बेबीसिटर का चुनाव (Baby sitter) करना एक कठिन काम है। ढूंढने के बाद बेबीसिटर का चुनाव (Baby sitter) भी इससे बड़ी चुनौती होता है। आप ऐसे ही अपने शिशु या बच्चे की जिम्मेदारी किसी अनजान के हांथ में नहीं सौंप सकते। आजकल के कपल जो न्यूकिलर फैमिलीज में रहते हैं उनके लिए बेबीसिटर की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।
नवजात और छह महीने के शिशु को देखरेख की ज्यादा जरूरत होती है। कुछ ऐसे बच्चे भी होते हैं जो आसानी से डर जाते हैं या शरारत करते हैं। आपकी अनुपस्थिति में ऐसे बच्चों की देखभाल के लिए बेबीसिटर का होना जरूरी है।
कभी-कभी पेरेंट्स को अचानक किसी काम से बाहर जाना पड़ सकता है। इस स्थिति में एक ऐसी विश्वसनीय बेबीसिटर की जरूरत पड़ जाती है, जो शिशु का उचित तरीके से ध्यान रख सके। कुछ मामलों में महिलाएं घर से बाहर तो नहीं जातीं लेकिन, अन्य कारणों से शिशु की देखभाल करने में असफल रहती हैं। आज हम आपको बेबीसिटर चुनने और ढूंढने के तरीके के बारे में बताएंगे।
बेबीसिटर का चुनाव (Choosing a Babysitter) निम्नलिखित तरीके से किया जा सकता है। जैसे-
बेबीसिटर के रेफरेंस चेक करने के बाद आप उसे काम पर रख लेती हैं। इसमें सबसे अहम बात यह है कि आप उसका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करा लें। उसे घर के नियमों के बारे में बताएं।
बेबीसिटर का चुनाव (Choosing a Babysitter) कर रहें हैं, तो कुछ जरूरी टिप्स अवश्य फॉलो करें। जैसे-
पेरेंट्स को अपने ऊपर भरोसा करना चाहिए
आप जबभी किसी महिला (बेबीसिटर) से बात करती हैं, तो उनसे पूछे जाने वाले सवालों की लिस्ट तैयार कर लें। अपने उनसभी सवालों को बेबीसिटर से पूछें। अगर वह आपके द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दे देती हैं, तो यह आपके लिए अच्छी बात है। हालांकि कई बार महिलाएं परेशान रहती हैं और उनका परेशान रहना भी स्वाभाविक है लेकिन, इस दौरान नवजात के माता-पिता दोनों को अपने ऊपर भरोषा रखना चाहिए। बेबीसिटर से आप दोनों का व्यवहार अच्छा होना चाहिए। क्योंकि वो आपके बच्चे का ध्यान रखेगी। इस दौरान नय बने माता-पिता को बच्चे से जुड़ी जानकारी भी अवश्य देनी चाहिए। जिससे वो बच्चे का सही तरह से ख्याल रख सकें।
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बेबीसिटर से बच्चों से जुड़े टेस्ट लें
जबभी आप बेबीसिटर की टेस्ट लें यह हमेशा ध्यान रखें की वो बच्चे से किस तरह बात करती हैं। उन्हें अपने बच्चे से इंट्रोड्यूस करवाएं और देखें की वो आपके शिशु से किस तरह से बात करती हैं। बेबीसिटर से बात करने के तरीके से आप आसानी से उनकी बोलचाल समझ सकती हैं। यह भी अवश्य उनसे पूछें की उनहोंने कितनी पढ़ाई की है। वैसे बेबीसिटर का चुनाव (Choosing a Babysitter) करें जिन्हें पढ़ना लिखना आता हो। क्योंकि वो शिशु की देखभाल करने वाली हैं और इस दौरान बच्चे से बात भी करेंगी।
बेबीसिटर का चुनाव (Choosing a Babysitter)
जिस बेबीसिटर का चुनाव (Choosing a Babysitter) आप करने जा रहीं हैं उनके पेशेंस की जांच अवश्य लें। क्योंकि किसी भी बच्चे की देखरेख किसी चुनौतीपूर्ण काम से कम नहीं है। यह ध्यान रखें की बच्चे के परेशान करने पर बेबीसिटर किस तरह से रिएक्ट करती हैं। अगर वह परेशान हो जाती हैं और चिड़चिड़ापन दिखाती हैं, तो यह बर्ताव शिशु के लिए ठीक नहीं होता है। इसका शिशु के स्वभाव पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। इसलिए बेबीसिटर के घर पर आने पर बच्चे को तुरंत अकेला न छोड़ें। कुछ दिनों तक उनके स्वभाव को समझें और फिर बच्चे की देखभाल उनके ऊपर छोड़ें। वैसे आजकल के बदलते वक्त के साथ-साथ नई-नई तकनीक भी आ चुकी है। आप चाहें तो घर में सीसीटीवी कैमरा भी लगवा सकती हैं और आप जब बाहर हों और आपका शिशु और बेबीसिटर घर पर हो तो आप अपने मोबाइल फोन में देख सकती हैं की क्या बेबीसिटर बच्चे के साथ सही बर्ताव करती हैं या नहीं।
बेबीसिटर का चुनाव (Choosing a Babysitter) करने से पहले आपका तसल्लीपूर्वक अपने सारे डाउट क्लियर कर लेने चाहिए। किसी अनुभवहीन को अपने शिशु या बच्चे की जिम्मेदारी देना आपके लिए मुश्किलें खड़ा कर सकता है। बेहतर होगा कि अपने किसी परिचित से इस बारे में संपर्क करें।
हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है। इस आर्टिकल में हमने आपको बेबीसिटर का चुनाव (Choosing a Babysitter) के बारे में बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्स्पर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।