कार्डिएक अरेस्ट से बचाव के लिए अपनाएं ये तकनीक

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr. Pooja Bhardwaj


Manjari Khare द्वारा लिखित · अपडेटेड 18/02/2022

    कार्डिएक अरेस्ट से बचाव के लिए अपनाएं ये तकनीक

    कार्डिएक अरेस्ट (Cardiac arrest) किसी भी व्यक्ति के लिए ज्यादा घातक है क्योंकि इसमें मनुष्य का हृदय अचानक से शरीर के विभिन्न हिस्सों में खून पहुंचाना बंद कर देता है और दिल का धड़कना बंद हो जाता है। इससे व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है, जब हदय के अंदर वेंट्रीकुलर फाइब्रिलेशन पैदा हो जाती है। हृदय को स्वस्थ रखकर कार्डिएक अरेस्ट से बचाव (Cardiac arrest prevention) किया जा सकता है।

    कार्डिएक अरेस्ट बिना किसी चेतावनी के अचानक आ जाता है। हृदय अचानक काम करना बंद कर देता है, जिसकी वजह से धड़कनें बाधित हो जाती हैं। मस्तिष्क, फेफड़ों और शरीर के दूसरे अंगों को हो रहा रक्त संचार रुक जाता है। इसके बाद व्यक्ति अपना होश खो देता है और उसकी सांसें रुक जाती हैं। यदि कुछ ही मिनटों में पीड़ित को चिकित्सा सेवा नहीं मिलती है, तो उसकी मौत हो जाती है। ज्यादातर पीड़ितों में कार्डिएक अरेस्ट रिवर्सेबल होता है यदि उन्हें तत्काल चिकित्सा सेवा मिल जाए।

    कार्डिएक अरेस्ट किसी भी व्यक्ति को आ सकता है। यदि मुस्तैदी से इससे निपटा जाए तो पीड़ित की जान बचाई जा सकती है। एक अनुमान के मुताबिक, भारत में 10 प्रतिशत लोगों की मृत्यु कार्डिएक अरेस्ट से होती है। यह इतना खतरनाक होता है कि आपको सोचने समझने का मौका तक नहीं मिलता। यदि आपके आसपास के लोग सूझबूझ से काम लें, तो इससे बचाव संभव है। भारत में कई दिग्गज हस्तियों की जान कार्डिएक अरेस्ट से गई है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित का कार्डिएक अरेस्ट से निधन इसका हालिया उदाहरण है। इससे पहले साल 2015 में देश के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का निधन भी कार्डिएक अरेस्ट से ही हुआ था।

    कार्डिएक अरेस्ट से बचाव से पहले समझे इसके लक्षण (Cardiac Arrest Symptoms)

    Cardiac Arrest

    कार्डिएक अरेस्ट के लक्षणों में शामिल है-

    • दिल का धड़कना रुक जाना
    • व्यक्ति का अचानक से बेहोश हो जाना
    • सांस लेने में परेशानी महसूस होना या अत्यधिक धीरे-धीरे सांस लेना
    • व्यक्ति को घबराहट और बेचैनी महसूस होना

    इन लक्षणों को समझना बेहद जरूरी है तभी कार्डिएक अरेस्ट से बचाव (Cardiac arrest prevention) संभव हो सकता है।

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    कार्डिएक अरेस्ट से बचाव कैसे करें? (Cardiac Arrest Prevention Tips)

    कार्डिएक अरेस्ट से बचाव (Cardiac arrest prevention) को लेकर हमने उत्तर प्रदेश के कानपुर के स्वरूप नगर में स्थित कानपुर हार्ट सेंटर के कार्डियोलॉजिस्ट, डॉ ए.के त्रिवेदी से बातचीत की। डॉक्टर त्रिवेदी ने कहा, “कार्डिएक अरेस्ट आने पर प्राथमिक चिकित्सा के तौर पर कोई इंजेक्शन या दवाई नहीं दी जा सकती है। पीड़ित को कार्डिएक मसाज दी जाती है। जिसमें उसके हृदय के ऊपर मसाज और सीपीआर से दबाया जाता है। कई मामलों में अगले 1-2 मिनटों में हृदय दोबारा काम करने लगता है।” डॉक्टर त्रिवेदी के मुताबिक, ‘कार्डिएक अरेस्ट आने पर सीपीआर और डिफेब्रिलेटर से शॉक दिया जाता है, ताकि धड़कन वापस आ जाए।’ उन्होंने कहा कि ज्यादातर घरों में डिफेब्रिलेटर उपलब्ध नहीं होता है। ऐसे में मरीज को सीपीआर (CPR) दिया जाना चाहिए। कार्डिएक अरेस्ट से बचाव (Cardiac arrest prevention) के लिए समझदारी बेहद जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि आपके आसपास किसी भी व्यक्ति को कार्डिएक अरेस्ट आता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। इस स्थिति में पीड़ित को तत्काल चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएं। इस स्थिति में सोच-समझकर काम लें।

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    कितना कारगर होता है सीपीआर (CPR)?

    कार्डिएक अरेस्ट से बचाव (Cardiac arrest prevention) के लिए कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन (CPR) की मदद ली जाती है। आप बिना प्रशिक्षण के भी जरूरत पड़ने पर किसी भी व्यक्ति को सीपीआर दे सकते हैं। इसके लिए आपको छाती के बीच में (दोनों निप्पल्स के बीच) दोनों हाथों से दबाना है। ऐसा आपको पूरा जोर लगाकर करना है। एक मिनट में 100 से लेकर 120 बार तक दबाएं। छाती को एक बार दबाने के बाद दोबारा तब तक नहीं दबाना है जब तक कि वह सामान्य स्थिति में न आ जाए। वहीं, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) के मुताबिक, ऐसा करते वक्त आपको सिर्फ दोनों हाथों का इस्तेमाल करना है, जिसमें आपको मुंह से सांस नहीं देनी है। इस प्रक्रिया पर जानकारों में एक राय नहीं है। आपको सीपीआर तब तक देना है जब तक कि पीड़ित को चिकित्सा सेवा न मिल जाए। ऐसा करने से पीड़ित की जान बचने की संभावना दोगुनी हो जाती है। इसके बीच में यदि आपके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है, जो सीपीआर में प्रशिक्षित है तो आप तुरंत पीड़ित को उसे सीपीआर देने के लिए कहें।

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    वहीं, डॉक्टर त्रिवेदी ने खास बातचीत में कहा कि इसकी रोकथाम के उपाय करना बेहद ही जरूरी है। उनके मुताबिक, यदि हमें भविष्य में इस समस्या से अपने आपको बचाना है तो जीवन शैली में सुधार जरूरी है। धूम्रपान बिलकुल भी न करेंडायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर को हमेशा कंट्रोल में रखें। सबसे अहम बात की नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।

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    क्या होता है सीपीआर (CPR)?

    कार्डियोपल्मनरी रेसक्युसेसन (सीपीआर) एक आपातकालीन प्रक्रिया है, जिससे कार्डिएक अरेस्ट आने या दिल की धड़कन रुकने पर पीड़ित की जान बचाई जा सकती है। जब तक डिफेब्रिलेटर या आपातकालीन चिकित्सा सेवा पीड़ित तक नहीं पहुंच जाती तब तक इससे पीड़ित के शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बना रहता है।

    कार्डिएक अरेस्ट से बचाव (Cardiac arrest prevention) के लिए कुछ टिप्स को जरूर अपनायें। जैसे-

    • कार्डिएक अरेस्ट से बचाव (Cardiac arrest prevention) के लिए स्मोकिंग नहीं करना चाहिए (Avoid smoking)
    • वजन संतुलित रखें (Balance weight)
    • अगर आप एल्कोहॉल का सेवन करते हैं, तो इसका सेवन न करें (Do not consume alcohol)
    • दिल को स्वस्थ रखने वाले आहार का सेवन करें (Eat heart healthy foods)
    • फिजिकली एक्टिव रहें (Be physically active)
    • तनाव से बचें (Avoid stress)
    • शरीर में पोटैशियम और मैग्नेशियम की मात्रा कम नहीं होने दें (Minimize intake of potassium and magnesium)
    • हाय ब्लड प्रेशर की समस्या से बचें (Avoid high blood pressure problem)
    • अगर पहले हार्ट अटैक हो चूका है, तो सतर्क रहें और डॉक्टर के निर्देश का पालन करें। ऐसा करने से कार्डिएक अरेस्ट से बचाव (Cardiac arrest prevention) संभव हो सकता है।
    • अगर परिवार (ब्लड रिलेशन) में कार्डिएक अरेस्ट के पेशेंट हैं और आप खुद भी लक्षण महसूस कर रहें हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।
    • पेशेंट को कार्डिएक अरेस्ट से बचाव (Cardiac arrest prevention) से जुड़ी जानकारी अवश्य दें। इससे परेशानी से बचना आसान हो सकता है।

    हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में कार्डिएक अरेस्ट से बचाव से जुड़ी जानकारी दी गई है। अगर आप कार्डिएक अरेस्ट से बचाव (Cardiac arrest prevention) या इस बीमारी से जुड़ी किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी प्रकार की चिकित्सा और उपचार प्रदान नहीं करता है। हम उम्मीद करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

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