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Erythema migrans : एरीथेमा माइग्रेन क्या है?

परिचय |लक्षण |कारण |उपचार |घरेलू उपचार
Erythema migrans : एरीथेमा माइग्रेन क्या है?

परिचय

एरीथेमा माइग्रेन क्या है?

एरीथेमा क्रॉनिक माइग्रेन शरीर पर निकलने वाले एक प्रकार के दाने हैं, जिससे अक्सर लाइम रोग की शुरुआत होती है। आमतौर पर यह संक्रमण टिक वनस नामक कीड़े के काटने से होती है। अक्सर जंगली इलाकों में रहने वाले लोगों को इस तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

कितना सामान्य है एरीथेमा माइग्रेन का होना?

जंगली इलाकों, खर-पतवार के आसपास रहने वाले लोगों को एरीथेमा माइग्रेन होना एक सामान्य बात है। एरीथेमा माइग्रेन टिक वनस नामक कीड़े के काटने से फैलती है, लेकिन कुछ मामलों में यह संक्रमण चूहे, पालतू कुत्ते और हिरण के कारण भी हो सकता है। इस समस्या से संबंधित अगर कोई भी सवाल आपके मन में है या आप इसके बारे में जानकारी चाहते हैं तो नजदीकी अस्पताल या अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

ये भी पढ़ें : Abdominal migraine : एब्डॉमिनल माइग्रेन क्या है?

लक्षण

एरीथेमा माइग्रेन के क्या लक्षण है?

एरीथेमा माइग्रेन के लक्षण आमतौर पर बेहद हल्के होते हैं। कुछ मामलों में यह लक्षण दिखाई नहीं देते है या शरीर पर दाने होने के बाद मरीजों को लगता है कि यह एक आम फ्लू है। डॉक्टरों की मानें तो एरीथेमा माइग्रेन के कुछ मामलों में शरीर में दर्द, खुजली जैसी समस्या नहीं देखने को मिलती है, लेकिन स्पर्श करने पर दाने महसूस किए जा सकते हैं।

  • लक्षणों में शामिल हैः
  • मेनिनजाइटिस या दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड की सूजन
  • सिरदर्द
  • बुखार या ठंड लगना
  • सूजन लिम्फ नोड्स
  • थकान
  • दिल की धड़कन या अनियमित धड़कन
  • चक्कर आना और सांस की तकलीफ
  • हाथों या पैरों में दर्द, अकड़न और झुनझुनी
  • शरीर के कई हिस्सों पर लाल दानें निकलना

अन्य लक्षणों में शामिल हैः

ऊपर बताएं गए लक्षणों में किसी भी लक्षण के सामने आने के बाद आप डॉक्टर से मिलें। इस बात का ध्यान रखें कि एरीथेमा माइग्रेन हर बच्चे पर अलग-अलग प्रभाव दिखाता है, इसलिए इनमें से कोई प्रभाव आपको दिखता है, तो तुरंत अपने डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल में जाएं। अगर आपके मन में एरीथेमा माइग्रेन को लेकर कोई सवाल है तो अपने डॉक्टर या किसी स्पेशलिस्ट से इस बारे में सलाह लें।

ये भी पढ़ें : माइग्रेन के बारे में जानना है जरूरी, क्विज से बढ़ाएं अपनी नॉलेज

कारण

एरीथेमा माइग्रेन होने के कारण क्या है?

  • त्वचा की असामान्य लालिमा, जो कि केशिकाओं में अतिरिक्त खून के बढने से विकसित हो सकती है। हालांकि कुछ मामलों में यह स्थिति बिल्कुल सामान्य हो सकती है और कुछ ही समय में यह जड़ से खत्म भी हो सकती है।
  • मूल रूप से यह बीमारी एक विशेष प्रकार के कीड़े के काटने से होती है, लेकिन कुछ मामलों में संक्रमित व्यक्ति, पशु के संपर्क में आने से भी हो सकती है।
  • कुछ अध्ययन में गर्भावस्था में लाइम रोग को जन्म दोष से जोड़ा गया है, लेकिन अभी तक यह निष्कर्ष नहीं निकल पाया है कि यह संक्रमण गर्भावस्था में प्रभावित होता है या नहीं।

ये भी पढ़ें : क्या माइग्रेन की समस्या सिर्फ घरेलू उपचार से ठीक हो सकता है?

उपचार

एरिथेमा के रोकथाम के लिए क्या उपाय है?

एरिथेमा के लक्षण दिखते ही उसका इलाज शुरू कर देना चाहिए। अलग-अलग डॉक्टर एरिथेमा को ठीक करने के लिए कई तरह की दवाएं और इंजेक्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं, कुछ मामलों में डॉक्टर एंटीबायोटिक्स, कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स, एंजियोप्रोटेक्टर्स लेने की सलाह देते हैं। डॉक्टरों की मानें तो कुछ मामलों में ऐसे ड्रग्स लेने की सलाह भी देते हैं, जिससे ब्लड सेल्स की दीवारें मजबूत होती है।

एरिथेमा का उपचार के दौरान डॉक्टर निम्मलिखित कार्यों को करने की सलाह देते हैं:

  • बिस्तर पर आराम
  • शारीरिक व्यायाम
  • डाइटिंग

एरिथेमा के उपचार के दौरान ध्यान रहे कि स्किन बहुत ज्यादा नाजुक होती है, इसलिए दानों पर किसी अन्य तरह की क्रीम का इस्तेमाल न करें। बिना डॉक्टर की सलाह लिए दानों को ठीक करने के लिए किसी प्रकार के जेल, क्रीम, तेल का इस्तेमाल न करें।

एरीथेमा माइग्रेन का निदान कैसे किया जाता है?

एरीथेमा माइग्रेन का पता लगाने के लिए मरीज को डॉक्टर के पास ले जाएं और सभी टेस्ट को विस्तार पूर्वक करवाएं। यदि किसी बच्चे या वयस्क में लंबे समय से लक्षण हैं, तो त्वचा विशेषज्ञ या बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। बीमारी का कारण निर्धारित करने के लिए, आपको एक एलर्जी विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।

एरीथेमा माइग्रेन का इलाज कैसे होता है?

एरीथेमा माइग्रेन का इलाज स्किन स्पेशलिस्ट द्वारा किया जाता है। स्किन स्पेशलिस्ट शरीर पर निकले दानों के कारणों और उसके प्रकार का पता लगाता है। एरीथेमा माइग्रेन के इलाज के लिए शुरुआती चरण में कई तरह के लोशन या लाइट क्रीम लगाने की सलाह दी जा सकती है। कुछ मामलों में दानों दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन स्पर्श करने में महसूस हो सकते हैं। इस स्थिति में डॉक्टर तेल लगाने की सलाह दे सकते हैं।

एरीथेमा का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं के साथ, हार्मोनल ड्रग्स ग्लूकोकार्टोइकोड्स, साथ ही एनाबॉलिक स्टेरॉयड के साथ किया जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ मामलों में दानों पर होने वाली सूजन से राहत देने के लिए तत्कालीन दवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।

एथरीमा का इलाज करते समय डॉक्टर एलर्जेन की पहचान करने की कोशिश करते हैं।

  • एंटीथिस्टेमाइंस
  • दवाएं जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को जल्दी से हटा सकती हैं
  • प्रतिरक्षा में वृद्धि करती हैं।

ये भी पढ़ें : बच्चों के मुंह के अंदर हो रहे दाने हो सकते हैं ‘हैंड फुट माउथ डिजीज’ के लक्षण

घरेलू उपचार

जीवनशैली में होने वाले बदलाव क्या हैं, जो एरीथेमा माइग्रेन को ठीक करने में मदद कर सकते हैं?

कुछ मामलों में समय अनुसार दवा का सेवन करने और त्वचा को मॉइश्चराइज करने, डॉक्टरों की दवा का सेवन करने के बावजूद संक्रमण के लक्षण कम नहीं हो सकते है। इससे राहत पाने के लिए आपको रोजाना के लाइफस्टाइल में थोड़ा सा बदलाव करने की आवश्यकता है।

एरीथेमा के इलाज दौरान भोजन पर नियंत्रण रखना अति आवश्यक होता है। सूजन और खुजली में वृद्धि न हो इसके लिए मिर्ची, ज्यादा मसाले वाले खानों से परहेज करना चाहिए।

रोगी और संक्रमति व्यक्तियों के आसपास की सफाई रखना बेहद जरूरी है।

संक्रमित व्यक्ति के आसपास कीड़े, मच्छर या अन्य प्रकार के जीव जन्तु न आए। इसलिए कमरे को हमेशा बंद रखें।

घर और उसके आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह से स्वच्छ रखें। अगर आपके घर में कोई पालतू जानवर है तो उसे पूरी वैकसीन लगवाएं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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Anoop Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 12/04/2020 को
डॉ. पूजा दाफळ के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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