई तरह के फल खाते हैं ताकि स्पर्म का टेस्ट अच्छा हो सके, लेकिन ऐसा नहीं होता है, ये सिर्फ एक गलत धारणा है। स्पर्म का नैचुरल टेस्ट कुछ भी खाने से नहीं बदलता है।

उम्मीद करते हैं कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और स्पर्म से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

 

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सूत्र

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World Health Organization reference values for human semen characteristics https://www.who.int/reproductivehealth/topics/infertility/cooper_et_al_hru.pdf Accessed on 12/5/2020

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Shayali Rekha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 01/03/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड