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लगातार कई सालों से अपनी स्मोकिंग की आदत मैं कैसे छोड़ सकता हूं?

लगातार कई सालों से अपनी स्मोकिंग की आदत मैं कैसे छोड़ सकता हूं?

स्मोकिंग या तंबाकू से जुड़े पदार्थों में निकोटिन का इस्तेमाल किया जाता है। स्मोकिंग की आदत शरीर के कुछ अंगों में किसी घातक बीमारी को भी जन्म दे सकता है। वहीं, इसका इस्तेमाल करने के कारण हमारे शरीर के कुछ अंग इसे लेकर संवेदी हो जाते हैं जिसके कारण स्मोकिंग या तंबाकू की आदत छोड़ने में हमें बहुत तकलीफ होती है।

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सवाल

मुझे पिछले कई सालों से स्मोकिंग की आदत है, पर अब मैं स्मोकिंग की आदत छोड़ना चाहता हूं। मैने कोशिश की कि मैं स्मोकिंग न करूं, पर मुझसे ये नहीं हो पा रहा है। मैं खुद की स्मोकिंग की आदत कैसे खत्म कर सकता हूं?

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जवाब

अगर किसी व्यक्ति में लगातार कई सालों से स्मोकिंग की आदत है और वो उसे छोड़ना चाहता है, तो यह बिल्कुल हो सकता है। हालांकि, स्मोकिंग की आदत रोकने के लिए जरूरी है कि अपने इस उद्देश्य पर अमल करें। स्मोकिंग की आदत छोड़ने के बारे में आपको सबसे पहले अपने परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों को बताना चाहिए। ताकि, आपके इस फैसले में वो आपकी पूरी मदद करें और आप कम समय में ही अपनी स्मोकिंग की आदत को सुधार सकें।

बता दें कि, स्मोकिंग की आदत से दिल से जुड़ी परेशानियां और फेफड़े के कैंसर जैसी घातक बीमारियों का जोखिम होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। स्मोकिंग की आदत छोड़ने के लिए आप निम्न बातों पर अमल कर सकते हैंः

  • सबसे पहले आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। अपने डॉक्टर द्वारा निर्देशित आप निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी ले सकते हैं। स्मोकिंग की लत छुड़ाने वाले इस तरीके में निकोटिन च्यूइंग्म, मीठी गोलियां (Lozenges) और पैचेस (धूम्रपान छोड़ने के लिए पैचेस) उपलब्ध हैं। ये आपको स्मोकिंग न करने में मदद करेंगे।
  • कैफीन का इस्तेमाल भी आपको कम करना चाहिए। साथ ही, पानी का भी ज्यादा से ज्यादा सेवन करें।
  • सुबह खुली हवा में एक्सरसाइज करें।
  • स्मोकिंग नहीं करने वाले दोस्तों से मिलें।
  • स्मोकिंग वाले इलाकों में जाने से खुद को रोकें और ज्यादातर नॉन स्मोकिंग प्लेस या एरिया में जाएं।
  • स्मोकिंग की आदत छोड़ने के कारण आपको शुरू-शुरू में सिर दर्द की समस्या हो सकती है और आप चिड़चिड़ापन भी महसूस कर सकते हैं। इसलिए खुद को फ्रेश रखने और स्मोकिंग से दूर रखने के लिए परिवार के सदस्यों या दोस्तों के साथ घूमने जा सकते हैं।

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स्मोकिंग की आदत से जुड़े घातक फैक्ट

एक तंबाकू के पौधे में चार हजार से ज्यादा हानिकारक केमिकल पाए जाते हैं। जिनमें से 40 रसायन कैंसर का कारण बन सकते हैं। जिनमें कुछ प्रमुख निम्न हैं:

एसिटोन

एसिटोन का इस्तेमाल नेल पॉलिश हटाने में किया जाता है। जिसे आप थिनर के तौर पर जानते होगें। यह एक ज्वलनशील पदार्थ होता है जो फेफड़ों के लिए घातक होता है।

निकोटिन

निकोटिन के कारण ही लोगों में सिगरेट की लत लगाती है। निकोटिन का प्रभाव तेजी से ब्रेन में फैलता है।

फॉर्मैल्डहाइड

फॉर्मैल्डहाइड सबसे जहरीला केमिकल होता है। साथ ही, यह कैंसर के खतरे का सबसे बड़ा कारण भी होता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल शवों को सुरक्षित रखने में किया जाता है।

बेंजीन

बेंजीन में कोयला और पेट्रोलियम जैसे ज्वलनशील पदार्थों के गुण पाए जाते हैं। जिसकी वजह से ही सिगरेट (Cigrette) को सुलगने में मदद मिलती है। जो ल्यूकेमिया (Leukemia) का भी कारण होता है।

टार

सिगरेट पीने के दौरान बनने में वाले धुएं में टार की मात्रा पाई जाती है, जो धुएं के रूप में फेफड़े में जमा होता है। जानकर हैरानी होगी कि स्मोकिंग के दौरान जितनी टार बनती है, उसका 70 फीसदी हिस्सा फेफड़ों में जमा हो सकता है।

अमोनिया

आमतौर पर अमोनिया का इस्तेमाल टॉयलेट साफ करने वाले क्लीनर और ड्रायक्लिनिंग लिक्विड में किया जाता है। अमोनिया तंबाकू से निकोटिन को अलग करके उसे गैस में बदलने का कार्य करता है।

आर्सेनिक

तंबाकू के पौधे में आर्सेनिक की भी मात्रा पाई जाती है। आमतौर पर आर्सेनिक का इस्तेमाल चूहे मारने वाले जहर के तौर पर किया जाता है।

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स्मोकिंग की आदत छुड़ाने के लिए किस तरह के उपचार मौजूद हैं?

अगर आप अपनी स्मोकिंग की आदत छुड़ाना चाहते हैं, तो आप निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरपी और होम्योपैथी दवाओं के साथ-साथ घरेलू उपचारों की भी मदद ले सकते हैं।

स्मोकिंग की आदत छुड़ाने के लिए निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरपी या अलोपथी उपचार क्या है?

स्मोकिंग की लत के लिए सबसे बड़ा जिम्मेदार निकोटिन केमिकल ही होता है। निकोटिन के प्रभाव को कम करने और स्मोकिंग की आदत छुड़ाने के लिए निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरपी दी जाती है। निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी में निकोटिन गम्स (Nicotine Gums), निकोटिन निकोरेट-200 या 400 यानी च्यूइंग्म, निकोटिन लॉजेंज (Nicotine Lozenges) यानी मीठी गोलियां, ट्रांसडर्मल निकोटिन (Transdermal Nicotine),निकोटिन नेजल स्प्रे (Nicotine Nasal Spray) और निकोटिन इनहेलर (Nicotine Inhaler) के प्रकार शामिल होते हैं। ये आपको स्मोकिंग न करने में मदद करेंगे।

ध्यान रखें कि, निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरपी किसी डॉक्टर या एक्सपर्ट की देखरेख में ही लें। इस थेरपी की मदद से आप धीरे-धीरे स्मोकिंग की आदत को कम करने लगते हैं और फिर हमेशा के लिए सिगरेट की आदत छोड़ देते हैं। इसके अलावा यह भी ध्यान रखें कि ऐसे लोग जो कभी-कभी महीने में एक बार या साल भर में स्मोकिंग शौकिया तौर पर करते हैं, उन्हें इस तरह के थेरपी की जरूरत नहीं होती है। यह थेरपी सिर्फ उन्ही लोगों के लिए मददगार होती है जिन्हें स्मोकिंग की आदत बहुत ज्यादा होती है।

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स्मोकिंग की आदत छुड़ाने के लिए होम्योपैथी उपचार क्या है?

जहां अलोपथी दवाओं के कुछ संभावित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, वहीं होम्योपैथी उपचार में किसी भी तरह के साइड इफेक्ट्स की संभावना बहुत ही कम या न के बराबर होती है। हालांकि, फिर भी डॉक्टर की देखरेख में ही होम्योपैथी दवाओं का इस्तेमाल करना सुरक्षित होता है।

फॉस्फोरस (Phosphorus)

स्मोकिंग की आदत या सिगरेट पीने के बाद जब धड़कन बढ़ने लगती है या यौन शक्ति कमजोर पड़ने लगती है, तो इस समस्या को कम करने के लिए फॉस्फोरस से उपचार किया जा सकता है।

डैफ्ने इंडिका (Daphne Indica) और कैलेडियम सेग्विनम (Caladium Seguinum)

डैफ्ने इंडिका और कैलेडियम सेग्विनम तंबाकू और उससे बनी चीजों के सेवन की इच्छा खत्म करने में मदद करती है।

प्लैंटेगो मेजर (Plantago Major)

प्लैंटेगो मेजर निकोटिन केमिकल की वजह से शरीर और ब्रेन में होने वाली सुस्ती, डिप्रेशन (Depression), कब्ज, आंखों में दर्द, चिड़चिड़ापन होने और अनिद्रा की समस्या को दूर करती है।

आर्सेनिक अल्बम (Arsenic Album)

जो लोग तंबाकू चबाते हैं, उनकी इस आदत को दूर करने के लिए आर्सेनिक अल्बम के सेवन की सलाह दी जाती है।

टबैकम (Tabacum)

स्मोकिंग की आदत के कारण मतली, उल्टी, अपच, हाइपरटेंशन, भ्रम और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याएं होने पर टबैकम का इस्तेमाल किया जाता है। स्मोकिंग के कारण शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को टबैकम खत्म करता है। इसके अलावा, ऐसे लोग जिन्हें बार-बार तंबाकू का सेवन करने की इच्छा होती है उनके लिए भी टबैकम मददगार हो सकती है।

इपिकॉक (Ipecac)

स्मोकिंग की आदत के लिए उबकाई आने या बहुत बार-बार उलटी होने की परेशानी से राहत पाने के लिए इपिकॉक का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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स्मोकिंग की आदत छुड़ाने के लिए घरेलू उपाय क्या हैं?

आप अपनी स्मोकिंग की आदत छुड़ाने के लिए घरेलू उपायों भी मदद ले सकते हैं। जैसेः

  • मुलहठी और शरपुंखा सत्व का मिश्रण बनाएं। इसे पान पर लगाकर नियमित तौर पर कुछ दिनों तक हर रोज सुबह नाश्ते के बाद चबाएं।
  • 2 ग्राम फिटकरी, 3 ग्राम गोदंती भस्म और सत्व सत्यानाशी पौधे के 15 पत्ते का मिश्रण बनाएं और इसे पान के पत्ते में लपेटकर चबाएं।

ऊपर दी गई स्मोकिंग की आदत छुड़ाने की सलाह किसी भी चिकित्सा को प्रदान नहीं करती हैं। स्मोकिंग की आदत से बचाव कैसे करें और इसके उपचार के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

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सूत्र
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डॉ. प्रणाली पाटील द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 21/06/2021 को